14वें दलाई लामा के कार्यालय ने विवादित अमेरिकी फाइनेंसर जेफरी एडवर्ड एपस्टीन(JEFFRY EDWARD EPSTEIN) से किसी भी तरह के संबंध से साफ इनकार किया है। रविवार को जारी बयान में हाल की मीडिया रिपोर्ट्स और सोशल मीडिया पोस्ट को “झूठा, बेबुनियाद और गुमराह करने वाला” बताया गया, जिनमें तिब्बती आध्यात्मिक नेता को एपस्टीन से जोड़ने की कोशिश की गई थी।
दलाई लामा(DALAI LAMA) के कार्यालय ने स्पष्ट किया कि परम पावन कभी जेफरी एपस्टीन से नहीं मिले और न ही उन्होंने किसी व्यक्ति को अपनी ओर से एपस्टीन से मिलने या बातचीत करने के लिए अधिकृत किया। बयान में कहा गया कि बिना किसी तथ्यात्मक आधार के मनगढ़ंत संबंध बनाने का प्रयास किया जा रहा है, जो पूरी तरह अस्वीकार्य है।
दलाई लामा के कार्यालय ने कहा कि इन दावों का कोई तथ्यात्मक या दस्तावेजी आधार नहीं है।
अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ने जताई नाराज़गी
इस मुद्दे पर अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू(PEMA KHANDU) ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि “दलाई लामा की पूजनीय संस्था” को निराधार आरोपों और दुर्भावनापूर्ण अटकलों में घसीटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
मुख्यमंत्री खांडू ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए कहा,
“गलत सूचना के जरिए एक पवित्र आध्यात्मिक संस्था को बदनाम करने के प्रयास बेहद गैर-जिम्मेदाराना और निंदनीय हैं।”
उन्होंने उन खबरों की आलोचना की, जिनमें दावा किया गया था कि दलाई लामा का नाम तथाकथित ‘एपस्टीन फाइल्स’ में सामने आया है।
क्या हैं एपस्टीन फाइल्स
हाल ही में अमेरिकी न्याय मंत्रालय ने जेफरी एपस्टीन से जुड़े कई दस्तावेज सार्वजनिक किए हैं। इन दस्तावेजों के मुताबिक, एफबीआई ने जुलाई 2006 में एपस्टीन के खिलाफ जांच शुरू की थी। अगस्त 2019 में, अभियोग लगने के एक महीने बाद, एपस्टीन ने न्यूयॉर्क की एक जेल में आत्महत्या कर ली थी।
जनवरी में अमेरिकी न्याय विभाग ने बताया था कि वह एपस्टीन मामले से जुड़ी दो दशकों से अधिक समय की जांच के दौरान जुटाई गई सामग्री को सार्वजनिक करेगा। इसमें करीब 30 लाख पन्नों के दस्तावेज, 2,000 से अधिक वीडियो और लगभग 1,80,000 तस्वीरें शामिल हैं।
ये दस्तावेज एपस्टीन फाइल पारदर्शिता अधिनियम के तहत सार्वजनिक किए गए हैं, जो लंबे समय से चले आ रहे सार्वजनिक और राजनीतिक दबाव के बाद लागू किया गया कानून है।
घिसलेन मैक्सवेल का मामला
एपस्टीन की करीबी सहयोगी और पूर्व प्रेमिका घिसलेन मैक्सवेल को 2021 में न्यूयॉर्क की एक संघीय जूरी ने यौन तस्करी का दोषी ठहराया था। उस पर नाबालिग लड़कियों की भर्ती में मदद करने का आरोप सिद्ध हुआ था। मैक्सवेल फिलहाल 20 साल की सजा काट रही है, हालांकि उसने किसी भी गलत काम में शामिल होने से इनकार किया है।

