मुंबई: महाराष्ट्र कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाळ(Harshwardhan Sakpal) ने राज्य की भाजपा सरकार और गृह मंत्री देवेंद्र फडणवीस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि उनके ऊपर लगातार पुलिस की नज़र रखी जा रही है और यह निगरानी अब उनकी निजी ज़िंदगी तक पहुंच गई है। सपकाळ ने खुलासा किया कि मुंबई के नाना चौक स्थित सर्वोदय आश्रम (Sarvoday Ashram) में उनके बेडरूम तक में पुलिसकर्मी घुस आए और उनसे निजी सवाल पूछे।
सपकाळ ने बताया कि यह घटना सिर्फ एक बार नहीं, बल्कि तीसरी बार हुई है। आज सुबह एक सादे कपड़ों में पुलिसकर्मी सीधे मेरे बेडरूम में घुस आया। उसने पूछा, क्या आप प्रेस कॉन्फ्रेंस करने वाले हैं, पत्रकार आ चुके हैं या नहीं? सपकाळ ने बताया कि जब मैंने पूछा कि किसके आदेश पर आए हो, तो उसने कहा कि ‘वरिष्ठ अधिकारियों के आदेश हैं। उन्होंने कहा कि यह विरोधी नेताओं की निजी ज़िंदगी में दखल है। भाजपा सरकार लोकतांत्रिक मर्यादाओं को तोड़ रही है। पहले पेगासस, फिर फोन टैपिंग और अब सीधे बेडरूम में घुसपैठ ,यह भाजपा की तानाशाही प्रवृत्ति है। हम इस डराने-धमकाने की राजनीति से नहीं डरेंगे।
मुंबई एनकाउंटर पर उठे सवाल: NSG मौजूद थी, फिर भी पुलिस ने गोली क्यों चलाई?
सपकाळ ने मुंबई के पवई इलाके में हुए एनकाउंटर(Encounter) पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि “रोहित आर्य नामक व्यक्ति ने बच्चों को बंधक बनाया था, लेकिन जब मौके पर एनएसजी का दस्ता मौजूद था, तो पुलिस ने गोली चलाने की ज़रूरत क्यों समझी?”
उन्होंने कहा कि रोहित आर्य मानसिक रूप से अस्वस्थ बताया जा रहा है, मगर उसने ‘सुंदर माझी शाळा’ जैसी सरकारी परियोजनाओं में काम किया था और वह तत्कालीन मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे व शिक्षा मंत्री दीपक केसरकर(Deepak Kesarkar) के साथ मंच साझा कर चुका था। सपकाळ ने कहा, इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
“गुंडों के सरगना हैं फडणवीस”, डॉ. संपदा मुंडे की मौत को बताया संस्थागत हत्या
सपकाळ ने कहा कि डॉक्टर संपदा मुंडे की आत्महत्या दरअसल संस्थागत हत्या है, और इसके पीछे भाजपा के पूर्व सांसद रणजीतसिंह नाईक निंबाळकर(Ranjeet Naik Nimbalkar) जैसे प्रभावशाली नेताओं की भूमिका है। उन्होंने कहा कि निंबाळकर पर अपहरण, धमकी और मारपीट जैसे गंभीर आरोप हैं, लेकिन मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने उन्हें बचा लिया।
उन्होंने बताया कि सिंधुदुर्ग में एक फूल व्यापारी ने भी भाजपा नेताओं के उत्पीड़न से तंग आकर आत्महत्या की थी और एक वीडियो में अपनी पीड़ा बताई थी। “राज्य में गुंडाराज चल रहा है, और इस सबका आका खुद फडणवीस हैं,” सपकाळ ने कहा।
शिवसेना और भाजपा के कई नेता कांग्रेस में शामिल
अकोला जिले में शिवसेना (शिंदे गुट) के वरिष्ठ नेता विजय मालोकार कांग्रेस(Congress) में शामिल हो गए हैं। उन्होंने तीन बार विधानसभा चुनाव लड़ा है और कई सरकारी समितियों में पद संभाला है। इसी तरह, हिंगोली जिले के शिवसेना (उद्धव गुट) (UBT)के नेता डॉ. रमेश शिंदे पाटिल भी अपने सैकड़ों कार्यकर्ताओं सहित कांग्रेस में शामिल हुए। इनके साथ एनसीपी, भाजपा, युवासेना और किसान संगठनों के कई पदाधिकारी भी कांग्रेस में आए। सपकाळ ने कहा, “गढ़चिरोली, जालना और नांदेड़ के देगलुर में भी हाल ही में बड़े स्तर पर प्रवेश हुए हैं। आने वाले दिनों में और भी प्रमुख नेता कांग्रेस से जुड़ने वाले हैं।”
1 नवंबर को चुनाव आयोग के खिलाफ सर्वदलीय मोर्चा
सपकाळ ने बताया कि 1 नवंबर को सभी विपक्षी दल चुनाव आयोग(Election Commission) के खिलाफ एक विशाल मोर्चा निकालेंगे। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर घोटाला हुआ है, जिसकी पोल सबसे पहले राहुल गांधी ने खोली। अब समय आ गया है कि निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव की गारंटी सुनिश्चित की जाए। इस मौके पर कांग्रेस कार्यसमिति सदस्य और पूर्व मंत्री नसीम खान, प्रदेश उपाध्यक्ष सचिन नाईक और वरिष्ठ प्रवक्ता सचिन सावंत सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे।

