यूपी में 46 आईएएस के बाद 27 पीसीएस अफसरों के तबादले, वाराणसी में बड़े बदलाव
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने मंगलवार को एक और बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए राज्यभर में 27 पीसीएस अधिकारियों का तबादला कर दिया। इससे पहले 46 आईएएस अधिकारियों को भी नई जिम्मेदारियां सौंपी गई थीं। दोनों स्तरों के तबादलों में वाराणसी, अयोध्या, मुरादाबाद और लखनऊ सहित कई जिलों में अहम बदलाव किए गए हैं।
वाराणसी में तीन वरिष्ठ अधिकारियों — मुख्य विकास अधिकारी, एडीएम (फाइनेंस) और विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष — को बदला गया है। साथ ही एएसडीएम, अपर नगर आयुक्त और अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) पदों पर भी नई नियुक्तियां की गई हैं।
प्रमुख तबादले
सरकार द्वारा जारी सूची के अनुसार:
— अरुण कुमार सिंह, अपर जिलाधिकारी (वि/रा) बाराबंकी से अब मुरादाबाद मंडल के अपर आयुक्त बनाए गए हैं। — दिलीप कुमार श्रीवास्तव को मेरठ से वाराणसी मंडल का अपर आयुक्त बनाया गया है। — गोविंद मौर्य को राजस्व परिषद, लखनऊ से वाराणसी मंडल का अपर आयुक्त बनाया गया है। — अमित कुमार, उप जिलाधिकारी वाराणसी, को अपर नगर आयुक्त, नगर निगम वाराणसी का कार्यभार सौंपा गया है। — श्रद्धा चौधरी, उप जिलाधिकारी वाराणसी, को सहायक निदेशक, दुग्ध समिति लिमिटेड, लखनऊ के रूप में स्थानांतरित किया गया है।
अन्य जिलों में फेरबदल
इसके अलावा अयोध्या, मथुरा, बागपत, जालौन, शाहजहांपुर, हापुड़, फिरोजाबाद, मुरादाबाद, कन्नौज, मेरठ और गोरखपुर जिलों में भी कई अफसरों की जिम्मेदारियां बदली गई हैं।
अयोध्या में रविशंकर कुमार को अपर जिलाधिकारी (भू-अर्जन) बनाया गया है, जबकि सरजमी हैदर को विन्ध्याचल मंडल, मीरजापुर में अपर आयुक्त नियुक्त किया गया है। वहीं, बागपत के मनोज वर्मा को मुरादाबाद विकास प्राधिकरण का सचिव बनाया गया है।
प्रशासनिक दृष्टि से अहम कदम
मुख्य सचिव कार्यालय के अनुसार, यह फेरबदल प्रशासनिक कार्यकुशलता बढ़ाने और आगामी विधानसभा उपचुनावों व त्योहारों के दौरान सुचारु प्रबंधन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से किया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संबंधित अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां तत्परता से संभालने के निर्देश दिए हैं।
इससे पहले सोमवार देर रात जारी आदेश में 46 आईएएस अधिकारियों के तबादले हुए थे, जिनमें तीन मंडलायुक्त, दस जिलों के जिलाधिकारी और कई नगर आयुक्त शामिल थे। मंगलवार को पीसीएस अधिकारियों की सूची जारी होने के साथ यह प्रशासनिक पुनर्गठन और व्यापक हो गया है।
सूत्रों का कहना है कि आने वाले दिनों में सचिवालय और विभागीय स्तर पर भी कुछ और बदलाव संभव हैं।

