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  • सतारा में BSNL की लापरवाही से प्रधानमंत्री की 4G सैचुरेशन योजना पर उठे गंभीर सवाल, पाटण तालुका के ग्रामीण प्रभावित

    सतारा में BSNL की लापरवाही से प्रधानमंत्री की 4G सैचुरेशन योजना पर उठे गंभीर सवाल, पाटण तालुका के ग्रामीण प्रभावित

    मुंबई | अश्विनी कुमार

    प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी 4G सैचुरेशन योजना, जिसका उद्देश्य दूरदराज और नेटवर्क से वंचित ग्रामीण क्षेत्रों तक तेज और भरोसेमंद मोबाइल कनेक्टिविटी पहुंचाना है, महाराष्ट्र के सातारा जिले के पाटण तालुका में BSNL अधिकारियों की कथित लापरवाही के आरोपों के घेरे में आ गई है।

    स्थानीय नागरिकों ने शिकायत की है कि योजना के तहत लगभग दो वर्ष पहले पाटण तालुका के कई गांवों में 4G नेटवर्क विस्तार के लिए करोड़ों रुपये की ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछाई गई थी। यह परियोजना भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL) द्वारा केंद्र सरकार के आर्थिक सहयोग से क्रियान्वित की जा रही थी।

    लेकिन हाल ही में चल रहे कराड-चिपळूण हाईवे चौड़ीकरण कार्य के दौरान कई जगह फाइबर केबल क्षतिग्रस्त पाई गई। कुछ केबल जमीन से बाहर निकल आईं, कुछ पेड़ों पर लटक रही थीं, जबकि कुछ खेतों और नालों में बिखरी हुई दिखाई दी। इस पर ग्रामीणों और टेलीकॉम उपभोक्ताओं में गहरी नाराजगी फैल गई।

    तकनीकी लापरवाही और मानक उल्लंघन

    राष्ट्रीय महामार्ग ठेकेदार का दावा है कि निर्माण कार्य के दौरान केवल तीन फीट की खुदाई में ही फाइबर केबल बाहर आ गई। यदि यह दावा सही है, तो इसका मतलब है कि BSNL अधिकारियों ने फाइबर केबल बिछाने में आवश्यक तकनीकी मानकों का पालन नहीं किया।

    दूरसंचार अधोसंरचना के नियमों के अनुसार ऑप्टिकल फाइबर केबल को पर्याप्त गहराई पर जमीन में बिछाना अनिवार्य है, ताकि सड़क निर्माण या अन्य गतिविधियों से उसे नुकसान न पहुंचे। इस गड़बड़ी से यह साफ संकेत मिलता है कि परियोजना के प्रारंभिक कार्य, गुणवत्ता नियंत्रण और निगरानी प्रणाली में गंभीर खामियां थीं।

    स्थानीय नागरिकों और विशेषज्ञों ने कहा कि सफल 4G सैचुरेशन परियोजना के लिए नेटवर्क की विश्वसनीयता और केबल की सही इंस्टालेशन अत्यंत जरूरी है, लेकिन BSNL अधिकारियों की कथित लापरवाही ने पूरे प्रयास को प्रभावित किया है।

    सरकारी परियोजना का महत्व

    भारत सरकार ने 27 जुलाई 2022 को देशभर में 4G सैचुरेशन योजना की घोषणा की थी। योजना का लक्ष्य लगभग 24,680 ग्रामीण गांवों तक तेज और भरोसेमंद 4G कनेक्टिविटी पहुंचाना है, जिसमें लगभग 26,300 करोड़ रुपये का निवेश शामिल है। यह योजना प्रधानमंत्री के डिजिटल इंडिया मिशन का महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जाती है।

    पाटण तालुका में सामने आई स्थिति ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना के जमीनी क्रियान्वयन और BSNL अधिकारियों की जिम्मेदारी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

    ग्रामीणों की प्रतिक्रिया और मांगें

    स्थानीय नागरिकों ने सख्त जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि तकनीकी मानकों का सही पालन किया गया होता, तो निर्माण कार्य के दौरान फाइबर केबल को नुकसान नहीं पहुंचता और ग्रामीण क्षेत्रों में नेटवर्क सेवा निरंतर बनी रहती।

    विशेषज्ञों का कहना है कि BSNL को फाइबर केबल इंस्टॉलेशन, तकनीकी मानकों और गुणवत्ता निगरानी के सभी प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन करना चाहिए। अन्यथा, योजना की विश्वसनीयता और ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल कनेक्टिविटी पर गंभीर असर पड़ सकता है।

  • Lok Sabha: देश और सेना के खिलाफ बोलने वालों को 20 नहीं, 200 बार भी रोकेंगे: श्रीकांत शिंदे

    Lok Sabha: देश और सेना के खिलाफ बोलने वालों को 20 नहीं, 200 बार भी रोकेंगे: श्रीकांत शिंदे

    नई दिल्ली | शिवसेना के संसदीय दल के नेता और सांसद डॉ. श्रीकांत शिंदे ने लोकसभा में लोकसभा(Lok Sabha) अध्यक्ष के खिलाफ विपक्ष द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव का कड़ा विरोध किया। इस दौरान उन्होंने विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि देश और सेना के खिलाफ बोलने वालों को 20 बार नहीं बल्कि 200 बार भी रोका जाएगा।

    डॉ. शिंदे ने कहा कि विपक्ष के नेता का पद देश की राजनीति में बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है और इसकी एक मजबूत परंपरा रही है। लेकिन आज विपक्ष के नेता संसद सत्र शुरू होते ही छुट्टियों पर चले जाते हैं। इसी वजह से वे “लीडर ऑफ ऑपोजिशन नहीं बल्कि लीडर ऑफ वेकेशन” बन गए हैं।

    उन्होंने कहा कि राहुल गांधी अक्सर संसद के महत्वपूर्ण सत्रों के दौरान विदेश दौरों पर रहते हैं। पिछले वर्ष बजट सत्र के दौरान वे जर्मनी में थे, उससे पहले के साल वियतनाम में और मार्च 2023 के बजट सत्र के समय ब्रिटेन में मौजूद थे। वर्ष 2018 के बजट सत्र के दौरान भी वे सिंगापुर और मलेशिया गए हुए थे।

    डॉ. शिंदे ने आरोप लगाया कि संसद में कई महत्वपूर्ण मुद्दों के दौरान भी राहुल गांधी सदन में उपस्थित नहीं थे। उन्होंने कहा कि 2015 में भूमि अधिग्रहण विधेयक, 2016 में आधार विधेयक, 2017 में ट्रिपल तलाक विधेयक, 2019 में अनुच्छेद 370 और 2025 में वक्फ बोर्ड संशोधन विधेयक जैसे अहम मुद्दों पर भी राहुल गांधी सदन में मौजूद नहीं थे।

    लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ विपक्ष द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव का जिक्र करते हुए डॉ. शिंदे ने कहा कि इससे पहले 1954, 1966 और 1987 में तीन बार लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया गया था और अब चौथी बार यह प्रस्ताव सामने आया है। उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेता को बोलते समय 20 बार रोके जाने का आरोप लगाया गया है, लेकिन अगर कोई देश और भारतीय सेना के खिलाफ बोलने की कोशिश करेगा तो उसे 20 नहीं बल्कि 200 बार भी रोका जाएगा।

    कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि संसद के अंदर और बाहर कांग्रेस की नीति अक्सर देश के खिलाफ रही है। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय वायुसेना और सेना ने अद्भुत साहस दिखाया, लेकिन इस पर गर्व करने के बजाय कांग्रेस के कुछ नेता यह बताने में लगे थे कि पाकिस्तान ने भारत के कितने विमान गिराए।

    डॉ. शिंदे ने यह भी कहा कि विदेश जाकर भारत की छवि खराब करना राहुल गांधी की राजनीति का हिस्सा बन गया है और उनके भारत विरोधी बयान पाकिस्तान में भी दिखाए जाते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अपने 22 साल के राजनीतिक जीवन में राहुल गांधी ने संसद में एक भी निजी विधेयक पेश नहीं किया है।

    उन्होंने यह भी बताया कि 2009 से 2014 के बीच राहुल गांधी केवल दो बार सदन में बोले, जबकि 2014 से 2019 के बीच उन्होंने 14 बार और 2019 से 2024 के बीच 8 बार बोलने का अवसर लिया। 15वीं, 16वीं और 17वीं लोकसभा में उनकी अनुपस्थिति 50 प्रतिशत से अधिक रही।

    डॉ. शिंदे ने कहा कि जो लोग पहले अपनी ही सरकार के विधेयकों को सार्वजनिक रूप से फाड़ते थे, वही आज संसद और लोकतंत्र बचाने की बात कर रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जो व्यक्ति आधे से ज्यादा समय सदन से अनुपस्थित रहा हो, वह लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव कैसे ला सकता है।

    उन्होंने यह भी कहा कि जब पाकिस्तान ने पहलगाम में हमला किया था, तब भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के जरिए उसे करारा जवाब दिया, लेकिन विपक्ष के नेता ने भारतीय सेना के साहस पर ही सवाल उठाए। उन्होंने सर्वदलीय सांसदों के प्रतिनिधिमंडल का भी विरोध किया, जबकि सांसद शशि थरूर, सुप्रिया सुले और कनिमोझी ने उस प्रतिनिधिमंडल में शामिल होकर देश का पक्ष रखा।


    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 26 देशों ने किया सम्मानित

    डॉ. श्रीकांत शिंदे ने कहा कि दुनिया के 26 देशों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपने सर्वोच्च अंतरराष्ट्रीय सम्मान से सम्मानित किया है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री ने भूटान से लेकर इजरायल तक 19 देशों में जाकर संसद या महत्वपूर्ण मंचों को संबोधित किया है। इतिहास में पहली बार किसी भारतीय प्रधानमंत्री को विश्व स्तर पर इतना सम्मान मिला है।

    उन्होंने यह भी याद दिलाया कि 1954 में जब तत्कालीन लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया गया था, तब प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने कहा था कि इस प्रस्ताव का समर्थन वही लोग कर सकते हैं जिनमें बौद्धिक क्षमता की कमी हो।

  • VVMC: महापौर अजीव पाटील की अध्यक्षता में बांधकाम विभाग की समीक्षा बैठक संपन्न

    VVMC: महापौर अजीव पाटील की अध्यक्षता में बांधकाम विभाग की समीक्षा बैठक संपन्न

    विरार | संवाददाता

    वसई-विरार शहर महानगरपालिका(VVMC) में मंगलवार को महापौर अजीव पाटील की अध्यक्षता में महापौर कक्ष में बांधकाम विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में शहर की सड़कों, फुटपाथों, गटर और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़े विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई।

    बैठक के दौरान प्रमुख और आंतरिक सड़कों की मरम्मत, नए सड़क निर्माण, पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित फुटपाथों का निर्माण तथा आगामी मानसून को ध्यान में रखते हुए गटर और नालों की मरम्मत व सफाई को प्राथमिकता देने पर चर्चा की गई।

    महापौर अजीव पाटील ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि सभी विकास कार्य नियोजनबद्ध तरीके से तय समयसीमा में और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि कामों की गुणवत्ता के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।

    लंबित काम जल्द पूरे करने के निर्देश

    महापौर ने लंबित कार्यों को जल्द पूरा करने और चल रहे कामों को समय पर समाप्त करने के निर्देश दिए। साथ ही नागरिकों और नगरसेवक-नगरसेविकाओं से प्राप्त शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई कर उनका समयबद्ध निपटारा करने को कहा।

    इसके अलावा मानसून से पहले नालों की सफाई पूरी कर जलभराव की समस्या रोकने पर भी विशेष जोर दिया गया।

    बैठक में उपमहापौर मार्शल लोपीस, स्थायी समिति सभापति प्रविण शेट्टी, सभागृह नेता प्रफुल्ल साने, अतिरिक्त आयुक्त संजय हेरवाडे, दीपक सावंत, प्रभारी शहर अभियंता प्रदीप पाचंगे सहित सभी नगरसेवक-नगरसेविकाएं और संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

  • Crime News: मुंब्रा में दिनदहाड़े चोरी करने वाला शातिर चोर गिरफ्तार, 48 घरफोड़ियों का खुलासा; 1.39 करोड़ के सोने के गहने बरामद

    Crime News: मुंब्रा में दिनदहाड़े चोरी करने वाला शातिर चोर गिरफ्तार, 48 घरफोड़ियों का खुलासा; 1.39 करोड़ के सोने के गहने बरामद

    ठाणे | संवाददाता

    ठाणे के मुंब्रा इलाके में घरों में सेंधमारी करने वाले एक शातिर चोर को मुंब्रा पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस जांच में आरोपी से घरफोड़ियों के 48 मामलों का खुलासा हुआ है। पुलिस ने उसके पास से करीब 1 करोड़ 39 लाख रुपये कीमत के 1.03 किलो सोने के गहने भी बरामद किए हैं।

    मुंब्रा इलाके में पिछले कुछ समय से घरों में घुसकर सोने-चांदी के गहनों की चोरी की घटनाएं लगातार बढ़ रही थीं, जिससे स्थानीय लोगों में डर का माहौल बन गया था। इसी को ध्यान में रखते हुए मुंब्रा पुलिस स्टेशन और क्राइम ब्रांच यूनिट-1 की टीम ने मामले की गहन जांच शुरू की।

    सीसीटीवी और मुखबिरों की मदद से आरोपी तक पहुंची पुलिस

    जांच के दौरान पुलिस ने इलाके के विभिन्न स्थानों के सीसीटीवी फुटेज की जांच की। साथ ही टेक्निकल जानकारी और मुखबिरों से मिली सूचना के आधार पर संदिग्ध की पहचान की गई।

    पुलिस ने शिवाजी गोपाल साटे (उम्र 39 वर्ष) को टिटवाला इलाके से गिरफ्तार किया। आरोपी रूम नंबर 1, पटवा चॉल, गणेशवाड़ी, टिटवाला ईस्ट, कल्याण का रहने वाला है। उसे 2 मार्च 2026 को गिरफ्तार किया गया।

    लोहे की रॉड से तोड़ता था खिड़कियों की सलाखें

    पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी लोहे की रॉड की मदद से खिड़कियों की लोहे की सलाखें और मुख्य दरवाजों के ताले तोड़कर घरों में घुसता था। इसके बाद वह घरों से सोने के गहने चोरी कर फरार हो जाता था।

    पूछताछ के दौरान आरोपी ने पिछले तीन वर्षों में मुंब्रा पुलिस स्टेशन क्षेत्र में 48 घरों में चोरी की वारदातें करने की बात कबूल की।

    1.03 किलो सोना बरामद

    पुलिस ने आरोपी के पास से 1.03 किलो सोने के गहने बरामद किए हैं, जिनकी कुल कीमत लगभग 1 करोड़ 39 लाख रुपये बताई जा रही है।

    इस मामले में मुंब्रा पुलिस स्टेशन में क्राइम रजिस्टर नंबर 282/2026 के तहत भारतीय दंड संहिता 2023 की धारा 331(3), 339(4) और 305(A) के तहत मामला दर्ज किया गया है।

    वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में कार्रवाई

    यह पूरी कार्रवाई पुलिस आयुक्त आशुतोष डुंबरे, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (क्राइम) डॉ. पंजाबराव उगले, पुलिस उपायुक्त (क्राइम) अमरसिंह जाधव और सहायक पुलिस आयुक्त शेखर बागड़े के मार्गदर्शन में की गई।

    इस जांच में सीनियर पुलिस इंस्पेक्टर सचिन गायकवाड़, पुलिस सब-इंस्पेक्टर दीपक घुगे और दीपक जाधव के साथ पुलिस कांस्टेबल संदीप महाडिक, प्रशांत निकुंभ, शब्बीर फराज, प्रशांत लवटे, सागर सुरकुकर, अमोल दावे, मयूर लोखंडे सहित अन्य पुलिसकर्मियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

  • Social News:आदर्श समाजसेविका पुरस्कार से सम्मानित हुईं सौ. प्रणिता दिनेश घोटणे

    Social News:आदर्श समाजसेविका पुरस्कार से सम्मानित हुईं सौ. प्रणिता दिनेश घोटणे

    मुंबई | संवाददाता

    जागतिक महिला दिवस के अवसर पर आयोजित BNI (बीएनआई) प्रियदर्शनी Women’s Day Event में समाजसेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने के लिए सौ. प्रणिता दिनेश घोटणे को “आदर्श समाजसेविका पुरस्कार” से सम्मानित किया गया।

    इस समारोह में मिसेस स्टार महाराष्ट्र विजेता सौ. मंजुषा चित्रिवेकर विशेष रूप से उपस्थित रहीं। कार्यक्रम के दौरान गिनीज बुक रिकॉर्ड विजेता माइंडसेट गुरु प्रो. डॉ. दिनेश गुप्ता और प्रसिद्ध उद्यमी सौ. कल्याणी गायकवाड के हाथों सौ. प्रणिता दिनेश घोटणे को यह सम्मान प्रदान किया गया।

    कार्यक्रम में मौजूद गणमान्य लोगों ने सौ. प्रणिता घोटणे के समाजसेवा के कार्यों की सराहना की और उन्हें भविष्य की सामाजिक गतिविधियों के लिए शुभकामनाएं दीं।

    इस अवसर पर उपस्थित सभी अतिथियों ने उन्हें हार्दिक बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य और आगे की सफल सामाजिक यात्रा के लिए शुभकामनाएं दीं।

  • Farmer:वसई के फूल किसानों को दादर फूल बाजार में मिलेगा स्थान!: भाजपा विधायक राजन नाईक के आग्रह पर महापौर रितु तावड़े ने दिया आश्वासन

    Farmer:वसई के फूल किसानों को दादर फूल बाजार में मिलेगा स्थान!: भाजपा विधायक राजन नाईक के आग्रह पर महापौर रितु तावड़े ने दिया आश्वासन

    वसई | प्रेम चौबे

    वसई तालुका के स्थानीय फूल उत्पादक किसानों को मुंबई के दादर स्थित फूल बाजार में तड़के के समय फूलों की बिक्री के लिए अब मुंबई महानगरपालिका की ओर से हर संभव सहयोग मिलेगा। यह आश्वासन मुंबई की महापौर रितु तावड़े ने भाजपा विधायक राजन नाईक और किसानों के प्रतिनिधिमंडल को दिया।

    बताया जाता है कि पिछले लगभग 50 वर्षों से वसई तालुका के फूल उत्पादक किसान(Farmer) दादर की फूल मंडी में अपने फूलों की बिक्री करते आ रहे हैं। वसई के बागानों में उगने वाले सोनचाफा, जास्वंद, तगर, मोगरा और सायली जैसे फूलों की मुंबई के लोगों में अच्छी मांग रहती है।

    स्थानीय थोक बाजारों की तुलना में दादर फूल मंडी में बेहतर कीमत मिलने के कारण छोटे किसान भी सुबह तड़के अपने फूल लेकर वहां पहुंचते हैं।

    मनपा अभियान से बढ़ी थी किसानों की परेशानी

    हालांकि, पिछले कुछ दिनों से मुंबई महानगरपालिका द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान के कारण फूल विक्रेताओं को वहां बैठने से रोका जा रहा था, जिससे किसानों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।

    इसके अलावा बाजार में कृत्रिम फूलों की बढ़ती मांग के कारण भी प्राकृतिक फूलों की बिक्री प्रभावित हो रही है। बावजूद इसके वसई के सैकड़ों किसानों की आजीविका आज भी फूलों की खेती पर ही निर्भर है।

    विधायक राजन नाईक ने उठाया किसानों का मुद्दा

    विधानमंडल के बजट सत्र के दौरान मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी दादर के फूल विक्रेताओं के व्यवसाय के प्रति सहानुभूति व्यक्त की थी। इसके बाद वसई के किसानों ने भाजपा विधायक राजन नाईक को ज्ञापन देकर महानगरपालिका की कार्रवाई की ओर उनका ध्यान आकर्षित किया।

    किसानों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए विधायक नाईक ने किसानों के प्रतिनिधिमंडल के साथ मुंबई की महापौर रितु तावड़े से मुलाकात कर सहयोग देने का अनुरोध किया।

    किसानों ने महापौर को बताया कि सुबह लगभग साढ़े चार बजे से साढ़े सात बजे तक ही फूलों की बिक्री होती है, जिससे यातायात या पैदल चलने वालों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होती।

    महापौर ने अधिकारियों को दिए सहयोग के निर्देश

    इस पर महापौर रितु तावड़े ने महानगरपालिका अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि वसई के फूल उत्पादक किसानों को दादर बाजार में बिक्री के लिए आवश्यक सहयोग दिया जाए, ताकि उनकी आजीविका प्रभावित न हो।

  • Thane News:पूर्व सुप्रीम कोर्ट न्यायाधीश अभय ओक ने ठाणे लॉ कॉलेज में संविधान की आर्ट पेंटिंग प्रदर्शनी का उद्घाटन किया

    Thane News:पूर्व सुप्रीम कोर्ट न्यायाधीश अभय ओक ने ठाणे लॉ कॉलेज में संविधान की आर्ट पेंटिंग प्रदर्शनी का उद्घाटन किया

    ठाणे (Thane News) | संवाददाता

    ठाणे के विद्या प्रसारक मंडल के लॉ कॉलेज में संविधान की ओरिजिनल कॉपी की एक परमानेंट आर्ट एग्ज़िबिशन का उद्घाटन सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश अभय ओक के हाथों किया गया।

    इस अवसर पर संस्था के प्रेसिडेंट डॉ. विजय बेडेकर, सेक्रेटरी अभय मराठे, कॉलेज की प्रिंसिपल डॉ. विद्या जयकुमार और वाइस-प्रिंसिपल डॉ. विनोद एच. वाघ सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे।

    कार्यक्रम के दौरान जस्टिस अभय ओक ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि टीएमसी लॉ कॉलेज शायद भारत का पहला ऐसा कॉलेज है, जिसने संविधान की ओरिजिनल कॉपी की इस तरह की परमानेंट एग्ज़िबिशन आयोजित की है। उन्होंने कहा कि इस तरह की प्रदर्शनी से छात्रों, वकीलों और आम नागरिकों को देश के संवैधानिक इतिहास को समझने का अवसर मिलेगा और इस विषय पर और अधिक शोध की आवश्यकता भी है।

    लॉ छात्रों के लिए संविधान की समझ जरूरी

    जस्टिस ओक ने कहा कि इस पहल से लॉ के छात्रों को संविधान को और अधिक गहराई और गंभीरता से समझने का मौका मिलेगा। वहीं प्रिंसिपल डॉ. विद्या जयकुमार ने बताया कि इस एग्ज़िबिशन का उद्देश्य छात्रों को संविधान के मूल विचारों और इतिहास से जोड़ना है।

    क्रिमिनल ट्रायल प्रोसेस पर दिया व्याख्यान

    उद्घाटन के बाद जस्टिस ओक ने भारत में क्रिमिनल ट्रायल प्रोसेस पर एक विशेष व्याख्यान भी दिया। उन्होंने कहा कि भारत के आपराधिक कानून मानवीय सोच और न्याय के सिद्धांतों पर आधारित हैं।

    उन्होंने यह भी कहा कि आतंकवाद जैसे गंभीर अपराधों के आरोपियों को भी निष्पक्ष सुनवाई का अधिकार दिया जाता है, जो भारतीय न्याय व्यवस्था की एक महत्वपूर्ण विशेषता है।

    जूरी ट्रायल से आधुनिक न्याय व्यवस्था तक का सफर

    अपने व्याख्यान में उन्होंने भारत के क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम के विकास को समझाते हुए जूरी ट्रायल सिस्टम से लेकर वर्तमान न्यायिक प्रक्रिया तक के बदलावों पर विस्तार से चर्चा की।

    जस्टिस ओक के अनुसार भारतीय आपराधिक कानून संतुलित दृष्टिकोण अपनाता है और किसी भी आपराधिक मामले में प्रॉसिक्यूटर और आरोपी दोनों को बराबर और निष्पक्ष अवसर देता है।

    कार्यक्रम के अंत में जस्टिस ओक ने छात्रों से संवाद किया और उनके सवालों के जवाब देते हुए क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम की कार्यप्रणाली पर महत्वपूर्ण मार्गदर्शन दिया। इस मौके पर बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

  • Love angle: बॉयफ्रेंड ने नंबर किया ब्लॉक, प्रेमिका ने खाड़ी में लगाई छलांग; मछुआरों ने बचाई जान

    नवी मुंबई | संवाददाता

    नवी मुंबई के वाशी खाड़ी ब्रिज से एक युवती द्वारा खाड़ी में छलांग लगाकर आत्महत्या करने का प्रयास करने का मामला मंगलवार सुबह सामने आया। हालांकि मौके पर मौजूद स्थानीय मछुआरों की सतर्कता और बहादुरी के कारण युवती की जान बचा ली गई।

    प्राथमिक जानकारी के अनुसार, प्रेम संबंध में विवाद ((Love angle) के चलते युवती ने यह कदम उठाया। बताया जा रहा है कि उसके बॉयफ्रेंड ने उसका फोन नंबर ब्लॉक कर दिया था, जिससे आहत होकर उसने वाशी खाड़ी पुल से खाड़ी में छलांग लगा दी।

    घटना के समय आसपास मौजूद मछुआरों ने तुरंत सतर्कता दिखाते हुए पानी में उतरकर युवती को सुरक्षित बाहर निकाल लिया और उसकी जान बचा ली।

    घटना की सूचना मिलते ही वाशी पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने युवती को इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल भेज दिया है और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है।

  • Crime News:रबाळे पुलिस का ताबड़तोड़ कॉम्बिंग ऑपरेशन: देसी कट्टा, कारतूस और ब्राउन शुगर बरामद; 14 आरोपियों पर केस, एक गिरफ्तार

    Crime News:रबाळे पुलिस का ताबड़तोड़ कॉम्बिंग ऑपरेशन: देसी कट्टा, कारतूस और ब्राउन शुगर बरामद; 14 आरोपियों पर केस, एक गिरफ्तार

    नवी मुंबई | संवाददाता

    नवी मुंबई में अपराध और अवैध गतिविधियों पर लगाम कसने के लिए रबाळे पुलिस ने बड़े स्तर पर कॉम्बिंग ऑपरेशन चलाया। इस दौरान पुलिस ने नशे के कारोबार, अवैध शराब, गुटखा बिक्री और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए 14 आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामले दर्ज किए हैं। वहीं एक आरोपी को देसी कट्टा और जिंदा कारतूस के साथ गिरफ्तार किया गया है।

    पुलिस द्वारा चलाया गया यह विशेष कॉम्बिंग ऑपरेशन पुलिस आयुक्त मिलिंद भारंबे और पुलिस उपायुक्त (परिमंडल-1) पंकज डहाणे के मार्गदर्शन में अंजाम दिया गया। अभियान में परिमंडल-1 के अंतर्गत आने वाले सात पुलिस थानों के अधिकारी और कर्मचारी बड़ी संख्या में शामिल हुए। इसमें 4 पुलिस निरीक्षक, 16 सहायक पुलिस निरीक्षक (API) और करीब 184 पुलिसकर्मियों ने संयुक्त रूप से कार्रवाई की।

    कई इलाकों में एक साथ की गई मास रेड

    पुलिस ने यह अभियान नोसिल नाका, अर्जुनवाड़ी, घनसोली साईनाथवाड़ी और रबाळे क्षेत्र में चलाया। इस दौरान संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखते हुए कई स्थानों पर एक साथ मास रेड की गई। पुलिस की इस कार्रवाई से अवैध धंधों में संलिप्त लोगों में हड़कंप मच गया।

    ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत कार्रवाई

    पुलिस आयुक्तालय की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत नशे के कारोबारियों, नशा करने वालों, अवैध शराब बेचने वालों, गुटखा तस्करों और जुआ क्लब संचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई। इसके साथ ही अवैध रूप से रहने वाले बांग्लादेशी और नाइजीरियन नागरिकों की भी जांच की गई।

    अभियान के दौरान पुलिस ने होटल और लॉज में ठहरे संदिग्ध व्यक्तियों के दस्तावेजों की जांच भी की।

    229 वाहनों की जांच, 92 पर कार्रवाई

    कॉम्बिंग ऑपरेशन के दौरान पुलिस ने कई जगह नाकाबंदी कर वाहनों की सघन जांच की।

    • कुल 229 वाहनों की जांच की गई
    • 92 वाहनों पर नियम उल्लंघन के मामले में कार्रवाई हुई
    • 22 संदिग्ध अपराधियों की पहचान कर जांच की गई
    • 12 वांछित आरोपियों की भी पड़ताल की गई

    इनमें से एक आरोपी को गिरफ्तार करने में पुलिस को सफलता मिली।

    विभिन्न कानूनों के तहत दर्ज हुए मामले

    अभियान के दौरान कई कानूनों के तहत मामले दर्ज किए गए, जिनमें शामिल हैं:

    • शराबबंदी कानून की धारा 65(E) के तहत 1 मामला
    • एनडीपीएस एक्ट के तहत नशा सेवन के 5 मामले
    • नशा रखने का 1 मामला
    • अवैध गुटखा बिक्री के 2 मामले
    • भारतीय दंड संहिता की धारा 285 के तहत 4 मामले

    देसी कट्टा, कारतूस और ब्राउन शुगर बरामद

    सबसे बड़ी कार्रवाई उस समय सामने आई जब पुलिस ने एक आरोपी को पकड़कर उसके पास से एक देसी कट्टा, दो जिंदा कारतूस और ब्राउन शुगर की करीब 100 पुड़िया बरामद की।

    पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट और एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है।

  • सेंट्रल रेलवे के मुख्य विद्युत वितरण इंजीनियर आर.के. चौबे को CBI ने 5 लाख की रिश्वत लेते पकड़ा !

    सेंट्रल रेलवे के मुख्य विद्युत वितरण इंजीनियर आर.के. चौबे को CBI ने 5 लाख की रिश्वत लेते पकड़ा !

    सुजीत मिश्र

    मुंबई: सेंट्रल रेलवे मुख्यालय CSMT में तैनात मुख्य विद्युत वितरण इंजीनियर (CEDE) आर.के. चौबे को केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने कथित रूप से ₹5 लाख की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई 9 मार्च 2026 को दोपहर करीब 2 बजे एक ट्रैप ऑपरेशन के दौरान की गई।


    सूत्रों के अनुसार, एक ठेकेदार ने CBI से शिकायत की थी कि रेलवे से जुड़े काम के बदले अधिकारी द्वारा रिश्वत की मांग की जा रही है। शिकायत की जाँच के बाद CBI ने पूरी योजना बनाकर जाल बिछाया।
    बताया जाता है कि तय योजना के तहत जैसे ही आरोपी अधिकारी ने ₹5 लाख की रकम स्वीकार की, पहले से मौजूद CBI टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उन्हें रंगे हाथ पकड़ लिया।
    गिरफ्तारी के बाद CBI ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है। सूत्रों का कहना है कि एजेंसी अब इस मामले में अन्य संभावित संलिप्त लोगों की भूमिका की भी जाँच कर रही है। इस कार्रवाई के बाद सेंट्रल रेलवे के अधिकारियों में हड़कंप मच गया है। माना जा रहा है कि जाँच के दौरान और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।