मुंबई-ठाणे (संवाददाता): मुंबई उपनगरीय रेलवे सेवाओं में बढ़ती भीड़ और यात्रियों की सुरक्षा को लेकर सांसद Naresh Mhaske ने केंद्रीय रेल मंत्री Ashwini Vaishnaw के समक्ष महत्वपूर्ण मांगें रखीं। उन्होंने सभी लोकल ट्रेनों को जल्द से जल्द 15-कोच में बदलने, ट्रेनों में ऑटोमैटिक डोर क्लोजिंग सिस्टम अनिवार्य करने और स्टेशनों पर भीड़ प्रबंधन के लिए अलग कंट्रोल रूम स्थापित करने का सुझाव दिया।यह मुद्दे दिल्ली में संसद भवन में आयोजित सेंट्रल रेलवे एडवाइजरी कमेटी की बैठक में उठाए गए, जिसकी अध्यक्षता Ashwini Vaishnaw ने की। इस बैठक में महाराष्ट्र से सांसद Naresh Mhaske और Sanjay Dina Patil सहित अन्य सदस्य उपस्थित थे।
बैठक में रेलवे की सुरक्षा, भर्ती, नीतियों और विकास कार्यों पर चर्चा हुई। इस दौरान Naresh Mhaske ने मुंबई लोकल ट्रेनों में अत्यधिक भीड़ के कारण यात्रियों की जान को हो रहे खतरे की ओर ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने बताया कि 12-कोच ट्रेनों में क्षमता से चार गुना अधिक यात्री सफर करने को मजबूर हैं, जिससे ट्रेन से गिरकर मौत, गंभीर चोट और स्थायी विकलांगता के मामले सामने आते हैं।सांसद ने सुझाव दिया कि 15-कोच ट्रेनों की संख्या तुरंत बढ़ाई जाए, सभी ट्रेनों में ऑटोमैटिक दरवाज़े लगाए जाएं और प्लेटफॉर्म की ऊंचाई व चौड़ाई बढ़ाने के कार्य को तेज किया जाए। इसके अलावा, स्टेशनों पर भीड़ को नियंत्रित करने के लिए अलग कंट्रोल रूम स्थापित करने पर भी जोर दिया गया।
बैठक में Naresh Mhaske ने ठाणे लोकसभा क्षेत्र की अन्य समस्याएं भी उठाईं। उन्होंने बताया कि CIDCO और रेलवे के बीच समन्वय की कमी के कारण बेलापुर क्षेत्र में रेलवे स्टेशनों का विकास कार्य अटका हुआ है। इस पर Ashwini Vaishnaw ने अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए, जिससे अब बेलापुर के स्टेशनों के विकास को मंजूरी मिलने का रास्ता साफ हो गया है।
इस अवसर पर सांसदों ने ठाणे, मीरा-भायंदर, वाशी और मुंबई महानगर क्षेत्र के रेलवे स्टेशनों से जुड़ी समस्याओं को लेकर रेल मंत्री को ज्ञापन भी सौंपा।

