नई दिल्ली। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC 2026) ने देशभर में संचालित हो रहे 32 फर्जी विश्वविद्यालयों की ताज़ा सूची जारी कर दी है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि ये संस्थान यूजीसी अधिनियम, 1956 के तहत किसी भी प्रकार की डिग्री प्रदान करने के लिए अधिकृत नहीं हैं।

यूजीसी के अनुसार, ये संस्थान खुद को वैध विश्वविद्यालय बताकर छात्रों को गुमराह कर रहे थे। आयोग ने चेतावनी दी है कि इनसे प्राप्त डिग्रियां नौकरी, प्रतियोगी परीक्षाओं और उच्च शिक्षा के लिए मान्य नहीं होंगी।
यूजीसी ने छात्रों और अभिभावकों से अपील की है कि किसी भी संस्थान में प्रवेश लेने से पहले उसकी मान्यता की स्थिति ugc.gov.in पर अवश्य जांच लें।
राज्यवार फर्जी विश्वविद्यालयों की स्थिति
🔴 दिल्ली – 12 संस्थान (सबसे अधिक)
दिल्ली में सर्वाधिक 12 फर्जी संस्थान संचालित पाए गए हैं। इनमें प्रमुख नाम इस प्रकार हैं:
- आल इंडिया इंस्टीट्यूट आफ पब्लिक एण्ड फिजिकल हेल्थ साइंस (AIPHS)
- कमर्शियल यूनिवर्सिटी लिमिटेड
- यूनाइटेड नेशन्स यूनिवर्सिटी
- वॉकेशनल यूनिवर्सिटी
- ए.डी.आर.-सेंट्रिक ज्यूरीडिकल यूनिवर्सिटी
- इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड इंजीनियरिंग
- विश्वकर्मा ओपन यूनिवर्सिटी फॉर सेल्फ-एम्प्लॉयमेंट
- आध्यात्मिक विश्वविद्यालय (स्पिरिचुअल यूनिवर्सिटी)
- वर्ल्ड पीस ऑफ यूनाइटेड नेशन्स यूनिवर्सिटी (WPUNU)
- इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड इंजीनियरिंग
- माउंटेन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी
- नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ मैनेजमेंट सोल्यूशन
🔴 उत्तर प्रदेश – 4 संस्थान
- गांधी हिन्दी विद्यापीठ, प्रयागराज
- महामाया प्राविधिक विश्वविद्यालय, नोएडा
- नेताजी सुभाष चन्द्र बोस यूनिवर्सिटी (ओपन), अलीगढ़
- भारतीय शिक्षा परिषद, लखनऊ
🔴 महाराष्ट्र – 2 संस्थान
- राजा अरेबिक यूनिवर्सिटी, नागपुर
- नेशनल बैकवर्ड कृषि विद्यापीठ, सोलापुर
🔴 पश्चिम बंगाल – 2 संस्थान
- इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ ऑल्टरनेटिव मेडिसन, कोलकाता
- इंस्टीट्यूट ऑफ ऑल्टरनेटिव मेडिसन एंड रिसर्च, कोलकाता
🔴 आंध्र प्रदेश – 2 संस्थान
- क्राइस्ट न्यू टेस्टामेंट डीम्ड यूनिवर्सिटी, गुंटूर
- बाइबल ओपन यूनिवर्सिटी ऑफ इंडिया, विशाखापट्टनम
🔴 कर्नाटक – 2 संस्थान
- सर्व भारतीय शिक्षा पीठ, तुमकुर
- ग्लोबल ह्यूमन पीस यूनिवर्सिटी, बेंगलुरु
🔴 पुडुचेरी – 2 संस्थान
- श्री बोधि एकेडमी ऑफ हायर एजुकेशन
- उषा लात्चुमनन कॉलेज ऑफ एजुकेशन
🔴 अन्य राज्य (1-1 संस्थान)
- केरल
- हरियाणा
- राजस्थान
- झारखंड
- अरुणाचल प्रदेश
यूजीसी की सख्त चेतावनी
यूजीसी ने साफ कहा है कि इन संस्थानों को न तो केंद्र सरकार से और न ही किसी राज्य सरकार से मान्यता प्राप्त है। ऐसे में इनसे डिग्री लेने वाले छात्रों को भविष्य में कानूनी और करियर संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
आयोग ने कहा है कि फर्जी विश्वविद्यालयों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और राज्य सरकारों को भी सतर्क किया गया है।

