शाहजहांपुर(Shahjahanpur) (उ.प्र.) – जिले में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 74 वर्षों से वन विभाग की 300 बीघा जमीन पर किसानों द्वारा किए गए अवैध कब्जे को हटवा दिया। कार्रवाई के दौरान जमीन को ट्रैक्टर से जोतकर उस पर खड़ी फसल को भी नष्ट कर दिया गया।
पुलिस अधीक्षक Rajesh Dwivedi ने बुधवार को बताया कि वर्ष 1952 में खुटार थाना क्षेत्र स्थित जंगल की भूमि पर कब्जा शुरू हुआ था। समय के साथ करीब 300 बीघा वन भूमि पर खेती की जाने लगी थी। कई बार वन विभाग ने कब्जा हटाने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली।
बाद में वन अधिकारियों के अनुरोध पर पुलिस ने कार्रवाई की योजना बनाई। पुलिस क्षेत्राधिकारी (पुवायां) प्रवीण मलिक के नेतृत्व में एक संयुक्त टीम गठित की गई, जिसमें प्रशासनिक अधिकारी भी शामिल थे। मंगलवार को टीम ने मौके पर पहुंचकर अवैध कब्जा हटाया और फसल जोतकर नष्ट कर दी।
एसपी के अनुसार कार्रवाई के दौरान किसानों ने विरोध भी किया, लेकिन पुलिस बल की मौजूदगी में स्थिति नियंत्रित कर ली गई।
10 नवंबर को भी हुई थी बड़ी कार्रवाई
इससे पहले 10 नवंबर को जलालाबाद क्षेत्र के रोली बोली गांव में 13 बीघा जमीन पर बने लगभग 30 मकानों को अवैध घोषित कर प्रशासन ने ध्वस्त कर दिया था। उस समय भी विरोध की स्थिति बनी थी।
Meerut के Sardhana में भी चला कब्जा मुक्ति अभियान



उधर मेरठ जिले के सरधना तहसील क्षेत्र में भी प्रशासन ने सरकारी भूमि से अवैध कब्जे हटाने की कार्रवाई की। एसडीएम Udit Narayan Sengar को लगातार शिकायतें मिल रही थीं, जिसके बाद उन्होंने राजस्व विभाग की टीम गठित कर कार्रवाई के निर्देश दिए।
मंगलवार को टीम ने गांव ईकड़ी में विवादित भूमि को कुर्क किया। कस्बा खिवाई में सरकारी जमीन से अवैध कब्जा हटाया गया और भलसोना गांव में रास्ते पर किए गए अतिक्रमण को भी मुक्त कराया गया।
राजस्व निरीक्षक समर सिंह ने बताया कि खिवाई में सरकारी भूमि पर अवैध रूप से खड़ी फसल को ट्रैक्टर से जोतकर कब्जा हटाया गया। विरोध के बावजूद पुलिस बल की मौजूदगी में कार्रवाई सफल रही।
एसडीएम उदित नारायण सेंगर ने स्पष्ट किया कि सरकारी भूमि को कब्जामुक्त कराने का अभियान आगे भी जारी रहेगा और नियमों के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।

