उत्तर प्रदेश: आगामी पंचायत चुनाव 2026 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने अकेले चुनाव लड़ने का फैसला किया है। पार्टी का उद्देश्य अपने जमीनी संगठन को मजबूत करना और 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारी करना है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि पंचायत चुनाव में अच्छा प्रदर्शन करने वाले कार्यकर्ताओं को अगले विधानसभा चुनाव में टिकट दिया जाएगा।
सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस यह निर्णय इसलिए कर रही है ताकि पार्टी जनाधार का सही अंदाजा लगा सके और संगठनात्मक मजबूती बढ़ा सके। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि समाजवादी पार्टी (सपा) के साथ गठबंधन को लेकर अंतिम निर्णय राष्ट्रीय नेतृत्व लेगा। फिलहाल यूपी में कांग्रेस अपने 403 विधानसभा सीटों पर संगठन सृजन पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
यूपी कांग्रेस प्रभारी अविनाश पांडे ने भी पुष्टि की कि पार्टी इस बार सपा के साथ नहीं जाएगी। राजनीतिक विश्लेषक इसे 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस की नई रणनीति के रूप में देख रहे हैं। उनका मानना है कि पंचायत स्तर पर पार्टी का सक्रिय होना और कार्यकर्ताओं को टिकट देना कांग्रेस को स्थानीय स्तर पर मजबूती देने के साथ-साथ सपा पर दबाव बनाने में भी मदद करेगा।
पिछली लोकसभा चुनाव 2024 में कांग्रेस-सपा गठबंधन ने बीजेपी को बहुमत से रोकने में सफलता हासिल की थी। अब पार्टी इसी रणनीति के तहत पंचायत चुनावों में सक्रिय भूमिका निभाने की योजना बना रही है। इस कदम से कांग्रेस को आगामी विधानसभा चुनावों में रणनीतिक लाभ मिलने की उम्मीद है।

