मुंबई: हाल ही में शुरू की गई कोस्टल रोड की ‘मेलोडी रोड’(Mumbai Coastal Road) अब विवादों में घिरती दिखाई दे रही है। इस सड़क पर लगाए गए विशेष म्यूजिकल पैच के कारण जब वाहन गुजरते हैं तो सड़क से “जय हो” की धुन बजती है। इस अनोखे प्रयोग का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था और कई वाहन चालकों को यह अनुभव काफी रोचक भी लगा।

लेकिन अब समुद्र किनारे बसे पॉश इलाके ब्रीच कैंडी के स्थानीय निवासियों ने इस पहल पर आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि सड़क पर बजने वाली यह धुन लगातार सुनाई देती है, जिससे आसपास रहने वाले लोगों को ध्वनि प्रदूषण की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। इस इलाके में प्रसिद्ध ब्रीच कैंडी अस्पताल के साथ-साथ कई उद्योगपतियों और राजनेताओं के आवास भी स्थित हैं।
एक महीने में ही बढ़ी शिकायतें
कोस्टल रोड पर ‘मेलोडी रोड’ शुरू हुए अभी करीब एक महीना ही हुआ है, लेकिन इस दौरान ही स्थानीय लोगों की शिकायतें सामने आने लगी हैं। ब्रीच कैंडी एएलएम (एरिया लोकल मैनेजमेंट) और ब्रीच कैंडी रेजिडेंट्स फोरम ने इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री कार्यालय और मुंबई महानगरपालिका को पत्र लिखकर अपनी नाराज़गी जाहिर की है।
करीब 650 परिवारों का प्रतिनिधित्व करने वाले इन संगठनों का कहना है कि कोस्टल रोड पर उत्तर दिशा की ओर जाने वाले मार्ग पर बजने वाली यह धुन सीधे रिहायशी इलाकों तक सुनाई देती है। इससे लोगों की दिनचर्या प्रभावित हो रही है और कई निवासियों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
सुबह से देर रात तक सुनाई देता है संगीत
निवासियों के अनुसार यह धुन सुबह लगभग 6 बजे से लेकर आधी रात तक सुनाई देती रहती है। ऐसे में लोगों के लिए खिड़कियां खुली रखना मुश्किल हो जाता है, खासकर बुजुर्गों के लिए यह समस्या और अधिक बढ़ जाती है।
पत्र में यह भी कहा गया है कि कोस्टल रोड पर पहले से ही तेज रफ्तार वाहनों के कारण शोर अधिक रहता है और अब इस म्यूजिकल रोड के कारण ध्वनि प्रदूषण और बढ़ गया है।
सुरक्षा को लेकर भी जताई चिंता
स्थानीय संगठनों ने यह भी आशंका जताई है कि यह सड़क तेज रफ्तार वाहनों के लिए बनाई गई है, ऐसे में सड़क से निकलने वाला संगीत ड्राइवरों का ध्यान भटका सकता है और इससे सड़क सुरक्षा को खतरा भी पैदा हो सकता है। इसके अलावा इलाके में अस्पताल और स्कूल होने के कारण मरीजों, छात्रों और बुजुर्गों को भी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
बीएमसी करेगी डेसिबल स्तर की जांच
शिकायत मिलने के बाद मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने मामले को गंभीरता से लेते हुए ‘मेलोडी रोड’ से होने वाले शोर की जांच करने का निर्णय लिया है। बीएमसी अधिकारियों के अनुसार कोस्टल रोड के आसपास की रिहायशी इमारतों में ध्वनि का डेसिबल स्तर मापा जाएगा।

