मुंबई: मध्य रेलवे के मुंबई मंडल अंतर्गत तुर्भे गुड्स शेड में कथित तौर पर रद्दी बिक्री को लेकर एक बड़ा घोटाला(Scam) सामने आने की चर्चा है। यहां कार्यरत सीजीएस गिरीश कुमार शर्मा पर 300 किलोग्राम रद्दी में से 200 किलोग्राम गायब कर केवल 100 किलोग्राम दिखाकर बिक्री करने का गंभीर आरोप लगाया गया है।

सूत्रों के अनुसार 13 जनवरी 2026 को गुड्स शेड में कुल 300 किलोग्राम रद्दी मौजूद थी, लेकिन दस्तावेज़ों में केवल 100 किलोग्राम रद्दी(Scrap) दिखाकर उसकी बिक्री कर दी गई। इस मामले में सबसे हैरान करने वाली बात यह बताई जा रही है कि बिक्री से संबंधित दस्तावेज़ों पर न तो सीसीआई के हस्ताक्षर हैं और न ही रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) की उपस्थिति दर्ज है।
नियमों के अनुसार इस प्रकार की किसी भी बिक्री प्रक्रिया में संबंधित अधिकारियों की मौजूदगी और दस्तावेज़ों पर उनके हस्ताक्षर अनिवार्य होते हैं। ऐसे में इस पूरे मामले को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। चर्चा है कि आखिर 300 किलो रद्दी में से 200 किलो कहां चली गई और क्या यह पूरा मामला अधिकारियों की मिलीभगत से हुआ है या फिर जिम्मेदार विभाग की लापरवाही के कारण ऐसा हुआ।
बताया जाता है कि संबंधित अधिकारी के कार्यकाल के दौरान समय पालन और कार्यप्रणाली को लेकर भी पहले कई शिकायतें सामने आ चुकी हैं।
अब इस मामले को लेकर रेलवे प्रशासन की भूमिका पर सबकी निगाहें टिकी हैं। यह देखना होगा कि क्या उच्च अधिकारी इस पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच कराकर सच्चाई सामने लाते हैं या फिर यह मामला भी अन्य मामलों की तरह फाइलों में ही दबकर रह जाता है।

