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  • Government-Owned PEC Ltd Allegedly Duped of ₹631 Crore by  Soumit Ranjan Jena and His Wife: सरकारी कंपनी पीईसी लिमिटेड को मोहन भागवत के फंटर सौमित रंजन जेना और उसकी पत्नी प्रीति ने लगाई 631 करोड़ की चपत

    Government-Owned PEC Ltd Allegedly Duped of ₹631 Crore by Soumit Ranjan Jena and His Wife: सरकारी कंपनी पीईसी लिमिटेड को मोहन भागवत के फंटर सौमित रंजन जेना और उसकी पत्नी प्रीति ने लगाई 631 करोड़ की चपत

    PEC Limited कंपनी से सौमित ने चीन को लौह अयस्क की सप्लाई के लिए थे 348 करोड़, व्याज सहित हो गए 613 करोड़

    मुंबई। सरकारी कंपनी पीईसी लिमिटेड से जुड़े 613 करोड़ रुपये के कथित वित्तीय घोटाले को लेकर चार्टर्ड अकाउंटेंट विजय डागर ने जांच और न्यायिक प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाते हुए संबंधित एजेंसियों से मामले की निष्पक्ष एवं विस्तृत जांच की मांग की है। डागर का दावा है कि उन्होंने इस मामले में उपलब्ध दस्तावेजों और वित्तीय लेन-देन का अध्ययन कर कई महत्वपूर्ण बिंदु जांच एजेंसियों के समक्ष रखे हैं।
    डागर के अनुसार, वर्ष 2011-12 में पिसीज एक्सिम के मुंबई यूनिट के प्रोपराइटर सौमित जेना ने पीईसी लिमिटेड से चीन को लौह अयस्क निर्यात के लिए करीब 613 करोड़ रुपये का ऋण लिया था। उनका आरोप है कि बाद में कंपनी की संरचना में बदलाव कर कुछ कर्मचारियों को पिसीज एक्सिम (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड का निदेशक बनाया गया और जेना तथा उनकी पत्नी ने निदेशक पद से इस्तीफा दे दिया। डागर का दावा है कि इस प्रक्रिया के जरिए ऋण की जिम्मेदारी नए निदेशकों वाली कंपनी पर डाल दी गई।
    डागर स्वयं पिसीज एक्सिम (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड के वित्त वर्ष 2011-12 के वैधानिक ऑडिटर थे। उनके खिलाफ गोवा में SPCC/10/2019 मामला दर्ज होने का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि उन पर सरस्वत को-ऑपरेटिव बैंक से लिए गए करीब 3 करोड़ रुपये के सुरक्षित ऋण को कंपनी की पुस्तकों में नहीं दिखाने का आरोप लगाया गया। डागर का कहना है कि उक्त ऋण वास्तव में पिसीज एक्सिम के प्रोपराइटर सौमित जेना की प्रोपराइटरी इकाई से संबंधित था और ऋण की राशि उसी खाते में दर्ज एवं बाद में चुकाई गई थी।
    डागर का कहना है कि इस तथ्य को स्पष्ट करने के लिए उन्होंने सरस्वत बैंक से संबंधित बैंक स्टेटमेंट हासिल करने का प्रयास किया, लेकिन बैंक ने उन्हें तीसरा पक्ष बताते हुए स्टेटमेंट उपलब्ध नहीं कराया। उनका आरोप है कि बैंक खाते और उसमें हुए लेन-देन की विस्तृत जांच होने पर 613 करोड़ रुपये के कथित वित्तीय लेन-देन और धन के हस्तांतरण की वास्तविक तस्वीर सामने आ सकती है।


    उन्होंने SPCC/11/2019 और SPCC/12/2019 का भी उल्लेख करते हुए दावा किया कि पिसीज एक्सिम इंडिया प्राइवेट लिमिटेड में बाद में बनाए गए कुछ निदेशकों को भी मामले में आरोपी बनाया गया, जबकि उनकी भूमिका और नियुक्ति की परिस्थितियों की स्वतंत्र जांच आवश्यक है। डागर ने एक पूर्व कानूनी प्रबंधक की मौत का भी उल्लेख किया है और इस संबंध में जांच की मांग की है।
    डागर ने आरोप लगाया कि कथित घोटाले में निर्यात से प्राप्त धन के स्थानांतरण, नकद निकासी, कथित फर्जी कारोबार तथा दुबई स्थित खातों में धन भेजे जाने जैसे कई पहलुओं की जांच की जरूरत है। हालांकि, इन गंभीर आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और संबंधित एजेंसियों अथवा न्यायालय के अंतिम निष्कर्ष का इंतजार है।


    उन्होंने यह भी दावा किया कि मामले में आरोपी बताए जा रहे सौमित जेना वर्ष 2018 में भारत से बाहर चला गया, उसकी इतनी पहुंच थी कि उसने अपने रसूख से दो दिन के अंदर अपना और अपनी पत्नी का पासपोर्ट रिन्यू कराकर नेपाल के रास्ते प्राईवेट जेट से दुबई चला गया. सीबीआई दावा करती है कि दुबई की पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है लेकिन खुलासा अभी तक नहीं हुआ है। इस कांड में मोहन भागवत का हाथ है और उनकी सह पर सौमित रंजन जेना वर्ष 2018 में सरकारी कंपनी पीईसी लिमिटेड द्वारा दिए गए ऋण को गटकने में सफल हो सका।


    डागर ने भारतीय सनदी लेखाकार संस्थान (ICAI) और नेशनल फाइनेंशियल रिपोर्टिंग अथॉरिटी (NFRA) से भी इस मामले के लेखांकन पक्ष पर विशेषज्ञ राय देने का आग्रह किया है। उनका कहना है कि यदि 3 करोड़ रुपये के बैंक ऋण की वास्तविक प्रकृति और उधारकर्ता की स्थिति स्पष्ट हो जाती है तो उनके खिलाफ चल रही कार्यवाही के महत्वपूर्ण पहलुओं का समाधान हो सकता है।
    उन्होंने प्रधानमंत्री कार्यालय, गृह मंत्रालय, कानून एवं न्याय मंत्रालय, केंद्रीय सतर्कता आयोग, सीबीआई और अन्य संस्थानों को शिकायतें भेजे जाने का भी दावा किया है। डागर का आरोप है कि वर्ष 2022 में उनसे मामला समाप्त कराने के लिए रिश्वत की मांग की गई थी। इस आरोप की भी स्वतंत्र जांच आवश्यक है।
    डागर का कहना है कि पिछले कई वर्षों से वह इस मामले में न्याय के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि उन्हें दो बार जान से मारने की धमकी भी मिली है। उनका कहना है कि इतने बड़े सरकारी वित्तीय मामले में केवल आरोपियों की पहचान करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि बैंकिंग लेन-देन, निर्यात प्राप्तियों और धन के अंतिम उपयोग का फॉरेंसिक ऑडिट कर वास्तविक लाभार्थियों और जिम्मेदार लोगों की पहचान की जानी चाहिए।
    उन्होंने केंद्र सरकार, सीबीआई, संबंधित न्यायिक संस्थाओं और वित्तीय नियामक एजेंसियों से पूरे मामले की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच कराने के लिए शिकायत की गई है तथा यदि सरकारी धन की हेराफेरी प्रमाणित होती है तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।

    पीईसी लिमिटेड 613 करोड़ रुपये का वित्तीय घोटाला

    • घोटाले का स्वरूप: वर्ष 2011-12 में ‘पिसीज एक्सिम’ के मुंबई यूनिट के प्रोपराइटर सौमित जेना द्वारा सरकारी कंपनी पीईसी लिमिटेड से चीन को लौह अयस्क निर्यात के नाम पर लगभग 613 करोड़ रुपये का ऋण लिया गया था।
    • कंपनी संरचना में बदलाव का आरोप: आरोप है कि बाद में कंपनी की संरचना बदलकर कुछ अन्य कर्मचारियों को ‘पिसीज एक्सिम (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड’ का निदेशक बना दिया गया, जबकि जेना और उनकी पत्नी ने निदेशक पद से इस्तीफा दे दिया। इस प्रक्रिया के जरिए ऋण की देयता नई कंपनी पर डाले जाने का दावा किया गया है।
    • फॉरेंसिक ऑडिट और निष्पक्ष जांच की मांग: मामले के वित्तीय लेन-देन, निर्यात प्राप्तियों, धन के अंतिम उपयोग, दुबई स्थित खातों में धन ट्रांसफर और नकद निकासी की गहराई से फॉरेंसिक जांच कराने की मांग की गई है।

    चार्टर्ड अकाउंटेंट विजय डागर के दावे और पक्ष

    • वैधानिक ऑडिटर की भूमिका: विजय डागर वर्ष 2011-12 के दौरान पिसीज एक्सिम (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड के वैधानिक ऑडिटर थे।
    • गोवा मामला (SPCC/10/2019): डागर पर सरस्वत को-ऑपरेटिव बैंक से लिए गए लगभग 3 करोड़ रुपये के सुरक्षित ऋण को कंपनी की पुस्तकों में नहीं दिखाने का आरोप है। डागर का स्पष्ट कहना है कि यह ऋण सौमित जेना की प्रोपराइटरी इकाई से संबंधित था और उसी खाते में दर्ज एवं चुकाया गया था।
    • अन्य मामले: डागर ने SPCC/11/2019 और SPCC/12/2019 का हवाला देते हुए बाद के निदेशकों की भूमिका और नियुक्ति की परिस्थितियों की स्वतंत्र जांच की मांग की है। साथ ही, उन्होंने एक पूर्व कानूनी प्रबंधक की संदिग्ध मौत की जांच की भी मांग उठाई है।
    • संस्थानों से अपील: डागर ने भारतीय सनदी लेखाकार संस्थान (ICAI) और नेशनल फाइनेंशियल रिपोर्टिंग अथॉरिटी (NFRA) से इस मामले के लेखांकन पक्ष पर विशेषज्ञ राय देने का आग्रह किया है।
    • सुरक्षा और धमकियां: डागर का दावा है कि वह लंबे समय से न्याय के लिए संघर्ष कर रहे हैं और इस दौरान उन्हें दो बार जान से मारने की धमकियां भी मिली हैं। साथ ही उन्होंने वर्ष 2022 में मामला समाप्त करने के एवज में रिश्वत मांगे जाने का भी गंभीर आरोप लगाया है।

    एजेंसियों और सरकार से मांग

    • प्रधानमंत्री कार्यालय, गृह मंत्रालय, कानून एवं न्याय मंत्रालय, केंद्रीय सतर्कता आयोग और सीबीआई जैसी प्रमुख संस्थाओं को शिकायतें भेजी गई हैं।
  • Kohinoor Building Collapse:भिवंडी में जर्जर इमारत का हिस्सा ढहा, 10 की मौत; मरम्मत के दौरान पिलर क्रैक होने से हुआ हादसा

    Kohinoor Building Collapse:भिवंडी में जर्जर इमारत का हिस्सा ढहा, 10 की मौत; मरम्मत के दौरान पिलर क्रैक होने से हुआ हादसा

    भिवंडी। शहर के भंडारी कंपाउंड स्थित गंगारामवाड़ी इलाके में गुरुवार रात एक दर्दनाक हादसे में चार मंजिला जर्जर कोहिनूर अपार्टमेंट के बी-विंग का हिस्सा अचानक भरभराकर ढह गया। हादसे में मलबे में दबने से अब तक 10 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि चार लोगों को जिंदा बाहर निकालकर उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मलबे में और लोगों के दबे होने की आशंका के चलते एनडीआरएफ, टीडीआरएफ, दमकल विभाग, पुलिस और भिवंडी मनपा की टीमें राहत एवं बचाव अभियान में जुटी रहीं। हादसे के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है।

    Kohinoor Building Collapse

    भिवंडी मनपा प्रभाग समिति-4 के सहायक आयुक्त अरविंद घुंघरे के अनुसार, सर्वे नंबर 1557/0 पर स्थित चार मंजिला कोहिनूर अपार्टमेंट का निर्माण वर्ष 2007 में हुआ था। गुरुवार रात करीब 11.20 बजे इमारत का एक हिस्सा अचानक भरभराकर गिर गया। हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन, पुलिस और अग्निशमन विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं। इसके बाद एनडीआरएफ और टीडीआरएफ की टीमें भारी मशीनरी, पोकलेन, जेसीबी और गैस कटर के साथ राहत कार्य में जुटीं। सरियों को गैस कटर से काटकर मलबा हटाया गया और पूरी रात रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया।

    रेस्क्यू अभियान के दौरान चार लोगों को घायल अवस्था में मलबे से जिंदा निकालकर आईजीए अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहीं मलबे से अब तक 10 शव निकाले जा चुके हैं। मृतकों की पहचान शमीम शेख (32), रणजीत सिंह (45), मिराज रसूल शेख (34), संतोष कुमार पांडे (42), शमीम अंसारी (30), राकेश कुमार पासवान (28), अशोक पासवान (43) और मुकेश पासवान (20) के रूप में हुई है। दो मृतकों की पहचान अभी नहीं हो सकी है। राकेश, अशोक और मुकेश पासवान तीनों भाई बताए जा रहे हैं और इमारत में मरम्मत का काम कर रहे थे।

    एनडीआरएफ के अनुसार, इमारत की पहली मंजिल पर रहने वाले कुछ लोगों तथा मरम्मत कार्य में लगे मजदूरों के मलबे में फंसे होने की आशंका थी। जिला प्रशासन और आपातकालीन टीमों की प्राथमिकता मलबे को हटाकर सभी संभावित लोगों की तलाश करना रही।

    मनपा ने पहले ही घोषित कर रखा था जर्जर

    भिवंडी मनपा के उपायुक्त विक्रम दराडे ने बताया कि मनपा प्रशासन ने कोहिनूर अपार्टमेंट को पहले ही धोखादायक घोषित कर नोटिस जारी किए थे। उनके अनुसार, 7 सितंबर 2020 को पहली नोटिस जारी कर इमारत को खतरनाक बताया गया था। इसके बाद 22 अप्रैल 2022 को दूसरी नोटिस देकर स्ट्रक्चरल ऑडिट कराने की सलाह दी गई थी। इसके बावजूद अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। अंततः 5 जून 2026 को मनपा ने इमारत को तोड़ने की नोटिस जारी की और इमारत को खाली भी करा लिया गया था। हालांकि तोड़क कार्रवाई पूरी होने से पहले ही गुरुवार रात इमारत का हिस्सा ढह गया।

    हादसे से ठीक पहले इमारत में कुछ आवाजें और सुगबुगाहट सुनाई देने की बात सामने आई है। खतरे का अंदेशा होते ही अधिकांश लोग समय रहते बाहर निकल गए, जिससे संभावित रूप से बड़ा जनहानि टल गई।

    रात के अंधेरे में चल रहा था मरम्मत का काम

    स्थानीय विधायक महेश चौघुले के अनुसार, इमारत को पहले ही खतरनाक घोषित किया जा चुका था और मनपा की ओर से कई बार नोटिस भी दिए गए थे। अधिकांश परिवारों को इमारत से बाहर निकाल दिया गया था। हादसे के समय कुछ मजदूर और अन्य लोग सामान निकालने या मरम्मत कार्य के सिलसिले में इमारत के अंदर मौजूद थे।

    विधायक के मुताबिक, मरम्मत के दौरान एक साथ तीन पिलरों पर काम किए जाने के कारण पिलरों में क्रैक आया और इमारत का संतुलन बिगड़ गया। इसके बाद बी-विंग का हिस्सा अचानक भरभराकर ढह गया। हालांकि हादसे की वास्तविक वजह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

    घटना की जानकारी मिलने के बाद आपदा व्यवस्थापन मंत्री गिरीश महाजन, जिलाधिकारी, पूर्व केंद्रीय मंत्री कपिल पाटिल, सांसद सुरेश म्हात्रे उर्फ बाल्या मामा, विधायक महेश चौघुले, मनपा महापौर नारायण चौधरी, अतिरिक्त आयुक्त विठ्ठल डाके सहित अन्य जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया तथा राहत एवं बचाव कार्य की निगरानी की।

    प्रशासन ने पूरे मामले की जांच कराने की बात कही है। अधिकारियों के अनुसार, यदि जांच में किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। हादसे के बाद घटनास्थल को सुरक्षा घेरे में लेकर आम लोगों की आवाजाही रोक दी गई है। प्रशासन अब हादसे के कारणों और मरम्मत कार्य के दौरान अपनाए गए सुरक्षा मानकों की जांच में जुटा है।

  • Boat Kids Tech Launch: boAt ने बच्चों के लिए किड सीरीज़ लॉन्च की, सेलर नैव स्मार्टवॉच और सेलर प्ले हेडफ़ोन पेश

    Boat Kids Tech Launch: boAt ने बच्चों के लिए किड सीरीज़ लॉन्च की, सेलर नैव स्मार्टवॉच और सेलर प्ले हेडफ़ोन पेश

    मुंबई, 26 जुलाई। भारत के ऑडियो और वियरेबल्स ब्रांड boAt ने बच्चों के लाइफस्टाइल टेक्नोलॉजी सेगमेंट में कदम रखते हुए अपनी नई किड सीरीज़ लॉन्च की है।(Boat Kids Tech Launch) इस सीरीज़ में सेलर नैव स्मार्टवॉच और सेलर प्ले वायरलेस हेडफ़ोन शामिल हैं। कंपनी के अनुसार, सेलर नैव स्मार्टवॉच को इस तरह डिज़ाइन किया गया है कि माता-पिता रियल-टाइम लोकेशन ट्रैकिंग, 4जी टू-वे वॉइस और वीडियो कॉलिंग, जियो-फेंसिंग, एसओएस और ऑडियो चैट जैसे फीचर्स के जरिए बच्चों से जुड़े रह सकें। स्मार्टवॉच की कीमत 6,499 रुपये रखी गई है और यह फेयरी पिंक व स्काई ब्लू रंगों में उपलब्ध होगी।

    वहीं, सेलर प्ले वायरलेस हेडफ़ोन बच्चों के सुरक्षित और आरामदायक उपयोग को ध्यान में रखकर तैयार किए गए हैं। इनमें 85 डीबी की सुरक्षित वॉल्यूम सीमा, 40 एमएम ड्राइवर्स और 60 घंटे तक की बैटरी लाइफ दी गई है। इसकी कीमत 1,499 रुपये है और यह बबलगम पिंक, शार्क ब्लू तथा कोरल ब्लू रंगों में उपलब्ध होगा। boAt के सीईओ गौरव नैय्यर ने कहा कि किड सीरीज़ का उद्देश्य बच्चों की बढ़ती स्वतंत्रता और माता-पिता की सुरक्षा संबंधी जरूरतों के बीच संतुलन स्थापित करना है। दोनों उत्पाद boAt की आधिकारिक वेबसाइट और प्रमुख ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर उपलब्ध होंगे।

  • Tiranga March:नीट पेपर लीक के खिलाफ मुंबई में कल होगा तिरंगा मार्च, मनसे-शिवसेना (यूबीटी) समेत विपक्षी दलों का शक्ति प्रदर्शन

    Tiranga March:नीट पेपर लीक के खिलाफ मुंबई में कल होगा तिरंगा मार्च, मनसे-शिवसेना (यूबीटी) समेत विपक्षी दलों का शक्ति प्रदर्शन

    शिवाजी पार्क से सिद्धिविनायक मंदिर तक निकलेगा मार्च, राज ठाकरे बोले- यह राजनीति नहीं, छात्रों के भविष्य की लड़ाई

    मुंबई | देशभर में चर्चा का विषय बने नीट पेपर लीक मामले को लेकर रविवार, 26 जुलाई को मुंबई में विशाल तिरंगा मार्च निकाला जाएगा। छात्रों को न्याय दिलाने और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता की मांग को लेकर आयोजित इस मार्च में महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे), शिवसेना (यूबीटी) और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) सहित कई विपक्षी दलों ने समर्थन दिया है।

    मार्च को लेकर मुंबई में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। हाल ही में शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे से मुलाकात की थी। वहीं, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) ने भी इस आंदोलन को अपना आधिकारिक समर्थन देने की घोषणा की है।

    शनिवार को तैयारियों की समीक्षा के लिए राज ठाकरे ने मुंबई के सभी 36 विभागों के मनसे पदाधिकारियों की बैठक ली। बैठक में उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि यह किसी राजनीतिक दल का प्रदर्शन नहीं, बल्कि छात्रों के भविष्य की लड़ाई है। उन्होंने कहा कि मार्च में शामिल होने वाले सभी लोग केवल राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा लेकर ही शामिल हों और किसी भी राजनीतिक दल का झंडा या बैनर न लाएं। साथ ही कार्यकर्ताओं को छात्रों और उनके अभिभावकों से सीधे संपर्क कर अधिक से अधिक लोगों को मार्च में शामिल करने के निर्देश दिए गए।

    मार्च का कार्यक्रम

    • तारीख: 26 जुलाई 2026 (रविवार)
    • समय: सुबह 10:00 बजे
    • प्रारंभिक स्थल: छत्रपति शिवाजी महाराज पार्क, दादर
    • समापन स्थल: श्री सिद्धिविनायक मंदिर, प्रभादेवी
    • मार्ग: शिवाजी पार्क → गोखले रोड → सिद्धिविनायक मंदिर

    700 समन्वयकों की विशेष टीम रहेगी तैनात

    मार्च के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए मनसे ने 500 से 700 विशेष समन्वयकों की टीम तैयार की है। मुंबई के प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र से लगभग 20 स्वयंसेवकों को चुना गया है, जो पुलिस के साथ समन्वय कर संदिग्ध गतिविधियों, असामाजिक तत्वों और मोबाइल चोरों पर नजर रखेंगे। किसी भी गड़बड़ी की सूचना तत्काल पुलिस को दी जाएगी।

    दादर स्टेशन से मुफ्त बाइक सेवा

    दूर-दराज से आने वाले छात्रों और अभिभावकों की सुविधा के लिए मनसे नेता संदीप देशपांडे ने दादर रेलवे स्टेशन से शिवाजी पार्क तक मुफ्त बाइक सेवा उपलब्ध कराने की घोषणा की है। ट्रेन से आने वाले छात्र और नागरिक इस सेवा का लाभ लेकर सीधे मार्च स्थल तक पहुंच सकेंगे।

  • Dharmendra Pradhan Resigned:नीट विवाद के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा, छात्रों के आंदोलन के बाद लिया बड़ा फैसला

    Dharmendra Pradhan Resigned:नीट विवाद के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा, छात्रों के आंदोलन के बाद लिया बड़ा फैसला

    जंतर-मंतर पर छात्रों का प्रदर्शन जारी, इस्तीफे में युवाओं की भावनाओं का सम्मान करने की बात कही; राहुल गांधी ने पहले ही मंत्री बदलने की संभावना जताई थी।

    नई दिल्ली | नीट-यूजी 2026 परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर देशभर में चल रहे छात्र आंदोलन के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। जंतर-मंतर पर पिछले कई दिनों से हजारों छात्र प्रदर्शन कर रहे थे और उनकी प्रमुख मांग शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की थी।

    अपने इस्तीफे की जानकारी सोशल मीडिया पर साझा करते हुए धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि देश की युवाशक्ति ही भारत की सबसे बड़ी ताकत है और पिछले दस दिनों की घटनाओं ने उन्हें गहरा दुख पहुंचाया है। उन्होंने कहा कि वह चार दशकों से छात्र, शिक्षक और शिक्षा सुधार के लिए समर्पित रहे हैं तथा हमेशा एक मजबूत और समावेशी शिक्षा व्यवस्था के पक्षधर रहे हैं।

    प्रधान ने अपने संदेश में कहा कि 3 मई 2026 को आयोजित NEET-UG परीक्षा में अनियमितताओं के सामने आने के बाद केंद्र सरकार ने तत्काल जांच सीबीआई को सौंपी, परीक्षा रद्द की और पुनः परीक्षा आयोजित करने का निर्णय लिया। उन्होंने बताया कि अगले वर्ष से परीक्षा सीबीटी (Computer Based Test) मोड में कराने का भी फैसला लिया गया है।

    उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता 20 लाख से अधिक छात्रों की परीक्षा निष्पक्ष और सुचारू रूप से कराना थी। केंद्र और राज्य सरकारों के सहयोग से 21 जून 2026 को पुनः परीक्षा सफलतापूर्वक आयोजित की गई। उन्होंने यह भी कहा कि उनका प्रयास था कि किसी भी मेधावी छात्र का भविष्य परीक्षा माफिया के कारण प्रभावित न हो।

    धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि 16 जुलाई को घोषित परिणामों में गरीब और ग्रामीण पृष्ठभूमि के कई प्रतिभाशाली छात्रों ने सफलता हासिल की, लेकिन इसके बावजूद कुछ लोगों ने छात्रों को गुमराह करने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि उनके लिए यह व्यक्तिगत प्रतिष्ठा का विषय नहीं है, बल्कि देश के युवाओं का भविष्य सर्वोपरि है।

    उन्होंने अपने इस्तीफे में लिखा कि जंतर-मंतर और देशभर में बनी स्थिति का राष्ट्रविरोधी ताकतें लाभ न उठा सकें, देश की एकता बनी रहे और किसी भी छात्र का भविष्य कानूनी उलझनों में न फंसे, इसी उद्देश्य से उन्होंने प्रधानमंत्री को अपना त्यागपत्र सौंप दिया।

    प्रधान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें राष्ट्रसेवा का अवसर मिला, जिसके लिए वह सदैव कृतज्ञ रहेंगे। उन्होंने विश्वास जताया कि भविष्य में भी वह देश, ओडिशा और युवाओं की सेवा के लिए समर्पित रहेंगे।

    इस बीच, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में छात्रों की मांगों का समर्थन करते हुए कहा कि शिक्षा मंत्री को हटाया जाना चाहिए। राहुल गांधी ने दावा किया कि सरकार में धर्मेंद्र प्रधान का मंत्रालय बदले जाने पर चर्चा चल रही थी और छात्रों की तीन प्रमुख मांगों में पहली मांग शिक्षा मंत्री को हटाने की थी।

  • Winners of Sustainable Cities Challenge Announced for Varanasi: ‘सस्टेनेबल सिटीज़ चैलेंज’ के विजेताओं की घोषणा, वाराणसी के लिए चुने गए स्मार्ट मोबिलिटी समाधान

    मुंबई | वाराणसी के पुराने शहर में श्रद्धालुओं और पर्यटकों की बढ़ती भीड़ के बेहतर प्रबंधन तथा पैदल आवागमन को सुगम बनाने के उद्देश्य से आयोजित ‘सस्टेनेबल सिटीज़ चैलेंज’ के विजेताओं की घोषणा कर दी गई है। इस पहल का नेतृत्व वाराणसी नगर निगम ने टोयोटा मोबिलिटी फाउंडेशन (TMF), चैलेंज वर्क्स और डब्ल्यूआरआई इंडिया (WRI India) के सहयोग से किया।

    Winners of Sustainable Cities Challenge Announced for Varanasi

    प्रतियोगिता में सिटीडेटा.एआई और निप्पोन कोए के ‘सिटीफ्लो’ तथा द अर्बनाइज़र के ‘जनजात्रा’ को विजेता चुना गया। इन टीमों को वाराणसी में अपने समाधानों को लागू करने और आगे विकसित करने के लिए वित्तीय तथा तकनीकी परामर्श सहायता प्रदान की जाएगी।

    इसके अलावा वोजिक एआई के ‘बेहतर वे’ और प्रमेया कंसल्टिंग के ‘नई चाल’ को शहर में अधिक समावेशी और प्रभावी मोबिलिटी समाधान विकसित करने में योगदान के लिए ऑनरेबल मेंशन दिया गया।

    कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के ऊर्जा एवं नगर विकास मंत्री अरविंद कुमार शर्मा ने भी भाग लिया। उन्होंने कहा कि इस चुनौती के दौरान सामने आए नवाचारों को व्यापक स्तर पर लागू करने से वाराणसी सहित अन्य शहरों में भी शहरी परिवहन और भीड़ प्रबंधन को नई दिशा मिलेगी।

    वाराणसी के घनी आबादी वाले और धार्मिक महत्व वाले क्षेत्रों को ध्यान में रखकर विकसित किए गए ये समाधान आधुनिक तकनीक और मानव-केंद्रित डिजाइन पर आधारित हैं। इनका उद्देश्य तीर्थयात्रियों, पर्यटकों और स्थानीय नागरिकों के लिए आवागमन को अधिक सुरक्षित, सुविधाजनक और व्यवस्थित बनाना है।

    टोयोटा मोबिलिटी फाउंडेशन के एग्जीक्यूटिव प्रोग्राम डायरेक्टर प्रसन्ना गणेश ने कहा कि विजेता टीमों ने वाराणसी की चुनौतियों को अवसरों में बदलते हुए ऐसे व्यावहारिक समाधान प्रस्तुत किए हैं, जो शहर प्रशासन को भीड़ प्रबंधन और यातायात व्यवस्था बेहतर बनाने में मदद करेंगे। उन्होंने कहा कि फाउंडेशन का उद्देश्य तकनीक, सहयोग और सस्टेनेबिलिटी के माध्यम से सभी के लिए बेहतर मोबिलिटी सुनिश्चित करना है।

  • NDA MPs Protest Against Congress on Day 4 of Monsoon Session: संसद के चौथे दिन भी गरमाई सियासत, राहुल गांधी के विरोध में NDA सांसदों का प्रदर्शन

    NDA MPs Protest Against Congress on Day 4 of Monsoon Session: संसद के चौथे दिन भी गरमाई सियासत, राहुल गांधी के विरोध में NDA सांसदों का प्रदर्शन

    नरेश म्हस्के बोले- सरकार NEET सहित सभी मुद्दों पर चर्चा को तैयार, विपक्ष कर रहा राजनीति

    मुंबई | दिनेश चंद्र रावल

    संसद के मॉनसून सत्र के चौथे दिन भी राजनीतिक माहौल गर्म रहा। सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के सांसदों ने संसद परिसर के मकरद्वार पर एकत्र होकर कांग्रेस और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया तथा नारेबाजी की।

    सांसद नरेश म्हस्के ने मीडिया से बातचीत में कहा कि विपक्ष ने संसद की कार्यवाही को सुचारु रूप से चलने देने के बजाय राजनीतिक माहौल बनाने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि सरकार NEET परीक्षा सहित सभी महत्वपूर्ण मुद्दों पर सदन में विस्तृत चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष चर्चा के बजाय युवाओं की भावनाओं को भड़काने और सदन की कार्यवाही बाधित करने की राजनीति कर रहा है।

    म्हस्के ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास के सामने किया गया विरोध प्रदर्शन केवल प्रधानमंत्री का ही नहीं, बल्कि पूरे देश का अपमान है। उन्होंने कहा कि इसी के विरोध में NDA के सभी सांसद संसद के मकरद्वार पर एकत्र हुए और राहुल गांधी के रवैये की कड़ी निंदा की।

    उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में हर मुद्दे पर चर्चा होनी चाहिए, लेकिन संसद की कार्यवाही बाधित करने के बजाय रचनात्मक संवाद होना आवश्यक है। सरकार देश के युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर सार्थक चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है।

  • Doctor Protection Act: डॉक्टरों की सुरक्षा कानून को सख्ती से लागू करने की मांग, भिवंडी में NIMA ने तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन

    Doctor Protection Act: डॉक्टरों की सुरक्षा कानून को सख्ती से लागू करने की मांग, भिवंडी में NIMA ने तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन

    डोंबिवली में डॉक्टर पर हमले के विरोध में काली पट्टी बांधकर जताया विरोध, अस्पतालों में सुरक्षा बढ़ाने की मांग

    (Doctor Protection Act)

    भिवंडी | संवाददाता

    डोंबिवली के एक सरकारी अस्पताल में डॉक्टर पर हुए हमले की कड़ी निंदा करते हुए नेशनल इंटीग्रेटेड मेडिकल डॉक्टर्स एसोसिएशन (NIMA) की भिवंडी इकाई ने डॉक्टरों, नर्सों और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा के लिए बने कानूनों को सख्ती से लागू करने की मांग उठाई है। इस संबंध में संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने भिवंडी तहसीलदार अभिजीत खोले को ज्ञापन सौंपकर राज्य सरकार से तत्काल प्रभावी कार्रवाई की मांग की।

    इस दौरान भिवंडी शहर और तालुका के NIMA से जुड़े डॉक्टरों ने काम के दौरान काली पट्टी बांधकर डोंबिवली की घटना के विरोध में शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया।

    संगठन ने अपने ज्ञापन में कहा कि राज्य में डॉक्टरों, नर्सों और स्वास्थ्यकर्मियों पर हमले, मारपीट और अस्पतालों में तोड़फोड़ की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। सरकार ने स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा के लिए कानून बनाए हैं, लेकिन उनके प्रभावी क्रियान्वयन के अभाव में ऐसी घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। इसलिए कानून का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है।

    ज्ञापन में डोंबिवली हमले के आरोपियों के खिलाफ तत्काल कठोर कार्रवाई, अस्पतालों में पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था, स्वास्थ्य संस्थानों में हिंसा के प्रति शून्य सहिष्णुता (Zero Tolerance) नीति लागू करने तथा देशभर के स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा के लिए प्रभावी केंद्रीय कानून लागू करने की मांग की गई।

    इस अवसर पर राष्ट्रीय एकीकृत चिकित्सा डॉक्टर्स एसोसिएशन (NIMA) के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. आशुतोष कुलकर्णी के मार्गदर्शन में महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजू तातेवार, भिवंडी तालुका अध्यक्ष डॉ. राजेश दहापुते, डॉ. रमेश अदेप, डॉ. फैजान अंसारी, डॉ. डी. वैंगती, डॉ. ए. सलाम सिद्दीकी, डॉ. अनवर अंजुम, डॉ. जमीर हसन सहित अनेक डॉक्टर और पदाधिकारी उपस्थित रहे।

  • Thieves Steal Copper Wire Worth ₹70.20 Lakh from Bhiwandi Warehouse: भिवंडी में गोदाम का ताला तोड़कर 70.20 लाख रुपये की कॉपर वायर चोरी

    Thieves Steal Copper Wire Worth ₹70.20 Lakh from Bhiwandi Warehouse: भिवंडी में गोदाम का ताला तोड़कर 70.20 लाख रुपये की कॉपर वायर चोरी

    दापोड़ा स्थित गोदाम से आर.आर. केबल के 130 कार्टन ले उड़े चोर, नारपोली पुलिस ने दर्ज किया मामला

    भिवंडी | संवाददाता

    भिवंडी के दापोड़ा क्षेत्र में अज्ञात चोरों ने एक व्यावसायिक गोदाम का ताला तोड़कर करीब 70 लाख 20 हजार रुपये मूल्य की कॉपर वायर चोरी कर ली। चोर गोदाम में रखे आर.आर. केबल के 130 कार्टन लेकर फरार हो गए। घटना के बाद नारपोली पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    पुलिस के अनुसार दापोड़ा स्थित हरिहर कॉम्प्लेक्स के डी-3 भवन में गाला नंबर 1 और 2 में यह चोरी हुई। 18 जुलाई की शाम करीब 6:30 बजे से 20 जुलाई की सुबह 9:45 बजे के बीच अज्ञात चोरों ने गोदाम के शटर का ताला तोड़कर अंदर प्रवेश किया और वहां रखे आर.आर. केबल के 130 कार्टन चोरी कर लिए।

    शिकायत के अनुसार एक कार्टन की कीमत लगभग 54 हजार रुपये है। चोरी हुए सभी कार्टनों में कॉपर वायर थी, जिसकी कुल कीमत 70 लाख 20 हजार रुपये आंकी गई है।

    गोदाम संचालक कशीश प्रफुल संघवी (27) की शिकायत पर नारपोली पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 305(ए), 331(3) और 331(4) के तहत मामला दर्ज किया है।

    पुलिस आसपास के सीसीटीवी कैमरों के फुटेज की जांच कर रही है और आरोपियों की पहचान व गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए गए हैं। मामले की जांच सहायक पुलिस निरीक्षक महेंद्र पाटील कर रहे हैं।

  • Gold Jewellery Worth ₹3.32 Lakh Stolen After Car Window Smashed in Bhiwandi: भिवंडी में कार का शीशा तोड़कर 3.32 लाख के सोने के आभूषण चोरी

    Gold Jewellery Worth ₹3.32 Lakh Stolen After Car Window Smashed in Bhiwandi: भिवंडी में कार का शीशा तोड़कर 3.32 लाख के सोने के आभूषण चोरी

    होटल में खाना खाने गए परिवार को बनाया निशाना, सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जांच में जुटी कोनगांव पुलिस

    भिवंडी | संवाददाता

    भिवंडी के कोनगांव थाना क्षेत्र में सड़क किनारे खड़ी कार का शीशा तोड़कर अज्ञात चोर करीब 3 लाख 32 हजार 500 रुपये मूल्य के सोने के आभूषण चोरी कर फरार हो गए। यह घटना राजनोली स्थित देवदास बार के सामने कल्याण-भिवंडी मार्ग पर हुई।

    (Gold Jewellery Worth ₹3.32 Lakh Stolen After Car Window Smashed in Bhiwandi)

    पुलिस के अनुसार, मुंबई के घाटकोपर (पश्चिम) निवासी शांताराम पोपट अहिनवे (49) 19 जुलाई की रात अपनी पत्नी और परिवार के साथ कार से भिवंडी आए थे। रात करीब 10 बजे उन्होंने अपनी कार सड़क किनारे खड़ी कर पास के राधाकृष्ण होटल में भोजन करने चले गए।

    करीब 50 मिनट बाद जब परिवार वापस लौटा तो कार के बाईं ओर पीछे का शीशा टूटा हुआ मिला। जांच करने पर पता चला कि कार के अंदर रखे उनकी पत्नी के गुलाबी रंग के पर्स से करीब 3.32 लाख रुपये मूल्य के सोने के आभूषण चोरी हो चुके थे। अज्ञात चोर कार का शीशा तोड़कर पर्स में रखे आभूषण लेकर फरार हो गया।

    घटना की सूचना मिलने पर पीड़ित ने कोनगांव पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 303(2) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    पुलिस आसपास के सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल रही है ताकि आरोपी की पहचान की जा सके। मामले की जांच पुलिस उपनिरीक्षक भाऊसाहेब सावळे कर रहे हैं।