उल्हासनगर। केंद्रीय राज्य मंत्री और रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आरपीआई) के अध्यक्ष रामदास आठवले ने रविवार रात उल्हासनगर में आयोजित पार्टी कार्यकर्ताओं की बैठक में आगामी नगर निगम चुनाव के लिए महागठबंधन बनाने का सुझाव दिया। आठवले ने शिवसेना, भाजपा, राकांपा और आरपीआई को एकजुट होकर चुनाव लड़ने की सलाह देते हुए कहा कि यदि महायुति साथ आती है तो उल्हासनगर नगर निगम का महापौर निश्चित रूप से महायुति का ही होगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आरपीआई को कम से कम 15 सीटें मिलनी चाहिए।
आठवले ने उल्हासनगर की सामाजिक और राजनीतिक भूमिका पर बोलते हुए कहा कि यह शहर कभी दलित आंदोलन का प्रमुख केंद्र रहा है, लेकिन अब आरपीआई सभी समुदायों के साथ चल रही है। उन्होंने सिंधी, मुस्लिम, उत्तर भारतीय, दक्षिण भारतीय सहित विभिन्न समुदायों के सहअस्तित्व का उल्लेख किया। आठवले ने यह भी याद दिलाया कि विधानसभा चुनाव में आरपीआई ने सिंधी समुदाय से पप्पू कलानी को टिकट दिया था और वे विधायक निर्वाचित हुए थे।
बैठक के दौरान उन्होंने कोंकण के हापुस आम की गुणवत्ता से संबंधित मुद्दा उठाते हुए कहा कि बलसाड में उगाए जाने वाले आमों को हापुस नाम देने का प्रयास गलत है और कोंकण का हापुस आम नंबर वन है और वही रहना चाहिए। राजनीतिक टिप्पणियों के बीच आठवले ने कांग्रेस द्वारा “संविधान खतरे में है” कहे जाने को दुष्प्रचार बताते हुए कहा कि डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर द्वारा लिखित संविधान अभी भी सुरक्षित है। उन्होंने दलित समुदाय के अत्याचार के मामलों पर चिंता जताई और कहा कि उनकी पार्टी ऐसे मामलों के खिलाफ हमेशा लड़ती रहेगी।
कार्यक्रम में आरपीआई नगर अध्यक्ष नाना बागुल, शिवसेना कल्याण ज़िला अध्यक्ष गोपाल लांडगे, विधायक कुमार अयलानी, महानगर अध्यक्ष राजेंद्र चौधरी, भाजपा नगर अध्यक्ष राजेश वधारिया, आरपीआई नेता शांताराम निकम समेत कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

