Reliance ADA Group Case: केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने अनिल अंबानी के नेतृत्व वाले रिलायंस एडीए ग्रुप से जुड़ी कंपनियों के खिलाफ बैंक धोखाधड़ी की जांच के तहत गुरुवार को तीन प्रमुख शहरों मुंबई, गुरुग्राम और बेंगलुरु में सात जगहों पर तलाशी अभियान चलाया।
यह तलाशी अभियान कंपनी के उस समय के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ), मुख्य वित्तीय अधिकारी (सीएफओ) और 2015-2017 के दौरान काम करने वाले निर्देशकों के घरों पर चलाया गया। यह कार्रवाई मुंबई में सीबीआई मामलों के विशेष न्यायाधीश द्वारा जारी आज के सर्च वारंट के आधार पर की गई।
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एजेंसी ने तलाशी के दौरान आपत्तिजनक दस्तावेज जब्त किए और जांच जारी है। सीबीआई ने पहले अनिल अंबानी के रिलायंस ग्रुप के खिलाफ हजारों करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के सिलसिले में अलग-अलग सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और जीवन बीमा निगम (एलआईसी) की शिकायतों के आधार पर सात मामले दर्ज किए थे। इन मामलों में कुल नुकसान 27,337 करोड़ रुपये का है।
गौरतलब है कि एजेंसी ने पिछले कुछ महीनों में ये मामले दर्ज करने के बाद 31 जगहों पर तलाशी अभियान चलाया था। रिलायंस कम्युनिकेशंस के दो कार्यकारी अधिकारियों-डी. विश्वनाथ और अनिल काल्या को 20 अप्रैल, 2026 को गिरफ्तार किया गया था। दोनों अभी न्यायिक हिरासत में हैं। अनिल अंबानी के रिलायंस ग्रुप से जुड़े मामलों की जांच उच्चतम न्यायालय कर रहा है।

