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  • Varanasi News: नेहियां के 18 तालाब पर हुआ अतिक्रमण या निगले गए, फाइलों में दफन कार्रवाई, लेखपाल-एसडीएम की निष्क्रियता या घूसखोरी के आगे ‘मुरदा’ हुआ प्रशासन?

    Varanasi News: नेहियां के 18 तालाब पर हुआ अतिक्रमण या निगले गए, फाइलों में दफन कार्रवाई, लेखपाल-एसडीएम की निष्क्रियता या घूसखोरी के आगे ‘मुरदा’ हुआ प्रशासन?

    नहियां ग्रामसभा के 18 तालाब खत्म, जल-संकट गहराया: पर्यावरण और जनजीवन पर सीधा असर

    वाराणसी (Varanasi News)। नहियां ग्रामसभा में तालाबों पर अवैध कब्जे का असर अब गंभीर जल-संकट के रूप में सामने आ रहा है। मगर यहां खामोशी है—लंबी, गहरी और संदिग्ध। ग्रामीणों का आरोप है कि बार-बार शिकायतों, ज्ञापनों और न्यायालयी आदेशों के बावजूद न तो अतिक्रमण हटाया गया और न ही जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय हुई।

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    सवाल सीधा है—क्या यह महज़ लापरवाही है, या फिर मिलीभगत और घूसखोरी के आगे प्रशासन ने घुटने टेक दिए हैं? स्थिति की प्रमुख बातें इस प्रकार हैं—

    1. 18 तालाबों पर पूरा कब्जा
      ग्रामसभा के सभी 18 तालाबों पर अवैध कब्जा हो चुका है। तालाबों की जमीन पर पक्के मकान और निर्माण खड़े कर दिए गए हैं।
    2. तालाबों का पानी पूरी तरह सूखा
      अतिक्रमण और भराव के कारण तालाबों में पानी नहीं बचा है। जलस्रोत खत्म होने से गांव की प्राकृतिक जल-व्यवस्था टूट चुकी है।
    3. पर्यावरण को भारी नुकसान
      तालाबों के खत्म होने से पर्यावरण असंतुलन बढ़ा है। गर्मी में तापमान अधिक महसूस होता है और हरियाली कम होती जा रही है।
    4. भूजल स्तर बेहद नीचे गया
      तालाब खत्म होने से पानी का रिचार्ज बंद हो गया है, जिससे भूजल स्तर तेजी से नीचे चला गया है।
    5. गर्मियों में पेयजल संकट
      गर्मी के मौसम में कई हैंडपंप सूख जाते हैं। कुछ-कुछ इलाकों में लोगों को पीने का पानी तक नहीं मिल पाता।
    6. प्रशासन की चुप्पी पर सवाल
      तालाब खत्म होने, घर बन जाने और जल-संकट के बावजूद अब तक प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
    7. ग्रामीणों की मांग
      ग्रामीणों ने सभी तालाबों का तत्काल सीमांकन, अतिक्रमण हटाने, दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई और जल-संरक्षण योजना लागू करने की मांग की है।

    गांव वालों का कहना है कि यह सिर्फ जमीन का नहीं, बल्कि जीवन और भविष्य का सवाल है। अगर अब भी कार्रवाई नहीं हुई तो आने वाले वर्षों में नहियां ग्रामसभा गंभीर जल-आपदा की चपेट में आ सकती है।

  • Bank Fraud: नवी मुंबई में 6.90 करोड़ की SBI बैंक से धोखाधड़ी, फर्जी सरकारी दस्तावेजों से 51 लोगों ने लिया लोन

    Bank Fraud: नवी मुंबई में 6.90 करोड़ की SBI बैंक से धोखाधड़ी, फर्जी सरकारी दस्तावेजों से 51 लोगों ने लिया लोन

    नवी मुंबई। सीबीडी बेलापुर स्थित State Bank of India की शाखा में सरकारी कंपनियों के फर्जी पहचान पत्र और वेतन प्रमाणपत्र के आधार पर 51 लोगों द्वारा करीब 6 करोड़ 90 लाख रुपये की धोखाधड़ी(Bank Fraud) किए जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है।

    जांच में इस पूरे फर्जीवाड़े के पीछे येमनाथ नाइक राठोड़, सद्दाम अली शेख और उन्हें काम सौंपने वाले राजू नायके का नाम सामने आया है। बताया जा रहा है कि येमनाथ राठोड़ Central Reserve Police Force (सीआरपीएफ) में कार्यरत है और वह सीआरपीएफ कर्मियों की व्यक्तिगत ऋण फाइलें एसबीआई में मंजूरी के लिए ले जाता था। इसी दौरान उसकी बैंक अधिकारियों से पहचान हो गई, जिसका उसने दुरुपयोग किया।

    आरोप है कि अक्टूबर 2023 से जनवरी 2024 के बीच राठोड़ ने 51 व्यक्तियों के नाम पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर बैंक से 6.90 करोड़ रुपये का व्यक्तिगत ऋण मंजूर करा लिया। लोन स्वीकृत होने के बाद आरोपियों ने कुछ महीनों तक किस्तें भरकर बैंक का विश्वास भी जीत लिया, लेकिन बाद में खातों में वेतन आना बंद हो गया और खाते एनपीए की स्थिति में पहुंचने लगे। इसी के बाद बैंक को शक हुआ।

    जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने लोन लेने के लिए GAIL, Bharat Heavy Electricals Limited (भेल), Steel Authority of India Limited (सेल), Oil and Natural Gas Corporation (ओएनजीसी), Indian Oil Corporation (आईओसीएल), Hindustan Aeronautics Limited, Bharat Sanchar Nigam Limited (बीएसएनएल) और National Highways Authority of India (एनएचएआई) जैसी नामी सरकारी कंपनियों के फर्जी पहचान पत्र और वेतन प्रमाणपत्र तैयार किए थे।

    जब बैंक ने संबंधित कंपनियों के मुंबई और हैदराबाद कार्यालयों से संपर्क कर सत्यापन किया तो पता चला कि जिन 51 लोगों के नाम पर लोन लिया गया, वे इनमें से किसी भी कंपनी में कार्यरत नहीं हैं। इसके बाद पूरे घोटाले का खुलासा हुआ।

    फिलहाल मामले की जांच जारी है और पुलिस आरोपियों की भूमिका तथा बैंक की आंतरिक प्रक्रिया की भी जांच कर रही है।

  • Maharashtra Vidhan Sabha Session: अजित पवार के निधन के बाद सुनेत्रा पवार की पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस, आर्थिक विरासत और बजट पर रखी स्पष्ट राय

    Maharashtra Vidhan Sabha Session: अजित पवार के निधन के बाद सुनेत्रा पवार की पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस, आर्थिक विरासत और बजट पर रखी स्पष्ट राय

    मुंबई। राज्य के बजट सत्र की पूर्व संध्या पर सरकार की ओर से पारंपरिक चाय बैठक का आयोजन किया गया। इससे पहले राज्य मंत्रिमंडल की बैठक हुई, जिसके बाद मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis, उपमुख्यमंत्री Eknath Shinde और उपमुख्यमंत्री Sunetra Pawar की संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई। दिवंगत उपमुख्यमंत्री Ajit Pawar के निधन के बाद सुनेत्रा पवार पहली बार मीडिया के सामने आईं और उन्होंने सरकार की भूमिका विस्तार से रखी।

    सुनेत्रा पवार ने कहा कि बजट सत्र से पहले चाय बैठक आयोजित करना पुरानी परंपरा है, जो केवल औपचारिक कार्यक्रम नहीं बल्कि संवाद का मंच होता है। इस मंच के माध्यम से राज्य के विकास, जनता के मुद्दों और उनके समाधान पर चर्चा की अपेक्षा की जाती है। उन्होंने कहा कि यह महायुति सरकार का दूसरा बजट सत्र है और जनता ने जो विश्वास दोबारा सरकार पर जताया है, उस पर खरा उतरने का प्रयास किया जा रहा है।

    उन्होंने दिवंगत अजित पवार के आर्थिक योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने 11 बार राज्य का बजट पेश किया। उनका पहला बजट वर्ष 2011 में 1,44,783 करोड़ रुपये का था, जबकि पिछले वर्ष उनके कार्यकाल का अंतिम बजट 7,20,000 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। सुनेत्रा पवार ने कहा कि यह वृद्धि केवल आंकड़ों की बढ़ोतरी नहीं, बल्कि महाराष्ट्र के सर्वांगीण विकास का संकेत है। उन्होंने बताया कि विकास की गति बनाए रखते हुए अजित पवार ने कभी भी आर्थिक अनुशासन से समझौता नहीं किया।

    उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के मार्गदर्शन और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के सहयोग से अजित पवार की बजट प्रक्रिया आगे बढ़ी थी। इस वर्ष का बजट उनका 12वां बजट होता, लेकिन उनके आकस्मिक निधन से यह संभव नहीं हो सका। हालांकि, उन्होंने बजट की तैयारी अंतिम चरण तक पहुंचा दी थी।

    सुनेत्रा पवार ने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को साकार करने के लिए महाराष्ट्र की अर्थव्यवस्था को मजबूत करना आवश्यक है और इसी दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि इस बार का बजट मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पेश करेंगे और यह राज्य के हर वर्ग को न्याय देने वाला होगा।

    लाडकी बहन योजना को लेकर उठी आलोचनाओं का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि उचित आर्थिक नियोजन के कारण इस योजना के लिए कभी धन की कमी नहीं होने दी गई। अपने पहले विधिमंडल सत्र को लेकर उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सदन की कार्यवाही सकारात्मक और सुचारु रूप से चलेगी।

  • MH Budget Session:बजट सत्र के बीच बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, शिंदे ने सौंपे अपने अहम विभाग

    MH Budget Session:बजट सत्र के बीच बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, शिंदे ने सौंपे अपने अहम विभाग

    मुंबई। एकनाथ शिंदे Eknath Shinde ने विधानसभा के बजट सत्र(Budget Session) के दौरान अपने पास मौजूद महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी अस्थायी तौर पर शिवसेना के अन्य मंत्रियों को सौंप दी है। इस संबंध में उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर Rahul Narwekar को पत्र लिखकर औपचारिक जानकारी दी है।

    किसे मिला कौन-सा विभाग?

    जारी पत्र के अनुसार —

    • दादा भुसे Dada Bhuse को सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) का कार्यभार दिया गया है।
    • उदय सामंत Uday Samant को नगर विकास मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
    • शंभूराज देसाई Shambhuraj Desai को गृह निर्माण विभाग का प्रभार दिया गया है।

    यह व्यवस्था फिलहाल विधानमंडल के बजट सत्र की अवधि तक प्रभावी रहेगी।

    क्यों उठाया गया यह कदम?

    बजट सत्र के दौरान विधानसभा और विधान परिषद — दोनों सदनों में एक साथ विभिन्न विभागों से जुड़े प्रश्न पूछे जाते हैं। ऐसे में जवाब देने में किसी प्रकार की प्रशासनिक बाधा न आए, इसे ध्यान में रखते हुए यह अस्थायी निर्णय लिया गया है। अब संबंधित विभागों से जुड़े प्रश्नों के उत्तर वही मंत्री देंगे जिन्हें जिम्मेदारी सौंपी गई है।

    बजट सत्र की शुरुआत

    राज्यपाल आचार्य देवव्रत Acharya Devvrat के अभिभाषण के साथ सोमवार को राज्य विधानमंडल के बजट सत्र की शुरुआत हुई। सत्र के पहले दिन उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार का परिचय कराया गया, जबकि दिवंगत उपमुख्यमंत्री अजित पवार Ajit Pawar को श्रद्धांजलि अर्पित कर शोक प्रस्ताव पारित किया गया।

    हाल ही में संपन्न स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं के चुनाव परिणाम और अजित पवार के आकस्मिक निधन के बाद हो रहा यह पहला सत्र राजनीतिक दृष्टि से बेहद अहम माना जा रहा है।

  • Donald Trump: मार-ए-लागो में घुसपैठ की कोशिश, ट्रंप की सुरक्षा पर गंभीर सवाल

    Donald Trump: मार-ए-लागो में घुसपैठ की कोशिश, ट्रंप की सुरक्षा पर गंभीर सवाल

    अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) के आलीशान निवास मार-ए-लागो, फ्लोरिडा में एक हथियारबंद शख्स ने घुसपैठ की कोशिश की। 20-25 साल के युवक के पास शॉटगन और पेट्रोल कैन था। खतरे को भांपते हुए यूएस सीक्रेट सर्विस और पाम बीच काउंटी शेरिफ ऑफिस ने फायरिंग की, जिसमें संदिग्ध मौके पर ही मौत हो गई।

    घटना के बाद एफबीआई, सीक्रेट सर्विस और पाम बीच काउंटी शेरिफ ऑफिस ने संयुक्त जांच शुरू कर दी है। सुरक्षा एजेंसियां घटनास्थल से सबूत जुटा रही हैं और इस सुरक्षा चूक के कारणों की पड़ताल कर रही हैं।

    यह ट्रंप पर हमला कोई नया मामला नहीं है। सितंबर 2024 में ट्रंप इंटरनेशनल गोल्फ क्लब में उनकी हत्या की कोशिश हुई थी, जबकि जुलाई 2024 में पेंसिल्वेनिया की चुनावी रैली में भी उनके खिलाफ जा

  • SP President Akhilesh Yadav Offers CM Post to Brajesh Pathak & Keshav Prasad Maurya :  100 विधायक लाओ, सीएम बन जाओ:अखिलेश यादव

    SP President Akhilesh Yadav Offers CM Post to Brajesh Pathak & Keshav Prasad Maurya : 100 विधायक लाओ, सीएम बन जाओ:अखिलेश यादव

    लखनऊ।
    समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष Akhilesh Yadav ने एक बार फिर उत्तर प्रदेश की राजनीति में हलचल मचा दी है। उन्होंने डिप्टी सीएम Keshav Prasad Maurya और Brajesh Pathak को खुला ऑफर देते हुए कहा कि “100 विधायक लेकर आइए और मुख्यमंत्री बन जाइए, इससे बेहतर मौका नहीं मिलेगा।”

    अखिलेश ने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा के अंदर ही नेतृत्व को लेकर असंतोष है। उन्होंने दावा किया कि अगर डिप्टी सीएम में हिम्मत है तो वे अपने समर्थन का आंकड़ा दिखाएं और सत्ता संभालें।

    शंकराचार्य प्रकरण पर योगी सरकार को घेरा

    अखिलेश यादव ने शंकराचार्य से जुड़े कथित विवाद को लेकर मुख्यमंत्री Yogi Adityanath की सरकार पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि सनातन परंपरा में कभी किसी शंकराचार्य का अपमान नहीं हुआ, लेकिन मौजूदा सरकार के दौर में धार्मिक गुरुओं के साथ अभद्र व्यवहार की घटनाएं सामने आ रही हैं।

    उन्होंने कहा कि जब शंकराचार्य की बेइज्जती की जा रही थी, तब सरकार के लोग खामोश क्यों थे? जनता इसका जवाब देगी।

    भाजपा पर तीखा हमला

    अखिलेश ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार भ्रष्टाचार, विकास परियोजनाओं में अनियमितताओं और जनसमस्याओं से ध्यान हटाने के लिए मुद्दों को भटका रही है। उन्होंने कहा कि जनता सरकार से निराश है और पीडीए गठबंधन लगातार मजबूत हो रहा है।

    उन्होंने यह भी कहा कि सरकार टिकाऊ नहीं है और जनता अब बदलाव का इंतजार कर रही है। डिप्टी सीएम को दिए गए इस खुले ऑफर और शंकराचार्य प्रकरण पर भाजपा की प्रतिक्रिया क्या होगी, इस पर अब सबकी नजरें टिकी हैं।

  • Akhilesh Yadav:अखिलेश यादव का बीजेपी सरकार पर बड़ा हमला

    Akhilesh Yadav:अखिलेश यादव का बीजेपी सरकार पर बड़ा हमला

    लखनऊ: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव(Akhilesh yadav) ने केंद्र और उत्तर प्रदेश की भारतीय जनता पार्टी सरकार पर निर्माण कार्यों और विकास परियोजनाओं को लेकर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार में योजनाओं और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं और भ्रष्टाचार के आरोप लगातार सामने आ रहे हैं।

    अखिलेश यादव ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि “हवा हवाई हो गये हवाई अड्डे! दरअसल बीजेपी राज में कोई भी योजना या निर्माण सिर्फ सरकारी खजाने से पैसे निकालने का जरिया होता है, जिससे भ्रष्टाचार को मुखौटा पहनाया जा सके।” उन्होंने कहा कि भाजपा की बनाई पानी की टंकियाँ गिर रही हैं, मंदिर से लेकर संसद तक की छतें टपक रही हैं, सड़के बदहाल हैं और एक्सप्रेसवे लागत व कमीशनखोरी का रिकॉर्ड बना रहे हैं। रेलवे स्टेशन की दीवारें धराशायी हो रही हैं और एयरपोर्ट के शेड्स गिर रहे हैं या बंद हो रहे हैं।

    सपा मुखिया ने तंज कसते हुए कहा कि “विनाश की गति अपरंपार, डबल इंजन का भ्रष्टाचार।” उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपाई और उनके ठेकेदारों का गुप्त नारा है—“पैसा बँटा, बजट सफा।”

    इससे पहले अखिलेश यादव ने मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर भी निशाना साधा था। उन्होंने कहा कि “यह दूसरों को उपद्रवी माफिया कहते हैं, लेकिन 2017 के बाद अगर उन्होंने अपने मुकदमे वापस न लिए होते तो अब तक का सबसे उपद्रवी मुख्यमंत्री वही होते।” अखिलेश ने गोरखपुर पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि “वह गोरखपुर नहीं है, वहां पर गोरख धंधा चल रहा है।”

  • ONLINE FRIEND छात्रा के लिए बनी जान की आफत, पहले अपहरण फिर बलात्कार

    परिवार और समाज की जिम्मेदारी, बच्चों को डिजिटल सुरक्षा सिखाएँ

    नई दिल्ली: गुरुग्राम से एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। त्रिपुरा से पढ़ाई करने आई बीएससी बायोटेक्नोलॉजी की दूसरी वर्ष की छात्रा को सोशल मीडिया पर बने एक दोस्त(ONLINE FRIEND) ने अपने जाल में फंसा लिया। शुरुआत में सामान्य बातचीत से शुरू हुई पहचान धीरे-धीरे दोस्ती में बदली और छात्रा ने उस युवक पर भरोसा कर लिया। लेकिन यह भरोसा उसके लिए खतरनाक साबित हुआ।

    आरोप है कि युवक ने मिलने के बहाने छात्रा को अपने ठिकाने पर बुलाया और वहां उसे बंधक बना लिया। तीन दिनों तक उसके साथ अमानवीय व्यवहार किया गया। भयभीत छात्रा ने किसी तरह अपनी मां को फोन कर मदद मांगी। बेटी की टूटी आवाज सुनकर मां ने तुरंत पुलिस से संपर्क किया और लोकेशन साझा की। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए छात्रा को गंभीर हालत में छुड़ाया और अस्पताल में भर्ती कराया। हालत बिगड़ने पर उसे दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल रेफर किया गया, जहां वह आईसीयू में भर्ती है।

    छात्रा के बयान के आधार पर पुलिस ने गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। कई टीमें उसकी गिरफ्तारी के लिए काम कर रही हैं। वहीं पीड़िता की मां ने प्रधानमंत्री और गृह मंत्री से न्याय की गुहार लगाई है। उनका कहना है कि बेटी बेहतर भविष्य के लिए घर से दूर आई थी, लेकिन इस घटना ने पूरे परिवार को हिला दिया है।

    फिलहाल परिवार न्याय की प्रतीक्षा कर रहा है और पुलिस का कहना है कि आरोपी को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा

  • यूपी में 22 फरवरी को विशेष मतदाता सूची अभियान, सभी बूथों पर नाम जोड़ने और सुधार का मौका

    यूपी में 22 फरवरी को विशेष मतदाता सूची अभियान, सभी बूथों पर नाम जोड़ने और सुधार का मौका

    लखनऊ। भारत निर्वाचन आयोग के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत उत्तर प्रदेश में दावा एवं आपत्ति अवधि के दौरान रविवार को प्रदेश के सभी मतदेय स्थलों पर विशेष अभियान दिवस आयोजित किया जाएगा।

    यह अभियान पात्र नागरिकों के नाम मतदाता सूची में शामिल कराने और सूची में दर्ज त्रुटियों को सुधारने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है।

    प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने बताया कि आयोग के निर्देशानुसार चार विशेष अभियान दिवस निर्धारित किए गए थे। इनमें 11 जनवरी, 18 जनवरी और 31 जनवरी को अभियान पहले ही आयोजित हो चुके हैं, जबकि 22 फरवरी को चौथा और अंतिम विशेष अभियान दिवस आयोजित किया जाएगा।

    ⏰ समय और व्यवस्था

    • प्रत्येक मतदेय स्थल पर सुबह 10:30 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक बूथ लेवल अधिकारी (BLO) उपस्थित रहेंगे।
    • बीएलओ के पास 6 जनवरी को प्रकाशित आलेख्य मतदाता सूची उपलब्ध रहेगी।
    • मतदाता अपने नाम की जांच कर सकेंगे।

    📝 उपलब्ध फार्म

    • फॉर्म-6 : नया नाम जोड़ने के लिए
    • फॉर्म-6A : विदेश में रह रहे भारतीय नागरिकों के लिए
    • फॉर्म-7 : नाम विलोपन हेतु
    • फॉर्म-8 : प्रविष्टि संशोधन के लिए

    प्रत्येक मतदान केंद्र पर हेल्प डेस्क की व्यवस्था भी की जाएगी, जहां मतदाताओं को फॉर्म भरने में सहायता मिलेगी।

    मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंटों, जनप्रतिनिधियों और स्वयंसेवकों से भी नियमानुसार सहयोग लिया जाएगा। साथ ही जिला निर्वाचन अधिकारी और निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी अभियान की निगरानी के लिए भ्रमणशील रहेंगे।

  • ADJ POCSO: अविमुक्तेश्वरानंद की बढ़ीं मुश्किलें, कोर्ट ने इस मामले में FIR के दिए आदेश

    ADJ POCSO: अविमुक्तेश्वरानंद की बढ़ीं मुश्किलें, कोर्ट ने इस मामले में FIR के दिए आदेश

    प्रयागराज। यौन शोषण के आरोपों से जुड़े मामले में एडीजे रेप एवं पॉक्सो स्पेशल कोर्ट(ADJ POCSO) ने अहम आदेश जारी किया है। अदालत ने झूंसी थाना पुलिस को निर्देश दिया है कि वे स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और उनके शिष्य स्वामी मुकुंदानंद गिरी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर प्रकरण की विस्तृत जांच करें।

    अदालत ने अपने आदेश में कहा कि शिकायत में लगाए गए आरोप गंभीर प्रकृति के हैं और प्रथम दृष्टया संज्ञान लेने योग्य प्रतीत होते हैं। ऐसे में पुलिस का दायित्व है कि विधि के अनुसार एफआईआर दर्ज कर निष्पक्ष और गहन जांच सुनिश्चित करे।

    कोर्ट का निर्देश

    • झूंसी थाना पुलिस तत्काल एफआईआर दर्ज करे।
    • पॉक्सो एक्ट और अन्य संबंधित धाराओं के तहत जांच की जाए।
    • पीड़ित पक्ष की सुरक्षा और गोपनीयता का विशेष ध्यान रखा जाए।

    कानूनी पृष्ठभूमि

    मामला यौन शोषण से संबंधित होने के कारण पॉक्सो (POCSO) अधिनियम के तहत विशेष अदालत में विचाराधीन है। एडीजे रेप एवं पॉक्सो कोर्ट ऐसे मामलों की त्वरित सुनवाई और संवेदनशील तरीके से जांच सुनिश्चित करने के लिए गठित की जाती है।

    अब इस आदेश के बाद झूंसी थाना पुलिस की कार्रवाई पर सबकी नजरें टिकी हैं। यदि एफआईआर दर्ज होती है तो आगे की जांच और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर अगला कदम तय होगा।