मुंबई। विश्व पर्यावरण स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर टोयोटा किर्लोस्कर मोटर (टीकेएम) ने भारत में पर्यावरण संरक्षण और जनस्वास्थ्य को लेकर अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया। कंपनी ने 2015 में शुरू किए गए ‘टोयोटा एनवॉयरमेंटल चैलेंज 2050’ के तहत छह प्रमुख पर्यावरणीय लक्ष्यों को आधार बनाकर अपने उत्पादों, विनिर्माण प्रक्रियाओं और सप्लाई चेन में स्थायी बदलावों को अपनाने की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति की है।
टीकेएम के कार्यकारी उपाध्यक्ष एवं निदेशक (मैन्युफैक्चरिंग) बी. पद्मनाभ ने कहा, “सस्टेनेबिलिटी हमारे नवाचार और संचालन का मूल है। हमने बिदादी संयंत्र में 100% रिन्यूएबल एनर्जी का उपयोग शुरू किया है और वैल्यू चेन में डीकार्बनाइजेशन को बढ़ावा दिया है। चक्रीय अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ते हुए, हमने लाखों लोगों के जीवन को सामुदायिक कार्यक्रमों के माध्यम से सकारात्मक रूप से प्रभावित किया है।” कंपनी ने ग्रीन सप्लाई चेन को सशक्त करने के लिए सख्त ईएसजी फ्रेमवर्क लागू किया है और ग्रीन लॉजिस्टिक्स की शुरुआत की है, जिससे उत्पाद के पूरे जीवनचक्र में उत्सर्जन को कम किया जा सके। इसके इको-डीलरशिप नेटवर्क ने ग्राहक टचप्वाइंट्स पर भी सस्टेनेबिलिटी को शामिल किया है, जिससे पर्यावरणीय प्रभाव घटा है और उपभोक्ता अनुभव बेहतर हुआ है। टीकेएम की मल्टी-पाथवे रणनीति के तहत कंपनी भारत की ऊर्जा जरूरतों के अनुसार हाइब्रिड इलेक्ट्रिक, प्लग-इन हाइब्रिड, फ्यूल सेल और बैटरी इलेक्ट्रिक वाहनों के समाधान विकसित कर रही है। इसके अलावा, कंपनी इलेक्ट्रिफाइड फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों पर भी काम कर रही है। वर्ष 2023 में टीकेएम ने इनोवा हाइक्रॉस पर आधारित दुनिया का पहला इलेक्ट्रिफाइड फ्लेक्स-फ्यूल वाहन प्रोटोटाइप पेश किया, जो भारत के BS 6 (Stage II) उत्सर्जन मानकों के अनुरूप है।
टोयोटा किर्लोस्कर मोटर का यह प्रयास न केवल पर्यावरणीय स्थिरता की दिशा में एक मजबूत कदम है, बल्कि भारत में स्वच्छ ऊर्जा और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने की दिशा में भी प्रेरणादायक पहल है।
TOYOTA KIRLOSKAR Celebration: टोयोटा किर्लोस्कर मोटर ने विश्व पर्यावरण स्वास्थ्य दिवस पर सस्टेनेबिलिटी की प्रतिबद्धता दोहराई
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