शाहजहांपुर दुष्कर्म मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे आसाराम की इंटरिम बेल रद्द कराने की मांग को लेकर पीड़िता के पिता अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गए हैं। मामले में शुक्रवार को सुनवाई होने की संभावना जताई जा रही है।
पीड़िता के पिता ने कहा कि आसाराम के जेल से बाहर आने के बाद परिवार को जान का गंभीर खतरा है। उनके अनुसार, आसाराम के करीबी गुर्गे शहर में सक्रिय हैं और अक्सर धमकी भरे फोन कर रहे हैं।
क्यों मांगी गई जमानत रद्द?
शाहजहांपुर की रहने वाली पीड़िता ने आसाराम पर दुष्कर्म का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराई थी, जिसके बाद अदालत ने उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई थी।
हाल ही में आसाराम ने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए 6 महीने की अंतरिम जमानत मांगी थी, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया था। इसके बाद वह जेल से बाहर आ गया।
पीड़िता के पिता का कहना है—
- “आसाराम पूरी तरह स्वस्थ है, घूम-फिर रहा है।”
- “बीमारी का बहाना करके जमानत ली गई है।”
- “उपचार कराना है तो जेल में भी कराया जा सकता है।”
उनका कहना है कि दो वकील सुप्रीम कोर्ट में उनकी पैरवी करेंगे और वे अदालत से आसाराम की बेल निरस्त करने की मांग करेंगे।
शहर में आसाराम के गुर्गे सक्रिय?
पीड़िता के पिता ने आरोप लगाया कि—
- आसाराम के समर्थक शहर में कई जगह ठिकाने बनाकर सक्रिय हैं
- वे लगातार फोन पर धमकियां दे रहे हैं
- कई बार आसपास नजर भी आते हैं
परिवार को आशंका है कि आसाराम के बाहर रहने से उनकी सुरक्षा को बड़ा खतरा है।
पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था
परिवार की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए घर पर चार सिपाही तैनात हैं।
पीड़िता के पिता के साथ दो गनर चलते हैं।
एसपी राजेश द्विवेदी ने बताया—
“परिवार की सुरक्षा का पूरा इंतजाम है। जरूरत पड़ने पर सुरक्षा और बढ़ाई जाएगी।”

