सामाजिक कामगार संघटना ने महानगरपालिका आयुक्त को सौंपा निवेदन, आरक्षित भूमि पर निर्माण की निष्पक्ष जांच की उठाई मांग
आर.एस. नेटवर्क | प्रेम चौबे
विरार | विरार पूर्व में रेलवे मार्ग से सटे बारिश के पानी के संचयन के लिए आरक्षित ‘वॉटर होल्डिंग एरिया’ पर कथित रूप से बनाए गए एक मैरिज हॉल को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। सामाजिक कामगार संघटना के अध्यक्ष शिवप्रताप सिंह ने वसई-विरार शहर महानगरपालिका आयुक्त को लिखित निवेदन सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा आवश्यक कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

निवेदन में शिवप्रताप सिंह ने आरोप लगाया है कि सिडको के विकास आराखड़े में जिस भूमि को वर्षा जल संचयन और प्राकृतिक जल निकासी के लिए ‘वॉटर होल्डिंग एरिया’ के रूप में आरक्षित किया गया है, उसी स्थान पर कथित रूप से मिट्टी भराव कर मैरिज हॉल और अन्य व्यावसायिक निर्माण किए गए हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि भूमि वास्तव में आरक्षित श्रेणी की है, तो वहां निर्माण की अनुमति किस आधार पर दी गई और इसके लिए जिम्मेदार कौन है।
Marriage Hall Dispute on Reserved Land
शिकायत के अनुसार, कथित निर्माण और मिट्टी भराव के कारण वर्षा जल के प्राकृतिक प्रवाह में बाधा उत्पन्न हो रही है। इसका प्रभाव आसपास के रिहायशी क्षेत्रों पर पड़ रहा है, जहां प्रत्येक मानसून में जलभराव की समस्या गंभीर रूप ले लेती है। स्थानीय नागरिकों को घरों में पानी घुसने, संपत्ति के नुकसान और स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
शिवप्रताप सिंह ने महानगरपालिका के संबंधित अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि यदि निर्माण नियमों के विपरीत पाया जाता है, तो इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए।
सामाजिक कामगार संघटना ने महानगरपालिका आयुक्त से संबंधित स्थल का संयुक्त निरीक्षण कराने, निर्माण से जुड़े सभी अनुमति दस्तावेजों की जांच करने तथा निर्माण अवैध पाए जाने पर महाराष्ट्र क्षेत्रीय एवं नगर नियोजन (एमआरटीपी) अधिनियम और अन्य लागू कानूनों के तहत तत्काल कार्रवाई करने की मांग की है।
शिवप्रताप सिंह ने कहा कि नागरिकों को हर वर्ष जलभराव की समस्या झेलने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि वर्षा जल के प्राकृतिक निकासी मार्ग को पूर्ववत बहाल किया जाए और आरक्षित ‘वॉटर होल्डिंग एरिया’ को उसके मूल स्वरूप में संरक्षित किया जाए।
हालांकि, इस संबंध में महानगरपालिका अथवा संबंधित पक्ष की आधिकारिक प्रतिक्रिया समाचार लिखे जाने तक प्राप्त नहीं हो सकी है।

