Category: Thane

  • Navi Mumbai News:राज्यस्तरीय पुरस्कारों से उपेक्षित प्रतिभाओं को मिल रहा मंच: गणेश नाईक

    Navi Mumbai News:राज्यस्तरीय पुरस्कारों से उपेक्षित प्रतिभाओं को मिल रहा मंच: गणेश नाईक

    नवी मुंबई(Navi Mumbai News)। राज्य के वन मंत्री एवं पालघर जिले के पालकमंत्री गणेश नाईक ने कहा कि समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अनेक लोगों को सम्मान का अवसर नहीं मिल पाता, लेकिन साप्ताहिक ‘धगधगती मुंबई’ पिछले 16 वर्षों से ऐसे लोगों को सामने लाने का सराहनीय कार्य कर रहा है।

    कोपरखैरणे स्थित स्वर्गीय अण्णासाहेब पाटील सभागृह में आयोजित ‘धगधगती मुंबई’(Dhagdhagti Mumbai) के 16वें वर्धापन दिवस एवं राज्यस्तरीय पुरस्कार वितरण समारोह में वे मुख्य अतिथि के रूप में बोल रहे थे। इस अवसर पर अभिनेता विजय पाटकर, पूर्व सांसद डॉ. संजीव नाईक, नवी मुंबई की महापौर सुजाता पाटील, वरिष्ठ पत्रकार अजित जगताप, मुंबई बैंक के संचालक नंदकुमार काटकर, अधिवक्ता स्मिता चिपळूणकर, उद्योजक हनुमंत रांजणे, के. के. शेलार, लोक कलाकार योगेश चिकटगावकर, ‘धगधगती मुंबई’ के संपादक भिमराव धुळप तथा सरपंच रमेश धनावडे सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

    भिमराव धुळप पिछले 16 वर्षों से पत्रकारिता के माध्यम से समाज के उपेक्षित वर्गों की आवाज उठाते आ रहे हैं। कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाले लोगों को राज्यस्तरीय पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया।

    मंत्री गणेश नाईक ने कहा कि तळागाळ में काम करने वाले लोगों को पहचान देना और उनका सम्मान करना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। सभी मान्यवरों ने पुरस्कार विजेताओं को बधाई देते हुए इस पहल को आगे भी जारी रखने का आश्वासन दिया।

  • New Mumbai Municipal Corporation: नवी मुंबई में संपत्ति कर वसूली को रफ्तार; छुट्टियों में भी खुलेंगे केंद्र, बकायेदारों पर जब्ती

    New Mumbai Municipal Corporation: नवी मुंबई में संपत्ति कर वसूली को रफ्तार; छुट्टियों में भी खुलेंगे केंद्र, बकायेदारों पर जब्ती

    नवी मुंबई। नवी मुंबई महानगरपालिका (New Mumbai Municipal Corporation) ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजटीय लक्ष्य को समय पर पूरा करने के लिए संपत्ति कर वसूली अभियान तेज कर दिया है। 31 मार्च 2026 की अंतिम तिथि को देखते हुए मुख्यालय सहित शहर के आठों विभागीय कर संग्रहण कार्यालय अब साप्ताहिक अवकाश और सार्वजनिक छुट्टियों में भी खुले रहेंगे।

    महापालिका के अनुसार शनिवार-रविवार के साथ गुड़ी पड़वा, श्रीराम नवमी और महावीर जयंती जैसे अवकाश के दिनों में भी कर केंद्र सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक कार्यरत रहेंगे, ताकि करदाता अंतिम समय की भीड़ से बचते हुए समय पर भुगतान कर सकें।

    ऑनलाइन भुगतान को बढ़ावा

    नागरिक आधिकारिक वेबसाइट और ‘My NMMC’ मोबाइल ऐप के जरिए घर बैठे संपत्ति कर जमा कर सकते हैं। डेबिट कार्ड, आरटीजीएस, नेट बैंकिंग और यूपीआई माध्यमों से भी भुगतान की सुविधा उपलब्ध है।

    बकायेदारों पर सख्ती

    प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि लंबे समय से कर बकाया रखने वालों के खिलाफ जब्ती की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। नोटिस के बावजूद भुगतान न करने वालों पर नियमानुसार सख्त कदम उठाए जाएंगे।

    महापालिका आयुक्त डॉ. कैलास शिंदे ने नागरिकों से 31 मार्च 2026 से पहले बकाया कर जमा करने की अपील की है, ताकि शहर के विकास कार्यों—सड़क, जल आपूर्ति, स्वच्छता और बुनियादी ढांचे—को मजबूती मिल सके।

  • मुंबई कृषी उत्पन्न बाजार समिती (APMC) की बड़ी कार्रवाई: बिना सेस चुकाए कारोबार करने वालों से 17.51 करोड़ का कृषि माल जब्त

    मुंबई कृषी उत्पन्न बाजार समिती (APMC) की बड़ी कार्रवाई: बिना सेस चुकाए कारोबार करने वालों से 17.51 करोड़ का कृषि माल जब्त

    वाशी/नवी मुंबई। बिना वैध अनुज्ञप्ति (लाइसेंस) लिए और बाजार शुल्क (सेस) का भुगतान किए बिना कृषि उपज का कारोबार करने वाले व्यापारियों पर मुंबई कृषी उत्पन्न बाजार समिति (APMC) ने सख्त कार्रवाई करते हुए जनवरी से फरवरी 2026 के बीच 17 करोड़ 51 लाख 30 हजार रुपये मूल्य का कृषि माल जब्त किया है। नियमों के उल्लंघन पर संबंधित व्यापारियों से तीन गुना दंड वसूलते हुए 59 लाख 90 हजार रुपये की वसूली भी की गई है।

    यह विशेष अभियान जेएनपीटी, तुर्भे, नेरुल और ठाणे-बेलापुर औद्योगिक क्षेत्र सहित कई इलाकों में चलाया गया। विशेष रूप से जवाहरलाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट (जेएनपीटी) के आसपास स्थित आयात-निर्यात से जुड़े गोदामों और थोक मंडियों की जांच की गई। बाजार समिति के सचिव शरद जरे के मार्गदर्शन में सतर्कता पथक के अधिकारियों ने संयुक्त रूप से छापेमारी की कार्रवाई को अंजाम दिया।

    जांच के दौरान पाया गया कि कई व्यापारी APMC की वैध अनुज्ञप्ति लिए बिना ही सीधे किसानों और एजेंटों से कृषि उपज की खरीद-बिक्री कर रहे थे। इतना ही नहीं, बाजार समिति को देय सेस और सुपरविजन फीस भी जमा नहीं की गई थी। कुछ आयातकों ने विदेश से मंगाए गए कृषि उत्पादों को APMC के अधिकार क्षेत्र में लाते समय पूर्व सूचना तक नहीं दी। कई मामलों में आयातकों के पास वैध लाइसेंस भी नहीं था, फिर भी बड़े पैमाने पर लेन-देन जारी था।

    नियमों की इस गंभीर अनदेखी को देखते हुए बाजार समिति ने संबंधित व्यापारियों पर तीन गुना जुर्माना लगाया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि भविष्य में भी बिना लाइसेंस और बिना शुल्क भुगतान के व्यापार करने वालों के खिलाफ जब्ती और दंडात्मक कार्रवाई जारी रहेगी।

  • Thane: खारेगांव टोल नाका पर 123 किलो गांजा जब्त, दो आरोपी गिरफ्तार; ठाणे अपराध शाखा यूनिट-1 की कार्रवाई

    Thane: खारेगांव टोल नाका पर 123 किलो गांजा जब्त, दो आरोपी गिरफ्तार; ठाणे अपराध शाखा यूनिट-1 की कार्रवाई

    ठाणे (Thane News)। ठाणे अपराध शाखा की यूनिट-1 ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कलवा के खारेगांव टोल नाका पर एक कार से 123.640 किलोग्राम गांजा बरामद किया है। पुलिस ने कार सहित कुल 30 लाख 91 हजार रुपये मूल्य का मादक पदार्थ जब्त किया है।

    इस मामले में पुलिस ने सागर गोविंद पवार (33, निवासी नंदुर शिंगोटे, तहसील सिन्नर, जिला नासिक) और धोंडीराम वैतु भागडे (50, निवासी नंदगांव सादो, तहसील इगतपुरी, जिला नासिक) को गिरफ्तार किया है।

    पुलिस के अनुसार, क्राइम ब्रांच यूनिट-1 के कांस्टेबल सागर सुरालकर को गुप्त सूचना मिली थी कि एक कार के जरिए गांजे की तस्करी की जा रही है। सूचना के आधार पर 24 फरवरी को कलवा स्थित खारेगांव टोल प्लाजा से कलवा जाने वाली सड़क पर जाल बिछाया गया।

    इस दौरान एक संदिग्ध सैंट्रो कार को रोककर तलाशी ली गई। जांच में कार के भीतर प्लास्टिक की थैलियों में छिपाकर रखा गया 123 किलो 640 ग्राम गांजा बरामद हुआ। पुलिस ने मादक पदार्थ और वाहन दोनों को जब्त कर लिया।

    इस प्रकरण में कलवा पुलिस स्टेशन में एनडीपीएस अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। आरोपियों को ठाणे अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें 28 फरवरी 2026 तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है।

    पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है और इस तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है।

  • Thane :शिव सेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) ने दिवा में मनपा अस्पताल की मांग तेज, स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर प्रशासन पर बढ़ा दबाव

    Thane :शिव सेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) ने दिवा में मनपा अस्पताल की मांग तेज, स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर प्रशासन पर बढ़ा दबाव

    ठाणे (Thane News) : दिवा में बिगड़ती स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर सियासी माहौल गरमा गया है। शिव सेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) की दिवा नगर महिला संगठन की पदाधिकारी ज्योति पाटिल ने सत्ताधारी दल और नगर प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा है कि अब राजनीति से ऊपर उठकर नागरिकों की बुनियादी जरूरतों पर ध्यान देने का समय आ गया है।

    ज्योति पाटिल ने आरोप लगाया कि दिवा की तेजी से बढ़ती आबादी के मुकाबले स्वास्थ्य सुविधाएं बेहद कम हैं। सामान्य उपचार के लिए भी नागरिकों को ठाणे शहर या कालवा स्थित छत्रपति शिवाजी महाराज अस्पताल पर निर्भर रहना पड़ता है। आपातकालीन परिस्थितियों में समय पर इलाज न मिलने से मरीजों की जान जोखिम में पड़ जाती है।

    उन्होंने नगर प्रशासन के रवैये पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि वार्ड समिति कार्यालय के लिए निजी इमारत किराए पर ली जा सकती है, तो जनता के स्वास्थ्य के लिए किराए के भवन में अस्पताल क्यों नहीं शुरू किया जा सकता। उनका कहना है कि स्थायी सरकारी भवन की प्रतीक्षा करने के बजाय वैकल्पिक व्यवस्था के तहत तत्काल अस्पताल शुरू किया जाना चाहिए।

    ज्योति पाटिल ने नगर आयुक्त से व्यक्तिगत हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा कि दिवा की जनता ने विश्वास के साथ जनप्रतिनिधियों को चुना है और अब प्रशासन की जिम्मेदारी है कि उन्हें न्यूनतम स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराए।

    इस मांग के बाद दिवा में स्वास्थ्य सेवाओं का मुद्दा एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गया है। स्थानीय नागरिकों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ठोस निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन का रास्ता अपनाया जाएगा। अब सबकी नजरें ठाणे नगर निगम पर टिकी हैं कि वह दिवा में मनपा अस्पताल शुरू करने को लेकर क्या कदम उठाता है।

  • Illegal extortion: महंगाई और बेरोजगारी के दौर में स्व-रोजगार करने वालों पर मनपा की ‘मार’!

    Illegal extortion: महंगाई और बेरोजगारी के दौर में स्व-रोजगार करने वालों पर मनपा की ‘मार’!

    प्रभाग 10 में फेरीवालों से 90 रुपये की कथित अवैध वसूली, ठेकेदार पर FIR की मांग

    आर. एस. नेटवर्क। प्रेम चौबे

    नालासोपारा: वसई-विरार शहर महानगरपालिका(VVMC) के प्रभाग क्रमांक 10 क्षेत्र में फेरीवालों से प्रति व्यक्ति 90 रुपये की कथित जबरन वसूली का गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि यह वसूली ठेकेदार कैलाश यादव के माध्यम से की जा रही है। स्थानीय स्तर पर इस कार्रवाई को अवैध, अन्यायपूर्ण और गरीबों के हक पर डाका बताया जा रहा है।

    सूत्रों के अनुसार, पहले से ही महंगाई और बेरोजगारी (Unemployed) की मार झेल रहे छोटे फेरीवाले अपनी रोजी-रोटी के लिए सड़कों पर छोटे-मोटे सामान बेचकर परिवार चला रहे हैं। ऐसे समय में प्रति व्यक्ति 90 रुपये की वसूली उनके लिए अतिरिक्त आर्थिक बोझ बन रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब रोजगार के पर्याप्त अवसर उपलब्ध नहीं कराए जा रहे हैं, तब जो लोग स्व-रोजगार के माध्यम से आत्मनिर्भर बनने की कोशिश कर रहे हैं, उनके रास्ते में ही बाधाएं खड़ी की जा रही हैं।

    प्रभाग 10 के नगरसेवक किशोर पाटिल ने इस मामले में कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है। उन्होंने कहा कि गरीब फेरीवालों से इस प्रकार की वसूली सीधे तौर पर उनकी आजीविका पर हमला है। “जब देश और प्रदेश में बेरोजगारी एक बड़ी समस्या बनी हुई है, तब महानगरपालिका को रोजगार सृजन पर ध्यान देना चाहिए, न कि स्व-रोजगार कर रहे लोगों से वसूली कर उन्हें परेशान करना चाहिए,” उन्होंने कहा।

    इस संबंध में तुलिंज पुलिस स्टेशन में लिखित शिकायत(Complain) दर्ज कराई गई है। शिकायत में ठेकेदार कैलाश यादव के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज कर कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है। साथ ही यह भी मांग उठाई गई है कि जब तक वसई-विरार शहर महानगरपालिका की महासभा में इस विषय पर अंतिम निर्णय नहीं हो जाता, तब तक उक्त वसूली पूरी तरह बंद रखी जाए।

    नगरसेवक किशोर पाटिल ने चेतावनी दी है कि यदि अवैध वसूली (Illegal extortion) पर तत्काल रोक नहीं लगाई गई, तो क्षेत्र में जनआक्रोश फैल सकता है और कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ सकती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि फेरीवालों के साथ हो रहे अन्याय को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जरूरत पड़ी तो लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन भी किया जाएगा।

    स्थानीय फेरीवालों का कहना है कि महंगाई के इस दौर में पहले ही कमाई सीमित है। ऊपर से इस प्रकार की कथित वसूली उनके लिए दोहरी मार साबित हो रही है। सवाल यह उठ रहा है कि जब महानगरपालिका रोजगार उपलब्ध कराने में असफल साबित हो रही है, तो क्या स्व-रोजगार कर रहे गरीबों को भी चैन से काम करने का अधिकार नहीं है?

    मामले ने अब राजनीतिक रंग लेना शुरू कर दिया है और देखना होगा कि प्रशासन इस गंभीर आरोप पर क्या कार्रवाई करता है।

  • Sharmila Takes Charge in Presence Eknath: उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की मौजूदगी में शर्मिला पिंपलोलकर ने संभाला ठाणे मेयर का कार्यभार

    Sharmila Takes Charge in Presence Eknath: उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की मौजूदगी में शर्मिला पिंपलोलकर ने संभाला ठाणे मेयर का कार्यभार

    ठाणे: ठाणे महानगरपालिका में नवनिर्वाचित मेयर शर्मिला रोहित पिंपलोलकर(Sharmila Pimplolker) ने आज औपचारिक रूप से पदभार ग्रहण किया। इस अवसर पर राज्य के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे(Eknath Shinde) विशेष रूप से उपस्थित रहे।

    गौरतलब है कि 3 फरवरी को मनपा के मेयर और डिप्टी मेयर पद के लिए चुनाव संपन्न हुआ था। इसमें शिवसेना की शर्मिला पिंपलोलकर निर्विरोध मेयर चुनी गईं, जबकि भारतीय जनता पार्टी के कृष्णा दादू पाटिल को डिप्टी मेयर पद की जिम्मेदारी मिली।

    पदभार ग्रहण समारोह के दौरान महानगरपालिका आयुक्त सौरभ राव भी मौजूद रहे। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने मेयर शर्मिला पिंपलोलकर, डिप्टी मेयर कृष्णा दादू पाटिल तथा शिवसेना के गटनेता पवन कदम का स्वागत करते हुए उन्हें नई जिम्मेदारियों के लिए शुभकामनाएं दीं।

    इस अवसर पर नवनिर्वाचित नगरसेवक और नगरसेविकाएं भी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। समारोह का माहौल उत्साहपूर्ण रहा।

    नई महापौर से शहर के विकास कार्यों को गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

  • Fire Accident: भिवंडी में भीषण आग की चपेट में आकर छह गोदाम जलकर खाक, लाखों का सामान स्वाहा

    Fire Accident: भिवंडी में भीषण आग की चपेट में आकर छह गोदाम जलकर खाक, लाखों का सामान स्वाहा

    भिवंडी: भिवंडी तालुका के मानकोली स्थित हरिहर कंपाउंड में रविवार दोपहर अचानक भीषण आग लग गई, जिसमें छह गोदाम पूरी तरह जलकर खाक (Fire Accident) हो गए। आग ‘ए 2’ नामक दो मंजिला इमारत में लगी, जहाँ बॉम्बे ट्रॉफी कंपनी के गद्दे और कागज के रोल बनाए जाते थे।

    रविवार होने के कारण कंपनी में कर्मचारियों की संख्या कम थी। आग लगते ही मौजूद कर्मचारियों ने इमारत से बाहर भागकर अपनी जान बचाई। हालांकि, गोदाम में ज्वलनशील सामग्री होने के कारण आग ने तेजी से विकराल रूप ले लिया।

    प्राथमिक जानकारी के अनुसार, आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। घटना की सूचना पाकर भिवंडी दमकल विभाग की तीन गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने में जुट गईं। दमकल कर्मियों ने बताया कि पानी की कमी ने आग बुझाने में मुश्किलें बढ़ा दीं।

    सौभाग्य से इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई। लेकिन छह गोदामों में रखे लाखों रुपये मूल्य के गद्दे और कागज के रोल पूरी तरह जलकर नष्ट हो गए।

    स्थानीय प्रशासन ने नुकसान का आकलन शुरू कर दिया है और प्रभावित व्यापारियों को राहत देने की तैयारियां की जा रही हैं।

  • The fight for power: भिवंडी की महापौर कुर्सी पर भाजपा की नजर,बंदरों की लड़ाई और बिल्ली की चाल-सत्ता से दूर होती कांग्रेस

    The fight for power: भिवंडी की महापौर कुर्सी पर भाजपा की नजर,बंदरों की लड़ाई और बिल्ली की चाल-सत्ता से दूर होती कांग्रेस

    अश्विनी कुमार दुबे

    भिवंडी।
    भिवंडी-निजामपुर महानगरपालिका में महापौर पद की सियासत(The fight for power) अब बिल्कुल उसी कहावत को चरितार्थ करती दिख रही है, “दो बंदरों की लड़ाई में बिल्ली रोटी ले जाती है।” सत्ता के लिए सेक्युलर फ्रंट की पार्टियां आपस में उलझी हुई हैं और इसी उहापोह के बीच भारतीय जनता पार्टी ‘बिल्ली’ की तरह सही मौके की ताक में बैठी है, ताकि भिवंडी की महापौर कुर्सी चुपचाप अपने पाले में खींच ले जाए।

    कांग्रेस, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) और समाजवादी पार्टी द्वारा गठित ‘भिवंडी सेक्युलर फ्रंट’ संख्या बल के लिहाज से मजबूत जरूर है, लेकिन नेतृत्व और श्रेय को लेकर जारी खींचतान ने उसकी ताकत को कमजोर कर दिया है। महापौर पद पर कांग्रेस का दावा होगा या समाजवादी पार्टी का—इसी सवाल ने फ्रंट को भीतर से बांध रखा है। हालात ऐसे बनते दिख रहे हैं कि कांग्रेस के लिए सत्ता तक पहुंच पाना अब आसान नहीं, बल्कि मुश्किल नजर आ रहा है।

    दूसरी ओर भाजपा ने प्रदेश नेतृत्व के निर्देश पर नारायण रतन चौधरी के नाम की घोषणा कर साफ संकेत दे दिया है कि वह किसी भी स्थिति के लिए तैयार है। भाजपा और शिवसेना के पास फिलहाल 34 पार्षद हैं, जो बहुमत से कम हैं, लेकिन राजनीति में केवल गणित ही सब कुछ नहीं होता। पार्टी के भीतर गुटबाजी और वर्चस्व की जंग के बावजूद भाजपा का पूरा फोकस सेक्युलर फ्रंट की अंदरूनी कमजोरी पर टिका है। यही कमजोरी भाजपा के लिए अवसर बनती जा रही है।

    भाजपा के भीतर विधायक महेश चौघुले और पूर्व केंद्रीय मंत्री कपिल पाटिल के बीच चल रही खींचतान इसे और दिलचस्प बनाती है। वहीं सुमित पाटिल की दावेदारी ने पार्टी के सामने अनुशासन और रणनीति की परीक्षा खड़ी कर दी है। इसके बावजूद भाजपा की नजर साफ है—यदि विरोधी खेमे आपस में लड़ते रहे, तो सत्ता की ‘रोटी’ उसके हिस्से आ सकती है।

    इस पूरे खेल में भिवंडी विकास अघाड़ी, कोणार्क विकास अघाड़ी और निर्दलीय पार्षद मिलकर ‘किंगमेकर’ की भूमिका में हैं। ये पार्षद तय करेंगे कि बंदरों की लड़ाई लंबी चलेगी या बिल्ली बाज़ी मार ले जाएगी। अफसोस की बात यह है कि इस राजनीतिक शतरंज में शहर के विकास का एजेंडा पूरी तरह हाशिए पर चला गया है।

    जलापूर्ति, स्वच्छता, यातायात, अवैध निर्माण और उद्योग-व्यापार जैसे बुनियादी सवालों पर चर्चा की जगह सिर्फ कुर्सी की गणना हो रही है। भिवंडी की जनता यह देख रही है कि नेता सत्ता की बाज़ी में उलझे हैं, जबकि शहर को स्थिर नेतृत्व की सख्त जरूरत है।

    अब सवाल सिर्फ यह नहीं है कि महापौर कौन बनेगा, बल्कि यह है कि क्या राजनीतिक दल यह समझ पाएंगे कि सत्ता कोई शिकार नहीं, बल्कि जिम्मेदारी है। अगर सेक्युलर फ्रंट आपसी लड़ाई में उलझा रहा, तो भिवंडी की महापौर कुर्सी भाजपा की ‘बिल्ली’ उठा ले जाएगी—और कांग्रेस को सत्ता के सपने से हाथ धोना पड़ सकता है।

  • Kalyan News:एपस्टीन फाइल्स पर कल्याण में कांग्रेस का जोरदार प्रदर्शन: ‘तात्या विंचू’ और ‘गोरिला’ की वेशभूषा में सड़कों पर विरोध

    Kalyan News:एपस्टीन फाइल्स पर कल्याण में कांग्रेस का जोरदार प्रदर्शन: ‘तात्या विंचू’ और ‘गोरिला’ की वेशभूषा में सड़कों पर विरोध

    कल्याण (Kalyan News)। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल मचाने वाली एपस्टीन फाइल्स(Epstein Files) के मुद्दे ने देश की राजनीति में नई आग लगा दी है। इसी प्रकरण पर कांग्रेस ने कल्याण पश्चिम में केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ तेज़ और तीखा प्रदर्शन किया, जिसमें बड़ी संख्या में युवा और पार्टी कार्यकर्ता शामिल हुए।

    छत्रपति शिवाजी महाराज चौक पर हुए प्रदर्शन में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और “एपस्टीन–मोदी, भाई–भाई” जैसे पोस्टर लहराकर उनसे नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर बैठकर चक्का जाम करने का प्रयास किया, जिससे कुछ समय के लिए यातायात बाधित हुआ। इस दौरान बाजारपेठ पुलिस ने कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया, जिनमें कांग्रेस प्रदेश सचिव नवीन सिंह और विधानसभा अध्यक्ष शादाब खान प्रमुख थे।

    इस आंदोलन की सबसे खास बात थी कार्यकर्ताओं की प्रतीकात्मक और व्यंग्यात्मक वेशभूषा। एक कार्यकर्ता मराठी फिल्म ‘झपाटलेला’ के चर्चित किरदार तात्या विंचू की पोशाक में दिखाई दिया, जबकि दूसरा गोरिला की वेशभूषा में प्रदर्शन कर रहा था। यह दृश्य राहगीरों और आम जनता के लिए आकर्षण का केंद्र बन गया।

    कांग्रेस ने आरोप लगाया कि जब केरल फाइल्स, कश्मीर फाइल्स और बंगाल फाइल्स सामने आई थीं, तब सरकार समर्थक वर्ग खुशियां मना रहा था, लेकिन अब एपस्टीन फाइल्स में प्रधानमंत्री का नाम सामने आने पर चुप्पी साध ली गई है। पार्टी का कहना है कि इस मुद्दे पर स्पष्ट जवाब न देना देश की अंतरराष्ट्रीय छवि को प्रभावित कर रहा है।

    प्रदर्शन के दौरान नारेबाजी, अनोखी वेशभूषा और पुलिस कार्रवाई ने कल्याण क्षेत्र में राजनीतिक माहौल को गरमा दिया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं की यह रणनीति साफ संदेश देती है कि एपस्टीन फाइल्स को लेकर किसी भी तरह की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।