मुंबई। देश की सबसे बड़ी एयरलाइन कंपनियों में से एक इंडिगो बुधवार को गंभीर परिचालन संकट का शिकार हो गई। प्रशिक्षित क्रू की भारी कमी और तकनीकी समस्याओं के कारण इंडिगो को 70 से अधिक उड़ानें रद्द करनी पड़ीं, जबकि कई उड़ानों में घंटों की देरी हुई। इस अचानक फैसले से मुंबई, पुणे, नागपुर, बेंगलुरु समेत देशभर के एयरपोर्ट्स पर हजारों यात्री परेशान व नाराज़ नजर आए।
सूत्रों के मुताबिक, फ्लाइट रद्द होने का मुख्य कारण प्रशिक्षित चालक दल की गंभीर कमी है। कई सेक्टर्स में इंडिगो को उड़ानें संचालित करने के लिए क्रू उपलब्ध नहीं हो पा रहा था, जिससे परिचालन प्रभावित हुआ और उड़ानें समय पर रवाना नहीं हो सकीं।
पुणे एयरपोर्ट पर बेंगलुरु, दिल्ली, कोची और अगरतला सहित कई शहरों के लिए जाने वाली सुबह की उड़ानों में भारी देरी हुई। बिना स्पष्ट सूचना दिए उड़ानें रद्द हो जाने से यात्रियों की कनेक्टिंग फ्लाइट छूट गईं। कई यात्रियों ने शिकायत की कि इंडिगो की ओर से एसएमएस अलर्ट या घोषणा समय पर नहीं की गई।
नागपुर एयरपोर्ट पर तो स्थिति और भी खराब रही। बताया गया कि पायलट उपलब्ध न होने के कारण यात्रियों को पहले विमान के अंदर और बाद में बस में घंटों तक इंतजार करवाया गया।
इंडिगो के प्रवक्ता ने स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि “पिछले कुछ दिनों में तकनीकी दिक्कतों, एयरपोर्ट की भारी भीड़ और परिचालन संबंधी जरूरतों के कारण कई उड़ानों में देरी हुई है और कुछ को रद्द करना पड़ा है।”
विशेषज्ञों के अनुसार, इस संकट के पीछे नागरिक उड्डयन मंत्रालय के नए फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (FDTL) नियमों का दूसरा चरण भी एक बड़ा कारण है। नए प्रावधानों के तहत पायलट और केबिन क्रू की साप्ताहिक विश्राम अवधि बढ़ा दी गई है, जिससे एयरलाइनों के मौजूदा स्टाफ पर अतिरिक्त दबाव बढ़ गया है और उड़ान संचालन प्रभावित हो रहा है।

