मुंबई। मुंबई के सबसे संवेदनशील इलाकों में शुमार फोर्ट क्षेत्र में अवैध गैरेज और गैरकानूनी पार्किंग का जाल अब शहर की सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती बनता जा रहा है। बजू कोटक मार्ग, आर. कामानी रोड समेत आसपास की कई गलियों में सार्वजनिक सड़कों को अवैध रूप से कार रिपेयरिंग वर्कशॉप और पार्किंग में तब्दील कर दिया गया है। यह स्थिति न सिर्फ ट्रैफिक व्यवस्था को बाधित कर रही है, बल्कि भविष्य में आपराधिक और देशद्रोही गतिविधियों को भी खुला न्योता दे सकती है।
संवेदनशील इलाका, सुरक्षा मानकों की अनदेखी
फोर्ट क्षेत्र में मंत्रालय, बॉम्बे हाईकोर्ट, रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI), बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज और पोर्ट ट्रस्ट जैसे देश के अत्यंत महत्वपूर्ण संस्थान स्थित हैं। इसके बावजूद यहां सुरक्षा मानकों की खुलेआम अनदेखी की जा रही है।
गौरतलब है कि मुंबई पहले भी इसी क्षेत्र के आसपास आतंकी और देशद्रोही घटनाओं का दंश झेल चुकी है। ऐसे में मौजूदा हालात प्रशासन की लापरवाही को उजागर करते हैं।
हर गली में अवैध गैरेज का जाल
स्थानीय नागरिकों के अनुसार बजू कोटक मार्ग, आर. कामानी रोड और आसपास की गलियों में खुलेआम अवैध कार और बाइक रिपेयरिंग गैरेज संचालित हो रहे हैं।
सार्वजनिक सड़कों पर दिनदहाड़े गाड़ियां खड़ी कर मरम्मत, ऑयल चेंज और लंबे समय तक पार्किंग की जा रही है, जो कानून का सीधा उल्लंघन है।
अवैध पार्किंग बना सुरक्षा के लिए सीधा खतरा
बिना किसी जांच के लंबे समय तक खड़ी रहने वाली गाड़ियां सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती बन सकती हैं।
विशेषज्ञों के मुताबिक ऐसी गाड़ियों का इस्तेमाल—
- संदिग्ध वस्तुएं, विस्फोटक या हथियार छिपाने में
- रेकी (टोह लेने) के लिए
- अपराध के बाद फरार होने के साधन के रूप में
किया जा सकता है। यह स्थिति अपराधियों और देशद्रोही तत्वों को आसान कवर उपलब्ध कराती है।
पुलिस और BMC की भूमिका पर सवाल
चौंकाने वाली बात यह है कि कई अवैध गैरेज ट्रैफिक चौकी और पुलिस स्टेशन के बेहद करीब चल रहे हैं। इसके बावजूद न तो नियमित कार्रवाई हो रही है और न ही कोई स्थायी समाधान नजर आता है।
अब तक की कार्रवाई सिर्फ नाममात्र के जुर्मानों तक सीमित रही है, जिससे अवैध गतिविधियों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा है।
मामला केवल ट्रैफिक नहीं, राष्ट्रीय सुरक्षा का
यह मुद्दा सिर्फ अतिक्रमण या ट्रैफिक व्यवस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि सीधे राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा गंभीर विषय है। यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो इसके गंभीर परिणाम सामने आ सकते हैं।
जनहित में स्पष्ट मांग
स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने प्रशासन से मांग की है कि—
- फोर्ट इलाके में अवैध गैरेजों की तत्काल पहचान कर उन्हें हटाया जाए
- बिना अनुमति खड़ी सभी गाड़ियों की गहन जांच कर जब्ती की जाए
- जिम्मेदार पुलिस और मुंबई महानगरपालिका (BMC) अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए
इस खबर को प्रकाशित करने का उद्देश्य सिर्फ इतना है कि मुंबई की सुरक्षा में किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो और किसी भी आपराधिक या देशद्रोही तत्व को शहर में गलत गतिविधियों का मौका न मिले।
खबर का असर
खबर सामने आने के बाद संबंधित ट्रैफिक पुलिस ने PSI संदीप सोनावाने के नेतृत्व में अवैध रूप से खड़ी गाड़ियों और सड़क पर कब्जा कर चलाए जा रहे गैरेजों पर कार्रवाई की। कार्रवाई के दौरान अवैध पार्किंग और सड़क पर कब्जा करने वाले गैरेज व वाहन मालिकों पर मात्र ₹1200-₹1200 का जुर्माना लगाया गया और गाड़ियां हटाई गईं।
हालांकि स्थानीय नागरिकों का कहना है कि इतनी मामूली कार्रवाई से अवैध गतिविधियों पर रोक लगना मुश्किल है। लोगों के अनुसार, जब तक सख्त और स्थायी कार्रवाई नहीं होगी, तब तक अवैध गैरेज और पार्किंग का यह खेल यूं ही चलता रहेगा।

