नवी मुंबई। सीबीडी बेलापुर स्थित State Bank of India की शाखा में सरकारी कंपनियों के फर्जी पहचान पत्र और वेतन प्रमाणपत्र के आधार पर 51 लोगों द्वारा करीब 6 करोड़ 90 लाख रुपये की धोखाधड़ी(Bank Fraud) किए जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है।

जांच में इस पूरे फर्जीवाड़े के पीछे येमनाथ नाइक राठोड़, सद्दाम अली शेख और उन्हें काम सौंपने वाले राजू नायके का नाम सामने आया है। बताया जा रहा है कि येमनाथ राठोड़ Central Reserve Police Force (सीआरपीएफ) में कार्यरत है और वह सीआरपीएफ कर्मियों की व्यक्तिगत ऋण फाइलें एसबीआई में मंजूरी के लिए ले जाता था। इसी दौरान उसकी बैंक अधिकारियों से पहचान हो गई, जिसका उसने दुरुपयोग किया।
आरोप है कि अक्टूबर 2023 से जनवरी 2024 के बीच राठोड़ ने 51 व्यक्तियों के नाम पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर बैंक से 6.90 करोड़ रुपये का व्यक्तिगत ऋण मंजूर करा लिया। लोन स्वीकृत होने के बाद आरोपियों ने कुछ महीनों तक किस्तें भरकर बैंक का विश्वास भी जीत लिया, लेकिन बाद में खातों में वेतन आना बंद हो गया और खाते एनपीए की स्थिति में पहुंचने लगे। इसी के बाद बैंक को शक हुआ।
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने लोन लेने के लिए GAIL, Bharat Heavy Electricals Limited (भेल), Steel Authority of India Limited (सेल), Oil and Natural Gas Corporation (ओएनजीसी), Indian Oil Corporation (आईओसीएल), Hindustan Aeronautics Limited, Bharat Sanchar Nigam Limited (बीएसएनएल) और National Highways Authority of India (एनएचएआई) जैसी नामी सरकारी कंपनियों के फर्जी पहचान पत्र और वेतन प्रमाणपत्र तैयार किए थे।
जब बैंक ने संबंधित कंपनियों के मुंबई और हैदराबाद कार्यालयों से संपर्क कर सत्यापन किया तो पता चला कि जिन 51 लोगों के नाम पर लोन लिया गया, वे इनमें से किसी भी कंपनी में कार्यरत नहीं हैं। इसके बाद पूरे घोटाले का खुलासा हुआ।
फिलहाल मामले की जांच जारी है और पुलिस आरोपियों की भूमिका तथा बैंक की आंतरिक प्रक्रिया की भी जांच कर रही है।

