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  • Kohinoor Building Collapse:भिवंडी में जर्जर इमारत का हिस्सा ढहा, 10 की मौत; मरम्मत के दौरान पिलर क्रैक होने से हुआ हादसा

    Kohinoor Building Collapse:भिवंडी में जर्जर इमारत का हिस्सा ढहा, 10 की मौत; मरम्मत के दौरान पिलर क्रैक होने से हुआ हादसा

    भिवंडी। शहर के भंडारी कंपाउंड स्थित गंगारामवाड़ी इलाके में गुरुवार रात एक दर्दनाक हादसे में चार मंजिला जर्जर कोहिनूर अपार्टमेंट के बी-विंग का हिस्सा अचानक भरभराकर ढह गया। हादसे में मलबे में दबने से अब तक 10 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि चार लोगों को जिंदा बाहर निकालकर उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मलबे में और लोगों के दबे होने की आशंका के चलते एनडीआरएफ, टीडीआरएफ, दमकल विभाग, पुलिस और भिवंडी मनपा की टीमें राहत एवं बचाव अभियान में जुटी रहीं। हादसे के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है।

    Kohinoor Building Collapse

    भिवंडी मनपा प्रभाग समिति-4 के सहायक आयुक्त अरविंद घुंघरे के अनुसार, सर्वे नंबर 1557/0 पर स्थित चार मंजिला कोहिनूर अपार्टमेंट का निर्माण वर्ष 2007 में हुआ था। गुरुवार रात करीब 11.20 बजे इमारत का एक हिस्सा अचानक भरभराकर गिर गया। हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन, पुलिस और अग्निशमन विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं। इसके बाद एनडीआरएफ और टीडीआरएफ की टीमें भारी मशीनरी, पोकलेन, जेसीबी और गैस कटर के साथ राहत कार्य में जुटीं। सरियों को गैस कटर से काटकर मलबा हटाया गया और पूरी रात रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया।

    रेस्क्यू अभियान के दौरान चार लोगों को घायल अवस्था में मलबे से जिंदा निकालकर आईजीए अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहीं मलबे से अब तक 10 शव निकाले जा चुके हैं। मृतकों की पहचान शमीम शेख (32), रणजीत सिंह (45), मिराज रसूल शेख (34), संतोष कुमार पांडे (42), शमीम अंसारी (30), राकेश कुमार पासवान (28), अशोक पासवान (43) और मुकेश पासवान (20) के रूप में हुई है। दो मृतकों की पहचान अभी नहीं हो सकी है। राकेश, अशोक और मुकेश पासवान तीनों भाई बताए जा रहे हैं और इमारत में मरम्मत का काम कर रहे थे।

    एनडीआरएफ के अनुसार, इमारत की पहली मंजिल पर रहने वाले कुछ लोगों तथा मरम्मत कार्य में लगे मजदूरों के मलबे में फंसे होने की आशंका थी। जिला प्रशासन और आपातकालीन टीमों की प्राथमिकता मलबे को हटाकर सभी संभावित लोगों की तलाश करना रही।

    मनपा ने पहले ही घोषित कर रखा था जर्जर

    भिवंडी मनपा के उपायुक्त विक्रम दराडे ने बताया कि मनपा प्रशासन ने कोहिनूर अपार्टमेंट को पहले ही धोखादायक घोषित कर नोटिस जारी किए थे। उनके अनुसार, 7 सितंबर 2020 को पहली नोटिस जारी कर इमारत को खतरनाक बताया गया था। इसके बाद 22 अप्रैल 2022 को दूसरी नोटिस देकर स्ट्रक्चरल ऑडिट कराने की सलाह दी गई थी। इसके बावजूद अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। अंततः 5 जून 2026 को मनपा ने इमारत को तोड़ने की नोटिस जारी की और इमारत को खाली भी करा लिया गया था। हालांकि तोड़क कार्रवाई पूरी होने से पहले ही गुरुवार रात इमारत का हिस्सा ढह गया।

    हादसे से ठीक पहले इमारत में कुछ आवाजें और सुगबुगाहट सुनाई देने की बात सामने आई है। खतरे का अंदेशा होते ही अधिकांश लोग समय रहते बाहर निकल गए, जिससे संभावित रूप से बड़ा जनहानि टल गई।

    रात के अंधेरे में चल रहा था मरम्मत का काम

    स्थानीय विधायक महेश चौघुले के अनुसार, इमारत को पहले ही खतरनाक घोषित किया जा चुका था और मनपा की ओर से कई बार नोटिस भी दिए गए थे। अधिकांश परिवारों को इमारत से बाहर निकाल दिया गया था। हादसे के समय कुछ मजदूर और अन्य लोग सामान निकालने या मरम्मत कार्य के सिलसिले में इमारत के अंदर मौजूद थे।

    विधायक के मुताबिक, मरम्मत के दौरान एक साथ तीन पिलरों पर काम किए जाने के कारण पिलरों में क्रैक आया और इमारत का संतुलन बिगड़ गया। इसके बाद बी-विंग का हिस्सा अचानक भरभराकर ढह गया। हालांकि हादसे की वास्तविक वजह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

    घटना की जानकारी मिलने के बाद आपदा व्यवस्थापन मंत्री गिरीश महाजन, जिलाधिकारी, पूर्व केंद्रीय मंत्री कपिल पाटिल, सांसद सुरेश म्हात्रे उर्फ बाल्या मामा, विधायक महेश चौघुले, मनपा महापौर नारायण चौधरी, अतिरिक्त आयुक्त विठ्ठल डाके सहित अन्य जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया तथा राहत एवं बचाव कार्य की निगरानी की।

    प्रशासन ने पूरे मामले की जांच कराने की बात कही है। अधिकारियों के अनुसार, यदि जांच में किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। हादसे के बाद घटनास्थल को सुरक्षा घेरे में लेकर आम लोगों की आवाजाही रोक दी गई है। प्रशासन अब हादसे के कारणों और मरम्मत कार्य के दौरान अपनाए गए सुरक्षा मानकों की जांच में जुटा है।

  • NDA MPs Protest Against Congress on Day 4 of Monsoon Session: संसद के चौथे दिन भी गरमाई सियासत, राहुल गांधी के विरोध में NDA सांसदों का प्रदर्शन

    NDA MPs Protest Against Congress on Day 4 of Monsoon Session: संसद के चौथे दिन भी गरमाई सियासत, राहुल गांधी के विरोध में NDA सांसदों का प्रदर्शन

    नरेश म्हस्के बोले- सरकार NEET सहित सभी मुद्दों पर चर्चा को तैयार, विपक्ष कर रहा राजनीति

    मुंबई | दिनेश चंद्र रावल

    संसद के मॉनसून सत्र के चौथे दिन भी राजनीतिक माहौल गर्म रहा। सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के सांसदों ने संसद परिसर के मकरद्वार पर एकत्र होकर कांग्रेस और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया तथा नारेबाजी की।

    सांसद नरेश म्हस्के ने मीडिया से बातचीत में कहा कि विपक्ष ने संसद की कार्यवाही को सुचारु रूप से चलने देने के बजाय राजनीतिक माहौल बनाने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि सरकार NEET परीक्षा सहित सभी महत्वपूर्ण मुद्दों पर सदन में विस्तृत चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष चर्चा के बजाय युवाओं की भावनाओं को भड़काने और सदन की कार्यवाही बाधित करने की राजनीति कर रहा है।

    म्हस्के ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास के सामने किया गया विरोध प्रदर्शन केवल प्रधानमंत्री का ही नहीं, बल्कि पूरे देश का अपमान है। उन्होंने कहा कि इसी के विरोध में NDA के सभी सांसद संसद के मकरद्वार पर एकत्र हुए और राहुल गांधी के रवैये की कड़ी निंदा की।

    उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में हर मुद्दे पर चर्चा होनी चाहिए, लेकिन संसद की कार्यवाही बाधित करने के बजाय रचनात्मक संवाद होना आवश्यक है। सरकार देश के युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर सार्थक चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है।

  • Doctor Protection Act: डॉक्टरों की सुरक्षा कानून को सख्ती से लागू करने की मांग, भिवंडी में NIMA ने तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन

    Doctor Protection Act: डॉक्टरों की सुरक्षा कानून को सख्ती से लागू करने की मांग, भिवंडी में NIMA ने तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन

    डोंबिवली में डॉक्टर पर हमले के विरोध में काली पट्टी बांधकर जताया विरोध, अस्पतालों में सुरक्षा बढ़ाने की मांग

    (Doctor Protection Act)

    भिवंडी | संवाददाता

    डोंबिवली के एक सरकारी अस्पताल में डॉक्टर पर हुए हमले की कड़ी निंदा करते हुए नेशनल इंटीग्रेटेड मेडिकल डॉक्टर्स एसोसिएशन (NIMA) की भिवंडी इकाई ने डॉक्टरों, नर्सों और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा के लिए बने कानूनों को सख्ती से लागू करने की मांग उठाई है। इस संबंध में संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने भिवंडी तहसीलदार अभिजीत खोले को ज्ञापन सौंपकर राज्य सरकार से तत्काल प्रभावी कार्रवाई की मांग की।

    इस दौरान भिवंडी शहर और तालुका के NIMA से जुड़े डॉक्टरों ने काम के दौरान काली पट्टी बांधकर डोंबिवली की घटना के विरोध में शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया।

    संगठन ने अपने ज्ञापन में कहा कि राज्य में डॉक्टरों, नर्सों और स्वास्थ्यकर्मियों पर हमले, मारपीट और अस्पतालों में तोड़फोड़ की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। सरकार ने स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा के लिए कानून बनाए हैं, लेकिन उनके प्रभावी क्रियान्वयन के अभाव में ऐसी घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। इसलिए कानून का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है।

    ज्ञापन में डोंबिवली हमले के आरोपियों के खिलाफ तत्काल कठोर कार्रवाई, अस्पतालों में पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था, स्वास्थ्य संस्थानों में हिंसा के प्रति शून्य सहिष्णुता (Zero Tolerance) नीति लागू करने तथा देशभर के स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा के लिए प्रभावी केंद्रीय कानून लागू करने की मांग की गई।

    इस अवसर पर राष्ट्रीय एकीकृत चिकित्सा डॉक्टर्स एसोसिएशन (NIMA) के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. आशुतोष कुलकर्णी के मार्गदर्शन में महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजू तातेवार, भिवंडी तालुका अध्यक्ष डॉ. राजेश दहापुते, डॉ. रमेश अदेप, डॉ. फैजान अंसारी, डॉ. डी. वैंगती, डॉ. ए. सलाम सिद्दीकी, डॉ. अनवर अंजुम, डॉ. जमीर हसन सहित अनेक डॉक्टर और पदाधिकारी उपस्थित रहे।

  • Thieves Steal Copper Wire Worth ₹70.20 Lakh from Bhiwandi Warehouse: भिवंडी में गोदाम का ताला तोड़कर 70.20 लाख रुपये की कॉपर वायर चोरी

    Thieves Steal Copper Wire Worth ₹70.20 Lakh from Bhiwandi Warehouse: भिवंडी में गोदाम का ताला तोड़कर 70.20 लाख रुपये की कॉपर वायर चोरी

    दापोड़ा स्थित गोदाम से आर.आर. केबल के 130 कार्टन ले उड़े चोर, नारपोली पुलिस ने दर्ज किया मामला

    भिवंडी | संवाददाता

    भिवंडी के दापोड़ा क्षेत्र में अज्ञात चोरों ने एक व्यावसायिक गोदाम का ताला तोड़कर करीब 70 लाख 20 हजार रुपये मूल्य की कॉपर वायर चोरी कर ली। चोर गोदाम में रखे आर.आर. केबल के 130 कार्टन लेकर फरार हो गए। घटना के बाद नारपोली पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    पुलिस के अनुसार दापोड़ा स्थित हरिहर कॉम्प्लेक्स के डी-3 भवन में गाला नंबर 1 और 2 में यह चोरी हुई। 18 जुलाई की शाम करीब 6:30 बजे से 20 जुलाई की सुबह 9:45 बजे के बीच अज्ञात चोरों ने गोदाम के शटर का ताला तोड़कर अंदर प्रवेश किया और वहां रखे आर.आर. केबल के 130 कार्टन चोरी कर लिए।

    शिकायत के अनुसार एक कार्टन की कीमत लगभग 54 हजार रुपये है। चोरी हुए सभी कार्टनों में कॉपर वायर थी, जिसकी कुल कीमत 70 लाख 20 हजार रुपये आंकी गई है।

    गोदाम संचालक कशीश प्रफुल संघवी (27) की शिकायत पर नारपोली पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 305(ए), 331(3) और 331(4) के तहत मामला दर्ज किया है।

    पुलिस आसपास के सीसीटीवी कैमरों के फुटेज की जांच कर रही है और आरोपियों की पहचान व गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए गए हैं। मामले की जांच सहायक पुलिस निरीक्षक महेंद्र पाटील कर रहे हैं।

  • Gold Jewellery Worth ₹3.32 Lakh Stolen After Car Window Smashed in Bhiwandi: भिवंडी में कार का शीशा तोड़कर 3.32 लाख के सोने के आभूषण चोरी

    Gold Jewellery Worth ₹3.32 Lakh Stolen After Car Window Smashed in Bhiwandi: भिवंडी में कार का शीशा तोड़कर 3.32 लाख के सोने के आभूषण चोरी

    होटल में खाना खाने गए परिवार को बनाया निशाना, सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जांच में जुटी कोनगांव पुलिस

    भिवंडी | संवाददाता

    भिवंडी के कोनगांव थाना क्षेत्र में सड़क किनारे खड़ी कार का शीशा तोड़कर अज्ञात चोर करीब 3 लाख 32 हजार 500 रुपये मूल्य के सोने के आभूषण चोरी कर फरार हो गए। यह घटना राजनोली स्थित देवदास बार के सामने कल्याण-भिवंडी मार्ग पर हुई।

    (Gold Jewellery Worth ₹3.32 Lakh Stolen After Car Window Smashed in Bhiwandi)

    पुलिस के अनुसार, मुंबई के घाटकोपर (पश्चिम) निवासी शांताराम पोपट अहिनवे (49) 19 जुलाई की रात अपनी पत्नी और परिवार के साथ कार से भिवंडी आए थे। रात करीब 10 बजे उन्होंने अपनी कार सड़क किनारे खड़ी कर पास के राधाकृष्ण होटल में भोजन करने चले गए।

    करीब 50 मिनट बाद जब परिवार वापस लौटा तो कार के बाईं ओर पीछे का शीशा टूटा हुआ मिला। जांच करने पर पता चला कि कार के अंदर रखे उनकी पत्नी के गुलाबी रंग के पर्स से करीब 3.32 लाख रुपये मूल्य के सोने के आभूषण चोरी हो चुके थे। अज्ञात चोर कार का शीशा तोड़कर पर्स में रखे आभूषण लेकर फरार हो गया।

    घटना की सूचना मिलने पर पीड़ित ने कोनगांव पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 303(2) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    पुलिस आसपास के सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल रही है ताकि आरोपी की पहचान की जा सके। मामले की जांच पुलिस उपनिरीक्षक भाऊसाहेब सावळे कर रहे हैं।

  • NEET-UG 2026: पहली ही कोशिश में 596 अंक और AIR 11,470 हासिल कर भिवंडी के शेख वामिक ने बढ़ाया शहर का मान

    NEET-UG 2026: पहली ही कोशिश में 596 अंक और AIR 11,470 हासिल कर भिवंडी के शेख वामिक ने बढ़ाया शहर का मान

    स्वामी विवेकानंद हाई स्कूल एंड जूनियर कॉलेज में हुआ सम्मान, शिक्षकों, अभिभावकों और गणमान्य लोगों ने दी शुभकामनाएं

    भिवंडी | संवाददाता

    राष्ट्रीय स्तर की मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG 2026 के परिणामों में भिवंडी के मेधावी छात्र शेख वामिक अब्दुल वदूद ने पहली ही कोशिश में शानदार सफलता हासिल कर शहर का नाम रोशन किया है। स्वामी विवेकानंद हाई स्कूल एंड जूनियर कॉलेज के छात्र शेख वामिक ने 596 अंक प्राप्त करते हुए ऑल इंडिया रैंक (AIR) 11,470 हासिल की है।

    उनकी इस उल्लेखनीय उपलब्धि पर निशांत एज्युकेशन एंड वेलफेयर सोसायटी द्वारा संचालित स्वामी विवेकानंद हाई स्कूल एंड जूनियर कॉलेज में सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विद्यालय के मुख्याध्यापक एल. यू. पाल, निशांत सर, शिक्षकगण, अभिभावक, छात्र-छात्राएं तथा शहर के अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने शेख वामिक और उनके माता-पिता को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

    नीट जैसी देश की सबसे कठिन और प्रतिस्पर्धी मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं में पहली ही बार सफलता प्राप्त कर शेख वामिक ने अपनी प्रतिभा, अनुशासन और कठिन परिश्रम का परिचय दिया है। उनकी सफलता से परिवार, विद्यालय और पूरे भिवंडी शहर में खुशी का माहौल है।

    शेख वामिक के पिता अब्दुल वदूद मोहम्मद दीन शेख भिवंडी के अमजदिया हाई स्कूल में शिक्षक हैं। बेटे की इस उपलब्धि पर परिवार में हर्ष का वातावरण है। शिक्षा और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोगों ने भी शेख वामिक की सफलता की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।

    सम्मान समारोह में कॉलेज में अध्ययनरत विद्यार्थियों के बड़ी संख्या में अभिभावक भी उपस्थित रहे और सभी ने शेख वामिक की सफलता को अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायक बताया।

  • Two Rape Cases Reported in Bhiwandi: शादी का झांसा देकर युवती से संबंध बनाने वाला गिरफ्तार, जीजा पर साली से दुष्कर्म का केस

    Two Rape Cases Reported in Bhiwandi: शादी का झांसा देकर युवती से संबंध बनाने वाला गिरफ्तार, जीजा पर साली से दुष्कर्म का केस

    नारपोली पुलिस ने एक आरोपी को किया गिरफ्तार, दूसरे मामले में कर्नाटक पुलिस से मिली जांच के बाद फरार आरोपी की तलाश जारी

    भिवंडी | संवाददाता

    भिवंडी के नारपोली पुलिस थाना क्षेत्र में दुष्कर्म के दो अलग-अलग मामले सामने आए हैं।(Two Rape Cases Reported in Bhiwandi) पहले मामले में शादी का झांसा देकर युवती से शारीरिक संबंध बनाने और बाद में शादी से इनकार करने के आरोप में पुलिस ने आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं दूसरे मामले में एक महिला ने अपने जीजा पर लंबे समय तक दुष्कर्म करने और बदनामी की धमकी देने का आरोप लगाया है। इस मामले में कर्नाटक पुलिस द्वारा दर्ज प्रकरण की जांच अब नारपोली पुलिस को सौंप दी गई है।

    पुलिस के अनुसार शांतिनगर क्षेत्र की 21 वर्षीय युवती ने शिकायत दर्ज कराई कि गुलजार नगर निवासी शाकीर हारुन शेख (28) ने उसे मिलने के बहाने वन्हालदेवी मंदिर के सामने स्थित पहाड़ी क्षेत्र में बुलाया। वहां आरोपी ने शादी का झांसा देकर उसकी इच्छा के विरुद्ध शारीरिक संबंध बनाए। शिकायत के अनुसार 15 अप्रैल 2026 को आरोपी ने युवती को रांजणोली नाका स्थित एक होटल में बुलाकर फिर से उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। जब युवती ने शादी की बात की तो आरोपी ने शादी से इनकार कर दिया और उसे धमकी दी।

    पीड़िता की शिकायत पर नारपोली पुलिस ने मामला दर्ज कर 22 जुलाई 2026 को आरोपी शाकीर हारुन शेख को गिरफ्तार कर लिया। मामले की जांच महिला पुलिस उपनिरीक्षक सोनाली पाटील कर रही हैं।

    दूसरे मामले में पूर्णा क्षेत्र की 28 वर्षीय महिला ने आरोप लगाया है कि उसके पति की अनुपस्थिति में उसके जीजा अशोक रामू राठौर (30) ने 5 मार्च 2024 से दिसंबर 2025 के बीच कई बार घर में घुसकर उसके साथ जबरन दुष्कर्म किया तथा बदनामी की धमकी दी।

    प्रताड़ना से परेशान होकर महिला ने 19 जून को कर्नाटक के कलबुर्गी पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। वहां मामला दर्ज करने के बाद जांच 22 जुलाई को भिवंडी के नारपोली पुलिस को स्थानांतरित कर दी गई। नारपोली पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 64(2), 64(2)(एम) एवं 351(2) के तहत मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है।

  • Marriage Hall Dispute on Reserved Land: वॉटर होल्डिंग एरिया पर बने कथित अवैध मैरिज हॉल पर उठे सवाल, जांच व कार्रवाई की मांग

    Marriage Hall Dispute on Reserved Land: वॉटर होल्डिंग एरिया पर बने कथित अवैध मैरिज हॉल पर उठे सवाल, जांच व कार्रवाई की मांग

    सामाजिक कामगार संघटना ने महानगरपालिका आयुक्त को सौंपा निवेदन, आरक्षित भूमि पर निर्माण की निष्पक्ष जांच की उठाई मांग

    आर.एस. नेटवर्क | प्रेम चौबे

     विरार | विरार पूर्व में रेलवे मार्ग से सटे बारिश के पानी के संचयन के लिए आरक्षित ‘वॉटर होल्डिंग एरिया’ पर कथित रूप से बनाए गए एक मैरिज हॉल को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। सामाजिक कामगार संघटना के अध्यक्ष शिवप्रताप सिंह ने वसई-विरार शहर महानगरपालिका आयुक्त को लिखित निवेदन सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा आवश्यक कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

    निवेदन में शिवप्रताप सिंह ने आरोप लगाया है कि सिडको के विकास आराखड़े में जिस भूमि को वर्षा जल संचयन और प्राकृतिक जल निकासी के लिए ‘वॉटर होल्डिंग एरिया’ के रूप में आरक्षित किया गया है, उसी स्थान पर कथित रूप से मिट्टी भराव कर मैरिज हॉल और अन्य व्यावसायिक निर्माण किए गए हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि भूमि वास्तव में आरक्षित श्रेणी की है, तो वहां निर्माण की अनुमति किस आधार पर दी गई और इसके लिए जिम्मेदार कौन है।

    Marriage Hall Dispute on Reserved Land

    शिकायत के अनुसार, कथित निर्माण और मिट्टी भराव के कारण वर्षा जल के प्राकृतिक प्रवाह में बाधा उत्पन्न हो रही है। इसका प्रभाव आसपास के रिहायशी क्षेत्रों पर पड़ रहा है, जहां प्रत्येक मानसून में जलभराव की समस्या गंभीर रूप ले लेती है। स्थानीय नागरिकों को घरों में पानी घुसने, संपत्ति के नुकसान और स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

    शिवप्रताप सिंह ने महानगरपालिका के संबंधित अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि यदि निर्माण नियमों के विपरीत पाया जाता है, तो इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए।

    सामाजिक कामगार संघटना ने महानगरपालिका आयुक्त से संबंधित स्थल का संयुक्त निरीक्षण कराने, निर्माण से जुड़े सभी अनुमति दस्तावेजों की जांच करने तथा निर्माण अवैध पाए जाने पर महाराष्ट्र क्षेत्रीय एवं नगर नियोजन (एमआरटीपी) अधिनियम और अन्य लागू कानूनों के तहत तत्काल कार्रवाई करने की मांग की है।

    शिवप्रताप सिंह ने कहा कि नागरिकों को हर वर्ष जलभराव की समस्या झेलने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि वर्षा जल के प्राकृतिक निकासी मार्ग को पूर्ववत बहाल किया जाए और आरक्षित ‘वॉटर होल्डिंग एरिया’ को उसके मूल स्वरूप में संरक्षित किया जाए।

    हालांकि, इस संबंध में महानगरपालिका अथवा संबंधित पक्ष की आधिकारिक प्रतिक्रिया समाचार लिखे जाने तक प्राप्त नहीं हो सकी है।

  • Naresh Mhaske attacks Uddhav Thackeray in Thane press conference: उद्धव ठाकरे ने बालासाहेब के हिंदुत्व से किया समझौता, अब ‘उलेमा बचाओ टोली’ बन गई शिवसेना (उबाठा): सांसद नरेश म्हस्के

    Naresh Mhaske attacks Uddhav Thackeray in Thane press conference: उद्धव ठाकरे ने बालासाहेब के हिंदुत्व से किया समझौता, अब ‘उलेमा बचाओ टोली’ बन गई शिवसेना (उबाठा): सांसद नरेश म्हस्के

    शिवसेना सांसद का तीखा हमला, वक्फ संशोधन, CAA-NRC, ट्रिपल तलाक और राष्ट्रीय मुद्दों पर उद्धव ठाकरे से पूछे कई सवाल

    आर.एस. नेटवर्क | दिनेश चंद्र रावल

    ठाणे | शिवसेना सांसद नरेश म्हस्के ने रविवार को आयोजित पत्रकार परिषद में शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि उद्धव ठाकरे ने सत्ता की राजनीति के लिए हिंदुत्व की मूल विचारधारा से समझौता कर लिया है। उन्होंने कहा कि आज की UBT पहले वाली शिवसेना नहीं रही, बल्कि वह “उलेमा बचाओ टोली” बनकर रह गई है और लगातार मुस्लिम तुष्टिकरण की राजनीति कर रही है।

    म्हस्के ने कहा कि बालासाहेब ठाकरे हमेशा हिंदुत्व और राष्ट्रहित के मुद्दों पर स्पष्ट, निडर और अडिग रहे, लेकिन उद्धव ठाकरे ने कांग्रेस के साथ गठबंधन कर उनके विचारों से दूरी बना ली। उनका आरोप था कि 2019 के विधानसभा चुनाव में भाजपा-शिवसेना गठबंधन को जनादेश मिलने के बावजूद मुख्यमंत्री पद के लिए कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के साथ सरकार बनाकर हिंदुत्व की विचारधारा से समझौता किया गया।

    उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय महत्व के कई मुद्दों पर उद्धव ठाकरे का रुख बालासाहेब ठाकरे की विचारधारा से पूरी तरह अलग रहा। जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने, नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA), राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC), ट्रिपल तलाक और वक्फ संशोधन विधेयक जैसे विषयों पर उद्धव ठाकरे ने ऐसा रुख अपनाया, जो उनके अनुसार हिंदुत्व और राष्ट्रहित के विपरीत था।

    सांसद म्हस्के ने आरोप लगाया कि वक्फ संशोधन विधेयक का विरोध कर उद्धव ठाकरे ने मुस्लिम तुष्टिकरण की राजनीति की। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में वक्फ संपत्तियों के कथित दुरुपयोग और अनियमितताओं पर कभी सवाल नहीं उठाए गए, जबकि राम मंदिरों और हिंदू धार्मिक संस्थाओं से जुड़े मुद्दों पर लगातार बयानबाजी की जाती है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि संसद में वक्फ संशोधन विधेयक पर चर्चा के दौरान UBT के सांसदों ने प्रभावी भूमिका नहीं निभाई।

    उन्होंने ट्रिपल तलाक के मुद्दे पर भी उद्धव ठाकरे की आलोचना करते हुए कहा कि यह मुस्लिम महिलाओं के सम्मान और न्याय का विषय था, लेकिन इस पर उन्होंने कोई स्पष्ट समर्थन नहीं दिया। वहीं CAA और NRC के मुद्दे पर उन्होंने सवाल उठाया कि उद्धव ठाकरे इन कानूनों का लगातार विरोध क्यों करते रहे और राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे विषयों पर उनका रुख क्या था।

    म्हस्के ने कहा कि आज राम मंदिरों में दान पेटियों में कथित चोरी और अन्य मामलों पर सवाल उठाने वाले उद्धव ठाकरे ने वक्फ बोर्ड में कथित भ्रष्टाचार, अतिक्रमण और कुप्रबंधन के मुद्दों पर कभी आवाज नहीं उठाई। उन्होंने पूछा कि यदि हिंदू ट्रस्टों में गैर-हिंदुओं को स्थान नहीं दिया जाता, तो वक्फ बोर्ड में गैर-मुस्लिम सदस्यों के शामिल किए जाने का विरोध क्यों किया गया।

    उन्होंने महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे के मुख्यमंत्री कार्यकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET), म्हाडा भर्ती और स्वास्थ्य विभाग भर्ती सहित कई भर्ती परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक हुए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय राज्य सरकार प्रभावी कार्रवाई करने में विफल रही। उन्होंने कहा कि आज NEET पेपर लीक मामले को लेकर विरोध प्रदर्शनों का समर्थन कर UBT राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रही है, जबकि अपने कार्यकाल के मामलों पर वह जवाब देने से बच रही है।

    पत्रकार परिषद के दौरान सांसद नरेश म्हस्के ने कहा कि उद्धव ठाकरे को हिंदुत्व, राष्ट्रीय सुरक्षा, वक्फ बोर्ड, CAA-NRC, ट्रिपल तलाक और अपने मुख्यमंत्री कार्यकाल के दौरान हुए पेपर लीक जैसे मुद्दों पर जनता के सामने अपना पक्ष स्पष्ट करना चाहिए।

  • Thane Rising MinimumTemperature Urban Heat Island Warning

    Thane Rising MinimumTemperature Urban Heat Island Warning

    डॉ प्रशांत सिनकर बोले- बढ़ता न्यूनतम तापमान ‘अर्बन हीट आइलैंड’ प्रभाव और बिगड़ते पारिस्थितिक संतुलन का संकेत

    ठाणे | संवाददाता

    ठाणे शहर में अब केवल दिन का अधिकतम तापमान ही नहीं, बल्कि लगातार बढ़ता न्यूनतम तापमान भी चिंता का विषय बन गया है। शहर में इन दिनों रात का न्यूनतम तापमान 27.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया जा रहा है। मानसून का मौसम होने के बावजूद रात के समय अपेक्षित ठंडक महसूस नहीं हो रही है, जिसे पर्यावरण विशेषज्ञ शहर के बिगड़ते पारिस्थितिक संतुलन का गंभीर संकेत मान रहे हैं।

    पर्यावरणविद् डॉ. प्रशांत सिनकर के अनुसार, न्यूनतम तापमान में लगातार हो रही वृद्धि सामान्य मौसमी परिवर्तन नहीं, बल्कि शहरीकरण और पर्यावरणीय असंतुलन का परिणाम है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष गर्मियों में ठाणे का अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। मानसून के देर से आगमन के कारण लंबे समय तक हीटवेव जैसी स्थिति बनी रही। जुलाई के पहले सप्ताह में हुई भारी बारिश के बाद कुछ समय के लिए मौसम में राहत मिली, लेकिन बारिश का दौर थमते ही रात का तापमान फिर तेजी से बढ़ने लगा।

    डॉ. सिनकर का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में शहर में तेजी से बढ़े कंक्रीटीकरण, सीमेंट-कंक्रीट सड़कों के विस्तार, ऊंची इमारतों की संख्या में वृद्धि, वाहनों से निकलने वाली गर्मी और बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई के कारण दिन में अवशोषित हुई गर्मी रात के समय भी वातावरण में बनी रहती है। इसी वजह से शहर में ‘अर्बन हीट आइलैंड’ प्रभाव लगातार बढ़ रहा है और रात के तापमान में गिरावट नहीं हो पा रही है।

    उन्होंने बताया कि वर्तमान में शहर का अधिकतम तापमान लगभग 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27 से 28 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है। रात में पर्याप्त ठंडक नहीं मिलने से वातावरण की प्राकृतिक शीतलन प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। इसका असर केवल मौसम तक सीमित नहीं है, बल्कि पेड़-पौधों की वृद्धि, मिट्टी की नमी, पक्षियों एवं अन्य जीव-जंतुओं के प्राकृतिक आवास पर भी पड़ रहा है।

    विशेषज्ञों के अनुसार, लगातार गर्म रहने वाली रातें मानव स्वास्थ्य के लिए भी चिंता का विषय हैं। इससे नींद की गुणवत्ता प्रभावित होती है, शरीर पर गर्मी का दबाव बढ़ता है और हृदय रोग, मधुमेह, उच्च रक्तचाप तथा श्वसन संबंधी बीमारियों से पीड़ित लोगों के लिए जोखिम बढ़ सकता है।

    डॉ. सिनकर ने कहा कि ठाणे में बढ़ता न्यूनतम तापमान केवल एक मौसम संबंधी आंकड़ा नहीं, बल्कि शहर में घटते हरित क्षेत्र और प्राकृतिक संसाधनों पर बढ़ते दबाव का स्पष्ट संकेत है। उन्होंने शहर में बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण, खुले स्थानों के संरक्षण, जलस्रोतों के पुनर्जीवन तथा पर्यावरण अनुकूल शहरी नियोजन को प्राथमिकता देने की आवश्यकता पर बल दिया। उनका कहना है कि टिकाऊ विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाकर ही भविष्य में शहर को बढ़ती गर्मी और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से बचाया जा सकता है।