नई दिल्ली।
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026 के बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में साफ किया कि सरकार की प्राथमिकता आम आदमी की जेब पर बोझ कम करना, हेल्थ सेक्टर को राहत देना और भारत को मैन्युफैक्चरिंग व टेक्नोलॉजी का ग्लोबल हब बनाना है। बजट के एलान के बाद जहां आम नागरिकों को कई बड़ी राहतें मिली हैं, वहीं तंबाकू उत्पादों पर सख्ती से सिगरेट पीने वालों में भारी नाराज़गी देखी जा रही है।
दुर्लभ बीमारियों के मरीजों को बड़ी राहत, 7 जीवनरक्षक दवाएं टैक्स फ्री
सरकार ने सात और दुर्लभ बीमारियों (Rare Diseases) के इलाज में इस्तेमाल होने वाली दवाओं को पूरी तरह इंपोर्ट ड्यूटी से मुक्त कर दिया है।
इस फैसले से उन मरीजों को सीधी राहत मिलेगी, जिनका इलाज अब तक बेहद महंगा था।
वित्त मंत्री ने कहा कि
“सरकार का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को सिर्फ पैसों की वजह से इलाज से वंचित न होना पड़े।”
विदेश से लौटने वालों को राहत, बैगेज ड्यूटी-फ्री सीमा बढ़ी
बजट में अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए भी बड़ी राहत दी गई है।
अब विदेश यात्रा से लौटने वाले लोग ज्यादा मूल्य तक का निजी सामान ड्यूटी-फ्री ला सकेंगे। इससे एयरपोर्ट पर बैगेज क्लीयरेंस आसान होगा और यात्रियों को अतिरिक्त टैक्स नहीं देना पड़ेगा।
सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स पर 40,000 करोड़, भारत बनेगा ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब
भारत को इलेक्ट्रॉनिक्स और चिप मैन्युफैक्चरिंग में आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार ने
40,000 करोड़ रुपये की इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग स्कीम
की घोषणा की है।
इसके साथ ही India Semiconductor Mission (ISM 2.0) के दूसरे चरण की शुरुआत होगी, जिससे:
- चिप मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा मिलेगा
- युवाओं के लिए हाई-टेक नौकरियां पैदा होंगी
- भारत की विदेशी निर्भरता कम होगी
रेयर अर्थ कॉरिडोर से चीन पर निर्भरता खत्म करने की तैयारी
सरकार ने ओडिशा, केरल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में
‘रेयर अर्थ कॉरिडोर’
स्थापित करने का ऐलान किया है।
इन कॉरिडोर के जरिए:
- दुर्लभ खनिजों की पहचान
- देश में ही प्रोसेसिंग
- मैग्नेट और हाई-टेक उपकरणों के लिए घरेलू सप्लाई
वित्त मंत्री ने इसे रणनीतिक और सामरिक रूप से ऐतिहासिक कदम बताया।
टियर-2 और टियर-3 शहरों पर फोकस, हर शहर को 1000 करोड़ सालाना
अब सरकार का फोकस सिर्फ महानगर नहीं बल्कि छोटे और मझोले शहर हैं।
हर टियर-2 और टियर-3 शहर के विकास के लिए
सालाना 1000 करोड़ रुपये
देने का प्रस्ताव रखा गया है।
इससे:
- बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर
- रोजगार के नए अवसर
- छोटे शहरों में भी मेट्रो और आधुनिक सुविधाएं
राजकोषीय अनुशासन बरकरार, घाटा 4.3% तक सीमित
वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए:
- कुल खर्च: 53.5 लाख करोड़ रुपये
- राजकोषीय घाटा: GDP का 4.3%
सरकार ने भरोसा दिलाया कि विकास और वित्तीय स्थिरता के बीच संतुलन बना रहेगा।
तंबाकू पर 300% टैक्स, सिगरेट पीना हुआ बेहद महंगा
बजट 2026 में तंबाकू उत्पादों को ‘Sin Goods’ मानते हुए उन पर 300% तक टैक्स बढ़ा दिया गया है।
अब सिगरेट पर टैक्स इस तरह लगेगा:
- छोटी नॉन-फिल्टर (65mm): ₹2.05 प्रति स्टिक
- छोटी फिल्टर: ₹2.10 प्रति स्टिक
- मीडियम लेंथ: ₹3.6 – ₹4 प्रति स्टिक
- लंबी सिगरेट: ₹5.4 प्रति स्टिक
- प्रीमियम डिजाइन: ₹8.50 प्रति स्टिक
अब 18 रुपये वाली सिगरेट की कीमत 70–72 रुपये तक!
इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स के मुताबिक कंपनियां टैक्स का पूरा बोझ ग्राहकों पर डालेंगी।
इस फैसले के बाद ITC के शेयरों में भारी गिरावट दर्ज की गई।
सरकार का तर्क है कि:
- तंबाकू सेवन कम होगा
- पब्लिक हेल्थ सुधरेगी
- राजस्व संग्रह बढ़ेगा
रक्षा को सबसे बड़ा बजट, 7.8 लाख करोड़ का आवंटन
Defence Budget 2026
- कुल आवंटन: 7.8 लाख करोड़
- आधुनिकीकरण: 2.1 लाख करोड़
इससे:
- नए लड़ाकू विमान
- पनडुब्बियां
- स्वदेशी हथियारों की खरीद
रेलवे और ट्रांसपोर्ट: 7 नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर
रेलवे सेक्टर में:
- मुंबई–पुणे, दिल्ली–वाराणसी सहित
7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर - ट्रेनों में ‘कवच’ एंटी-कोलिजन सिस्टम
- डानकुनी–सूरत डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर
कृषि, MSME और हेल्थ पर भी बड़ा फोकस
कृषि और ग्रामीण विकास
- ‘भारत-विस्तार (Bharat-VISTAAR)’ AI पोर्टल
- अमृत सरोवर और जलाशयों का विकास
MSME
- 10,000 करोड़ का MSME ग्रोथ फंड
हेल्थ और बायो-फार्मा
- 5 सालों में 10,000 करोड़
- 5 नए मेडिकल हब राज्यों में
निष्कर्ष: बजट किसी के लिए राहत, किसी के लिए झटका
बजट 2026 ने:
- आम आदमी को राहत
- टेक्नोलॉजी और डिफेंस को ताकत
- हेल्थ सेक्टर को मजबूती
लेकिन
सिगरेट पीने वालों के लिए यह बजट सबसे कड़वा साबित हुआ।

