IRFC OFS: केंद्र सरकार ने भारतीय रेलवे वित्त निगम (आईआरएफसी) में अपनी हिस्सेदारी घटाने के लिए ऑफर फॉर सेल (ओएफएस) लाने का फैसला किया है। इसके तहत सरकार कंपनी की एक प्रतिशत हिस्सेदारी बाजार में बेचेगी, जबकि मांग अधिक रहने पर अतिरिक्त एक प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने का विकल्प भी रखा गया है।
निवेश एवं लोक परिसंपत्ति प्रबंधन विभाग (दीपम) के अनुसार, गैर-खुदरा निवेशकों के लिए ओएफएस बुधवार को खुलेगा, जबकि खुदरा निवेशक गुरुवार को बोली लगा सकेंगे। इस प्रक्रिया के जरिए सरकार अधिकतम दो प्रतिशत हिस्सेदारी विनिवेश कर सकती है।
रेल मंत्रालय के अधीन कार्यरत नवरत्न कंपनी आईआरएफसी भारतीय रेलवे की विभिन्न परियोजनाओं के लिए वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराती है। 31 मार्च 2026 तक कंपनी में केंद्र सरकार की हिस्सेदारी 84.65 प्रतिशत थी। मंगलवार को आईआरएफसी का शेयर 2.16 प्रतिशत की गिरावट के साथ 98.69 रुपये पर बंद हुआ।
सरकार हाल के महीनों में सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी कम करने की रणनीति पर आगे बढ़ रही है। इसी महीने उसने ओएफएस के माध्यम से जेनरल इंश्योरेंस कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया में पांच प्रतिशत, एनएलसी इंडिया में तीन प्रतिशत और एनएचपीसी में छह प्रतिशत हिस्सेदारी बेची है। इससे पहले मई में कोल इंडिया की दो प्रतिशत और सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की आठ प्रतिशत हिस्सेदारी का विनिवेश भी किया गया था।

