भिवंडी: भिवंडी(Bhiwandi) शहर में 5 किलो के गैस सिलेंडरों की भारी कमी के कारण प्रवासी मजदूरों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। खाड़ी देशों में चल रहे युद्धों के असर से गैस आपूर्ति प्रभावित हुई है, जिसका सीधा असर कामगारों के शहर भिवंडी पर देखने को मिल रहा है।भिवंडी में बड़ी संख्या में मजदूर वर्ग 5 किलो के कमर्शियल गैस सिलेंडर पर निर्भर है, लेकिन मौजूदा समय में गैस एजेंसियों पर सीमित स्टॉक के कारण स्थिति चिंताजनक बन गई है। रोजाना केवल 40 से 50 सिलेंडर उपलब्ध होने से “पहले आओ, पहले पाओ” जैसी स्थिति बन गई है।
सिलेंडर पाने के लिए मजदूर आधी रात से ही कतार में लगना शुरू कर देते हैं। कई लोग नंबर लगाकर सड़क किनारे या एजेंसी के बाहर ही सो जाते हैं, ताकि सुबह उन्हें सिलेंडर मिल सके। बावजूद इसके, सीमित आपूर्ति के कारण 400 से 500 लोगों में से कई को खाली हाथ लौटना पड़ रहा है।पिछले तीन-चार दिनों से लगातार लाइन में खड़े रहने के बाद भी सिलेंडर न मिलने से मजदूरों में नाराजगी बढ़ रही है। गैस की कमी के चलते खाना बनाना भी मुश्किल हो गया है, और होटल का खाना या वैकल्पिक व्यवस्था उनके लिए महंगी साबित हो रही है।
इस संबंध में सिद्धिविनायक गैस एजेंसी के संचालक सागर कामुर्ती ने बताया कि फिलहाल सीमित स्टॉक के कारण आधार कार्ड और मोबाइल नंबर के साथ आवेदन लेकर ही सिलेंडर दिया जा रहा है, ताकि इसका उपयोग केवल घरेलू जरूरतों के लिए हो। उन्होंने बताया कि हाल ही में केवल 120 सिलेंडर का स्टॉक आया, जिससे बड़ी संख्या में लोगों को समझाकर वापस भेजना पड़ा।मजदूरों ने प्रशासन से मांग की है कि 5 किलो गैस सिलेंडरों की आपूर्ति तत्काल बढ़ाई जाए, ताकि उन्हें रोजमर्रा की जिंदगी में राहत मिल सके।
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