नई दिल्ली। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को प्रधानमंत्री Narendra Modi और केंद्र सरकार पर बहुआयामी हमला बोला। सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए उन्होंने एप्स्टीन फाइल्स, भारत-अमेरिका ट्रेड डील, अडानी प्रकरण और किसानों की स्थिति जैसे मुद्दों को जोड़ते हुए सरकार से जवाब मांगा।

राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि कथित एप्स्टीन फाइल्स में प्रधानमंत्री, उनके मंत्रियों और करीबी उद्योगपतियों के नाम आने की चर्चा बेहद गंभीर है। उनका कहना था कि यह देश की प्रतिष्ठा से जुड़ा मामला है और सरकार को पारदर्शी स्पष्टीकरण देना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि लाखों दस्तावेज अब भी सार्वजनिक नहीं हुए हैं और उनमें केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी, उद्योगपति अनिल अंबानी तथा प्रधानमंत्री का नाम होने की बात कही।
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि इस डील में राष्ट्रीय हितों से समझौता किया गया। उनके अनुसार भारतीय डेटा को अमेरिकी कंपनियों के लिए खोला गया, किसानों के हितों की अनदेखी हुई और टेक्सटाइल उद्योग पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा। उन्होंने सरकार से पूछा कि इस समझौते से देश को वास्तविक लाभ क्या मिला।
राहुल गांधी ने उद्योगपति Gautam Adani से जुड़े अमेरिका में चल रहे मामले का भी जिक्र करते हुए कहा कि यह केवल एक कारोबारी का मामला नहीं, बल्कि सत्ता संरचना से जुड़ा सवाल है। उन्होंने आरोप लगाया कि 14 महीनों से ठोस कार्रवाई न होना कई संदेह पैदा करता है।
इन आरोपों पर विदेश मंत्रालय ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि संबंधित दस्तावेजों में प्रधानमंत्री के 2017 के इज़रायल दौरे के संदर्भ से परे जो भी उल्लेख हैं, वे एक दोषी अपराधी की कल्पनाएं हैं और निराधार हैं।
राहुल गांधी ने अपने संदेश में कहा कि कांग्रेस देशहित के मुद्दों पर पीछे नहीं हटेगी और सरकार से जवाब मांगती रहेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार उद्योगपतियों के हितों की रक्षा में अधिक सक्रिय है, जबकि किसान और मध्यम वर्ग समस्याओं से जूझ रहे हैं।
इस मुद्दे पर सियासी तापमान बढ़ गया है और आने वाले दिनों में संसद से लेकर सड़क तक बहस तेज होने के संकेत हैं।

