Category: Mumbai

  • Ghodbunder Road Inspection: लगातार दूसरे दिन ठाणे महापौर शर्मिला पिंपळोलकर ने किया घोड़बंदर रोड का निरीक्षण, जलभराव रोकने के दिए निर्देश!

    Ghodbunder Road Inspection: लगातार दूसरे दिन ठाणे महापौर शर्मिला पिंपळोलकर ने किया घोड़बंदर रोड का निरीक्षण, जलभराव रोकने के दिए निर्देश!

    Ghodbunder Road Inspection: लगातार हो रही बारिश के बीच ठाणे महानगरपालिका की महापौर शर्मिला पिंपळोलकर ने गुरुवार को लगातार दूसरे दिन घोड़बंदर रोड क्षेत्र का दौरा कर जलभराव वाले स्थानों का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जहां भी पानी भर रहा है, वहां तत्काल पंप लगाकर जल निकासी सुनिश्चित की जाए, ताकि नागरिकों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।

    निरीक्षण के दौरान कापूरबावड़ी स्थित पेपर प्रोडक्ट कंपनी क्षेत्र, मानपाड़ा मेट्रो स्टेशन, आनंद डी-मार्ट परिसर तथा बालकूम के महालक्ष्मी नगर क्षेत्र का दौरा किया गया। मानपाड़ा में नाले के चौड़ीकरण से जल निकासी संतोषजनक पाई गई, जबकि मेट्रो निर्माण कार्य के कारण खराब हुई सड़क को जल्द दुरुस्त करने के निर्देश एमएमआरडीए और मेट्रो अधिकारियों को दिए गए।

    बालकूम के महालक्ष्मी नगर में एक दीवार गिरने से पानी का प्राकृतिक प्रवाह बाधित होने की जानकारी मिलने पर महापौर ने मरम्मत कार्य युद्धस्तर पर पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को संवेदनशील क्षेत्रों पर लगातार निगरानी रखने, जलभराव होते ही तत्काल निकासी की व्यवस्था करने तथा नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।

  • Scholarship Exams: स्कॉलरशिप परीक्षा में ज़िला परिषद स्कूलों का शानदार प्रदर्शन; क्लास 5 और 8 के 395 स्टूडेंट्स क्वालिफ़ाई हुए!

    Scholarship Exams: स्कॉलरशिप परीक्षा में ज़िला परिषद स्कूलों का शानदार प्रदर्शन; क्लास 5 और 8 के 395 स्टूडेंट्स क्वालिफ़ाई हुए!

    Scholarship Exams: ज़िला परिषद ठाणे के स्कूलों ने महाराष्ट्र स्टेट एग्जामिनेशन काउंसिल, पुणे द्वारा आयोजित प्री-अपर प्राइमरी (क्लास 5) और प्री-सेकेंडरी (क्लास 8) स्कॉलरशिप परीक्षा 2026 में शानदार सफलता हासिल की है। ज़िले के कुल 395 स्टूडेंट्स ने स्कॉलरशिप के लिए क्वालिफ़ाई किया है, जिसमें क्लास 5 के 384 स्टूडेंट्स और क्लास 8 के 11 स्टूडेंट्स शामिल हैं।

    ज़िले के 660 स्कूलों के 5,019 स्टूडेंट्स ने क्लास 5 की प्री-अपर प्राइमरी स्कॉलरशिप परीक्षा के लिए रजिस्टर किया था। उनमें से 4,670 स्टूडेंट्स परीक्षा में शामिल हुए। कुल 384 स्टूडेंट्स ने क्वालिफाई किया है और 152 स्टूडेंट्स को स्कॉलरशिप मिली है। तालुक के हिसाब से रिजल्ट में, शहापुर तालुका ने जिले में सबसे ज़्यादा 256 स्टूडेंट्स के साथ टॉप पोजीशन हासिल की है।

    मुरबाद तालुका में 67, भिवंडी में 34, कल्याण में 16 और अंबरनाथ में 11 स्टूडेंट्स क्वालिफाई हुए हैं। साथ ही, जिले के 80 स्कूलों के 686 स्टूडेंट्स ने क्लास 8 प्री-सेकेंडरी स्कॉलरशिप एग्जाम के लिए रजिस्टर किया था। उनमें से 615 स्टूडेंट्स एग्जाम में शामिल हुए। कुल 11 स्टूडेंट्स क्वालिफाई हुए और 10 स्टूडेंट्स को स्कॉलरशिप मिली है।

    क्लास 8 में, शहापुर तालुका के 8 स्टूडेंट्स क्वालिफाई हुए हैं और 7 स्टूडेंट्स को स्कॉलरशिप मिली है। मुरबाद तालुका में 2 और अंबरनाथ तालुका में 1 ने क्वालिफाई किया है। इस सफलता के पीछे स्टूडेंट्स की कड़ी मेहनत, टीचर्स का गाइडेंस, प्रिंसिपल्स की प्लानिंग और पेरेंट्स का सहयोग अहम रहा है। एजुकेशन ऑफिसर (प्राइमरी) बालासाहेब रक्षे ने कहा कि ज़िला परिषद स्कूलों में अच्छी पढ़ाई के साथ-साथ कॉम्पिटिटिव एग्जाम और स्कॉलरशिप एग्जाम के लिए लगातार स्पेशल ट्रेनिंग, गाइडेंस क्लास और प्रैक्टिस टेस्ट ऑर्गनाइज़ किए जा रहे हैं।

    “ज़िला परिषद स्कूलों के 395 स्टूडेंट्स ने स्कॉलरशिप एग्जाम में सफल होकर ज़िले का नाम रोशन किया है। खासकर शाहपुर तालुका का शानदार परफॉर्मेंस इंस्पायरिंग है। ज़िला परिषद अच्छी पढ़ाई, कॉम्पिटिटिव तैयारी और स्टूडेंट्स के ऑल-राउंड डेवलपमेंट के लिए कमिटेड है और भविष्य में शाहपुर मॉडल को लागू किया जाएगा और सभी ज़रूरी सपोर्ट और फैसिलिटी दी जाएंगी ताकि ज़्यादा से ज़्यादा स्टूडेंट्स ऐसे एग्जाम में सफल हो सकें।” – ठाणे ज़िला परिषद के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर रंजीत यादव।

    ज़िला परिषद एडमिनिस्ट्रेशन ने सभी सफल स्टूडेंट्स, टीचर्स, प्रिंसिपल्स और पेरेंट्स को बधाई दी है और भविष्य में उनके और भी बेहतर परफॉर्मेंस की कामना की है।

  • Thane Rains: ठाणे में गुरुवार को 38.61 मिमी बारिश दर्ज की गई; गुरुवार को भारी बारिश हुई!

    Thane Rains: ठाणे में गुरुवार को 38.61 मिमी बारिश दर्ज की गई; गुरुवार को भारी बारिश हुई!

    Thane Rains: गुरुवार को ठाणे में भारी बारिश हुई। बारिश रुकने की भविष्यवाणी गलत साबित हुई। दिन भर रुक-रुक कर बारिश होती रही और फिर अचानक तेज बारिश शुरू हो गई। शाम 5 बजे तक ठाणे में 38.61 मिमी बारिश दर्ज की गई। इस दौरान आग लगने, पेड़ गिरने और शाखा गिरने की एक-एक घटना हुई।

    गुरुवार को किसी भी जानमाल का नुकसान नहीं हुआ। गुरुवार को बारिश की रफ्तार धीमी हो गई। हाल यह है कि गुरुवार को हुई भारी बारिश के कारण मुंब्रा क्षेत्र के कुछ इलाकों में जलभराव हो गया। ठाणे के निचले इलाकों में राबोडी और वंदना सिनेमा रोड पर पानी जमा हो गया। बल्कुम में भी छिटपुट जलभराव की घटनाएं हुईं।

    ठाणे के पचपखाड़ी स्थित श्रीजी आर्केड में स्थित मेसर्स क्रायोजेन इंस्ट्रूमेंट्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के कार्यालय के रिसेप्शन रूम में आग लग गई। इस घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। रिसेप्शन रूम में रखे दस्तावेज, लकड़ी की मेजें और अन्य सामान आग से क्षतिग्रस्त हो गए।

    गुरुवार सुबह गावदेवी में लोकमान्य तिलक उद्यान के पास गावदेवी मैदान के नजदीक एक पेड़ गिर गया। ठाणे में देवकोरपोरा बिल्डिंग के सामने केंदंबरी जंक्शन पर एक पेड़ की तीन शाखाएं गिर गईं, जिससे एक चार पहिया वाहन को मामूली नुकसान हुआ। लगातार चौथे दिन भी दिनभर बादल छाए रहे और हल्की बूंदाबांदी होती रही।

    बीच-बीच में कुछ देर के लिए भारी बारिश भी हुई। ठाणे के आनंदनगर प्रवेश द्वार पर सड़क पर बर्फ जमा होने से वाहनों की गति धीमी हो गई और जाम जैसी स्थिति बन गई। वहीं, ठाणे के घोड़बंदर रोड पर भारी बारिश के कारण ट्रैफिक जाम हो गया। यातायात धीमी गति से चल रहा था। ठाणे-भिवंडी और ठाणे-नासिक रोड पर भी भारी बारिश और गड्ढों के कारण वाहनों की आवाजाही धीमी रही।

    24 घंटों में 74 शिकायतें
    ठाणे आपदा प्रबंधन विभाग को पिछले 24 घंटों में 74,000 शिकायतें प्राप्त हुई हैं। आपदा प्रबंधन विभाग के प्रमुख यासीन ताडवी ने बताया कि इनमें से 13 शिकायतें आग लगने से संबंधित, 20 पेड़ गिरने से, 5 पेड़ की शाखाएं गिरने से और 13 पेड़ खतरनाक स्थिति में होने से संबंधित हैं। इसके अलावा, 20 जलभराव की घटनाएं, एक इमारत गिरने की घटना और तीन अन्य शिकायतें ठाणे में प्राप्त हुई हैं।

  • Death by Electrocution: मुंब्रा में तनाव, टोरंटो के खिलाफ मामला दर्ज; बिजली का झटका लगने से एक नाबालिग लड़की की मौत!

    Death by Electrocution: मुंब्रा में तनाव, टोरंटो के खिलाफ मामला दर्ज; बिजली का झटका लगने से एक नाबालिग लड़की की मौत!

    Death by Electrocution: बुधवार रात मुंब्रा पुलिस थाना क्षेत्र के कादर पैलेस इलाके में भारी बारिश के दौरान बिजली का झटका लगने से 16 वर्षीय आलिया चांदीवाला की मौत हो गई। इससे मुंब्रा इलाके में तनाव फैल गया। लोगों ने टोरंटो इलेक्ट्रिसिटी कंपनी के खिलाफ अपना गुस्सा जाहिर किया। इस बीच, टोरंटो इलेक्ट्रिसिटी कंपनी के कर्मचारियों के खिलाफ मुंब्रा पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया है।

    मुंब्रा के बी विंग स्थित कादर पैलेस, यास्मीन पार्क की निवासी 16 वर्षीय आलिया चांदीवाला की मृत्यु हो गई। वह कादर पैलेस इलाके में काम के लिए इमारत से बाहर आ रही थी। इसी दौरान इमारत के अंदर पानी में बिजली का करंट था। आलिया जैसे ही पानी में उतरी, उसे बिजली का जोरदार झटका लगा।

    गंभीर रूप से घायल आलिया को इलाके के निवासियों ने तुरंत अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में डॉक्टरों ने उसकी जांच की और उसे मृत घोषित कर दिया। मुंब्रा इलाके में घटना की खबर फैलते ही मुंब्रा के निवासी बड़ी संख्या में जमा हो गए। भीड़ में टोरंटो कंपनी के खिलाफ असंतोष का माहौल था।

    भीड़ जमा होने की सूचना मिलते ही मुंब्रा पुलिस और स्थानीय जन प्रतिनिधि मौके पर पहुंचे। मुंब्रा पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए कालवा अस्पताल भेज दिया। मुंब्रा पुलिस ने टोरंटो कंपनी के कर्मचारियों के खिलाफ लापरवाही बरतने और मौत का कारण बनने के आरोप में आंतरिक मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

  • Thane Bungalow Collapses: ठाणे में कॉसमॉस बंगले की सुरक्षा दीवार ढह गई!

    Thane Bungalow Collapses: ठाणे में कॉसमॉस बंगले की सुरक्षा दीवार ढह गई!

    Thane Bungalow Collapses: यह घटना गुरुवार शाम करीब 5:25 बजे ओवाला घोड़बंदर रोड, पंखंडा गांव, ठाणे स्थित कॉसमॉस बंगले की सुरक्षा दीवार पर घटी। इस घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।

    गुरुवार शाम को कॉसमॉस बंगले की 30 फीट ऊंची और 50 फीट लंबी सुरक्षा दीवार गिर गई। घटना की सूचना मिलते ही जूनियर इंजीनियर और लोक निर्माण विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंच गए।

    दीवार गिरने से बगल वाले घर के शेड की चादरें टूट गईं, जिससे मामूली नुकसान हुआ। लोक निर्माण विभाग के कर्मचारियों ने खतरे की चेतावनी वाली टेप लगाकर इलाके को घेर लिया है।

  • MP Advocate Goval K. Padvi: आदिवासी आबादी के अनुपात में 9.35% बजट मिले, तेलंगाना की तर्ज पर बने अलग कानून: सांसद एडवोकेट गोवाल के. पाडवी!

    MP Advocate Goval K. Padvi: आदिवासी आबादी के अनुपात में 9.35% बजट मिले, तेलंगाना की तर्ज पर बने अलग कानून: सांसद एडवोकेट गोवाल के. पाडवी!

    MP Advocate Goval K. Padvi: महाराष्ट्र में आदिवासी विकास के लिए अनुसूचित जनजाति (एसटी) की जनसंख्या के अनुपात में 9.35 प्रतिशत बजटीय प्रावधान सुनिश्चित किया जाए तथा तेलंगाना राज्य के ट्राइबल सब-प्लान (Tribal Sub-Plan) कानून की तर्ज पर राज्य में भी स्वतंत्र आदिवासी कानून बनाया जाए।

    यह मांग नंदुरबार लोकसभा क्षेत्र के सांसद एडवोकेट गोवाल के. पाडवी ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में विधान भवन में आयोजित 52वीं आदिवासी सलाहकार परिषद की बैठक में जोरदार ढंग से उठाई।

    सांसद पाडवी ने कहा कि महाराष्ट्र में अनुसूचित जनजातियों की आबादी लगभग 9.35 प्रतिशत है, इसलिए आदिवासी विकास के लिए भी उसी अनुपात में बजट आवंटित किया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार पूर्व के शासन निर्णयों और स्थापित नीति के बावजूद आदिवासी समाज के लिए आबादी के अनुपात में धनराशि उपलब्ध नहीं करा रही है, जिससे आदिवासी क्षेत्रों के विकास कार्य गंभीर रूप से प्रभावित हो रहे हैं।

    उन्होंने कहा कि वर्तमान में आदिवासी विकास विभाग के बजट में पगार, पेंशन और प्रशासनिक खर्च (Committed Expenditure) को भी आदिवासी विकास का खर्च दिखाया जा रहा है, जबकि इससे वास्तविक विकास योजनाओं के लिए उपलब्ध राशि में भारी कमी आ रही है।

    उन्होंने मांग की कि प्रशासनिक खर्च को सामान्य प्रशासन के मद में अलग रखा जाए और शिक्षा, स्वास्थ्य, सिंचाई, रोजगार, सड़क तथा अन्य आधारभूत सुविधाओं के लिए अलग एवं पर्याप्त बजट उपलब्ध कराया जाए।

    सांसद पाडवी ने तेलंगाना की तर्ज पर महाराष्ट्र में भी स्वतंत्र ट्राइबल सब-प्लान कानून लागू करने की मांग करते हुए कहा कि इससे आदिवासी विकास निधि का अन्य कार्यों में उपयोग नहीं हो सकेगा तथा धनराशि का पारदर्शी और जवाबदेह उपयोग सुनिश्चित होगा।

    बैठक में उन्होंने अनुसूचित जनजाति के जाति प्रमाणपत्र और जाति वैधता प्रमाणपत्र के कथित दुरुपयोग का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि फर्जी दस्तावेजों या धोखाधड़ी के आधार पर एसटी प्रमाणपत्र प्राप्त करने वालों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए।

    साथ ही, जाति सत्यापन समितियों को केवल शिकायत का इंतजार करने के बजाय स्वतः संज्ञान (Suo Motu) लेकर ऐसे मामलों में एफआईआर दर्ज कराने का अधिकार और जिम्मेदारी निभानी चाहिए।

    सांसद ने अनुसूचित जनजाति आरक्षण के तहत रिक्त एवं अधिसंख्य पदों को शीघ्र भरने की मांग भी की। उन्होंने आदिवासी विकास विभाग, एकीकृत आदिवासी विकास परियोजना (आईटीडीपी), अतिरिक्त आदिवासी आयुक्त कार्यालयों तथा नासिक स्थित आदिवासी विकास आयुक्तालय में अधिकारियों की नियुक्ति और प्रशासनिक कार्यप्रणाली से जनप्रतिनिधियों को होने वाली कठिनाइयों का मुद्दा भी परिषद के समक्ष रखा।

    उन्होंने जाति प्रमाणपत्रों की जांच प्रक्रिया को आधुनिक बनाने का सुझाव देते हुए कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), डिजिटल डेटा विश्लेषण और ब्लॉकचेन तकनीक का उपयोग कर सत्यापन प्रक्रिया को अधिक तेज, पारदर्शी, सुरक्षित और विश्वसनीय बनाया जाए।

    बैठक के अंत में सांसद पाडवी ने सर्वोच्च न्यायालय में लंबित धनगर समाज से जुड़े मामले पर राज्य सरकार की भूमिका पर चर्चा कराने का प्रयास किया। उनका आरोप है कि जैसे ही उन्होंने यह विषय उठाना शुरू किया, राज्य के आदिवासी विकास मंत्री ने इस पर आपत्ति जताई और उन्हें मुद्दा रखने की अनुमति नहीं दी। इसके बाद, उनके अनुसार, परिषद के अध्यक्ष एवं मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बैठक स्थगित कर दी और सभागार से बाहर चले गए।

  • Washim Custodial Death Case: 2011 हिरासत मौत मामले में 9 पुलिसकर्मियों को उम्रकैद, अदालत का ऐतिहासिक फैसला!

    Washim Custodial Death Case: 2011 हिरासत मौत मामले में 9 पुलिसकर्मियों को उम्रकैद, अदालत का ऐतिहासिक फैसला!

    Washim Custodial Death Case: महाराष्ट्र के वाशिम जिले में वर्ष 2011 के चर्चित हिरासत में मौत मामले में जिला एवं सत्र न्यायालय ने गुरुवार को ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए रिसोड पुलिस थाने के तत्कालीन प्रभारी अधिकारी माधव मणिकराव धांडे सहित 9 पुलिसकर्मियों को उम्रकैद की सजा सुनाई। अदालत ने प्रत्येक दोषी पर 10,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा नहीं करने पर छह महीने की अतिरिक्त साधारण कैद भुगतनी होगी।

    अदालत ने दोषी ठहराए गए पुलिसकर्मियों में से चार को अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत भी अलग से सजा सुनाई है। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि सभी सजाएं एक साथ (Concurrent) चलेंगी।

    अभियोजन पक्ष के अनुसार, बेग्या पवार और एक अन्य व्यक्ति को 9 मई 2011 को एक आपराधिक मामले की जांच के सिलसिले में रिसोड पुलिस ने पूछताछ के लिए हिरासत में लिया था। आरोप है कि हिरासत के दौरान बेग्या पवार के साथ गंभीर मारपीट की गई, जिससे उनके शरीर पर 43 चोटों के निशान पाए गए। अगले दिन अस्पताल ले जाते समय उनकी मौत हो गई।

    घटना के बाद परिजनों ने पुलिस पर हिरासत में बेरहमी से मारपीट कर हत्या करने का आरोप लगाया था। मामले ने व्यापक जनाक्रोश पैदा किया, जिसके बाद जांच महाराष्ट्र सीआईडी को सौंप दी गई। सीआईडी ने चिकित्सीय साक्ष्यों, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य सबूतों के आधार पर आरोपपत्र दाखिल किया।

    अपर सत्र न्यायाधीश जे.पी. झापटे ने सभी नौ आरोपियों को भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत हत्या, स्वीकारोक्ति कराने के लिए गंभीर चोट पहुंचाने, आपराधिक साजिश और साझा आपराधिक मंशा जैसे आरोपों में दोषी ठहराया। मुकदमे के दौरान अभियोजन पक्ष ने 47 गवाहों के बयान अदालत में दर्ज कराए। कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, यह फैसला महाराष्ट्र में हिरासत में मौत के मामलों में पुलिसकर्मियों को दोषी ठहराने वाले सबसे महत्वपूर्ण और चर्चित निर्णयों में से एक माना जा रहा है।

  • Open Manhole Horror: साकीनाका में खुले मैनहोल में समाए 60 वर्षीय बुजुर्ग, मौके पर मचा हड़कंप!

    Open Manhole Horror: साकीनाका में खुले मैनहोल में समाए 60 वर्षीय बुजुर्ग, मौके पर मचा हड़कंप!

    Open Manhole Horror: खुले मैनहोल से जुड़ी दुखद और असल ज़िंदगी की “डरावनी” कहानियाँ अक्सर प्रशासन की भारी लापरवाही का नतीजा होती हैं; इनमें बिना ढक्कन वाले नाले या ठीक से घेराबंदी न किए गए मरम्मत के काम जानलेवा हादसों की वजह बनते हैं।

    ऐसे ही मुंबई के साकीनाका इलाके में गुरुवार दोपहर एक दर्दनाक हादसे में 60 वर्षीय व्यक्ति की खुले मैनहोल में गिरने से मौत हो गई। यह घटना खैरानी रोड पर उस समय हुई, जब बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) की ओर से नालों की सफाई और रखरखाव का कार्य चल रहा था।

    प्राप्त जानकारी के अनुसार, नाले की सफाई के लिए मैनहोल का ढक्कन हटाया गया था। इसी दौरान बुजुर्ग व्यक्ति वहां से गुजर रहे थे और खुले मैनहोल में गिर गए। घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने तत्काल बचाव कार्य शुरू किया और पुलिस व दमकल विभाग को सूचना दी।

    सूचना मिलते ही पुलिस, दमकलकर्मी और अन्य राहत दल मौके पर पहुंचे। काफी मशक्कत के बाद व्यक्ति को बाहर निकाला गया और नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

    घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी देखने को मिली। नागरिकों ने आरोप लगाया कि नाले की सफाई के दौरान खुले मैनहोल के आसपास पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम, बैरिकेडिंग और चेतावनी संकेत नहीं लगाए गए थे, जिससे यह दुखद हादसा हुआ।

    पुलिस ने आकस्मिक मृत्यु का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वहीं, संबंधित विभाग भी घटना के कारणों की जांच कर रहा है। इस हादसे के बाद मानसून के दौरान चल रहे नाला सफाई कार्यों में सुरक्षा मानकों और नागरिकों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

  • Nalasopara Illegal Construction: नालासोपारा में कथित अवैध निर्माणों पर सख्त कार्रवाई की मांग, मुख्यमंत्री को सौंपा गया ज्ञापन!

    Nalasopara Illegal Construction: नालासोपारा में कथित अवैध निर्माणों पर सख्त कार्रवाई की मांग, मुख्यमंत्री को सौंपा गया ज्ञापन!

    Nalasopara Illegal Construction: धर्मराज कामगार संघटना के अध्यक्ष शिव प्रताप सिंह ने नालासोपारा पूर्व एवं पश्चिम क्षेत्र में कथित अवैध निर्माणों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को विस्तृत ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि कई व्यावसायिक प्रतिष्ठान आवश्यक वैधानिक अनुमति के बिना संचालित या निर्मित किए गए हैं, जिससे नागरिकों की सुरक्षा, यातायात व्यवस्था और शहरी नियोजन प्रभावित हो रहा है।

    ज्ञापन में सिटी पॉइंट मैरिज हॉल (नालासोपारा पूर्व), हेमाली हॉल (नालासोपारा पश्चिम), चंदन नाका स्थित मस्तानी देसी बार तथा अतिथि लॉजिंग एंड बोर्डिंग के निर्माण एवं संचालन की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की गई है। संगठन ने इन प्रतिष्ठानों के विकास अनुमति, स्वीकृत नक्शा, ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट, कम्प्लीशन सर्टिफिकेट, अग्निशमन विभाग की मंजूरी सहित सभी आवश्यक दस्तावेजों की जांच कराने की मांग की है।

    ज्ञापन में कहा गया है कि यदि जांच में निर्माण अवैध पाए जाते हैं तो एमआरटीपी अधिनियम, 1966 के तहत संबंधित जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर तत्काल ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाए।

    संगठन का आरोप है कि इन कथित अवैध निर्माणों के कारण यातायात जाम, पार्किंग की समस्या, सार्वजनिक स्थानों पर अतिक्रमण, ध्वनि प्रदूषण तथा महिलाओं और आम नागरिकों की सुरक्षा से जुड़े गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। धर्मराज कामगार संघटना ने सरकार से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।

  • TMC School Extortion: स्कूल से 25 लाख रुपये की उगाही को लेकर हंगामा; माजीवाड़ा-मानपाड़ा वार्ड समिति के अधिकारी व कर्मचारी संदेह के घेरे में!

    TMC School Extortion: स्कूल से 25 लाख रुपये की उगाही को लेकर हंगामा; माजीवाड़ा-मानपाड़ा वार्ड समिति के अधिकारी व कर्मचारी संदेह के घेरे में!

    TMC School Extortion: ठाणे नगर निगम उस समय सदमे में आ गया जब एक स्कूल प्रबंधन ने 25 लाख रुपये की फिरौती मांगी। सूचना के अधिकार (आरटीआई) का दुरुपयोग करते हुए फिरौती मांगने वालों के संदेह के घेरे में आने से माजिवाडा-मनपाड़ा वार्ड समिति के कुछ अधिकारी और कर्मचारी भी आड़े आ गए हैं। ठाणे पुलिस की जबरन वसूली विरोधी टीम इस मामले की जांच कर रही है और नगर निगम के कुछ कर्मचारियों से गहन पूछताछ की जा रही है।

    चीतलसर मनपाड़ा, घोड़बंदर रोड स्थित राय मास्टर कंपाउंड में सेंट जेवियर्स हाई स्कूल और जूनियर कॉलेज के प्रबंधक बीरबल बंदगर की शिकायत के बाद, जबरन वसूली विरोधी दस्ते ने आरटीआई कार्यकर्ता प्रमोद चंद्रकांत परदेशी उर्फ ​​राजवीर राजपूत (46) और नारायण ओमप्रकाश शर्मा (38) को 15 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा।

    इस मामले में शिकायतकर्ताओं ने अब गंभीर आरोप लगाए हैं। माजिवाड़ा-मनपाड़ा वार्ड समिति के कर्मचारियों ने दावा किया है कि उन्होंने अपने मोबाइल नंबर जबरन वसूली करने वाले आरोपियों को दिए थे। शिकायत में कहा गया है कि पिछले दो महीनों से संबंधित आरोपी उन्हें लगातार धमका रहे हैं और परेशान कर रहे हैं।

    सूत्रों के मुताबिक, वार्ड कमेटी कार्यालय के कुछ कर्मचारियों द्वारा दोनों आरोपियों को विशेष रियायतें दी जा रही थीं। इतना ही नहीं, ऐसी भी खबरें हैं कि नगर निगम के कुछ अधिकारी और कर्मचारी शहर में चल रहे जबरन वसूली रैकेटों को संरक्षण दे रहे हैं। इस पूरे मामले में मजीवड़ा-मनपाड़ा वार्ड कमेटी की सहायक आयुक्त सोनल काले की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं और शिकायतकर्ता ने उनके खिलाफ स्वतंत्र जांच की मांग की है।

    इस बीच, ठाणे अदालत ने इस मामले में दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। वहीं, जबरन वसूली विरोधी दस्ते की जांच चल रही है कि क्या नगर निगम के अधिकारी और कर्मचारी इस वसूली मामले में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से शामिल थे, और इस जांच से कई चौंकाने वाले खुलासे होने की संभावना है