Category: Maharashtra

  • Goteghar Warehouse Fire: दिवा गोतेघर स्थित कबाड़खाने के गोदाम में लगी आग पर पांच घंटे बाद काबू पा लिया गया!

    Goteghar Warehouse Fire: दिवा गोतेघर स्थित कबाड़खाने के गोदाम में लगी आग पर पांच घंटे बाद काबू पा लिया गया!

    Goteghar Warehouse Fire: मंगलवार को दिवा क्षेत्र के गोतेघर में एक खुले मैदान में स्थित टायर स्क्रैप गोदाम में भीषण आग लग गई। यह घटना दाइघर पुलिस स्टेशन के पास और इंडियन ऑयल पेट्रोल पंप के सामने घटी, जिससे कुछ देर तक पूरे इलाके में घना धुआं छा गया। सौभाग्य से, इस घटना में कोई घायल या हताहत नहीं हुआ।

    सुबह आग लगने की सूचना मिलते ही ठाणे दमकल विभाग के जवान पनवेल, नेरुल, ऐरोली और कोपरखैरान के दमकल कर्मियों के साथ मौके पर पहुंचे। दो बड़ी दमकल गाड़ियों, एक बचाव वाहन और अन्य दमकल वाहनों की मदद से आग पर काबू पाने के लिए युद्धस्तर पर प्रयास किए गए।

    लगभग पांच घंटे के अथक प्रयासों के बाद आग पर काबू पा लिया गया। ठाणे नगर निगम के आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ ने बताया कि घटनास्थल पर शीतलन कार्य जारी है और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। आग लगने का सटीक कारण अभी तक स्पष्ट नहीं है और आगे की जांच जारी है।

  • UE LifeSciences: कैंसर की शुरुआती पहचान से बच सकती है जिंदगी : भौमिक सांघवी

    UE LifeSciences: कैंसर की शुरुआती पहचान से बच सकती है जिंदगी : भौमिक सांघवी

    UE LifeSciences: राष्ट्रीय कैंसर सर्वाइवर दिवस के अवसर पर यूई लाइफसाइंसेज ने कैंसर की शुरुआती पहचान और जागरूकता के महत्व पर जोर दिया। संस्था ने कहा कि समय पर जांच और उपचार से कैंसर मरीजों को नया जीवन मिल सकता है।

    कंपनी ने बताया कि भारत में स्तन, गर्भाशय ग्रीवा और मुंह के कैंसर के मामले लगातार बढ़ रहे हैं, ऐसे में नियमित स्वास्थ्य जांच और स्क्रीनिंग बेहद जरूरी है। इस अवसर पर कैंसर सर्वाइवर्स की प्रेरणादायक कहानियों को भी सामने रखा गया, जिन्होंने समय पर पहचान और इलाज के जरिए बीमारी को मात दी।

    यूई लाइफसाइंसेज के सह-संस्थापक एवं सीओओ भौमिक सांघवी ने कहा कि कैंसर से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका इसकी शुरुआती पहचान है। उन्होंने कहा कि जागरूकता, समय पर जांच, सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं और सामुदायिक सहयोग कैंसर से लड़ाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

    संस्था ने विशेष रूप से महिलाओं से नियमित स्वास्थ्य जांच कराने और अपने स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने की अपील की है, ताकि कैंसर जैसी गंभीर बीमारी का समय रहते पता लगाया जा सके।

  • World of Concrete India 2026: वर्ल्ड ऑफ कंक्रीट इंडिया 2026 में एस्कोलाइट ने पेश किए आधुनिक निर्माण समाधान!

    World of Concrete India 2026: वर्ल्ड ऑफ कंक्रीट इंडिया 2026 में एस्कोलाइट ने पेश किए आधुनिक निर्माण समाधान!

    World of Concrete India 2026: एडवांस्ड कंस्ट्रक्शन ब्लॉक और कंस्ट्रक्शन केमिकल्स बनाने वाली कंपनी एस्कोलाइट ने 3 से 5 जून तक आयोजित वर्ल्ड ऑफ कंक्रीट इंडिया 2026 प्रदर्शनी में भाग लेकर अपने अत्याधुनिक निर्माण समाधानों का प्रदर्शन किया।

    प्रदर्शनी में कंपनी ने वॉलिंग सॉल्यूशन्स, वॉटरप्रूफिंग सिस्टम, टाइल एवं स्टोन इंस्टॉलेशन, स्ट्रक्चरल रिपेयर और प्रोटेक्टिव कोटिंग्स से जुड़े उत्पादों को लाइव डेमो के माध्यम से प्रस्तुत किया। इस दौरान आर्किटेक्ट्स, इंजीनियर्स, बिल्डर्स और अन्य उद्योग विशेषज्ञों ने कंपनी के उत्पादों और तकनीकों की जानकारी प्राप्त की।

    कंपनी के प्रबंध निदेशक नवीन अश्वानी ने कहा कि इस मंच ने उद्योग जगत के विशेषज्ञों को नए विचारों और नवाचारों के आदान-प्रदान का अवसर प्रदान किया। उन्होंने कहा कि एस्कोलाइट का लक्ष्य उच्च गुणवत्ता, टिकाऊ और भरोसेमंद निर्माण समाधान उपलब्ध कराना है, जो भविष्य की बुनियादी ढांचा आवश्यकताओं को पूरा कर सकें।

  • Shramjeevi Sanghatana Protests: घटिया कंक्रीट सड़क के खिलाफ श्रमजीवी संगठन का प्रदर्शन, सार्वजनिक निर्माण विभाग कार्यालय पर मोर्चा

    Shramjeevi Sanghatana Protests: घटिया कंक्रीट सड़क के खिलाफ श्रमजीवी संगठन का प्रदर्शन, सार्वजनिक निर्माण विभाग कार्यालय पर मोर्चा

    Shramjeevi Sanghatana Protests: भिवंडी तालुका के गोमतारा किला से देपोली मार्ग पर जिला योजना समिति के माध्यम से लगभग दो करोड़ रुपये की लागत से निर्मित कंक्रीट सड़क की गुणवत्ता को लेकर श्रमजीवी संगठन ने तीव्र विरोध प्रदर्शन किया। संगठन के कार्यकर्ताओं ने भादवड स्थित सार्वजनिक निर्माण विभाग (लोनिवि) कार्यालय पर मोर्चा निकालकर धरना दिया और सड़क निर्माण में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच की मांग की।

    जानकारी के अनुसार, पिळंझे ग्राम पंचायत के अंतर्गत देपोली से गोमतारा किला मार्ग पर स्थित भवरपाडा, नंबरपाडा और खरमपाडा जैसे आदिवासी बस्तियों को बेहतर सड़क सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से वित्तीय वर्ष 2022-23 में जिला योजना समिति के माध्यम से दो करोड़ रुपये की निधि मंजूर की गई थी।

    श्रमजीवी संगठन का आरोप है कि ठेकेदार द्वारा सड़क निर्माण कार्य अत्यंत निम्न गुणवत्ता का किया गया है। इस संबंध में स्थानीय ग्रामीणों और संगठन की ओर से 16 मार्च को सार्वजनिक निर्माण विभाग को लिखित शिकायत भी दी गई थी, लेकिन विभागीय अधिकारियों ने न तो स्थल निरीक्षण किया और न ही तकनीकी जांच कर कोई कार्रवाई की।

    विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व श्रमजीवी संगठन के तालुका सचिव विश्वनाथ पासारी, उपाध्यक्ष चंद्रकांत रायत, महापोली गुट अध्यक्ष दयानंद पाटील सहित तानाजी लहांगे, सुरेश ठाकरे, दशरथ गवळी, किशोर पाटील, विठ्ठल पस्टे, निलेश शेलार, भीमाबाई पवार और सुनीताबाई भवर ने किया।

    प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि सड़क निर्माण शुरू करते समय नियमानुसार परियोजना की जानकारी, स्वीकृत निधि और कार्य विवरण दर्शाने वाला सूचना फलक नहीं लगाया गया। इसके अलावा सड़क निर्माण के दौरान आवश्यक रोलर कॉम्पैक्शन नहीं किया गया और सीमेंट कंक्रीट सड़क पर निर्धारित मानकों के अनुसार पानी का छिड़काव भी नहीं किया गया।

    संगठन का कहना है कि निर्माण कार्य पूरा होने से पहले ही सड़क पर कई स्थानों पर बड़ी-बड़ी दरारें दिखाई देने लगी हैं। सड़क किनारे बनाई गई नालियां भी निम्न गुणवत्ता की सामग्री के कारण टूटने और ध्वस्त होने की स्थिति में पहुंच गई हैं। कई जगहों पर सड़क की मोटाई स्वीकृत अनुमान (एस्टीमेट) से कम होने का आरोप भी लगाया गया है, जिससे सरकारी धन के दुरुपयोग की आशंका व्यक्त की गई है।

    श्रमजीवी संगठन के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि विभागीय अधिकारियों की लापरवाही और उदासीनता के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है तथा संबंधित ठेकेदार को संरक्षण दिया जा रहा है। संगठन ने मांग की है कि सड़क निर्माण कार्य की तत्काल निष्पक्ष तकनीकी जांच कराई जाए, ठेकेदार का भुगतान रोका जाए तथा निर्धारित मानकों और स्वीकृत बजट के अनुसार सड़क का पुनर्निर्माण कराया जाए। साथ ही, कार्य की निगरानी में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाए।

  • Sanitary Pad Disposal Machine: भिवंडी के आदर्श पार्क में सैनिटरी पैड डिस्पोजल मशीन का उद्घाटन

    Sanitary Pad Disposal Machine: भिवंडी के आदर्श पार्क में सैनिटरी पैड डिस्पोजल मशीन का उद्घाटन

    Sanitary Pad Disposal Machine: महिलाओं के स्वास्थ्य, मासिक धर्म स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से भिवंडी महानगरपालिका के वार्ड क्रमांक-1 स्थित आदर्श पार्क में सैनिटरी पैड डिस्पोजल मशीन का उद्घाटन नगरसेविका नेहा काठवले के हाथों किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में महिलाओं एवं स्थानीय नागरिकों ने उपस्थित रहकर इस पहल का स्वागत किया।

    नगरसेविका नेहा काठवले ने बताया कि महिलाओं के सम्मान, स्वास्थ्य और स्वच्छता को ध्यान में रखते हुए यह मशीन उनके स्वखर्च से स्थापित की गई है। उन्होंने कहा कि यह पहल महिलाओं को सैनिटरी कचरे के सुरक्षित एवं वैज्ञानिक निस्तारण की सुविधा प्रदान करेगी। उनके अनुसार भिवंडी में इस प्रकार की यह पहली जनहितकारी पहल है।

    उद्घाटन समारोह में नगरसेवक मयुरेश पाटील, सामाजिक कार्यकर्ता नवीन काठवले, मनपा स्वास्थ्य निरीक्षक उत्तम एस. जाधव तथा बड़ी संख्या में स्थानीय महिला नागरिक उपस्थित थीं। कार्यक्रम के दौरान महिलाओं को मशीन का प्रत्यक्ष प्रदर्शन कर इसकी कार्यप्रणाली समझाई गई।

    साथ ही मासिक धर्म स्वच्छता, सैनिटरी कचरे के सुरक्षित निपटान तथा पर्यावरण संरक्षण से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर भी जानकारी दी गई। नगरसेवक मयुरेश पाटील ने कहा कि महिलाओं के स्वास्थ्य और स्वच्छता से संबंधित ऐसे उपक्रमों को महानगरपालिका स्तर पर व्यापक रूप से लागू किया जाना चाहिए, ताकि अधिक से अधिक महिलाओं को इसका लाभ मिल सके।

    वहीं स्वास्थ्य निरीक्षक उत्तम एस. जाधव ने सैनिटरी कचरे के उचित निस्तारण, सार्वजनिक स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए नागरिकों से स्वच्छता संबंधी अच्छी आदतों को अपनाने का आह्वान किया। इस पहल को लेकर क्षेत्र की महिलाओं में विशेष उत्साह देखा गया।

    उपस्थित महिलाओं ने नगरसेविका नेहा काठवले का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सुविधा न केवल महिलाओं के लिए उपयोगी साबित होगी, बल्कि मासिक धर्म स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाने और पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण योगदान देगी।

  • Bhiwandi Assault: दूसरी सगाई से नाराज पूर्व पति पर हमले का आरोप, युवती समेत परिजनों से मारपीट!

    Bhiwandi Assault: दूसरी सगाई से नाराज पूर्व पति पर हमले का आरोप, युवती समेत परिजनों से मारपीट!

    Bhiwandi Assault: भिवंडी के शांतीनगर थाना क्षेत्र में एक युवती की दूसरी जगह सगाई होने से नाराज उसके पूर्व पति द्वारा कथित रूप से मारपीट और हमला किए जाने का मामला सामने आया है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    पुलिस के अनुसार, जैतूनपुरा निवासी रिक्शा चालक अरफात अर्शद अंसारी (19) ने शांतीनगर पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में बताया गया है कि उनकी बहन मुब्बाशीरा कैफ अंसारी (21) का पूर्व में सलमान अलीम अंसारी (25) के साथ विवाह हुआ था। पारिवारिक कारणों से दोनों के बीच तलाक हो गया था, जिसके बाद मुब्बाशीरा की सगाई दूसरे युवक से तय हुई थी।

    शिकायतकर्ता के अनुसार, इसी बात से नाराज सलमान अंसारी ने पहले भी कल्याण नाका क्षेत्र में मुब्बाशीरा के साथ विवाद किया था। बाद में समझौते और बातचीत के बहाने उसने मुब्बाशीरा, उसके होने वाले पति कैफ अंसारी, भाई अरफात अंसारी तथा रिक्शा मालिक साजिद को गायत्रीनगर स्थित कादरिया मस्जिद के पास बुलाया।

    आरोप है कि 6 जून 2026 की तड़के लगभग 3 बजे हुई मुलाकात के दौरान सलमान अंसारी ने मुब्बाशीरा के साथ गाली-गलौज की और थप्पड़ मारकर उसकी पिटाई की। जब परिजन और अन्य लोग बीच-बचाव के लिए आगे आए तो उनके साथ भी धक्का-मुक्की और अभद्र व्यवहार किया गया।

    शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि आरोपी ने अपने पास मौजूद किसी धारदार वस्तु से मुब्बाशीरा की पीठ पर वार किया, जिससे वह घायल हो गई। घटना में युवती को चोटें आई हैं और उसका उपचार कराया गया।

    शांतीनगर पुलिस ने आरोपी सलमान अलीम अंसारी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत गुन्हा क्रमांक 537/2026 दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार मामले की जांच जारी है और अभी तक आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।

    प्रकरण की जांच सहायक पुलिस उपनिरीक्षक योगेश गायकर कर रहे हैं। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच कर साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

  • Pokhran Road Murder Case: पोखरण रोड हत्याकांड का 24 घंटे में खुलासा, उत्तर प्रदेश भागने से पहले दो आरोपी गिरफ्तार

    Pokhran Road Murder Case: पोखरण रोड हत्याकांड का 24 घंटे में खुलासा, उत्तर प्रदेश भागने से पहले दो आरोपी गिरफ्तार

    Pokhran Road Murder Case: ठाणे के पोखरण रोड नंबर-2 स्थित हनुमान मंदिर के समीप हुए सनसनीखेज हत्याकांड का पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर पर्दाफाश कर दिया है। क्राइम ब्रांच यूनिट-5 की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हत्या के दो मुख्य आरोपियों को उत्तर प्रदेश भागने से पहले गिरफ्तार कर लिया।

    गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अजय देवकीलाल गिरि (28) और शिव संजय गोस्वामी (25) के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार दोनों आरोपी हत्या की वारदात के बाद उत्तर प्रदेश फरार होने की तैयारी में थे और गोरखपुर एक्सप्रेस से यात्रा कर रहे थे। हालांकि, पुलिस को समय रहते सूचना मिल गई और एक विशेष टीम ने उनका पीछा करते हुए कसारा रेलवे स्टेशन से दोनों को दबोच लिया।

    जानकारी के अनुसार 5 जून को पोखरण रोड नंबर-2 स्थित हनुमान मंदिर के पास दीपक जयस्वर (23) की बेरहमी से पिटाई कर हत्या कर दी गई थी। इस संबंध में वर्तकनगर पुलिस स्टेशन में हत्या का मामला दर्ज किया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए क्राइम ब्रांच यूनिट-5 ने समानांतर जांच शुरू की।

    गोपनीय सूचना और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर पुलिस को दोनों आरोपियों की संलिप्तता का पता चला। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि आरोपी पनवेल स्टेशन से गोरखपुर एक्सप्रेस के जरिए उत्तर प्रदेश जाने वाले थे। इसके बाद वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक सलिल भोसले के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई और आरोपियों की गतिविधियों पर नजर रखी गई।

    पुलिस टीम ने गुप्त रूप से ट्रेन का पीछा करते हुए कसारा रेलवे स्टेशन पर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इसके अलावा उनके साथ यात्रा कर रहे 13 अन्य व्यक्तियों को भी पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि मृतक दीपक जयस्वर तथा दोनों आरोपी निजी बसों में चालक और परिचालक के रूप में कार्यरत थे।

    किसी विवाद या आपसी रंजिश के चलते हत्या की घटना को अंजाम दिए जाने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि हत्या के सटीक कारणों का पता लगाने के लिए पुलिस जांच जारी है। मामले की आगे की जांच वर्तकनगर पुलिस स्टेशन के उपनिरीक्षक प्रवीण माने कर रहे हैं।

    यह कार्रवाई संयुक्त पुलिस आयुक्त (अपराध) डॉ. पंजाबराव उगले, पुलिस उपायुक्त पराग मानेरे तथा सहायक पुलिस आयुक्त शेखर बागड़े के मार्गदर्शन में की गई। अभियान में वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक सलिल भोसले, सहायक पुलिस निरीक्षक पल्लवी धागेपाटिल, पुलिस उपनिरीक्षक सुनील अहिरे, राजेंद्र चौधरी, तथा पुलिस कर्मी तेजस थानेकर और मिनिनाथ शिकारे ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पुलिस का कहना है कि मामले की सभी पहलुओं से जांच की जा रही है और जल्द ही हत्या के पीछे की पूरी वजह सामने लाई जाएगी।

  • Crystal House CBSE School: ठाणे मनपा ने की क्रिस्टल हाउस सीबीएसई स्कूल की शुरुआत!

    Crystal House CBSE School: ठाणे मनपा ने की क्रिस्टल हाउस सीबीएसई स्कूल की शुरुआत!

    Crystal House CBSE School: मनपा का पहला सीबीएसई बोर्ड का स्कूल खारेगांव में शुरू हो गया। मनपा कमिश्नर सौरभ राव ने स्कूल का दौरा किया और स्टूडेंट्स से बातचीत की। इस मौके पर स्टूडेंट्स के चेहरों पर एक अलग ही खुशी थी।

    इस मौके पर डिप्टी कमिश्नर ऑफ एजुकेशन डॉ. मिताली संचेती, दीपक झिंजाड़, सबअर्बन इंजीनियर विकास ढोले, विनोद पवार शुभांगी केसवानी और क्रिस्टल के अधिकारी मौजूद थे। आज इस स्कूल में 177 स्टूडेंट्स मौजूद थे।

    ठाणे मनपा के इस स्कूल को क्रिस्टल हाउस इंडिया का सहयोग मिला है। इस स्कूल के ज़रिए स्टूडेंट्स को अच्छी क्वालिटी की शिक्षा, मॉडर्न सुविधाएं और हर तरह के विकास के मौके मिलेंगे।‘ठाणे मनपा – क्रिस्टल हाउस स्कूल’ खारेगांव में सफायर हॉस्पिटल के पास है और ठाणे मनपा स्कूल के लिए ज़रूरी इंफ्रास्ट्रक्चर सुविधाएँ दे रहा है।

    इनमें एक लाइब्रेरी, साइंस लैबोरेटरी, कंप्यूटर रूम, लैंग्वेज लैबोरेटरी, स्पोर्ट्स और आर्ट डिपार्टमेंट के लिए अलग जगह, पीने का साफ़ पानी, टॉयलेट, साथ ही बिल्डिंग की मरम्मत, पेंटिंग, लिफ्ट, सीसीटीवी सिस्टम और आग बुझाने का सिस्टम शामिल हैं।

    क्रिस्टल हाउस मैनेजमेंट की ज़िम्मेदारियों में ट्रेंड टीचर और नॉन-टीचिंग स्टाफ़ की नियुक्ति, प्री-प्राइमरी से 12वीं क्लास तक के स्टूडेंट्स को मुफ़्त शिक्षा, यूनिफ़ॉर्म, किताबें और पढ़ाई का सामान देना, स्टूडेंट्स के खाने का इंतज़ाम और स्कूल तक ट्रांसपोर्ट की सुविधाएँ देना शामिल है।

    इसके अलावा, स्टूडेंट्स को हायर एजुकेशन, करियर गाइडेंस और नौकरी दिलाने वाली ट्रेनिंग देने पर भी ज़ोर दिया जाएगा।इस पहल से ठाणे में स्टूडेंट्स को नेशनल लेवल की CBSE करिकुलम की शिक्षा मिलेगी और आर्थिक रूप से कमज़ोर तबके के स्टूडेंट्स के लिए अच्छी क्वालिटी की शिक्षा का एक नया मौका मिलेगा। इस मौके पर स्टूडेंट्स ने कमिश्नर से भी बातचीत की।

  • Electronic Interlocking System: सेवाग्राम स्टेशन पर अत्याधुनिक डिस्ट्रीब्यूटेड इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग प्रणाली का सफल कार्यान्वयन

    Electronic Interlocking System: सेवाग्राम स्टेशन पर अत्याधुनिक डिस्ट्रीब्यूटेड इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग प्रणाली का सफल कार्यान्वयन

    Electronic Interlocking System: मध्य रेलवे के नागपुर मंडल ने 7 जून 2026 को सेवाग्राम स्टेशन पर अत्यंत जटिल एवं महत्वपूर्ण यार्ड रीमॉडलिंग कार्य को सफलतापूर्वक पूरा करते हुए अत्याधुनिक क्योसान (KYOSAN) आधारित डिस्ट्रीब्यूटेड इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग (EI) प्रणाली को कार्यान्वित कर दिया है। यह परियोजना तीसरी और चौथी रेल लाइन निर्माण कार्य तथा आधुनिक सिग्नलिंग व्यवस्था के उन्नयन की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।

    इस परियोजना के अंतर्गत 26 वर्ष पुरानी सीमेंस पैनल इंटरलॉकिंग (PI) प्रणाली को हटाकर नवीनतम डिस्ट्रीब्यूटेड इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग प्रणाली स्थापित की गई है। इससे स्टेशन के आंतरिक एवं बाहरी सिग्नल तथा दूरसंचार (एस एंड टी) उपकरणों की विश्वसनीयता, कार्यक्षमता और रखरखाव की सुविधा में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।

    यार्ड पुनर्रचना के दौरान सुरक्षा को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से दो ग्राउंड फ्रेम (GF) पॉइंट्स को हटाया गया है। इससे मानवीय हस्तक्षेप में कमी आएगी और रेल परिचालन अधिक सुरक्षित एवं सुचारु होगा। रेल यातायात क्षमता बढ़ाने के लिए अतिरिक्त यूडीएल-1 और यूडीएल-3 लाइनों की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। इसके परिणामस्वरूप यात्री एवं मालगाड़ियों का संचालन अधिक प्रभावी ढंग से किया जा सकेगा।

    इस परियोजना से विभिन्न रेल मार्गों की क्रॉसिंग स्टैंडिंग रूम (CSR) क्षमता में भी महत्वपूर्ण वृद्धि हुई है। अप लूप लाइन की CSR क्षमता 705 मीटर से बढ़कर 780.181 मीटर हो गई है। वहीं डाउन मेन लाइन की क्षमता 585 मीटर से बढ़कर 926.212 मीटर तक पहुंच गई है, जो 342 मीटर से अधिक की उल्लेखनीय वृद्धि है। इसके अतिरिक्त अप लूप लाइन, अप-डाउन कॉमन लूप लाइन तथा डाउन लूप लाइन की क्षमताओं में भी पर्याप्त विस्तार किया गया है।

    रेलवे अधिकारियों के अनुसार इस आधुनिक सिग्नलिंग प्रणाली और यार्ड विकास कार्य से लंबी मालगाड़ियों के संचालन में सुविधा होगी, स्टेशन की यातायात संभालने की क्षमता बढ़ेगी तथा भविष्य में बढ़ने वाली रेल यातायात आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद मिलेगी।

    सेवाग्राम स्टेशन पर डिस्ट्रीब्यूटेड इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग प्रणाली का सफल कार्यान्वयन मध्य रेलवे के आधुनिकीकरण, क्षमता विस्तार और सुरक्षित रेल संचालन के प्रति उसकी प्रतिबद्धता का एक और महत्वपूर्ण उदाहरण है।

  • Nashik TCS Case: नासिक TCS मामले में मलेशिया कनेक्शन का दावा, संजय निरुपम ने की विस्तृत जांच की मांग!

    Nashik TCS Case: नासिक TCS मामले में मलेशिया कनेक्शन का दावा, संजय निरुपम ने की विस्तृत जांच की मांग!

    Nashik TCS Case: शिवसेना के उपनेता एवं प्रवक्ता संजय निरुपम ने नासिक स्थित TCS में कार्यरत एक महिला कर्मचारी के कथित धर्मांतरण, यौन एवं आर्थिक शोषण से जुड़े मामले को गंभीर बताते हुए इसकी व्यापक जांच की मांग की है। उन्होंने दावा किया कि मामले के पीछे मलेशिया और पाकिस्तान से जुड़े किसी अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की भूमिका हो सकती है।

    मुंबई में आयोजित पत्रकार वार्ता में निरुपम ने कहा कि अदालत में दाखिल आरोपपत्र में कई महत्वपूर्ण और चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। उनके अनुसार, पीड़िता का कथित रूप से ब्रेनवॉश करने के लिए उसे विवादास्पद धार्मिक वीडियो दिखाए गए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि मामले के मुख्य आरोपियों के मलेशिया से संबंध होने की बात भी आरोपपत्र में सामने आई है तथा पीड़िता को मलेशिया भेजने की योजना बनाए जाने का भी उल्लेख किया गया है।

    निरुपम ने जांच एजेंसियों से मांग की कि मामले के सभी अंतरराष्ट्रीय पहलुओं की गहन जांच की जाए और यह पता लगाया जाए कि कहीं इसका संबंध किसी संगठित नेटवर्क से तो नहीं है। उन्होंने फरार आरोपी निदा खान को कथित रूप से संरक्षण दिए जाने के आरोपों की भी निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि मामले में जिन स्थानीय राजनीतिक व्यक्तियों या संगठनों के नाम सामने आ रहे हैं, उनकी भूमिका की भी जांच होनी चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके।

    संजय निरुपम ने कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा से संबंधित POSH (Prevention of Sexual Harassment) कानून के पालन पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यदि किसी संस्थान में महिला कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में लापरवाही बरती गई है, तो संबंधित प्रबंधन की जवाबदेही तय की जानी चाहिए और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।

    महाराष्ट्र की बड़ी कॉर्पोरेट कंपनियों की जांच की मांग
    निरुपम ने राज्य सरकार और पुलिस से महाराष्ट्र की आईटी, फार्मा तथा अन्य बहुराष्ट्रीय कंपनियों में महिला कर्मचारियों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करने की मांग की। उन्होंने कहा कि महिलाओं को सुरक्षित और सम्मानजनक कार्यस्थल उपलब्ध कराना प्रत्येक संस्थान की जिम्मेदारी है।

    इसके लिए सभी बड़ी कंपनियों में सुरक्षा उपायों, शिकायत निवारण तंत्र और कानूनी प्रावधानों के अनुपालन की नियमित जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जानी चाहिए तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाने आवश्यक हैं।