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  • Relief for Konkan-bound travelers: गणेशोत्सव पर कोंकण यात्रियों को राहत; ठाणे स्टेशन पर दो अतिरिक्त रिजर्वेशन विंडो खुलेंगी!

    Relief for Konkan-bound travelers: गणेशोत्सव पर कोंकण यात्रियों को राहत; ठाणे स्टेशन पर दो अतिरिक्त रिजर्वेशन विंडो खुलेंगी!

    Relief for Konkan-bound travelers: गणेशोत्सव के दौरान कोंकण जाने वाले यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए ठाणे रेलवे स्टेशन के रिजर्वेशन सेंटर पर दो अतिरिक्त टिकट विंडो खोली जाएंगी। इस पहल से गणेश भक्तों को लंबी कतारों में लगने से राहत मिलेगी और उनका समय व श्रम दोनों बचेंगे।

    यह सुविधा सांसद नरेश म्हस्के के प्रयासों से संभव हो पाई है। कोंकण रेलवे पैसेंजर्स एसोसिएशन ने इस पहल के लिए सांसद का आभार व्यक्त किया है और इसे यात्रियों के लिए बड़ी राहत बताया है।

    दरअसल, ठाणे, मुंबई और आसपास के क्षेत्रों में बड़ी संख्या में कोंकण क्षेत्र के लोग रोजगार और व्यवसाय के लिए बसे हुए हैं। गणेशोत्सव उनके लिए सबसे महत्वपूर्ण त्योहारों में से एक है और इस अवसर पर अधिकांश लोग अपने गांव जाने के लिए कोंकण रेलवे का उपयोग करते हैं।

    पिछले वर्ष भी पहली बार ठाणे स्टेशन पर दो अतिरिक्त विंडो खोली गई थीं, जिससे यात्रियों को काफी सुविधा मिली थी। इसी अनुभव को देखते हुए इस वर्ष भी सांसद नरेश म्हस्के ने 29 मई 2026 को सेंट्रल रेलवे को पत्र लिखकर विंडो बढ़ाने की मांग की थी। इस पर त्वरित कार्रवाई करते हुए 10 जून 2026 को सेंट्रल रेलवे के अपर मंडल रेल प्रबंधक तरुण कुमार ने पत्र जारी कर दो अतिरिक्त विंडो खोलने की मंजूरी दी।

    नई विंडो 11 जुलाई 2026 से शुरू की जाएंगी। वर्तमान में पांच रिजर्वेशन विंडो दो सत्रों में संचालित हो रही हैं, जबकि दो अतिरिक्त विंडो एक सत्र में चलाई जाएंगी। इससे कुल सात विंडो उपलब्ध होंगी, जिससे यात्रियों का इंतजार समय काफी कम हो जाएगा।

    इसके साथ ही, सांसद की मांग पर रिजर्वेशन केंद्र में सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए हैं और सुरक्षा के लिए रेलवे सुरक्षा बल (RPF) तथा जीआरपी के जवानों की तैनाती की जाएगी। पैसेंजर एसोसिएशन ने उम्मीद जताई है कि इस तरह के प्रयासों से भविष्य में भी यात्रियों की समस्याओं का समाधान होता रहेगा।

  • BEST Employees’ Strike: बेस्ट कर्मचारियों की हड़ताल के लिए भाजपा महायुति सरकार जिम्मेदार: वर्षा गायकवाड

    BEST Employees’ Strike: बेस्ट कर्मचारियों की हड़ताल के लिए भाजपा महायुति सरकार जिम्मेदार: वर्षा गायकवाड

    BEST Employees’ Strike: मुंबई की जीवनरेखा मानी जाने वाली बेस्ट सेवा के ठप होने पर मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष एवं सांसद वर्षा गायकवाड ने भाजपा महायुति सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि सरकार की निष्क्रियता और गलत नीतियों के कारण बेस्ट कर्मचारियों की हड़ताल हुई, जिससे लाखों मुंबईकरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

    वर्षा गायकवाड ने कहा कि जब लाखों लोग रोजाना काम पर जाने के लिए घरों से निकलते हैं, ऐसे समय में बेस्ट सेवा ठप होना बेहद गंभीर स्थिति है। लोगों को घंटों सड़कों पर इंतजार करना पड़ा, लेकिन सरकार समय रहते कोई कदम नहीं उठा सकी।

    उन्होंने आरोप लगाया कि वर्षों से बेस्ट कर्मचारियों की मांगों को लंबित रखा गया, ठेका प्रथा और निजीकरण को बढ़ावा दिया गया और कर्मचारियों की चेतावनियों को नजरअंदाज किया गया। जब स्थिति बिगड़ गई, तब सरकार ने मेस्मा जैसे कानून का सहारा लेने की कोशिश की।

    सांसद गायकवाड ने सवाल उठाया कि जब प्रशासन को पहले से हड़ताल की आशंका थी, तो समय रहते बातचीत कर समाधान क्यों नहीं निकाला गया? क्या सरकार मुंबईकरों को परेशान होने का इंतजार कर रही थी?

    उन्होंने सरकार से मांग की कि वह तुरंत हस्तक्षेप कर कर्मचारी संगठनों के साथ सकारात्मक बातचीत करे और लंबित मांगों पर त्वरित निर्णय लेकर बेस्ट सेवा को जल्द से जल्द बहाल करे।

    इसके साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि सरकार को मुंबईकरों की सहनशीलता की परीक्षा नहीं लेनी चाहिए और सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को बचाने को प्राथमिकता देनी चाहिए, न कि निजीकरण के एजेंडे को आगे बढ़ाना चाहिए।

  • Dharavi Redevelopment: धारावी पुनर्विकास को लेकर लोगों में असमंजस, सरकार से स्पष्ट नीति और लिखित गारंटी की मांग!

    Dharavi Redevelopment: धारावी पुनर्विकास को लेकर लोगों में असमंजस, सरकार से स्पष्ट नीति और लिखित गारंटी की मांग!

    Dharavi Redevelopment: धारावी पुनर्विकास परियोजना को लेकर स्थानीय निवासियों में बढ़ते असमंजस और असुरक्षा की भावना के बीच मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष एवं सांसद वर्षा गायकवाड ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को पत्र लिखकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।

    उन्होंने अपने पत्र में कहा है कि धारावी पुनर्विकास परियोजना केवल इमारतों के निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह यहां के नागरिकों के सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक जीवन से जुड़ा हुआ विषय है। इसलिए इस परियोजना के केंद्र में स्थानीय निवासियों, उनके रोजगार, उद्योग और सामाजिक व्यवस्था को रखा जाना अत्यंत आवश्यक है। इसी संदर्भ में उन्होंने संबंधित अधिकारियों के साथ एक विशेष बैठक आयोजित करने की मांग की है।

    गायकवाड ने यह भी बताया कि परियोजना में बेस्ट डिपो, टाटा पावर, निसर्ग उद्यान और अन्य सरकारी जमीनों को शामिल किया गया है, साथ ही रेलवे भूमि पर रहने वाले कई लोगों का विस्थापन भी किया गया है। हालांकि, इन सभी पात्र निवासियों को धारावी में ही पुनर्वासित किया जाएगा या नहीं, इस बारे में सरकार की ओर से कोई स्पष्ट और लिखित आश्वासन नहीं दिया गया है, जिससे लोगों में असुरक्षा का माहौल बना हुआ है।

    उन्होंने मांग की कि सभी पात्र निवासियों को धारावी में ही पुनर्वास देने की स्पष्ट नीति घोषित की जाए और इसके लिए लिखित गारंटी दी जाए। साथ ही कोळीवाड़ा, कुंभारवाड़ा, स्थानीय बाजार, लघु उद्योग, धार्मिक स्थल, स्कूल, कॉलेज और स्वास्थ्य सुविधाओं के संरक्षण और पुनर्विकास के लिए भी स्पष्ट प्रावधान किए जाएं।

    गायकवाड ने विशेष रूप से कुंभारवाड़ा के पारंपरिक मिट्टी के बर्तन उद्योग और कोळी समुदाय के अधिकारों के संरक्षण पर जोर देते हुए कहा कि इन क्षेत्रों का पुनर्विकास इस तरह किया जाए कि उनकी आजीविका प्रभावित न हो। उन्होंने कोळीवाड़ा की सीमाओं के निर्धारण और कानूनी मान्यता की भी मांग की।

    शाहू नगर क्षेत्र में बीएमसी की 47 इमारतों में रहने वाले परिवारों को हाल ही में 7 दिनों के भीतर मकान खाली करने के नोटिस दिए जाने पर भी उन्होंने चिंता जताई। उन्होंने कहा कि बिना वैकल्पिक पुनर्वास की स्पष्ट व्यवस्था किए इस तरह की कार्रवाई से हजारों लोगों में भय और अस्थिरता का माहौल बन गया है। उन्होंने मांग की कि पहले सभी प्रभावित परिवारों के लिए वैकल्पिक आवास सुनिश्चित किया जाए, उसके बाद ही किसी प्रकार की बेदखली की कार्रवाई की जाए।

    उन्होंने यह भी कहा कि मीडिया रिपोर्ट्स में धारावी के विकास को सिंगापुर और हांगकांग मॉडल पर आधारित बताया जा रहा है, लेकिन पुनर्वास, रोजगार और स्थानीय उद्योगों के भविष्य को लेकर अभी तक स्पष्टता का अभाव है। अंत में, गायकवाड ने सरकार से अपील की कि धारावी पुनर्विकास के दौरान स्थानीय निवासियों के हितों, उनकी आजीविका और सांस्कृतिक पहचान को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए और इस विषय पर त्वरित निर्णय लेने के लिए एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की जाए।

  • BJP Group Leader’s Office Inauguration: गटनेता कार्यालय का उद्घाटन, गणेश नाईक बोले—भिवंडी विकास पर विशेष ध्यान

    BJP Group Leader’s Office Inauguration: गटनेता कार्यालय का उद्घाटन, गणेश नाईक बोले—भिवंडी विकास पर विशेष ध्यान

    BJP Group Leader’s Office Inauguration: भिवंडी महानगरपालिका में भाजपा गटनेता संतोष शेट्टी के नए कार्यालय का उद्घाटन महाराष्ट्र के वन मंत्री गणेश नाईक के कर-कमलों द्वारा किया गया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि भले ही वे पालघर जिले के पालकमंत्री हैं, लेकिन ठाणे जिले के संपर्क मंत्री होने के नाते भिवंडी शहर के विकास पर विशेष ध्यान देंगे और नागरिक समस्याओं के समाधान के लिए प्रयास करेंगे।

    कार्यक्रम में पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री कपिल पाटिल, विधायक माधवी नाईक, विधायक महेश चौघुले, महापौर नारायण चौधरी तथा भाजपा शहराध्यक्ष रवि सावंत प्रमुख अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। अपने संबोधन में गणेश नाईक ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में विकास कार्य तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।

    उन्होंने कहा कि शहर के स्कूलों में शिक्षकों की कमी, नागरिक सुविधाओं और अन्य समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री के साथ बैठक कर भिवंडी को न्याय दिलाने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने विश्वास जताया कि भाजपा गटनेता का यह कार्यालय नागरिकों की समस्याओं के समाधान का केंद्र बनेगा।

    पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री कपिल पाटिल ने कहा कि भिवंडी में कंक्रीट सड़कों का जाल, मेट्रो परियोजना और 200 बेड के अस्पताल सहित अनेक विकास कार्य महायुति सरकार के प्रयासों से संभव हुए हैं। उन्होंने दावा किया कि इन परियोजनाओं के लिए करोड़ों रुपये की मंजूरी भाजपा सरकार के कार्यकाल में मिली।

    विधायक माधवी नाईक ने कहा कि संतोष शेट्टी भिवंडी में एक भरोसेमंद जनप्रतिनिधि के रूप में अपनी पहचान बना चुके हैं और उनके नए कार्यालय से नागरिकों को बेहतर सेवाएं मिलेंगी। कार्यक्रम की प्रस्तावना में संतोष शेट्टी ने कहा कि तीन दशक तक नगरसेवक रहने के बाद भाजपा में शामिल होकर उन्हें जनहित के कार्यों को नई दिशा देने का अवसर मिला।

    उन्होंने गणेश नाईक से भिवंडी के विकास कार्यों को गति देने और नगर निगम के शिक्षकों को सातवें वेतन आयोग के तहत बकाया राशि दिलाने के लिए मंत्रालय स्तर पर बैठक आयोजित कराने का अनुरोध किया। इस अवसर पर प्रभाग समिति सभापति रजिता मोहन कोंडा, एडवोकेट वैभव भोईर, प्रकाश टावरे, सुमित पाटिल, राजेश शेट्टी, परेश चौघुले, गीता विठोबा नाईक, रोमा निलेश आलशी सहित भाजपा के अनेक पदाधिकारी, कार्यकर्ता और नागरिक उपस्थित रहे।

  • FDA Raids Cosmetic Factory: भिवंडी में नकली कॉस्मेटिक फैक्ट्री पर एफडीए का छापा, 1.23 करोड़ रुपये का माल जब्तQ!

    FDA Raids Cosmetic Factory: भिवंडी में नकली कॉस्मेटिक फैक्ट्री पर एफडीए का छापा, 1.23 करोड़ रुपये का माल जब्तQ!

    FDA Raids Cosmetic Factory: खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने भिवंडी तालुका के दापोडे स्थित एक कथित अवैध कॉस्मेटिक निर्माण इकाई पर बड़ी कार्रवाई करते हुए 1 करोड़ 23 लाख 13 हजार 393 रुपये मूल्य के सौंदर्य प्रसाधन, मशीनरी और कच्चा माल जब्त किया है। कार्रवाई के बाद संबंधित जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ नारपोली पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया है।

    एफडीए के आयुक्त तुकाराम मुंढे की नियुक्ति के बाद मिलावट और अवैध निर्माण के खिलाफ अभियान तेज किया गया है। इसी क्रम में दापोडे के हरिहर कॉम्प्लेक्स स्थित सिग्मा लाइफस्टाइल प्रा. लि. नामक इकाई में बिना वैध लाइसेंस के सौंदर्य प्रसाधनों के निर्माण की गुप्त सूचना मिलने पर खाद्य निरीक्षकों की टीम ने छापेमारी की।

    जांच में सामने आया कि कंपनी बिना उत्पादन लाइसेंस के बड़े पैमाने पर कॉस्मेटिक उत्पाद तैयार कर रही थी। जब्त सामग्री में बच्चों के उपयोग में आने वाले साबुन और शैम्पू भी शामिल हैं। जांच के दौरान यह भी पाया गया कि उत्पादों पर ग्राहकों को गुमराह करने के लिए झूठी जानकारी और मुंबई के अंधेरी का कथित फर्जी पता छापा गया था। इसके अलावा, कारखाने में गुणवत्ता नियंत्रण प्रयोगशाला और उत्पाद परीक्षण से संबंधित कोई रिकॉर्ड भी नहीं मिला।

    एफडीए ने कार्रवाई के दौरान क्रीम फिलिंग मशीन, श्रिंक रैपिंग मशीन, लेबलिंग मशीन, ऑटोमैटिक पाउडर फिलिंग मशीन, एयर कंप्रेसर, इलेक्ट्रॉनिक वजन कांटे, जनरेटर तथा बड़ी मात्रा में कच्चा और तैयार माल जब्त किया। एफडीए ने मामले में आगे की जांच शुरू कर दी है और यह पता लगाया जा रहा है कि इन उत्पादों की आपूर्ति किन-किन बाजारों और ऑनलाइन प्लेटफॉर्मों के माध्यम से की जा रही थी।

  • Shivpanand Route Reopened: भिवंडी में वर्षों बाद खुला परशुराम पाड़ा-राउत पाड़ा शिवपाणंद मार्ग, किसानों में खुशी की लहर

    Shivpanand Route Reopened: भिवंडी में वर्षों बाद खुला परशुराम पाड़ा-राउत पाड़ा शिवपाणंद मार्ग, किसानों में खुशी की लहर

    Shivpanand Route Reopened: वर्षों से अतिक्रमण के कारण बंद पड़े परशुराम पाड़ा से राउत पाड़ा को जोड़ने वाले पारंपरिक शिवपाणंद (खेतों तक पहुंचने का पारंपरिक मार्ग) को आखिरकार प्रशासन ने खुलवा दिया। तहसीलदार के आदेश के बाद राजस्व विभाग ने पुलिस सुरक्षा के बीच अतिक्रमण हटाकर रास्ते को मुक्त कराया। इससे किसानों और ग्रामीणों में खुशी का माहौल है।

    जानकारी के अनुसार, राउत पाड़ा के किसानों को अपने खेतों तक पहुंचने के लिए इसी पारंपरिक रास्ते का उपयोग करना पड़ता था। लेकिन कई वर्षों से अतिक्रमण और कुछ जमीन मालिकों के विरोध के कारण यह मार्ग बंद पड़ा था। ग्रामीणों ने कई बार रास्ता खाली कराने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिलने पर ग्राम पंचायत के माध्यम से भिवंडी तहसीलदार के समक्ष औपचारिक दावा प्रस्तुत किया।

    सुनवाई के बाद तहसीलदार ने ग्राम पंचायत और ग्रामीणों के पक्ष में फैसला सुनाया। इसके बाद राजस्व प्रशासन ने पुलिस की मौजूदगी में अतिक्रमण हटाकर शिवपाणंद मार्ग को फिर से चालू करा दिया। रास्ता खुलने से अब किसान, मजदूर, पशुओं के साथ बैलगाड़ी और ट्रैक्टर भी सीधे खेतों तक पहुंच सकेंगे। फैसले के बाद ग्रामीणों ने खुशी जताते हुए प्रशासन और तहसीलदार का आभार व्यक्त किया।

    इस दौरान मंडल अधिकारी भुरकुट, तलाठी अविनाश चव्हाण, सुभाष पाटिल, पंकज तात्या, अनंत भोईर, दाभाड के पुलिस पाटिल दीपक धुले, किरवली के पुलिस पाटिल कुणाल पाटिल, सरपंच अश्विनी वाघे, नंदा वाघे तथा शिवपाणंद आंदोलन के ठाणे जिला समन्वयक शिवाजी राउत सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

    इस अभियान को शिवपाणंद रास्ता आंदोलन के महाराष्ट्र अध्यक्ष शरद पावले का मार्गदर्शन भी प्राप्त हुआ। ग्रामीणों का कहना है कि इस निर्णय से भिवंडी तालुका के अन्य बंद पड़े शिवपाणंद मार्गों को भी खुलवाने की उम्मीद बढ़ी है। उनका मानना है कि किसानों की एकजुटता और कानूनी संघर्ष से न्याय मिलना संभव है।

  • Demand for VJTI Audit: 55 करोड़ की सड़कों की गुणवत्ता पर उठे सवाल, वीजेटीआई से ऑडिट कराने की मांग!

    Demand for VJTI Audit: 55 करोड़ की सड़कों की गुणवत्ता पर उठे सवाल, वीजेटीआई से ऑडिट कराने की मांग!

    Demand for VJTI Audit: ठाणे शहर में 55 करोड़ रुपये की लागत से बनाए जा रहे कंक्रीट सड़क निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए विधायक संजय केलकर ने वीजेटीआई से तकनीकी ऑडिट कराने की मांग की है। निरीक्षण के दौरान उन्होंने जेसीबी की मदद से सड़क की गुणवत्ता की जांच कराई, जिसमें कथित रूप से कई खामियां सामने आने का दावा किया गया।

    बताया गया कि ठाणे महानगरपालिका ने केंद्र सरकार से 600 करोड़ रुपये का ब्याज मुक्त ऋण लेकर विभिन्न विकास कार्य शुरू किए हैं। इसी निधि से बालकुम, ढोकाली, दोस्ती व अन्य क्षेत्रों में लगभग 55 करोड़ रुपये की लागत से चार कंक्रीट सड़कों का निर्माण किया जा रहा है। विधायक केलकर ने बालकुम-कोलशेत रोड, दोस्ती वेस्ट काउंटी से लोढ़ा अमारा तक, ददलानी रोड, रुनवाल गार्डन सिटी रोड तथा अन्य परियोजनाओं का निरीक्षण किया।

    निरीक्षण के दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि कई स्थानों पर फुटपाथ और नालियों का निर्माण कार्य वर्क ऑर्डर के अनुरूप नहीं किया गया है। उनका कहना था कि यदि निर्माण की गुणवत्ता में सुधार नहीं किया गया तो करोड़ों रुपये की सार्वजनिक धनराशि व्यर्थ हो सकती है। विधायक केलकर ने मांग की कि पूरे सड़क निर्माण कार्य का स्वतंत्र तकनीकी ऑडिट वीरमाता जीजाबाई टेक्नोलॉजिकल इंस्टीट्यूट (VJTI) से कराया जाए।

    उन्होंने दोस्ती काउंटी में प्रस्तावित साइकिल ट्रैक और जॉगिंग ट्रैक के वास्तविक क्रियान्वयन पर भी सवाल उठाए तथा अधिकारियों को चेतावनी दी कि ऋण से निर्मित सड़कों की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। निरीक्षण के दौरान सार्वजनिक निर्माण विभाग के कार्यकारी अभियंता संजय कदम, उप कार्यकारी अभियंता कुसुरकर, अभियंता मोरे तथा भाजपा के कई पदाधिकारी और स्थानीय कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

  • Explosives Seized in Bhiwandi: 306 जिलेटिन छड़ें व 110 डेटोनेटर जब्त, 5 गिरफ्तार

    Explosives Seized in Bhiwandi: 306 जिलेटिन छड़ें व 110 डेटोनेटर जब्त, 5 गिरफ्तार

    Explosives Seized in Bhiwandi: ठाणे ग्रामीण पुलिस की स्थानीय अपराध शाखा ने भिवंडी तालुका के जानवल गांव में बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से जमा किए गए विस्फोटकों का जखीरा बरामद किया है। पुलिस ने एक पत्थर की खदान से 306 जिलेटिन की छड़ें, 110 डेटोनेटर, विस्फोटकों की खरीद-बिक्री का रिकॉर्ड रखने वाला रजिस्टर तथा अन्य सामग्री जब्त की है।

    पुलिस के अनुसार, बिना वैध लाइसेंस के मानव जीवन को खतरे में डालने वाले तरीके से विस्फोटक सामग्री रखने के मामले में ठाणे ग्रामीण पुलिस की स्थानीय अपराध शाखा की शिकायत पर पडघा पुलिस स्टेशन में सात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।

    आरोपियों में अक्षय रोड्डेवार, वीरेंद्रकुमार सिंह, वसंत लोणे, नितिन पाटिल, शत्रुघ्न चव्हाण, दिनेश पाटिल और मनीष पाटिल के नाम शामिल हैं। पुलिस ने बताया कि पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि दो आरोपी फरार हैं। बरामद विस्फोटकों का इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जाना था और इस मामले में अन्य लोगों की संलिप्तता है या नहीं, इसकी जांच जारी है।

  • Ghodbunder Road Rename: घोड़बंदर रोड का नाम चिमाजी अप्पा के नाम पर रखा जाना चाहिए; लेकिन दूसरे मराठा योद्धाओं को भी सम्मान मिलना चाहिए!

    Ghodbunder Road Rename: घोड़बंदर रोड का नाम चिमाजी अप्पा के नाम पर रखा जाना चाहिए; लेकिन दूसरे मराठा योद्धाओं को भी सम्मान मिलना चाहिए!

    Ghodbunder Road Rename: वसई की ऐतिहासिक लड़ाई में पुर्तगालियों को हराने वाले और मराठा साम्राज्य का भगवा झंडा फहराने वाले महान योद्धा चिमाजी अप्पा की बहादुरी का सम्मान करने के लिए, ठाणे में घोड़बंदर रोड का नाम उनके नाम पर रखा जाना चाहिए और वसई विजय अभियान में योगदान देने वाले सभी मराठा योद्धाओं की याद में एक बड़ा “वसई विजय स्मारक” बनाया जाना चाहिए, यह मांग धनगर प्रतिष्ठान, ठाणे जिले की ओर से की गई है। इस बारे में मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और ठाणे नगर निगम के मेयर को एक ज्ञापन दिया गया है।

    ज्ञापन में कहा गया है कि 1739 AD में वसई विजय अभियान ने मराठा साम्राज्य के इतिहास में एक महत्वपूर्ण युग बनाया। हालांकि इस अभियान का नेतृत्व चिमाजी अप्पा ने किया था, लेकिन मल्हारराव होलकर, रानोजी शिंदे, मानाजी आंग्रे समेत कई मराठा सरदारों और बहादुर सैनिकों का योगदान कीमती था।

    इसलिए, घोड़बंदर रोड का नाम चिमाजी अप्पा के नाम पर रखने के साथ-साथ, धनगर प्रतिष्ठान ने मांग की है कि सड़क के शुरू और आखिर की खास जगहों पर एक “वसई विजय स्मारक” बनाया जाए और उस पर अभियान में हिस्सा लेने वाले सभी खास मराठा योद्धाओं के नाम, उनके योगदान और वसई विजय के इतिहास का ज़िक्र किया जाए।

    धनगर प्रतिष्ठान के मुताबिक, ऐसा स्मारक नागरिकों और युवा पीढ़ी को मराठों की वीरता की कहानी से अवगत कराएगा, इतिहास पर गर्व पैदा करेगा और वसई विजय अभियान के सभी नायकों को उचित सम्मान देगा। इसलिए, बयान के ज़रिए अनुरोध किया गया है कि इस मांग पर पॉज़िटिव तरीके से विचार किया जाए और ज़रूरी कार्रवाई की जाए।

  • Thane Park Transformer Controversy: ‘इंजीनियर डिप्टी कमिश्नर से बड़े हो गए हैं!’ पार्कों में ट्रांसफॉर्मर लगाने के खिलाफ विक्रांत चव्हाण का आंदोलन!

    Thane Park Transformer Controversy: ‘इंजीनियर डिप्टी कमिश्नर से बड़े हो गए हैं!’ पार्कों में ट्रांसफॉर्मर लगाने के खिलाफ विक्रांत चव्हाण का आंदोलन!

    Thane Park Transformer Controversy: वर्तकनगर के पार्क में ट्रांसफ़ॉर्मर लगाने से मना करने वाले डिप्टी कमिश्नर के आदेश को इंजीनियरों ने केले की टोकरी दिखाकर MSEB को अनुमति दे दी है, क्योंकि पार्क में बच्चे खेल रहे हैं, जबकि बुज़ुर्ग नागरिक टहल रहे हैं। इससे यहां के निवासी नाराज़ हैं और कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और स्थानीय पूर्व नगरसेवक विक्रांत चव्हाण ने 23 जून को महानगरपालिका मुख्यालय में ‘काम रोकने’ या फिर भूख हड़ताल करने की चेतावनी दी है।

    वर्तकनगर वार्ड समिति के अंतर्गत भीमनगर में बिल्डिंग नंबर 54 के पीछे ठाणे मनपा द्वारा संचालित और मेंटेन किया जाने वाला म्हाडा पार्क है। MSEB के इस पार्क में ट्रांसफ़ॉर्मर लगाने की रिक्वेस्ट के बाद, म्हाडा ने ठाणे मनपा से ‘नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट’ लेने के लिए बातचीत शुरू कर दी थी। डिप्टी कमिश्नर ने साफ़ कर दिया था कि नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट जारी न किया जाए, क्योंकि पार्क में मंदिर और एंट्रेंस के लिए जगह की कमी है और ट्रांसफ़ॉर्मर से स्पार्क या शॉर्ट सर्किट जैसा कोई हादसा होने पर बच्चों की जान को खतरा है, ऐसा विक्रांत चव्हाण ने बताया है।

    डिप्टी कमिश्नर के ऑर्डर को ताक पर रखते हुए, कंस्ट्रक्शन डिपार्टमेंट के किरण भोये, संदीप गायकवाड़, रणधीर राणे, सुधीर गायकवाड़ और अर्बन डेवलपमेंट डिपार्टमेंट के रविशंकर शिंदे ने भी पार्क को म्हाडा को ट्रांसफर करने और नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट जारी करने के बारे में बातचीत की है। विक्रांत चव्हाण ने छोटे बच्चों की जान से खेलने वाले इन अधिकारियों की निंदा की है और मनपा कमिश्नर सौरभ राव को लिखे लेटर में चेतावनी दी है कि वह इन अधिकारियों को सस्पेंड करने और ट्रांसफ़ॉर्मर लगाने की मांग को लेकर 23 जून से मनपा मुख्यालय में आमरण अनशन करेंगे।