Category: Travel

And then there is the most dangerous risk of all — the risk of spending your life not doing what you want on the bet you can buy yourself the freedom to do it later.

  • Army Vehicle Accident: खाई में गिरी सेना की गाड़ी, 10 जवान शहीद, 7 गंभीर घायल

    Army Vehicle Accident: खाई में गिरी सेना की गाड़ी, 10 जवान शहीद, 7 गंभीर घायल

    जम्मू: डोडा जिले के भद्रवाह-चंबा इंटरस्टेट रोड पर खन्नी टाप के पास एक भयानक सैन्य वाहन दुर्घटना में 10 जवानों की जान चली गई और 7 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। यह वाहन बुलेट-प्रूफ आर्मी गाड़ी थी, जिसमें कुल 17 जवान सवार थे। वाहन ऊंची पोस्ट की ओर जा रहा था, तभी ड्राइवर ने नियंत्रण खो दिया और गाड़ी करीब 200 फुट गहरी खाई में जा गिरी।

    घायलों को एयरलिफ्ट कर अस्पताल पहुंचाया गया:
    घायलों को तुरंत बचाया गया और गंभीर रूप से घायल 7 सैनिकों को एयरलिफ्ट कर उधमपुर मिलिट्री अस्पताल में भर्ती कराया गया। घटना के तुरंत बाद सेना और पुलिस ने संयुक्त बचाव अभियान चलाया। अधिकारी बता रहे हैं कि हादसे में जान गंवाने वाले सभी सैनिकों के शव बरामद कर लिए गए हैं।

    लेफ्टिनेंट गवर्नर मनोज सिन्हा ने जताया शोक
    लेफ्टिनेंट गवर्नर मनोज सिन्हा ने इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना पर गहरा दुख जताया और शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि देश हमेशा सैनिकों की बहादुरी और सर्वोच्च बलिदान को याद रखेगा। उपराज्यपाल ने शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायल जवानों को सर्वोत्तम इलाज सुनिश्चित करने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिए।

    स्थानीय अधिकारियों और सेना की टीम लगातार घायलों की देखभाल और दुर्घटना के कारणों की जांच में जुटी हुई है। घटना ने एक बार फिर सेना और सुरक्षा बलों की निष्ठा और साहस के सामने देशवासियों की संवेदनशीलता को उजागर किया है।

  • Donald Trump Tarrif: भारत-यूरोपियन यूनियन की ‘मदर ऑफ ऑल ट्रेड डील’, ट्रंप की टैरिफ नीति पर बड़ा झटका

    Donald Trump Tarrif: भारत-यूरोपियन यूनियन की ‘मदर ऑफ ऑल ट्रेड डील’, ट्रंप की टैरिफ नीति पर बड़ा झटका

    नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ नीति और यूरोप के दबावों के बीच भारत ने यूरोपियन यूनियन (EU) के साथ एक ऐतिहासिक व्यापार समझौते पर सहमति जताई है। इस डील को दोनों पक्षों ने “मदर ऑफ ऑल ट्रेड” कहा है और इसे वैश्विक व्यापार की दिशा बदलने वाला कदम माना जा रहा है।

    डील से भारत को मिलेगा बड़ा फायदा:
    इस समझौते के तहत भारत यूरोप के करीब 27 देशों के 2 अरब लोगों के बाजार तक सीधे पहुंच सकेगा। यूरोप में भारत के कपड़े, चमड़े, आभूषण और हस्तशिल्प जैसे उत्पाद अब ड्यूटी-फ्री पहुंचेंगे। वहीं, यूरोप से आने वाले वाइन, डेयरी प्रोडक्ट और ऑटोमोबाइल जैसी वस्तुएं भारत में कम टैक्स के साथ उपलब्ध होंगी।

    डॉलर की दादागिरी पर रोक:
    सबसे बड़ा प्रभाव वित्तीय क्षेत्र में होगा। यूरोप और भारत के बीच सीधे मुद्रा आदान-प्रदान से डॉलर पर निर्भरता कम होगी। यूरो और रुपया मजबूत होंगे, जबकि अमेरिकी डॉलर की वैश्विक दबदबे वाली स्थिति कमजोर हो सकती है।

    ट्रंप के लिए बड़ा झटका:
    ट्रंप की मेक अमेरिका ग्रेट अगेन योजना और टैरिफ की धमकी यूरोप और भारत को अमेरिकी दबदबे से मुक्त कर रही है। इससे ट्रंप ने यूरोपियन यूनियन के साथ संभावित ट्रेड डील का अवसर खो दिया है और उनकी वैश्विक आर्थिक रणनीति को चुनौती मिल रही है।

    भविष्य में रणनीतिक फायदे:
    यह डील सिर्फ व्यापार तक सीमित नहीं रहेगी। इससे भारत को रक्षा सौदे, साइबर सिक्योरिटी, समुद्री सुरक्षा और आतंकवाद के खिलाफ सहयोग में भी मजबूती मिलेगी। आईटी और स्किल्ड प्रोफेशनल्स को यूरोप में काम करने के अवसर भी बढ़ेंगे।

    भारत की तैयारी:
    आरबीआई ने विदेशी बैंकों को भारत में स्पेशल रुपये वोस्ट्रो अकाउंट खोलने का निर्देश दिया है। इसके जरिए भारत और यूरोपियन यूनियन के बीच रुपये और यूरो में सीधे कारोबार शुरू हो सकेगा। रूस, श्रीलंका, UAE और जर्मनी सहित 22 से अधिक देश भी इस प्रणाली में शामिल होने के लिए सहमत हैं।

    विशेषज्ञों की राय:
    विशेषज्ञ मानते हैं कि इस डील से भारत वैश्विक आर्थिक नक्शे में अपनी स्थिति मजबूत करेगा और ट्रंप के टैरिफ दवाब का असर यूरोप और भारत के सहयोग से कम होगा। यह डील भारत के लिए आर्थिक, रणनीतिक और वैश्विक प्रभाव के मामले में अब तक का सबसे बड़ा कदम है।

  • Richa Industries बैंक घोटाला: ED ने पूर्व प्रमोटर संदीप गुप्ता को गिरफ्तार, करोड़ों के फर्जीवाड़े का खुलासा

    Richa Industries बैंक घोटाला: ED ने पूर्व प्रमोटर संदीप गुप्ता को गिरफ्तार, करोड़ों के फर्जीवाड़े का खुलासा

    गुरुग्राम: रिचा इंडस्ट्रीज लिमिटेड(Richa Industries) से जुड़े बड़े बैंक फ्रॉड मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की गुरुग्राम जोनल टीम ने कंपनी के पूर्व प्रमोटर और सस्पेंडेड मैनेजिंग डायरेक्टर संदीप गुप्ता को मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद उन्हें ED की कस्टडी में 8 दिन के लिए भेजा गया।

    236 करोड़ का चूना, फर्जी बिलिंग का खेल:
    ED की जांच में सामने आया है कि संदीप गुप्ता ने 2015 से 2018 के बीच जानबूझकर बिना माल सप्लाई किए फर्जी बिक्री दिखाकर सार्वजनिक बैंकों को 236 करोड़ रुपए का नुकसान पहुँचाया। इसमें कॉटन फैब्रिक सेल 7.42 करोड़ और सोलर संबंधित फर्जी बिक्री 8.50 करोड़ की पाई गई। फर्जी लेन-देन के लिए कई शेल कंपनियों का सहारा लिया गया और इनवॉइस व अकाउंट बुक्स में हेराफेरी की गई।

    फर्जी खरीद और लोन का घोटाला:
    कंपनी ने ZLD प्लांट और मशीनरी की 9.23 करोड़ की फर्जी खरीद दिखाई, जबकि FY 2015-16 से 2017-18 के बीच 16.40 करोड़ रुपये ग्रुप कंपनियों में लोन रीपेमेंट के नाम पर घुमाए गए। FY 2018-19 में RIL के पैसों से रिचा कृष्णा कंस्ट्रक्शंस प्राइवेट लिमिटेड में controlling stake खरीदकर अहम प्रोजेक्ट को बाहर ले जाया गया।

    संपत्तियों में हेरफेर, CIRP प्रभावित:
    ED ने आरोप लगाया कि CIRP शुरू होने से ठीक पहले संदीप गुप्ता ने कंपनी की कीमती संपत्तियों को डायवर्ट करने में भूमिका निभाई। इसके लिए कई शेल कंपनियों का इस्तेमाल किया गया। दिसंबर 2018 में CIRP शुरू हुआ, लेकिन कोई रिज़ॉल्यूशन प्लान पास नहीं हो सका। 11 जून 2025 को NCLT ने कंपनी को लिक्विडेशन में डाल दिया।

    बैंकों को भारी नुकसान, रिजर्व प्राइस पर बेची गई कंपनी:
    16 अक्टूबर 2025 को कंपनी को ई-ऑक्शन में 96 करोड़ के रिजर्व प्राइस पर बेचा गया। इससे IOB और यूनियन बैंक जैसे पब्लिक सेक्टर बैंकों को 696 करोड़ के दावों के बदले मात्र 40.29 करोड़ मिले, यानी लगभग 94% का हेयरकट झेलना पड़ा।

    कोरपोरेट गारंटी और शेल कंपनियों का इस्तेमाल:
    ED की जांच में खुलासा हुआ कि CIRP शुरू होने से पहले रिचा इंडस्ट्रीज़ ने छह कंपनियों को 232 करोड़ से ज्यादा की कॉरपोरेट गारंटी दी, जिनमें CoC में करीब 48.25% वोटिंग राइट्स थे। संदीप गुप्ता ने शेल कंपनी सारिगा कंस्ट्रक्शन प्रा. लिमिटेड बनाई, जिसमें पूर्व कर्मचारी नेहा सिंह को बेनामी डायरेक्टर बनाया गया।

    ED की जांच जारी:
    ED ने आरोप लगाया कि CIRP के दौरान संदीप गुप्ता और उनके परिवार ने गैरकानूनी तरीके से कंपनी पर कंट्रोल बनाए रखा, एग्रीमेंट किए और सैलरी भी ली। CIRP शुरू होने से पहले मसूरी के एक बड़े प्रोजेक्ट को प्रमोटर से जुड़ी कंपनी को सब-कॉन्ट्रैक्ट दे दिया गया, जिससे करीब 40 करोड़ रुपये बाहर चले गए।

  • IRCTC West Zone Annual Day: आईआरसीटीसी वेस्ट जोन, मुंबई ने धूमधाम से मनाया 26वां एन्युअल डे समारोह

    IRCTC West Zone Annual Day: आईआरसीटीसी वेस्ट जोन, मुंबई ने धूमधाम से मनाया 26वां एन्युअल डे समारोह

    मुंबई | प्रतिनिधि
    इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज़्म कॉरपोरेशन लिमिटेड (आईआरसीटीसी), वेस्ट जोन, मुंबई द्वारा दिनांक 19 दिसंबर 2025 को अपना 26वां एन्युअल डे समारोह अत्यंत हर्षोल्लास और भव्यता के साथ आयोजित किया गया। इस अवसर पर ग्रुप जनरल मैनेजर श्री गौरव झा ने पश्चिमी क्षेत्र की उल्लेखनीय उपलब्धियों और भविष्य की दिशा पर प्रकाश डाला।
    वेस्ट जोन का सशक्त और सराहनीय प्रदर्शन
    अपने संबोधन में श्री गौरव झा ने कहा कि पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में वर्तमान वर्ष वेस्ट जोन के लिए दृढ़ता, निरंतरता और उत्कृष्ट प्रदर्शन का प्रतीक रहा है। चुनौतीपूर्ण एवं गतिशील कार्य वातावरण के बावजूद वेस्ट जोन ने सभी क्षेत्रों में बेहतरीन कार्य करते हुए उल्लेखनीय सफलता हासिल की है।
    मोबाइल केटरिंग से ₹360 करोड़ का राजस्व
    उन्होंने जानकारी दी कि मोबाइल केटरिंग, जो वेस्ट जोन का सबसे बड़ा राजस्व स्रोत है, ने चालू वित्तीय वर्ष में लगभग ₹360 करोड़ का राजस्व अर्जित किया है।
    वेस्ट जोन द्वारा—

    – 13 वंदे भारत ट्रेनें
    – 12 राजधानी एवं शताब्दी ट्रेनें
    – 96 मेल/एक्सप्रेस WCB ट्रेनें
    – 83 एंड-टू-एंड TSV ट्रेनें
    – 329 ट्रेनें (सेक्शनल TSV मॉडल)
    में सफलतापूर्वक केटरिंग सेवाओं का संचालन किया गया।
    नई वंदे भारत ट्रेनों की सफल शुरुआत
    यात्रियों को आधुनिक और बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में इस वर्ष दो नई वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों—
    नागपुर–सिकंदराबाद, पुणे–कोल्हापुर का भी सफलतापूर्वक शुभारंभ किया गया।
    लॉन्ग-टर्म क्लस्टर मॉडल की बड़ी उपलब्धि
    इस वर्ष की एक बड़ी उपलब्धि शॉर्ट-टर्म मोबाइल टेंडरों का लॉन्ग-टर्म क्लस्टर मॉडल में सफल रूपांतरण रहा।
    वित्तीय वर्ष के दौरान—
    34 क्लस्टर
    119 ट्रेनें
    163 किचन यूनिट्स का संचालन प्रारंभ किया गया।
    चुनाव विशेष और FTR ट्रेनों में रिकॉर्ड सेवाएं
    आईआरसीटीसी वेस्ट जोन ने चुनाव विशेष एवं FTR ट्रेनों में लगभग 7.56 लाख भोजन उपलब्ध कराए, जिससे लगभग ₹14.20 करोड़ का राजस्व अर्जित हुआ। यह उपलब्धि वेस्ट जोन के लिए गर्व का विषय रही।
    कर्मचारियों को मिला सम्मान
    इस अवसर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कर्मचारियों को सम्मानित किया गया।
    50 कर्मचारियों को व्यक्तिगत पुरस्कार
    -भोपाल क्षेत्रीय कार्यालय – 11
    -अहमदाबाद क्षेत्रीय कार्यालय – 7
    -नागपुर एवं भुसावल – 2-2 के 6 ग्रुप अवार्ड सामूहिक उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रदान किए गए।

    टीमवर्क और समर्पण का परिणाम
    समारोह के समापन पर श्री गौरव झा ने कहा कि वेस्ट जोन की यह सभी उपलब्धियाँ अधिकारियों और कर्मचारियों के समर्पण, टीमवर्क और अथक परिश्रम का परिणाम हैं।

  • INDIGO FLIGHT: इंडिगो संकट पर कोर्ट नाराज़: “जिम्मेदारी कौन लेगा?”

    INDIGO FLIGHT: इंडिगो संकट पर कोर्ट नाराज़: “जिम्मेदारी कौन लेगा?”

    नई दिल्ली। दिल्ली उच्च न्यायालय ने बुधवार को इंडिगो एयरलाइन द्वारा बड़ी संख्या में उड़ानें रद्द किए जाने पर केंद्र सरकार को फटकार लगाते हुए पूछा कि आखिर ऐसी स्थिति क्यों पैदा हुई, जिसे अदालत ने “संकट” करार दिया। अदालत ने कहा कि न केवल यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा, बल्कि इससे अर्थव्यवस्था पर भी सीधा असर पड़ता है।

    मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति तुषार राव गेडेला की पीठ ने केंद्र से पूछा कि जब हज़ारों यात्री हवाई अड्डों पर फंसे हुए थे, तो अन्य एयरलाइंस टिकटों की कीमतें बढ़ाकर इस स्थिति का फायदा कैसे उठा सकती हैं?

    अदालत ने कहा कि यह सिर्फ असुविधा का मामला नहीं, बल्कि यात्रियों के अधिकारों और आर्थिक नुकसान का मुद्दा भी है।


    कारण बताओ नोटिस जारी – सरकार का दावा

    केंद्र और निदेशालय महानिदेशक नागर विमानन (DGCA) की ओर से पेश वकील ने अदालत को बताया कि:

    • इंडिगो को कारण बताओ नोटिस जारी किया जा चुका है
    • एयरलाइन ने लिखित रूप से खेद जताया है
    • संकट की स्थिति कई दिशानिर्देशों के उल्लंघन के कारण पैदा हुई
    • इसमें कर्मियों की उड़ान ड्यूटी घंटों से जुड़े नियम भी शामिल हैं

    सरकारी वकील ने कहा कि वर्तमान में कानूनी प्रावधान लागू किए जा रहे हैं और जांच जारी है।


    यात्रियों की मदद और रिफंड पर सुनवाई

    अदालत एक ऐसी जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी जिसमें मांग की गई है कि:

    • फंसे यात्रियों को तुरंत सहायता दी जाए
    • रद्द उड़ानों का पूरा रिफंड(Refund) मिले
    • भविष्य में इस तरह का संकट न हो इसके लिए नीति तैयार की जाए

    अदालत ने टिप्पणी की कि ऐसी स्थिति में सरकार की जिम्मेदारी(Responsibility) बढ़ जाती है, क्योंकि आम यात्री इस संकट का सबसे बड़ा शिकार बनते हैं।


    आगे क्या?

    दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र से विस्तृत जवाब मांगते हुए अगली सुनवाई की तारीख तय की। अदालत ने स्पष्ट कहा:

    “यह जानना ज़रूरी है कि इस स्थिति से निपटने की जिम्मेदारी कौन लेगा।”

  • Dhurandher Movie Review : धुरंधर एक देशभक्ति, हिम्मत और जज़्बे से भरपूर एक दमदार फ़िल्म

    Dhurandher Movie Review : धुरंधर एक देशभक्ति, हिम्मत और जज़्बे से भरपूर एक दमदार फ़िल्म

    निर्देशक/लेखक: आदित्य धर

    कलाकार: रणवीर सिंह, संजय दत्त, अक्षय खन्ना, आर. माधवन, अर्जुन रामपाल, सारा अर्जुन, राकेश बेदी

    अवधि: 196 मिनट

    रेटिंग: ****_

    मुंबई। लोकेश चंद्रा

    कई महीनों से दर्शकों के दिलों में एक बेचैनी थी, धुरंधर कब आएगी? पोस्टर से लेकर ट्रेलर तक, हर झलक ने ऐसा भरोसा जगाया था कि यह फ़िल्म कुछ असाधारण होने वाली है। और जब पर्दा उठा, तो साफ़ हो गया कि इंतज़ार पूरी तरह सफल रहा। आदित्य धर ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वे उन चुनिंदा निर्देशकों में से हैं जो कहानी को सिर्फ दिखाते नहीं, उसे महसूस करा देते हैं। उनका विज़न बड़ा है, पर पकड़ बेहद बारीक।फ़िल्म की नींव उन दो घटनाओं पर रखी गई है जिन्होंने भारत की सुरक्षा व्यवस्था को हिला दिया था 1999 का IC-814 हाईजैक और 2001 का भारतीय संसद हमला। इन घटनाओं को फ़िल्म में महज़ पृष्ठभूमि की तरह नहीं रखा गया, बल्कि इन्हीं से कहानी में वह तीखापन और संवेदनशीलता आती है जो दर्शकों को भीतर तक छू जाती है। शुरुआत से ही माहौल ऐसा बनता है मानो देश का इतिहास आँखों के सामने जीवंत हो उठा हो। आदित्य धर दिखाते हैं कि उस दौर में खुफ़िया एजेंसियों पर किस स्तर का दबाव था और देश के राजनीतिक गलियारों में कैसी घुटन भरी रणनीतियाँ चल रही थीं।

    फ़िल्म में अंतरराष्ट्रीय आतंकी हमलों, 9/11 और भारत को निशाना बनाने की साज़िशों से जुड़ी ऑडियो-क्लिप्स और वास्तविक फुटेज का उपयोग बेहद असरदार अंदाज़ में हुआ है। ये दृश्य दर्शक को रोमांच से ज्यादा एक जागरूकता की अवस्था में ले जाते हैं, कि दुनिया कितनी अस्थिर है और भारत को किस स्तर पर अपनी ढाल मज़बूत रखनी पड़ती है। कहानी और असल घटनाओं का यह मिश्रण फ़िल्म को एक भयंकर वास्तविकता देता है, जो इसे आम एक्शन फ़िल्मों से कहीं ऊपर ले जाता है।

    रणवीर सिंह इस फ़िल्म की धड़कन हैं। उनका हमज़ा दो हिस्सों में बँटा किरदार है, एक तरफ भावनात्मक घावों से भरा इंसान और दूसरी तरफ एक ऐसा ऑपरेटिव जो हर सांस में खतरा समेटे हुए चलता है।उनका तीखापन, गुस्सा, टूटा हुआ मन सब कुछ इतना स्वाभाविक है कि दर्शक उनसे दूर नहीं हो पाता। दूसरे हाफ़ में उनका रूप और भी खतरनाक, सधा हुआ और बिजली की तरह दमदार दिखता है।

    अक्षय खन्ना एक ऐसे विलेन के रूप में उभरते हैं जो चीखता नहीं, लेकिन उसकी खामोशी ही डर पैदा करती है। संजय दत्त की स्क्रीन पर मौजूदगी बम के धमाके जैसी है, कच्ची ताकत, कच्चा असर।आर. माधवन कहानी का संतुलन हैं, गंभीर, गहरे और अनुभवी।अर्जुन रामपाल का शांत लेकिन खतरनाक एप्रोच कहानी को और रहस्यमयी बनाता है। सारा अर्जुन अपनी पहली ही फिल्म में बेहद परिपक्व दिखाई देती हैं।

    हर कलाकार कहानी के तनाव को और मजबूत करता है, जैसे हर मोहरा किसी बड़े खेल का हिस्सा हो।196 मिनट लंबी इस फ़िल्म का हर सेकेंड मायने रखता है।एडिटिंग इतनी कसी हुई कि समय का एहसास नहीं होता।बैकग्राउंड स्कोर कहानी का इंजन है, धड़कनें तेज़ करता है, तनाव बढ़ाता है, और सीनों को नई ऊँचाई देता है।

    सिनेमेटोग्राफी बड़े कैनवास को इतने प्रभावशाली तरीक़े से पेश करती है कि कई दृश्य सीधे आंखों में बस जाते हैं। हिंसा दिखाई जाती है, पर उतनी ही जितनी कहानी की ज़रूरत है। असली हिंसा है भावनाओं, चालों और विश्वासघात में।फ़िल्म का अंत ऐसा है जो दर्शक को खामोश छोड़ देता है और मन में सिर्फ एक सवाल उठता है, अब आगे क्या?फ़िल्म वहीं खत्म होती है जहाँ कहानी का दांव सबसे बड़ा लगता है, और यही जगह पार्ट टू के लिए परफ़ेक्ट बिल्ड-अप तैयार करती है।

    ज्योति देशपांडे, लोकेश धर और आदित्य धर ने B62 स्टूडियो व जियो स्टूडियोज के साथ मिलकर एक ऐसी दुनिया रची है जिसमें धमाका भी है, रिसर्च भी है, भावनाएँ भी हैं और तकनीकी कौशल भी। बड़े सेट्स हों या लोकेशंस हर फ्रेम दिखाता है कि यह फ़िल्म दिल से बनाई गई है। यदि आप एक्शन, राजनीति, इतिहास, इमोशन और बड़े पर्दे पर धमाके की तलाश में हैं धुरंधर आपका जवाब है। यह फ़िल्म न सिर्फ उम्मीदों पर खरी उतरती है, बल्कि और भी ऊपर उठ जाती है।

  • आसमान में अफरातफरी, ज़मीन पर गुस्सा: इंडिगो संकट में टिकट 70 हज़ार पार, जनता पूछ रही है  “मोदी सरकार और DGCA चुप क्यों?”

    आसमान में अफरातफरी, ज़मीन पर गुस्सा: इंडिगो संकट में टिकट 70 हज़ार पार, जनता पूछ रही है “मोदी सरकार और DGCA चुप क्यों?”

    इंडिगो संकट के बाद हवाई टिकट 70 हजार तक पहुंचे। दिल्ली-बेंगलुरु- मुंबई से पटना फ्लाइट दाम 5-7 गुना। जनता नाराज़, सरकार और DGCA से कार्रवाई की मांग।

    इंडिगो एयरलाइंस में तकनीकी खराबी और पायलट-क्रू की कमी के कारण देशभर में सैकड़ों फ्लाइटें रद्द होने के बाद हवाई यात्रा में अफरातफरी मच गई है। सबसे बड़ा झटका टिकट दामों में आया, जो सामान्य दिनों की तुलना में 5 से 7 गुना तक बढ़ गए।इंडिगो संकट से पैदा विचित्र हालात में स्पाइसजेट, एयर इंडिया एक्सप्रेस, एयर इंडिया और अकासा एयरलाइंस कूटकर किराया वसूल रही है। पटना का टिकट दिल्ली से 40 हजार, मुंबई से 36 हजार और बेंगलुरु से 70 हजार पार हो गया है।इंडिगो संकट के बाद हवाई टिकट 70 हजार तक पहुंचे। दिल्ली-बेंगलुरु- मुंबई से पटना फ्लाइट दाम 5-7 गुना। जनता नाराज़, सरकार और DGCA से कार्रवाई की मांग।

    बेंगलुरु- पटना का टिकट 70,000 रुपये

    साधारण दिनों में 8–10 हजार में मिलने वाला टिकट 70,000 रुपये से ऊपर बिका। कई वेबसाइटों पर लगातार कीमत बढ़ती दिखी।


    जनता का सीधा सवाल: मंत्रालय और DGCA चुप क्यों?

    सोशल मीडिया पर यात्रियों का आरोप है कि:

    • हजारों फ्लाइटें रद्द हुईं
    • करोड़ों रुपये टिकट में फंस गए
    • रिफंड धीमा है
    • बाकी एयरलाइंस ने किराये बढ़ा दिए

    लेकिन नागरिक उड्डयन मंत्रालय और DGCA की ओर से सख्त दखल नहीं दिखा।

    लोग कह रहे हैं —

    “संकट में राहत देने के बजाय किराये आसमान भेज दिए, कोई रोक नहीं।”


    मंत्रालय पर निगरानी ढीली रखने के आरोप

    वर्तमान नागरिक उड्डयन मंत्री Kinjarapu Ram Mohan Naidu हैं।
    यात्रियों की शिकायत है कि:

    • टिकट प्राइस की कोई सीमा तय नहीं
    • रिफंड की गैर–साफ़ व्यवस्था
    • वैकल्पिक उड़ानों का कड़ाई से प्रबंध नहीं
    • एयरलाइंस पर कठोर निर्देश जारी नहीं किए गए

    इसलिए गुस्सा उमड़ा है कि:

    “संकट में भी आम जनता को बचाने के बजाय बाजार अपने आप चल रहा है।”

    सरकार की ओर से अभी तक मूल्य नियंत्रण या राहत पैकेज का कोई ऐलान नहीं हुआ।


    कई शहरों में दाम रिकॉर्ड स्तर पर

    दिल्ली – पटना

    • कई टिकट 40,000+
    • 5-6 दिसंबर में सिर्फ दो फ्लाइट दिखीं, दोनों महंगी

    मुंबई – पटना

    • सीधी फ्लाइट नहीं
    • एक-स्टॉप टिकट 80,000 रुपये तक

    बेंगलुरु – पटना

    • टिकट 72,000 रुपये पार

    दरभंगा, गया, पूर्णिया

    • किराये में 2–6 गुना बढ़ोतरी
    • कुछ तारीखों पर फ्लाइट ही नहीं

    नागरिकों का आरोप: संकट में बाजार को खुली छूट

    यात्रियों का कहना है:

    • “इंडिगो की उड़ानें बंद, बाकी कंपनियां मुनाफा कमा रही हैं”
    • “मंत्रालय और DGCA केवल देख रहे हैं”
    • “कोई प्राइस कैप क्यों नहीं?”

    विशेषज्ञों का कहना है कि DGCA के पास आपातकालीन मूल्य-नियंत्रण के अधिकार हैं, लेकिन उपयोग नहीं किए गए।


    राजनीतिक सवाल तेज

    विपक्ष और यात्री पूछ रहे हैं:

    • इंडिगो संकट के समय अमल में क्या प्लान था?
    • यात्रियों के लिए राहत मैकेनिज्म कहाँ है?
    • टिकट कीमत इतनी तेज़ कैसे बढ़ी?

    मोदी सरकार की आलोचना हो रही है कि:

    “हर क्षेत्र में महंगाई बढ़ी, अब हवाई यात्रा भी आम आदमी की पहुंच से बाहर।”


    इंडिगो संकट ने दिखाया कि:

    • एयरलाइंस एक-दूसरे पर निर्भर हैं
    • कीमतें नियंत्रण में नहीं
    • यात्री सुरक्षा और सुविधा पर गंभीर सवाल खड़े हैं

    जब तक सख्त निगरानी और पारदर्शी प्राइस-रूल नहीं आते,
    यात्रियों का गुस्सा कम होने वाला नहीं।

  • 31 करोड़ की भारी धोखाधड़ी! मेसर्स रणबीर रियल एस्टेट के निदेशकों पर 18 निवेशकों को ठगा जाने का लगाआरोप

    31 करोड़ की भारी धोखाधड़ी! मेसर्स रणबीर रियल एस्टेट के निदेशकों पर 18 निवेशकों को ठगा जाने का लगाआरोप

    मुंबई: अंधेरी पुलिस स्टेशन में मेसर्स रणबीर रियल एस्टेट एंड डेवलपर्स और इसके निदेशकों जयकुमार गुप्ता व सुयश गुप्ता के खिलाफ ₹31.26 करोड़ की बड़ी धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है। आरोप है कि रियल एस्टेट परियोजनाओं में निवेश करने वाले 18 निवेशकों को वार्षिक 18 प्रतिशत रिटर्न का झांसा देकर ठगा गया।

    शिकायतकर्ता गुजरात के वापी के फार्मेसी व्यवसायी महेश दोशी हैं, जिन्होंने बताया कि मार्च 2021 में एक बिचौलिए के जरिए उन्हें कंपनी की सिफारिश की गई। आरोपियों ने माज़सवाड़ी में चल रही पुनर्विकास परियोजना के लिए निवेश की जरूरत बताकर और संबंधित दस्तावेज दिखाकर निवेश के लिए प्रेरित किया।

    अप्रैल 2021 में दोशी और उनके परिवार ने RTGS के जरिए कंपनी के खाते में ₹8.26 करोड़ जमा किए। शुरू में गुप्ता परिवार ने ब्याज का भुगतान किया, लेकिन 2021 से सितंबर 2024 तक यह भुगतान बंद हो गया और मूल राशि की वापसी में भी देरी होने लगी।

    एफआईआर में कहा गया है कि इसी तरह 17 अन्य निवेशकों को भी धोखा दिया गया। कुल मिलाकर पिता-पुत्र की जोड़ी ने 18 निवेशकों से लगभग ₹31.26 करोड़ की ठगी की है।

    पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जा रही है।

  • तत्काल टिकट बुकिंग में बड़ा बदलाव: अब OTP से होगी पुष्टि, यात्रियों की बढ़ेगी मुश्किल या मिलेगी राहत?

    तत्काल टिकट बुकिंग में बड़ा बदलाव: अब OTP से होगी पुष्टि, यात्रियों की बढ़ेगी मुश्किल या मिलेगी राहत?

    मुंबई। भारतीय रेलवे ने अचानक एक बड़ा कदम उठाते हुए तत्काल टिकट बुकिंग सिस्टम में बड़ा बदलाव कर दिया है। अब फिजिकल रिज़र्वेशन काउंटर पर तत्काल टिकट बुकिंग के लिए यात्रियों को वन-टाइम पासवर्ड (OTP) वेरिफिकेशन कराना होगा। यानी बिना OTP के टिकट बुक ही नहीं होगा।

    17 नवंबर से शुरू हुआ नया सिस्टम, अब 52 ट्रेनों तक बढ़ाया गया दायरा

    सरकारी सूत्रों के मुताबिक यह सिस्टम 17 नवंबर से पायलट आधार पर शुरू किया गया था। शुरुआत में सिर्फ कुछ ही ट्रेनों पर इसे लागू किया गया था, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 52 ट्रेनों में लागू कर दिया गया है।
    आगे चलकर इसे चरणबद्ध तरीके से देशभर की सभी ट्रेनों पर लागू किया जाएगा।

    कैसे मिलेगा OTP?

    नई प्रक्रिया के अनुसार:

    • यात्री को रिज़र्वेशन फॉर्म में अपना मोबाइल नंबर लिखना होगा।
    • उसी नंबर पर रेलवे की ओर से OTP भेजा जाएगा।
    • OTP वेरिफाई होने के बाद ही तत्काल टिकट जारी होगा।

    क्यों बदला गया नियम?—हेराफेरी रोकने की तैयारी

    रेलवे मंत्रालय के मुताबिक यह कदम तत्काल टिकटों की बढ़ती हेराफेरी और ब्लैकिंग रोकने के लिए उठाया गया है।
    तत्काल टिकट की मांग बहुत अधिक रहती है, ऐसे में कई एजेंट और दलाल सिस्टम को चकमा देकर टिकट बुक कर लेते थे। रेलवे का मानना है कि OTP वेरिफिकेशन से यह धंधा काफी हद तक रुक जाएगा और टिकट सही यात्रियों तक पहुंच पाएंगे।

    पहले भी बदले थे कई नियम

    रेलवे इस साल टिकटिंग सिस्टम में लगातार बदलाव कर रहा है—

    • जुलाई में तत्काल टिकट की ऑनलाइन बुकिंग के लिए आधार-आधारित OTP वेरिफिकेशन अनिवार्य किया गया था।
    • 1 अक्टूबर से IRCTC पर बुकिंग विंडो खुलने के शुरुआती 15 मिनट केवल आधार-ऑथेंटिकेटेड यूजर्स को टिकट बुक करने की अनुमति दी गई।

    यात्रियों को क्या मिलेगा फायदा?

    अधिकारियों का दावा है कि—

    • सिस्टम ज्यादा पारदर्शी होगा
    • दलालों की परेशानी बढ़ेगी
    • पीक डिमांड में आम यात्रियों के टिकट मिलने की संभावना बढ़ेगी
    • बुकिंग प्रक्रिया और सुरक्षित होगी

    हालांकि, यात्रियों को मोबाइल नेटवर्क और OTP देरी जैसी समस्याओं का सामना भी करना पड़ सकता है।

  • क्रू की भारी कमी से संकट में आया इंडिगो. 70 से अधिक उड़ानें रद्द, देशभर के यात्रियों की बढ़ी परेशानी

    क्रू की भारी कमी से संकट में आया इंडिगो. 70 से अधिक उड़ानें रद्द, देशभर के यात्रियों की बढ़ी परेशानी

    मुंबई। देश की सबसे बड़ी एयरलाइन कंपनियों में से एक इंडिगो बुधवार को गंभीर परिचालन संकट का शिकार हो गई। प्रशिक्षित क्रू की भारी कमी और तकनीकी समस्याओं के कारण इंडिगो को 70 से अधिक उड़ानें रद्द करनी पड़ीं, जबकि कई उड़ानों में घंटों की देरी हुई। इस अचानक फैसले से मुंबई, पुणे, नागपुर, बेंगलुरु समेत देशभर के एयरपोर्ट्स पर हजारों यात्री परेशान व नाराज़ नजर आए।

    सूत्रों के मुताबिक, फ्लाइट रद्द होने का मुख्य कारण प्रशिक्षित चालक दल की गंभीर कमी है। कई सेक्टर्स में इंडिगो को उड़ानें संचालित करने के लिए क्रू उपलब्ध नहीं हो पा रहा था, जिससे परिचालन प्रभावित हुआ और उड़ानें समय पर रवाना नहीं हो सकीं।

    पुणे एयरपोर्ट पर बेंगलुरु, दिल्ली, कोची और अगरतला सहित कई शहरों के लिए जाने वाली सुबह की उड़ानों में भारी देरी हुई। बिना स्पष्ट सूचना दिए उड़ानें रद्द हो जाने से यात्रियों की कनेक्टिंग फ्लाइट छूट गईं। कई यात्रियों ने शिकायत की कि इंडिगो की ओर से एसएमएस अलर्ट या घोषणा समय पर नहीं की गई।

    नागपुर एयरपोर्ट पर तो स्थिति और भी खराब रही। बताया गया कि पायलट उपलब्ध न होने के कारण यात्रियों को पहले विमान के अंदर और बाद में बस में घंटों तक इंतजार करवाया गया।

    इंडिगो के प्रवक्ता ने स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि “पिछले कुछ दिनों में तकनीकी दिक्कतों, एयरपोर्ट की भारी भीड़ और परिचालन संबंधी जरूरतों के कारण कई उड़ानों में देरी हुई है और कुछ को रद्द करना पड़ा है।”

    विशेषज्ञों के अनुसार, इस संकट के पीछे नागरिक उड्डयन मंत्रालय के नए फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (FDTL) नियमों का दूसरा चरण भी एक बड़ा कारण है। नए प्रावधानों के तहत पायलट और केबिन क्रू की साप्ताहिक विश्राम अवधि बढ़ा दी गई है, जिससे एयरलाइनों के मौजूदा स्टाफ पर अतिरिक्त दबाव बढ़ गया है और उड़ान संचालन प्रभावित हो रहा है।