Inera Crop Science: इनेरा क्रॉप साइंस और क्रॉपनेक्स्ट सॉल्यूशंस ने उत्तर प्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़, झारखंड और ओडिशा के किसानों तक विज्ञान आधारित जैविक कृषि समाधान पहुंचाने के लिए रणनीतिक साझेदारी की है।
सोमवार को जारी एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार इस साझेदारी का लक्ष्य 5,000 से ज्यादा चैनल भागीदारों और खुदरा विक्रेतओं के नेटवर्क के जरिए 65 लाख से अधिक किसानों तक पहुंच बनाना है। साथ ही, करीब 20 लाख एकड़ खेती वाले क्षेत्र में जैविक कृषि उत्पादों के इस्तेमाल को बढ़ावा देने का भी लक्ष्य रखा गया है।
दोनों कंपनियों का कहना है कि विज्ञान आधारित जैविक कृषि समाधान इन चुनौतियों से निपटने में अहम् भूमिका निभा सकते हैं। ये खेती में इस्तेमाल होने वाले संसाधनों का बेहतर उपयोग करने, फसल की पैदावार सुधारने, मिट्टी की सेहत मजबूत करने और किसानों को ज्यादा स्थायी खेती अपनाने में मदद करते हैं।
इनेरा ने विज्ञान आधारित अनेक जैविक कृषि समाधान प्रस्तुत किये हैं जो मिट्टी की सेहत बेहतर बनाने और फसलों को मजबूत करने में मदद करती है, वहीं क्रॉपनेक्स्ट पूर्वी भारत में अपने मजबूत वितरण नेटवर्क, रिटेलर कनेक्ट और किसानों तक सीधी पहुंच के जरिए इस साझेदारी को मजबूती देगा। दोनों कंपनियां मिलकर खेती से जुड़ी नयी तकनीकों को किसानों के करीब लाने का काम करेंगी।
इसके तहत किसानों को केवल उत्पाद ही नहीं, बल्कि सही जानकारी, जागरूकता और जमीनी स्तर तक जरूरी सहयोग भी उपलब्ध कराया जाएगा। इनेरा क्रॉप साइंस के संस्थापक अगम खरे ने कहा, “विज्ञान आधारित जैविक कृषि समाधान खेती को ज्यादा लाभदायक, मजबूत और स्थायी बना सकते हैं।क्रॉपनेक्स्ट के साथ हमारी यह साझेदारी इस सोच को बड़े स्तर पर किसानों तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।”

