मुंबई। राज्य के बजट सत्र की पूर्व संध्या पर सरकार की ओर से पारंपरिक चाय बैठक का आयोजन किया गया। इससे पहले राज्य मंत्रिमंडल की बैठक हुई, जिसके बाद मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis, उपमुख्यमंत्री Eknath Shinde और उपमुख्यमंत्री Sunetra Pawar की संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई। दिवंगत उपमुख्यमंत्री Ajit Pawar के निधन के बाद सुनेत्रा पवार पहली बार मीडिया के सामने आईं और उन्होंने सरकार की भूमिका विस्तार से रखी।

सुनेत्रा पवार ने कहा कि बजट सत्र से पहले चाय बैठक आयोजित करना पुरानी परंपरा है, जो केवल औपचारिक कार्यक्रम नहीं बल्कि संवाद का मंच होता है। इस मंच के माध्यम से राज्य के विकास, जनता के मुद्दों और उनके समाधान पर चर्चा की अपेक्षा की जाती है। उन्होंने कहा कि यह महायुति सरकार का दूसरा बजट सत्र है और जनता ने जो विश्वास दोबारा सरकार पर जताया है, उस पर खरा उतरने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने दिवंगत अजित पवार के आर्थिक योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने 11 बार राज्य का बजट पेश किया। उनका पहला बजट वर्ष 2011 में 1,44,783 करोड़ रुपये का था, जबकि पिछले वर्ष उनके कार्यकाल का अंतिम बजट 7,20,000 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। सुनेत्रा पवार ने कहा कि यह वृद्धि केवल आंकड़ों की बढ़ोतरी नहीं, बल्कि महाराष्ट्र के सर्वांगीण विकास का संकेत है। उन्होंने बताया कि विकास की गति बनाए रखते हुए अजित पवार ने कभी भी आर्थिक अनुशासन से समझौता नहीं किया।
उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के मार्गदर्शन और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के सहयोग से अजित पवार की बजट प्रक्रिया आगे बढ़ी थी। इस वर्ष का बजट उनका 12वां बजट होता, लेकिन उनके आकस्मिक निधन से यह संभव नहीं हो सका। हालांकि, उन्होंने बजट की तैयारी अंतिम चरण तक पहुंचा दी थी।
सुनेत्रा पवार ने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को साकार करने के लिए महाराष्ट्र की अर्थव्यवस्था को मजबूत करना आवश्यक है और इसी दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि इस बार का बजट मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पेश करेंगे और यह राज्य के हर वर्ग को न्याय देने वाला होगा।
लाडकी बहन योजना को लेकर उठी आलोचनाओं का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि उचित आर्थिक नियोजन के कारण इस योजना के लिए कभी धन की कमी नहीं होने दी गई। अपने पहले विधिमंडल सत्र को लेकर उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सदन की कार्यवाही सकारात्मक और सुचारु रूप से चलेगी।

