Kopri Police Initiative: स्कूलों में टीचर हमेशा स्टूडेंट्स को पढ़ाते हैं, लेकिन कोपरी के विद्यासागर एजुकेशन स्कूल में एक अलग ही स्कूल लगा। इस स्कूल में ‘पुलिस अंकल’ स्टूडेंट्स के टीचर बने और ड्रग्स, साइबर क्राइम और ऑनलाइन फाइनेंशियल फ्रॉड से सावधान रहने के ज़रूरी सबक सिखाए। खास बात यह है कि स्टूडेंट्स को यह सबक सिर्फ स्टूडेंट्स को ही नहीं, बल्कि उनके पेरेंट्स को भी सिखाने की ज़िम्मेदारी सौंपी गई।
वर्ल्ड एंटी-ड्रग डे के मौके पर हुए इस अवेयरनेस प्रोग्राम में स्टूडेंट्स को नशे के बुरे असर के बारे में समझाया गया। स्टूडेंट्स को आसान भाषा में समझाया गया, “ड्रग्स ज़िंदगी बर्बाद कर देते हैं, जबकि साइबर क्राइम ज़िंदगी भर की कमाई को पल भर में खत्म कर सकता है। ठाणे पुलिस कमिश्नर आशुतोष डुंबरे के गाइडेंस में हुई एक यूनिक क्लास में ऑनलाइन फ्रॉड की बढ़ती घटनाओं का ज़िक्र करते हुए यह मैसेज दिया गया कि “आपने लॉटरी जीती है”, “आपने बड़ा इनाम जीता है”, “बैंक अकाउंट बंद होने वाला है”, “KYC अपडेट करें” जैसे लालच में न आएं।
सीनियर पुलिस इंस्पेक्टर निशिकांत विश्वकर ने बताया कि स्टूडेंट्स को उदाहरण देकर बताया गया कि मोबाइल फोन पर अनजान लिंक पर क्लिक करना, OTP या बैंक अकाउंट की जानकारी शेयर करना कितना खतरनाक हो सकता है। इस मौके पर स्टूडेंट्स को अलग से ‘होमवर्क’ भी दिया गया। पुलिस ने उनसे अपील की कि स्कूल से घर जाकर वे अपने माता-पिता और परिवार वालों को आज सीखी बातें बताएं, ताकि पूरे परिवार को साइबर क्राइम, ऑनलाइन फ्रॉड और ड्रग्स की लत से बचाया जा सके। प्रोग्राम में सीनियर पुलिस इंस्पेक्टर निशिकांत विश्वकर, पुलिस इंस्पेक्टर प्रदीप केरकर, पुलिस सब-इंस्पेक्टर संजय चव्हाण, स्वाति दुसिंग, सीताराम गावित और जितेंद्र खलाटे मौजूद थे।

