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Poisonous Butter:मुंबई में जहरीला मक्खन परोसा जा रहा है खुलेआम! योगेंद्रनाथ तिवारी बना मौत का सौदागर, बीएमसी और FDA मूकदर्शक

जहरीला मस्का माफिया योगेंद्रनाथ तिवारी
जहरीला मस्का माफिया योगेंद्रनाथ तिवारी
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बीएमसी और फूड विभाग ने ली जनता को मीठा जहर खिलाने की ली सुपारी, शिकायतों के बावजूद नटराज फूड प्रोडक्ट्स पर कार्रवाई नहीं

शिवसेना नेता पं. सुधांशु भट्ट

मुंबई: शहर में मिलावटी मक्खन का गोरखधंधा थमने का नाम नहीं ले रहा है। सीपी टैंक के खत्तर गली में नटराज फूड प्रोडक्ट्स का मालिक योगेंद्रनाथ तिवारी द्वारा बनाए जा रहे नकली और मिलावटी मक्खन की शिकायतें कई बार बीएमसी और फूड विभाग तक पहुँचीं, मगर कार्रवाई के नाम पर केवल खानापूर्ति की गई यानि नाश्ता-पानी चालू है।
परिणामस्वरूप यह “मौत का कारोबार” अब खुलेआम चल रहा है और प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है।


जनता के स्वास्थ्य पर सीधा हमला

विशेषज्ञों के अनुसार इस मिलावटी मक्खन में industrial fat, synthetic essence और non-edible oil जैसे रासायनिक तत्वों का प्रयोग किया जा रहा है, जो किडनी, लंग्स और लीवर को गंभीर नुकसान पहुँचा रहे हैं।
स्थानीय नागरिकों में पेट दर्द, सांस लेने में तकलीफ, त्वचा की एलर्जी और कमजोरी जैसी शिकायतें तेजी से बढ़ रही हैं।


शिवसेना नेता पं. सुधांशु भट्ट का सख्त रुख

शिवसेना नेता पं. सुधांशु भट्ट ने इस घोटाले को “जनता की सेहत से खिलवाड़ और प्रशासन की आपराधिक लापरवाही” बताया है।
उन्होंने बीएमसी आयुक्त, राज्य फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) और स्वास्थ्य मंत्रालय को पत्र भेजकर नटराज फूड प्रोडक्ट्स का मालिक योगेंद्रनाथ तिवारी पर तत्काल कानूनी कार्रवाई की मांग की है।


कानूनी रूप से संभव कार्रवाई

विशेषज्ञों के अनुसार, यदि विभाग सख्ती दिखाए तो निम्न धाराओं के तहत कठोर कार्रवाई की जा सकती है —

  • फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट, 2006 (FSSA) की धारा 59
    ➤ मिलावट से हानि पहुँचाने पर रु 10 लाख तक जुर्माना और आजीवन कारावास तक का प्रावधान।
  • भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 272, 273, 274,275, 120B व 420
    ➤ मिलावटी खाद्य पदार्थ तैयार करने, बेचने और धोखाधड़ी करने पर जेल व आर्थिक दंड।
  • FSSAI लाइसेंस रद्दीकरण या निलंबन
    ➤ कंपनी का लाइसेंस तत्काल रद्द कर उत्पादन इकाई को सील किया जा सकता है।

बीएमसी और फूड विभाग की भूमिका पर सवाल

बार-बार शिकायतों के बावजूद न तो उत्पादन बंद हुआ और न ही बिक्री पर रोक लगी।
इससे स्पष्ट है कि विभागीय अधिकारियों और मिलावट माफिया के बीच सांठगांठ गहरी है।


अपना पूर्वांचल महासंघ के अध्यक्ष एड. अशोक दुबे
ज़हरीला मक्खन माफिया बेलगाम! बीएमसी–FDA की मिलीभगत से चल रहा मौत का कारोबार | नटराज फूड प्रोडक्ट्स पर कार्रवाई नहीं

नागरिकों की नाराज़गी

अपना पूर्वांचल महासंघ के अध्यक्ष एड. अशोक दुबे ने कहा —

“ऐसे स्वास्थ्य संबंधी मामलों पर तत्काल कार्रवाई होनी चाहिए। अधिकारियों को जीरो टॉलरेंस नीति अपनानी चाहिए। अगर प्रशासन उचित कार्रवाई नहीं करती है तो उच्च न्यायालय में इस विषय पर PIL दाखिल की जा सकती है।”

कपड़ा व्यापारी वसंत जैन ने कहा —

“ज़हरीला मक्खन डोसा, सैंडविच और अन्य खाद्य पदार्थों में हर रोज़ परोसा जा रहा है। हर चम्मच मीठा ज़हर बन चुका है।”


अब सवाल यह है — बीएमसी और FDA कब जागेंगे?
क्या जनता को राहत देने के बजाय ये विभाग मिलावट माफिया के संरक्षण में हैं?

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