Category: Technology

Modern technology has become a total phenomenon for civilization, the defining force of a new social order in which efficiency is no longer an option but a necessity imposed on all human activity.

  • A100 Pro Smartphone: आईटेल ने लॉन्च किया ए100 प्रो स्मार्टफोन, कीमत 8999 रुपये!

    A100 Pro Smartphone: आईटेल ने लॉन्च किया ए100 प्रो स्मार्टफोन, कीमत 8999 रुपये!

    A100 Pro Smartphone: आईटेल ने अपना नया ए100 प्रो स्मार्टफोन लॉन्च किया है। यह स्मार्टफोन मिलिट्री ग्रेड सर्टिफिकेशन (MIL-STD-810H) के साथ आता है, जो इसे मजबूत और टिकाऊ बनाता है। फोन में 6.6 इंच का 90Hz HD+ डिस्प्ले, 5000mAh बैटरी, 8MP कैमरा और ऑक्टा-कोर यूनिसॉक T7100 प्रोसेसर दिया गया है।

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    ए100 प्रो एंड्रॉयड 15 गो पर चलता है और इसमें फेस अनलॉक, साइड फिंगरप्रिंट सेंसर तथा IR ब्लास्टर जैसी सुविधाएं भी हैं। कंपनी के अनुसार यह स्मार्टफोन 3+5GB रैम और 64GB स्टोरेज के साथ सिर्फ 8999 रुपये में उपलब्ध होगा।

    ने कहा कि कंपनी का लक्ष्य किफायती कीमत में मजबूत और भरोसेमंद तकनीक उपलब्ध कराना है। कंपनी 100 दिनों के भीतर मुफ्त स्क्रीन रिप्लेसमेंट की सुविधा भी दे रही है।

  • Skoda Auto Volkswagen India Private Limited: SAVWIPL ने बढ़ाया R&D विस्तार, पुणे टेक्नोलॉजी सेंटर के नए विंग का उद्घाटन

    मुंबई। Skoda Auto Volkswagen India Private Limited (SAVWIPL) ने पुणे के बानेर स्थित अपने टेक्नोलॉजी सेंटर के नए विंग का उद्घाटन किया है। इस विस्तार के साथ कंपनी ने भारत में अपने अनुसंधान एवं विकास (R&D) नेटवर्क को और मजबूत किया है।

    करीब 33,000 वर्ग फुट में फैला यह नया सेंटर एडवांस्ड व्हीकल डेवलपमेंट, प्लेटफॉर्म इंजीनियरिंग, सॉफ्टवेयर सॉल्यूशंस और सस्टेनेबल मोबिलिटी इनोवेशन पर केंद्रित है। यह विस्तार चाकन प्लांट के साथ मिलकर काम करेगा, जिससे कंपनी की कुल इंजीनियरिंग टीम 450 से अधिक हो गई है।कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ Piyush Arora ने कहा कि पुणे में R&D विस्तार भारत में कंपनी की दीर्घकालिक रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा है। नए विंग के जरिए कंपनी डिजिटलाइजेशन, ऑटोमेशन और एडवांस्ड सेफ्टी टेक्नोलॉजी में अपनी क्षमताएं बढ़ाएगी।

    Skoda Auto Volkswagen India Private Limited का टेक्नोलॉजी सेंटर पुणे 2019 से सक्रिय है और भारतीय बाजार के लिए वाहनों के विकास में अहम भूमिका निभा रहा है। इसने Volkswagen Taigun, Skoda Kushaq और Skoda Kylaq जैसे मॉडलों के विकास में योगदान दिया है।यह नया विस्तार ‘मेड इन इंडिया फॉर इंडिया एंड द वर्ल्ड’ विजन को आगे बढ़ाते हुए भारत को वैश्विक ऑटोमोटिव इनोवेशन हब के रूप में मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

  • MWC 2026 में गैलेक्सी S26 अल्ट्रा को ‘बेस्ट इन शो’ अवॉर्ड

    MWC 2026 में गैलेक्सी S26 अल्ट्रा को ‘बेस्ट इन शो’ अवॉर्ड

    मुंबई: सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स ने घोषणा की है कि उसके फ्लैगशिप स्मार्टफोन सैमसंग गैलेक्सी S26 अल्ट्रा को ‘ग्लोबल मोबाइल अवार्ड्स’ में ‘बेस्ट इन शो’ के सम्मान से नवाज़ा गया है। यह पुरस्कार बार्सिलोना में आयोजित मोबाइल वर्ल्ड कांग्रेस 2026 (MWC 2026) के दौरान दिया गया। इन पुरस्कारों का आयोजन हर साल ‘ग्लोबल मोबाइल कम्युनिकेशंस एसोसिएशन’ द्वारा किया जाता है, जो मोबाइल उद्योग में बेहतरीन नवाचारों को मान्यता देता है। ‘बेस्ट इन शो’ श्रेणी उन उपभोक्ता-केंद्रित उत्पादों को सम्मानित करती है जो तकनीक के क्षेत्र में नए मानक स्थापित करते हैं। इसे उद्योग के सबसे बड़े सम्मानों में से एक माना जाता है। 200 से अधिक अंतरराष्ट्रीय विश्लेषकों, पत्रकारों और विशेषज्ञों की जूरी द्वारा चुने जाने के कारण इन डिवाइस को डिजिटल जगत का “गोल्ड स्टैंडर्ड” माना जाता है।

    जूरी के अनुसार, यह पुरस्कार इसके उन्नत हार्डवेयर और One UI 8.5 सॉफ्टवेयर के बेहतरीन मेल के लिए दिया गया है। इसमें मौजूद गैलेक्सी AI यूज़र की जरूरतों को समझकर रोज़मर्रा के काम आसान बनाता है और सुरक्षा व गोपनीयता का भी पूरा ध्यान रखता है। गैलेक्सी S26 अल्ट्रा में दुनिया का पहला इन-बिल्ट ‘प्राइवेसी डिस्प्ले’ दिया गया है, जो अधिक निजी और बेहतर व्यूइंग अनुभव प्रदान करता है। साथ ही इसका कस्टमाइज़्ड चिपसेट तेज़ और उन्नत गैलेक्सी AI को पावर देता है। जूरी चेयरमैन शॉन कॉलिन्स ने कहा कि कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच गैलेक्सी S26 अल्ट्रा अपने नवाचार और प्राइवेसी-केंद्रित तकनीक के कारण सबसे अलग रहा। 3,000 से अधिक प्रदर्शकों के बीच इसे ऐसी तकनीक के रूप में सराहा गया, जो भविष्य की संभावनाओं को आज ही उपभोक्ताओं तक पहुंचाती है। सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स की स्टेफ़नी चोई ने कहा कि ‘बेस्ट इन शो’ सम्मान गैलेक्सी S26 अल्ट्रा के एजेंटिक एआई फोन के रूप में मोबाइल तकनीक में नए मानक स्थापित करने की दिशा में कंपनी की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

  • AUDI INDIA:ऑडी इंडिया ने नई ऑडी SQ8 की बुकिंग शुरू की, 17 मार्च को होगी लॉन्च

    AUDI INDIA:ऑडी इंडिया ने नई ऑडी SQ8 की बुकिंग शुरू की, 17 मार्च को होगी लॉन्च

    मुंबई। जर्मन लग्ज़री कार निर्माता ऑडी इंडिया(AUDI INDIA) ने भारत में अपनी नई लग्ज़री एसयूवी ऑडी SQ8 की बुकिंग शुरू करने की घोषणा की है। ग्राहक इस एसयूवी को 5 लाख रुपये की शुरुआती राशि के साथ ऑडी इंडिया की आधिकारिक वेबसाइट या ‘मायऑडी कनेक्ट’ ऐप के माध्यम से बुक कर सकते हैं। कंपनी इस कार को 17 मार्च 2026 को आधिकारिक तौर पर लॉन्च करेगी।

    नई ऑडी SQ8 में 4.0-लीटर V8 TFSI इंजन दिया गया है, जो 373 kW की पावर और 770 Nm का टॉर्क जनरेट करता है। यह दमदार इंजन एसयूवी को केवल 4.1 सेकंड में 0 से 100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार तक पहुंचाने में सक्षम बनाता है, जबकि इसकी अधिकतम स्पीड 250 किमी प्रति घंटा है।

    ऑडी इंडिया ने नई लग्ज़री एसयूवी ऑडी SQ8 की बुकिंग शुरू की, 5 लाख रुपये की शुरुआती राशि के साथ ग्राहक वेबसाइट और ‘मायऑडी कनेक्ट’ ऐप के जरिए कर सकते हैं बुकिंगऑडी इंडिया ने नई लग्ज़री एसयूवी ऑडी SQ8 की बुकिंग शुरू की, 5 लाख रुपये की शुरुआती राशि के साथ ग्राहक वेबसाइट और ‘मायऑडी कनेक्ट’ ऐप के जरिए कर सकते हैं बुकिंग

    इस एसयूवी में ऑडी का क्वॉट्रो परमानेंट ऑल-व्हील ड्राइव, सेल्फ-लॉकिंग सेंटर डिफरेंशियल, एडैप्टिव एयर सस्पेंशन स्पोर्ट और ऑल-व्हील स्टीयरिंग जैसे आधुनिक फीचर्स दिए गए हैं, जो इसे दमदार और स्मूद ड्राइविंग अनुभव प्रदान करते हैं।

    ऑडी इंडिया के ब्रांड डायरेक्टर बलवीर सिंह ढिल्लों ने कहा कि ऑडी SQ8 रोजमर्रा की लग्ज़री और शानदार स्पोर्टी परफॉर्मेंस का बेहतरीन मिश्रण है। उन्होंने बताया कि भारत में ऑडी की Q सीरीज़ को ग्राहकों से अच्छा प्रतिसाद मिला है और कंपनी को उम्मीद है कि नई SQ8 भी परफॉर्मेंस पसंद करने वाले ग्राहकों को आकर्षित करेगी। उन्होंने ग्राहकों को सीमित उपलब्धता के कारण समय रहते बुकिंग कराने की सलाह भी दी।

  • Torrent Power की इफ्तार पार्टी, 20 वर्षों से कायम है सौहार्द की परंपरा

    Torrent Power की इफ्तार पार्टी, 20 वर्षों से कायम है सौहार्द की परंपरा

    भिवंडी। भिवंडी के गोपालनगर स्थित पाटीदार हॉल में मंगलवार, 10 मार्च की शाम टोरेंट पावर कंपनी (Torrent Power)की ओर से रोजा इफ्तार पार्टी का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में शहर के विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता, सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधि, पुलिस अधिकारी, नगरसेवक, मीडियाकर्मी और हिंदू-मुस्लिम समुदाय के लोग बड़ी संख्या में शामिल हुए।

    इफ्तार कार्यक्रम की शुरुआत से पहले मुस्लिम धर्मगुरु मुफ्ती हुजैफा ने रोजे के धार्मिक और सामाजिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने टोरेंट पावर द्वारा आयोजित इस इफ्तार पार्टी की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन देश में एकता, भाईचारे और सामाजिक सौहार्द को मजबूत करते हैं।

    कार्यक्रम में शहर के विभिन्न पुलिस स्टेशनों के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक, भिवंडी मनपा के अधिकारी, विभिन्न पावरलूम संगठनों के प्रतिनिधि और शहर के कई प्रतिष्ठित नागरिक मौजूद थे। टोरेंट पावर की ओर से जीवन क्लर्क (उपाध्यक्ष), जय पांड्या, सुधीर देशमुख और पीआरओ चेतन बदियानी सहित कंपनी के अधिकारियों ने सभी अतिथियों का स्वागत किया।

    इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने टोरेंट पावर द्वारा की गई व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम समाज में सहयोग, शांति और आपसी सद्भाव को बढ़ावा देते हैं।

    टोरेंट पावर के पीआरओ चेतन बदियानी ने बताया कि कंपनी पिछले 20 वर्षों से लगातार रोजा इफ्तार पार्टी का आयोजन कर रही है। इसका मुख्य उद्देश्य समाज में सौहार्दपूर्ण माहौल बनाना और कंपनी व स्थानीय समुदाय के बीच संबंधों को मजबूत करना है।

    गौरतलब है कि इन दिनों भिवंडी में रोजा इफ्तार पार्टियों का दौर चल रहा है, लेकिन टोरेंट पावर द्वारा आयोजित यह इफ्तार कार्यक्रम अपनी भव्यता और व्यापक सहभागिता के कारण विशेष आकर्षण का केंद्र रहा।

  • ICANN85 कम्युनिटी फोरम मुंबई ग्लोबल इंटरनेट कोलेबोरेशन को मजबूत करेगा

    ICANN85 कम्युनिटी फोरम मुंबई ग्लोबल इंटरनेट कोलेबोरेशन को मजबूत करेगा

    जगदीश पुरोहित

    मुंबई: इंटरनेट कॉर्पोरेशन फॉर असाइन्ड नेम्स एंड नंबर्स (ICANN) द्वारा नेशनल इंटरनेट एक्सचेंज ऑफ इंडिया (NIXI) के सहयोग से MeitY के तहत ICANN85 कम्युनिटी फोरम 7-12 मार्च 2026 तक मुंबई के जियो कन्वेंशन सेंटर में आयोजित किया गया।

    इस फोरम का उद्देश्य ग्लोबल इंटरनेट गवर्नेंस को मजबूत करना, एक ओपन और सिक्योर इंटरनेट बनाए रखना और मल्टीस्टेकहोल्डर सहयोग को बढ़ावा देना है। कार्यक्रम में 200 से अधिक सेशन्स हुए, जिनमें डोमेन नेम सिस्टम (DNS) डेवलपमेंट, साइबर सिक्योरिटी और gTLDs के भविष्य पर चर्चा की गई।

    वेलकम सेरेमनी में MeitY सेक्रेटरी एस. कृष्णन, महाराष्ट्र के चीफ सेक्रेटरी राजेश अग्रवाल, NIXI के CEO डॉ. देवेश त्यागी, ICANN बोर्ड चेयर तृप्ति सिन्हा और ICANN प्रेसिडेंट कर्टिस लिंडक्विस्ट प्रमुख अतिथि थे।

    कार्यक्रम में इंडस्ट्री लीडर्स और विशेषज्ञ जैसे संजीव गोयल, जगदीश पुरोहित, सुमित मदान, दीपक दफ्तरी, दीपक परमार, पैट्रिक डोनाल्डसन, कृपा शाह, देवेन जग्गी और NIXI के पदाधिकारी भी शामिल हुए।

    स्पीकर्स ने इंटरनेट को इकोनॉमिक ग्रोथ, इनोवेशन और गवर्नेंस के लिए आवश्यक आधार के रूप में महत्व देते हुए ग्लोबल कोऑपरेशन की जरूरत पर जोर दिया।

  • Prayas:‘प्रयास’ नुक्कड़ नाटक श्रृंखला से 6 हजार श्रमिकों को दिया गया सुरक्षा का संदेश

    Prayas:‘प्रयास’ नुक्कड़ नाटक श्रृंखला से 6 हजार श्रमिकों को दिया गया सुरक्षा का संदेश

    ठाणे: मुंबई–अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना के निर्माण स्थलों पर कार्यरत श्रमिकों को सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के लिए नेशनल हाई स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (NHSRCL) ने ‘प्रयास’(Prayas) नामक नुक्कड़ नाटक श्रृंखला का आयोजन किया।

    23 फरवरी से 7 मार्च 2026 तक चले इस अभियान के दौरान बुलेट ट्रेन कॉरिडोर के विभिन्न निर्माण स्थलों पर लगभग 6 हजार श्रमिकों को कार्यस्थल सुरक्षा का संदेश दिया गया। कलाकारों ने रोचक प्रस्तुतियों के माध्यम से श्रमिकों को हेलमेट, हार्नेस बेल्ट, सेफ्टी शूज़ और पीपीई किट जैसे सुरक्षा उपकरणों का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया।

    यह अभियान कॉरिडोर के 40 निर्माण स्थलों पर चलाया गया, जिनमें गुजरात के 24 और महाराष्ट्र के 16 स्थल शामिल हैं। इन स्थानों में स्टेशन, कास्टिंग यार्ड, सुरंग, डिपो, पुल और वायाडक्ट जैसे निर्माण स्थल शामिल हैं, जहां बड़ी संख्या में श्रमिक कार्यरत हैं।

    नुक्कड़ नाटक के जरिए श्रमिकों को यह संदेश दिया गया कि सुरक्षा नियमों का पालन करें, बिना प्रशिक्षण के काम न करें, शॉर्टकट से बचें और काम शुरू करने से पहले संभावित जोखिमों का आकलन करें।

    पिछले तीन वर्षों से चल रही यह पहल श्रमिकों में सुरक्षा जागरूकता बढ़ाने और सुरक्षित कार्य संस्कृति को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।

  • Torrent Power: टोरेंट पावर का ‘सुरक्षा सप्ताह’, लेकिन भिवंडी में बिजली हादसे क्यों नहीं रुक रहे?

    सुरक्षा पर भाषण, जमीनी हकीकत पर सवाल; कर्मचारियों को दिए गए नियमों के पालन के निर्देश

    भिवंडी: भिवंडी में बिजली वितरण कंपनी टोरेंट पावर लिमिटेड द्वारा विद्युत सुरक्षा सप्ताह मनाया गया, जिसमें कर्मचारियों को बिजली से होने वाली दुर्घटनाओं से बचने के लिए सुरक्षा नियमों का पालन करने की सलाह दी गई। हालांकि इस कार्यक्रम के बीच शहर में लगातार सामने आ रहे बिजली हादसों और असुरक्षित बिजली व्यवस्था को लेकर कई सवाल भी उठ रहे हैं।

    कार्यक्रम के दौरान ठाणे-2 के विद्युत निरीक्षक राजेश यादव ने कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि विद्युत सुरक्षा केवल कागजी नियम नहीं है, बल्कि इसे कर्मचारियों की दैनिक कार्य संस्कृति का हिस्सा बनाना जरूरी है। उन्होंने टोरेंट पावर द्वारा सुरक्षा संस्कृति को बढ़ावा देने के प्रयासों की सराहना की।

    सुरक्षा नियमों पर जोर

    सहायक विद्युत निरीक्षक अर्जुन जाधव ने कहा कि विद्युत अधिनियम 2003 और केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (सुरक्षा) विनियम 2023 के तहत निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन करना बेहद जरूरी है।

    उन्होंने कर्मचारियों को मरम्मत से पहले बिजली आपूर्ति बंद करने, व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरणों का उपयोग करने और लॉकआउट–टैगआउट प्रक्रिया अपनाने जैसे कई सुरक्षा उपायों की जानकारी दी।

    टोरेंट पावर की जिम्मेदारी पर सवाल

    कार्यक्रम में सुरक्षा के महत्व पर जोर दिया गया, लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि भिवंडी के कई इलाकों में खुले बिजली के तार, पुराने ट्रांसफॉर्मर और असुरक्षित पोल अब भी बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं।

    नागरिकों का कहना है कि अगर सुरक्षा नियम इतने महत्वपूर्ण हैं, तो शहर में बार-बार होने वाली बिजली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए जमीनी स्तर पर क्या कदम उठाए गए हैं, यह भी स्पष्ट होना चाहिए।

    अधिकारियों ने दिया सामूहिक जिम्मेदारी का संदेश

    विद्युत निरीक्षक ने कहा कि अधिकांश बिजली दुर्घटनाएं जागरूकता, अनुशासन और सुरक्षा नियमों के पालन से रोकी जा सकती हैं। उन्होंने कहा कि सुरक्षित कार्यस्थल बनाए रखना हर कर्मचारी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

    कार्यक्रम में टोरेंट पावर के जनरल मैनेजर राणे और कुलकर्णी ने अधिकारियों का आभार व्यक्त किया और कंपनी में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने का भरोसा दिया।

    कार्यक्रम का समापन सेफ्टी गैलरी के दौरे और कर्मचारियों के साथ संवाद के साथ हुआ, जिसमें बिजली सुरक्षा के प्रति लगातार जागरूक रहने का संदेश दिया गया।

  • Mahavitaran: पाटण में मिट्टी उत्खनन का बड़ा खेल! हवा में लटके सैकड़ों बिजली खंभे, बड़े हादसे का खतरा

    Mahavitaran: पाटण में मिट्टी उत्खनन का बड़ा खेल! हवा में लटके सैकड़ों बिजली खंभे, बड़े हादसे का खतरा

    असुरक्षित बिजली खंभों से बड़ा हादसा होने की आशंका, क्या महावितरण(Mahavitaran) को खबर भी है?

    सातारा: महाराष्ट्र के सातारा जिले के पाटण तालुका में नदी किनारे चल रहे बड़े पैमाने पर मिट्टी उत्खनन ने एक गंभीर खतरा खड़ा कर दिया है। उत्खनन के कारण खेती और घरों को बिजली देने वाले सैकड़ों बिजली के खंभे बेहद खतरनाक स्थिति में पहुंच गए हैं। कई जगह खंभों के चारों ओर की मिट्टी पूरी तरह हटा दी गई है, जिससे वे जमीन में मजबूती से टिके रहने के बजाय हवा में खड़े दिखाई दे रहे हैं।

    स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर बरसात में बाढ़ या तेज बारिश हुई तो ये खंभे कभी भी गिर सकते हैं। ऐसे में न केवल बिजली आपूर्ति ठप हो सकती है, बल्कि करंट फैलने से लोगों और पशुओं की जान पर भी खतरा मंडरा सकता है।

    नदी किनारे बड़े पैमाने पर उत्खनन

    जानकारी के मुताबिक पाटण तालुका के नदी किनारे कई इलाकों में भारी मात्रा में मिट्टी निकाली जा रही है। उत्खनन के दौरान कई जगह शेतीपंप और घरों को बिजली देने वाले खंभों के आसपास की मिट्टी पूरी तरह हटा दी गई है।

    परिणाम यह हुआ कि कई बिजली के खंभे अब हवा में खड़े दिखाई दे रहे हैं और किसी भी समय गिर सकते हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार ऐसे सैकड़ों खंभे क्षतिग्रस्त स्थिति में हैं।

    सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या महावितरण को इस बारे में जानकारी है? और अगर है तो अब तक क्या कार्रवाई की गई है, इस पर कोई स्पष्टता नहीं है।

    प्रशासन की भूमिका पर उठ रहे सवाल

    मिट्टी उत्खनन के लिए आमतौर पर राजस्व विभाग, वन विभाग, सिंचन विभाग और सार्वजनिक निर्माण विभाग सहित कई विभागों से अनुमति और ‘नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट’ लेना जरूरी होता है।

    लेकिन इस मामले में यह सवाल उठ रहा है कि क्या महावितरण से अनुमति ली गई थी या उन्हें इसकी जानकारी दी गई थी? अगर नहीं, तो यह प्रशासन की बड़ी लापरवाही मानी जा रही है।

    बाढ़ के समय बढ़ सकता है खतरा

    इस इलाके के कई बिजली खंभे कोयना नदी की बाढ़ रेखा के नीचे आते हैं। ऐसे में बारिश के मौसम में अगर नदी में बाढ़ आती है या तेज बारिश होती है, तो इन खंभों के गिरने का खतरा और ज्यादा बढ़ जाएगा।

    अगर खंभे गिरते हैं तो बिजली की तारें टूटकर जमीन या पानी में गिर सकती हैं, जिससे आसपास के लोगों, किसानों और पशुओं के लिए गंभीर खतरा पैदा हो सकता है। खासकर अगर करंट पानी में फैल गया तो बड़ी जनहानि से इंकार नहीं किया जा सकता।

    शॉर्ट सर्किट और आग का भी खतरा

    विशेषज्ञों के मुताबिक अगर खंभे कमजोर हो जाएं तो तेज हवा या तूफान में गिर सकते हैं। इससे बिजली की तारें आपस में टकराकर शॉर्ट सर्किट और आग लगने जैसी घटनाएं भी हो सकती हैं।

    ऐसी स्थिति में पूरे इलाके की बिजली आपूर्ति ठप हो सकती है, जिससे किसानों, गांव वालों और स्थानीय व्यवसायों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।

    खंभों को फिर से लगाने का खर्च कौन उठाएगा?

    अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि इन खतरनाक हो चुके खंभों को दोबारा सुरक्षित तरीके से लगाने की जिम्मेदारी किसकी होगी। आम तौर पर एक बिजली खंभे को लगाने में 25 से 30 हजार रुपये तक खर्च आता है।

    ऐसे में अगर सैकड़ों खंभों को दोबारा लगाना पड़ा तो इसके लिए काफी बड़ा बजट लगेगा। यह खर्च महावितरण उठाएगा या उत्खनन करने वालों से वसूला जाएगा, इस पर अभी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं है।

    पर्यटन और नदी के प्रवाह पर भी असर

    कोयना नदी के किनारे कृषि पर्यटन और जल पर्यटन विकसित करने की योजनाएं भी चल रही हैं। कई लोगों ने नदी किनारे पर्यटन प्रोजेक्ट, होटल और अन्य व्यवसाय शुरू करने की तैयारी की है।

    लेकिन नदी से बड़े पैमाने पर मिट्टी निकालने से नदी का प्रवाह बदल सकता है, जिससे नावों और जल पर्यटन गतिविधियों के लिए भी खतरा पैदा हो सकता है।

    इस पूरे मामले को लेकर स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि तुरंत जांच कर उत्खनन पर नियंत्रण लगाया जाए और बिजली के खंभों को सुरक्षित किया जाए, ताकि किसी बड़े हादसे को रोका जा सके।


    भारतीय विद्युत अधिनियम 2003 क्या कहता है?

    भारतीय विद्युत अधिनियम 2003 के अनुसार यदि किसी व्यक्ति की गतिविधि से बिजली के खंभे, तार या अन्य विद्युत उपकरणों को नुकसान पहुंचता है, तो बिजली वितरण कंपनी उस व्यक्ति के खिलाफ कानूनी और आर्थिक कार्रवाई कर सकती है।

    ऐसे मामलों में क्षतिग्रस्त उपकरणों की मरम्मत या पुनर्स्थापना का पूरा खर्च संबंधित व्यक्ति से वसूला जा सकता है।

    अगर मामला गंभीर पाया जाता है तो दोषी के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया जा सकता है। इस कानून के तहत सार्वजनिक बिजली संपत्ति को नुकसान पहुंचाना दंडनीय अपराध है, जिसमें जुर्माना, नुकसान की भरपाई और कुछ मामलों में जेल की सजा का भी प्रावधान है।

  • Axis Bank Tesla Preferred financer India EV-Loan:भारत में टेस्ला खरीदना होगा आसान, एक्सिस बैंक बना ‘पसंदीदा फाइनेंसर’

    Axis Bank Tesla Preferred financer India EV-Loan:भारत में टेस्ला खरीदना होगा आसान, एक्सिस बैंक बना ‘पसंदीदा फाइनेंसर’

    नई दिल्ली। भारत में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के क्षेत्र में एक बड़ी हलचल देखने को मिली है। देश के प्रमुख निजी क्षेत्र के बैंक Axis Bank ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की है कि वह दुनिया की अग्रणी इलेक्ट्रिक कार कंपनी Tesla के लिए भारत में ‘पसंदीदा फाइनेंसर’ बन गया है।

    इस साझेदारी का सीधा मतलब है कि अब भारतीय ग्राहकों के लिए टेस्ला कार खरीदना पहले से कहीं ज्यादा आसान हो जाएगा। बैंक ग्राहकों को लचीले और लंबे समय के लोन विकल्प उपलब्ध कराएगा, जिससे प्रीमियम इलेक्ट्रिक कार खरीदने का सपना पूरा करना सरल हो सकेगा।

    ग्राहकों को मिलेंगे कई खास फायदे

    एक्सिस बैंक और टेस्ला के बीच हुआ यह करार पूरी तरह से ग्राहक-केंद्रित बताया जा रहा है। बैंक ने प्रीमियम इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने वाले ग्राहकों के लिए कई खास सुविधाएं पेश की हैं।

    सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि टेस्ला कार के लिए 10 साल तक का लंबा लोन कार्यकाल उपलब्ध कराया जाएगा। आमतौर पर कार लोन 5 से 7 साल के लिए मिलता है, लेकिन इस योजना में लंबी अवधि के कारण मासिक किस्त (EMI) काफी कम हो सकती है।

    इसके अलावा, कार बुकिंग से लेकर लोन मंजूरी तक की पूरी प्रक्रिया 100 प्रतिशत डिजिटल होगी। यानी ग्राहकों को बैंक शाखा के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और सभी औपचारिकताएं ऑनलाइन पूरी की जा सकेंगी।

    बैंक ग्राहकों की आय और नकदी प्रवाह को ध्यान में रखते हुए कस्टमाइज्ड पेमेंट प्लान भी तैयार करेगा। इससे हर ग्राहक को अपनी वित्तीय स्थिति के अनुसार पुनर्भुगतान की सुविधा मिल सकेगी।

    तुरंत लोन मंजूरी का दावा

    बैंक का कहना है कि पात्र ग्राहकों को ऑनबोर्डिंग के दौरान इंस्टेंट लोन अप्रूवल भी मिल सकता है। इससे वाहन खरीदने की प्रक्रिया काफी तेज और आसान हो जाएगी।

    इस साझेदारी पर टिप्पणी करते हुए एक्सिस बैंक के कार्यकारी निदेशक Munish Sharda ने कहा कि भारत में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी तेजी से बढ़ रही है और टेस्ला के साथ यह साझेदारी वैश्विक स्तर की इलेक्ट्रिक कारों को भारतीय ग्राहकों के लिए ज्यादा सुलभ बनाएगी।

    उन्होंने कहा कि बैंक भविष्य को ध्यान में रखते हुए आधुनिक और जिम्मेदार बैंकिंग समाधानों पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।

    देशभर में मिलेगा लाभ

    यह पहल केवल महानगरों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि देश के उभरते हुए इलेक्ट्रिक मोबिलिटी हब में भी लागू की जाएगी। इस साझेदारी का उद्देश्य वाहन खरीदने की शुरुआती वित्तीय बाधाओं को कम करना और प्रीमियम इलेक्ट्रिक वाहनों के अनुभव को अधिक से अधिक ग्राहकों तक पहुंचाना है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि टेस्ला और एक्सिस बैंक की यह साझेदारी भारत में इलेक्ट्रिक वाहन बाजार को नई गति दे सकती है और प्रीमियम ईवी सेगमेंट में प्रतिस्पर्धा को भी बढ़ा सकती है।