ठाणे। शहर में रिंग मेट्रो प्रोजेक्ट (Ring Metro project) का काम शुरू हो गया है और स्टेशन घोड़बंदर इलाके (Ghodbunder area) में घनी आबादी वाले इलाके में बनाया जाएगा, इसलिए शिकायतें बढ़ने लगी हैं कि ट्रैफिक कंजेशन की समस्या (traffic congestion issues) हल होने के बजाय लोगों को जाम का सामना करना पड़ेगा। सरकारी रेस्ट हाउस में हुई एक जॉइंट मीटिंग में विधायक संजय केलकर ने मेट्रो अधिकारियों को फिजिकल इंस्पेक्शन कर सही रूट बनाने का निर्देश दिया। ठाणे शहर में अंदरूनी ट्रैफिक का दबाव कम करने के लिए रिंग मेट्रो प्रोजेक्ट का काम शुरू किया गया है। केंद्र और राज्य सरकारों की मदद से चल रहे इस प्रोजेक्ट के लिए 12,000 करोड़ रुपये के खर्च को मंजूरी दी गई है।
टेंडर प्रोसेस पूरा हो चुका है और आगे का काम भी जल्द ही शुरू हो जाएगा। इस प्रोजेक्ट का रूट 29 km लंबा है और कुछ रूट अंडरग्राउंड और कुछ ग्राउंड के ऊपर होंगे। जिस इलाके से यह रूट गुजरेगा, वहां के लोगों ने विधायक संजय केलकर से कई शिकायतें की हैं। इस बारे में, मिस्टर केलकर ने सरकारी रेस्ट हाउस में एक जॉइंट मीटिंग की। हीरानंदानी मीडोज, रोड़ास, रितु एस्टेट, हीरानंदानी एस्टेट वगैरह के लोगों के रिप्रेजेंटेटिव, मेट्रो के मैनेजिंग डायरेक्टर और ठाणे सिटी प्रोजेक्ट के चीफ ऑफिसर मौजूद थे।
इस मीटिंग में लोगों के रिप्रेजेंटेटिव ने शिकायत की कि अगर ऐसी जगह पर स्टेशन बनाया जाता है जहां हजारों लोग रहते हैं, स्कूल, हॉस्पिटल हमेशा बिज़ी रहते हैं, तो इससे इस इलाके में दिक्कत होगी। इस मौके पर, मिस्टर केलकर ने इलाके का इंस्पेक्शन किया और अधिकारियों को पब्लिक इंटरेस्ट में रास्ता निकालने के निर्देश दिए। मीटिंग में कई ऑब्जेक्शन पर चर्चा हुई। अधिकारियों ने कहा कि इसके मुताबिक, जल्द ही डायरेक्ट इंस्पेक्शन करके रास्ता निकाला जाएगा।

