मुंबई। भारतीय रेलवे ने अचानक एक बड़ा कदम उठाते हुए तत्काल टिकट बुकिंग सिस्टम में बड़ा बदलाव कर दिया है। अब फिजिकल रिज़र्वेशन काउंटर पर तत्काल टिकट बुकिंग के लिए यात्रियों को वन-टाइम पासवर्ड (OTP) वेरिफिकेशन कराना होगा। यानी बिना OTP के टिकट बुक ही नहीं होगा।
17 नवंबर से शुरू हुआ नया सिस्टम, अब 52 ट्रेनों तक बढ़ाया गया दायरा
सरकारी सूत्रों के मुताबिक यह सिस्टम 17 नवंबर से पायलट आधार पर शुरू किया गया था। शुरुआत में सिर्फ कुछ ही ट्रेनों पर इसे लागू किया गया था, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 52 ट्रेनों में लागू कर दिया गया है।
आगे चलकर इसे चरणबद्ध तरीके से देशभर की सभी ट्रेनों पर लागू किया जाएगा।
कैसे मिलेगा OTP?
नई प्रक्रिया के अनुसार:
- यात्री को रिज़र्वेशन फॉर्म में अपना मोबाइल नंबर लिखना होगा।
- उसी नंबर पर रेलवे की ओर से OTP भेजा जाएगा।
- OTP वेरिफाई होने के बाद ही तत्काल टिकट जारी होगा।
क्यों बदला गया नियम?—हेराफेरी रोकने की तैयारी
रेलवे मंत्रालय के मुताबिक यह कदम तत्काल टिकटों की बढ़ती हेराफेरी और ब्लैकिंग रोकने के लिए उठाया गया है।
तत्काल टिकट की मांग बहुत अधिक रहती है, ऐसे में कई एजेंट और दलाल सिस्टम को चकमा देकर टिकट बुक कर लेते थे। रेलवे का मानना है कि OTP वेरिफिकेशन से यह धंधा काफी हद तक रुक जाएगा और टिकट सही यात्रियों तक पहुंच पाएंगे।
पहले भी बदले थे कई नियम
रेलवे इस साल टिकटिंग सिस्टम में लगातार बदलाव कर रहा है—
- जुलाई में तत्काल टिकट की ऑनलाइन बुकिंग के लिए आधार-आधारित OTP वेरिफिकेशन अनिवार्य किया गया था।
- 1 अक्टूबर से IRCTC पर बुकिंग विंडो खुलने के शुरुआती 15 मिनट केवल आधार-ऑथेंटिकेटेड यूजर्स को टिकट बुक करने की अनुमति दी गई।
यात्रियों को क्या मिलेगा फायदा?
अधिकारियों का दावा है कि—
- सिस्टम ज्यादा पारदर्शी होगा
- दलालों की परेशानी बढ़ेगी
- पीक डिमांड में आम यात्रियों के टिकट मिलने की संभावना बढ़ेगी
- बुकिंग प्रक्रिया और सुरक्षित होगी
हालांकि, यात्रियों को मोबाइल नेटवर्क और OTP देरी जैसी समस्याओं का सामना भी करना पड़ सकता है।

