Nagpur Winter Session:नागपुर। महाराष्ट्र विधानसभा में बुधवार को विपक्ष ने मंत्रियों की अनुपस्थिति और ध्यानाकर्षण नोटिसों पर जवाब न मिलने को लेकर तीखा विरोध दर्ज किया। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के विधायक भास्कर जाधव(Bhaskar Jadhav) ने सदन में खड़े होकर कहा कि मंत्रियों की अनुपस्थिति अब आम बात हो गई है और सदस्यों को पहले से कोई जानकारी नहीं दी जाती।
सदन में दो नोटिस सूचीबद्ध थे —
1️⃣ राज्यभर में मानसून की भारी बारिश से हुई क्षति
2️⃣ नासिक के जलाशयों व जयकवाड़ी बांध से गोदावरी नदी में छोड़े गए पानी से नुकसान
चर्चा की शुरुआत होते ही जाधव ने नाराज़गी जताई:
“मंत्री अक्सर अनुपलब्ध रहते हैं। पहले से मुद्रित उत्तर भी नहीं मिलते। यह अध्यक्ष का अपमान है। अगर मंत्री उपस्थित नहीं रह सकते तो पूर्व सूचना देना अनिवार्य है।”
जाधव ने कहा कि अब सदन की प्रक्रियाओं का पालन नहीं हो रहा:
“आजकल तो कुछ भी सूचित नहीं किया जाता। आखिर हो क्या रहा है?”
उन्होंने अध्यक्ष से सख़्त कदम उठाने की मांग की और पूछा कि अधिकारी इतने उदासीन क्यों हो गए हैं।
जवाब क्यों नहीं मिला? विपक्ष ने सवाल उठाए
कृषि मंत्री मकरंद पाटिल ने दावा किया कि उन्हें उत्तर मिल गया है, लेकिन यह नहीं बता सके कि सदस्यों को जवाब क्यों नहीं मिला। विपक्ष ने इसे जानबूझकर देरी का तरीका बताया।
दूसरे नोटिस पर चर्चा के दौरान स्थिति और तनावपूर्ण हो गई, जब गोदावरी नदी से संबंधित क्षति पर जवाब देने के लिए विखे पाटिल अनुपस्थित रहे।
रात में सूचना मिलती है: उद्योग मंत्री
उद्योग मंत्री उदय सामंत ने बताया कि कभी-कभी सूचना इतनी देर से मिलती है कि तैयारी मुश्किल हो जाती है:
“हमें रात के एक बजे या डेढ़ बजे सूचना मिलती है। हम जानकारी लेते हैं और तैयारी करते हैं। कभी-कभी सूचना आधी रात तक नहीं मिलती।”
उन्होंने कहा कि प्रक्रियात्मक समस्याएँ हैं और इन्हें सुधारने की जरूरत है।
निष्कर्ष
विधानसभा की चर्चा में यह साफ़ हुआ कि:
प्रक्रियाओं में सुधार की मांग तेज़ हो रही है
मंत्रियों की अनुपस्थिति पर विपक्ष बेहद नाराज़ है
जवाब देरी से मिलने पर कार्यवाही प्रभावित हो रही है

