मुंबई: महाराष्ट्र सरकार ने बड़ी कार्रवाई करते हुए राज्य में Ola, Uber और Rapido की बाइक टैक्सी सेवाओं पर फिलहाल रोक लगा दी है। सरकार ने तीनों कंपनियों के अस्थायी लाइसेंस (Temporary Licenses) तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिए हैं।

सरकार के अनुसार इन कंपनियों को महाराष्ट्र में केवल इलेक्ट्रिक बाइक टैक्सी चलाने की शर्त पर अनुमति दी गई थी, लेकिन आरोप है कि कंपनियों ने इलेक्ट्रिक बाइक के बजाय पेट्रोल से चलने वाली बाइक टैक्सी संचालित कीं। इसे नियमों का उल्लंघन और सरकार के साथ धोखाधड़ी माना गया है।
परिवहन विभाग के मुताबिक नियमों का पालन न करने के कारण तीनों कंपनियों के अस्थायी लाइसेंस रद्द कर दिए गए हैं, जिसके चलते फिलहाल राज्य में उनकी बाइक टैक्सी सेवाएं बंद रहेंगी। सरकार ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में केवल इलेक्ट्रिक बाइक टैक्सी को ही अनुमति दी जाएगी, ताकि सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण दोनों को बढ़ावा मिल सके।
बताया गया है कि सरकार ने कंपनियों को जरूरी दस्तावेज जमा करने के लिए पहले एक महीने का समय दिया था, लेकिन तय समय में दस्तावेज जमा नहीं किए गए। इस पर परिवहन मंत्री प्रताप सरनाइक ने कहा कि कंपनियों को एक और एक महीने की अंतिम मोहलत दी गई है। यदि इस अवधि में भी दस्तावेज जमा नहीं किए गए तो उनके लाइसेंस स्थायी रूप से रद्द कर दिए जाएंगे।
सरकार ने शुरुआत में ईको-फ्रेंडली ट्रांसपोर्ट को बढ़ावा देने और युवाओं को रोजगार देने के उद्देश्य से ई-बाइक टैक्सी को अनुमति दी थी। लेकिन कंपनियों द्वारा पेट्रोल बाइक का इस्तेमाल जारी रखने के कारण यह कार्रवाई की गई है।
नए फैसले के मुताबिक यदि कहीं भी पेट्रोल बाइक टैक्सी चलती हुई पाई गई, तो ड्राइवर और बाइक मालिक दोनों के खिलाफ केस दर्ज किया जाएगा और बाइक को भी जप्त किया जाएगा। सरकार के इस फैसले से मुंबई सहित महाराष्ट्र में गैरकानूनी बाइक टैक्सी सेवाओं पर रोक लगने की संभावना है, हालांकि इससे हजारों ड्राइवरों की आजीविका पर असर पड़ सकता है।

