मुंबई। भक्ति और आध्यात्मिकता के महासागर में डूबो देने वाला श्रीमद्भागवत कथा का पंचम दिवस मुंबई के भायंदर (पूर्व) स्थित बालासाहेब ठाकरे मैदान में बड़े श्रद्धा और उत्साह के साथ संपन्न हुआ।
पूज्य श्री देवकीनंदन ठाकुर जी महाराज के दिव्य सानिध्य में चल रही यह कथा 2 नवंबर से आरंभ होकर 8 नवंबर 2025 तक आयोजित की जा रही है।

भव्य स्वागत : 21 फीट लंबी पुष्पमाला से किया अभिनंदन
कथा के पंचम दिवस पर मुंबई आयोजक समिति ने पूज्य महाराज श्री का विशेष स्वागत किया।
महाराज श्री को 21 फीट लंबी और 35 किलो वज़न की पुष्पमाला पहनाकर भव्य रूप से अभिनंदन किया गया।
समूचा पंडाल “जय श्री राधे-कृष्णा” के जयकारों से गूंज उठा।

विशेष अतिथियों की उपस्थिति
कथा में प्रसिद्ध अभिनेता राज प्रेमी पधारे और उन्होंने व्यासपीठ का आशीर्वाद प्राप्त कर कथा श्रवण किया।
इसके साथ ही सुप्रसिद्ध भजन गायक रूहानी जी ने अपने सुरीले भजनों से उपस्थित भक्तों को भावविभोर कर दिया।

पूज्य ठाकुर जी महाराज का दिव्य संदेश
पूज्य श्री ठाकुर जी महाराज ने अपने प्रवचन में कहा —
“जब-जब इस संसार में अधर्म, अन्याय और अंधकार का विस्तार होता है, तब-तब भगवान स्वयं अवतार लेकर धर्म की स्थापना करते हैं।
भगवान श्रीराम ने रावण का अंत किया और श्रीकृष्ण ने कंस का — क्योंकि ईश्वर सदा धर्म की रक्षा के लिए आते हैं।”
उन्होंने कहा कि —
“मनुष्य का जीवन केवल भोग और मोह-माया के लिए नहीं, बल्कि ईश्वर की भक्ति और धर्म की स्थापना के लिए है।
जो संतान अपने माता-पिता का सम्मान करती है, वही सच्चा भक्त कहलाता है।”
महाराज श्री ने भक्तों को सत्य, सेवा और सद्गुणों के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि —
“सत्य कठिन अवश्य है, पर वही हमें ईश्वर के निकट ले जाता है।
जो ज्ञान दूसरों के जीवन में प्रकाश फैलाए, वही सच्चा ज्ञान है।”

