नागपुर(Nagpur News)। महाराष्ट्र के नागपुर जिले में डेटोनेटर बनाने वाली एक निजी कंपनी के प्लांट में हुए भीषण विस्फोट में 17 कर्मचारियों की मौत हो गई, जबकि कम से कम 18 अन्य घायल बताए जा रहे हैं। धमाका इतना तेज था कि आसपास की इमारतों के शीशे टूट गए और कई किलोमीटर दूर तक आवाज सुनाई दी।
घटना के तुरंत बाद पुलिस, फायर ब्रिगेड और आपदा राहत दल मौके पर पहुंच गए। घायलों को नजदीकी सरकारी और निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है।
कैसे हुआ हादसा?
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, फैक्ट्री में औद्योगिक विस्फोटकों के लिए इस्तेमाल होने वाले डेटोनेटर तैयार किए जाते थे। आशंका जताई जा रही है कि रसायनों के मिश्रण या भंडारण के दौरान सुरक्षा मानकों में चूक के कारण विस्फोट हुआ।
फोरेंसिक टीम और बम निरोधक दस्ते को जांच के लिए बुलाया गया है। पुलिस ने फैक्ट्री परिसर को सील कर दिया है और मलबे को हटाने का काम जारी है।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
जिला प्रशासन ने मृतकों के परिजनों के लिए मुआवजे की घोषणा की है। महाराष्ट्र सरकार ने घटना की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं।
स्थानीय अधिकारियों के अनुसार:
- फैक्ट्री के लाइसेंस और सुरक्षा ऑडिट की जांच की जाएगी।
- यह पता लगाया जाएगा कि क्या विस्फोटक पदार्थों के भंडारण में नियमों का पालन किया गया था।
- श्रम विभाग और औद्योगिक सुरक्षा विभाग संयुक्त जांच करेंगे।
प्रत्यक्षदर्शियों ने क्या बताया?
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, धमाके के बाद आग की ऊंची लपटें उठती दिखाई दीं। कई कर्मचारी मलबे में दब गए थे, जिन्हें घंटों की मशक्कत के बाद बाहर निकाला गया। आसपास के ग्रामीणों ने भी राहत कार्य में मदद की।
एक कर्मचारी ने बताया कि धमाके से पहले तेज जलने की गंध आ रही थी, लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि इतनी बड़ी दुर्घटना हो सकती है।
औद्योगिक सुरक्षा पर उठे सवाल
यह हादसा एक बार फिर औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा मानकों को लेकर सवाल खड़े करता है। विशेषज्ञों का कहना है कि विस्फोटक सामग्री से जुड़ी फैक्ट्रियों में नियमित निरीक्षण, प्रशिक्षित स्टाफ और आपातकालीन प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन बेहद जरूरी है।
फिलहाल राहत और बचाव कार्य जारी है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही है।

