सालेकसा: सालेकसा नगर पंचायत के चुनाव 2 दिसंबर को शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न हुए। मतदान के बाद केंद्राध्यक्षों ने सीलबंद ईवीएम मशीनें चुनाव निर्णय अधिकारी को सौंप दी थीं। लेकिन जब इन मशीनों को स्ट्रॉन्ग रूम में रखने की प्रक्रिया शुरू हुई, तो कंट्रोल यूनिट के क्लोज बटन की जांच (शहानिशा) के लिए चुनाव निर्णय अधिकारी मोनिका कांबळे ने ईवीएम का सील हटाने के निर्देश दिए।
जैसे ही यह जानकारी राजनीतिक दलों के पदाधिकारियों तक पहुँची, उन्होंने बुधवार (3 दिसंबर) को तहसील कार्यालय पहुँचकर गंभीर आपत्ति जताई और ईवीएम से छेड़छाड़ का आरोप लगाया। इस विवाद के चलते कार्यालय में देर शाम तक तनावपूर्ण स्थिति बनी रही।
राजनीतिक दलों ने सवाल उठाया कि यदि क्लोजर बटन की जांच आवश्यक थी, तो इसे पार्टी प्रतिनिधियों की मौजूदगी में क्यों नहीं किया गया? उन्होंने आरोप लगाया कि पूरे मामले में पारदर्शिता नहीं बरती गई और चुनाव निर्णय अधिकारी को तुरंत निलंबित करने की मांग की।
स्थिति बिगड़ने पर तहसील कार्यालय में हंगामा बढ़ गया। नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जोरदार विरोध दर्ज कराया, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया। हालात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस का भारी बंदोबस्त तैनात किया गया और भीड़ को रोकने के लिए बैरिकेड्स लगाए गए।
अधिकारियों का कहना है कि प्रक्रिया नियमों के तहत ही की गई, जबकि राजनीतिक दल इस पर कार्रवाई की मांग पर अड़े हुए हैं। मामला फिलहाल जांच के दायरे में है।

