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  • Government-Owned PEC Ltd Allegedly Duped of ₹631 Crore by  Soumit Ranjan Jena and His Wife: सरकारी कंपनी पीईसी लिमिटेड को मोहन भागवत के फंटर सौमित रंजन जेना और उसकी पत्नी प्रीति ने लगाई 631 करोड़ की चपत

    Government-Owned PEC Ltd Allegedly Duped of ₹631 Crore by Soumit Ranjan Jena and His Wife: सरकारी कंपनी पीईसी लिमिटेड को मोहन भागवत के फंटर सौमित रंजन जेना और उसकी पत्नी प्रीति ने लगाई 631 करोड़ की चपत

    PEC Limited कंपनी से सौमित ने चीन को लौह अयस्क की सप्लाई के लिए थे 348 करोड़, व्याज सहित हो गए 613 करोड़

    मुंबई। सरकारी कंपनी पीईसी लिमिटेड से जुड़े 613 करोड़ रुपये के कथित वित्तीय घोटाले को लेकर चार्टर्ड अकाउंटेंट विजय डागर ने जांच और न्यायिक प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाते हुए संबंधित एजेंसियों से मामले की निष्पक्ष एवं विस्तृत जांच की मांग की है। डागर का दावा है कि उन्होंने इस मामले में उपलब्ध दस्तावेजों और वित्तीय लेन-देन का अध्ययन कर कई महत्वपूर्ण बिंदु जांच एजेंसियों के समक्ष रखे हैं।
    डागर के अनुसार, वर्ष 2011-12 में पिसीज एक्सिम के मुंबई यूनिट के प्रोपराइटर सौमित जेना ने पीईसी लिमिटेड से चीन को लौह अयस्क निर्यात के लिए करीब 613 करोड़ रुपये का ऋण लिया था। उनका आरोप है कि बाद में कंपनी की संरचना में बदलाव कर कुछ कर्मचारियों को पिसीज एक्सिम (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड का निदेशक बनाया गया और जेना तथा उनकी पत्नी ने निदेशक पद से इस्तीफा दे दिया। डागर का दावा है कि इस प्रक्रिया के जरिए ऋण की जिम्मेदारी नए निदेशकों वाली कंपनी पर डाल दी गई।
    डागर स्वयं पिसीज एक्सिम (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड के वित्त वर्ष 2011-12 के वैधानिक ऑडिटर थे। उनके खिलाफ गोवा में SPCC/10/2019 मामला दर्ज होने का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि उन पर सरस्वत को-ऑपरेटिव बैंक से लिए गए करीब 3 करोड़ रुपये के सुरक्षित ऋण को कंपनी की पुस्तकों में नहीं दिखाने का आरोप लगाया गया। डागर का कहना है कि उक्त ऋण वास्तव में पिसीज एक्सिम के प्रोपराइटर सौमित जेना की प्रोपराइटरी इकाई से संबंधित था और ऋण की राशि उसी खाते में दर्ज एवं बाद में चुकाई गई थी।
    डागर का कहना है कि इस तथ्य को स्पष्ट करने के लिए उन्होंने सरस्वत बैंक से संबंधित बैंक स्टेटमेंट हासिल करने का प्रयास किया, लेकिन बैंक ने उन्हें तीसरा पक्ष बताते हुए स्टेटमेंट उपलब्ध नहीं कराया। उनका आरोप है कि बैंक खाते और उसमें हुए लेन-देन की विस्तृत जांच होने पर 613 करोड़ रुपये के कथित वित्तीय लेन-देन और धन के हस्तांतरण की वास्तविक तस्वीर सामने आ सकती है।


    उन्होंने SPCC/11/2019 और SPCC/12/2019 का भी उल्लेख करते हुए दावा किया कि पिसीज एक्सिम इंडिया प्राइवेट लिमिटेड में बाद में बनाए गए कुछ निदेशकों को भी मामले में आरोपी बनाया गया, जबकि उनकी भूमिका और नियुक्ति की परिस्थितियों की स्वतंत्र जांच आवश्यक है। डागर ने एक पूर्व कानूनी प्रबंधक की मौत का भी उल्लेख किया है और इस संबंध में जांच की मांग की है।
    डागर ने आरोप लगाया कि कथित घोटाले में निर्यात से प्राप्त धन के स्थानांतरण, नकद निकासी, कथित फर्जी कारोबार तथा दुबई स्थित खातों में धन भेजे जाने जैसे कई पहलुओं की जांच की जरूरत है। हालांकि, इन गंभीर आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और संबंधित एजेंसियों अथवा न्यायालय के अंतिम निष्कर्ष का इंतजार है।


    उन्होंने यह भी दावा किया कि मामले में आरोपी बताए जा रहे सौमित जेना वर्ष 2018 में भारत से बाहर चला गया, उसकी इतनी पहुंच थी कि उसने अपने रसूख से दो दिन के अंदर अपना और अपनी पत्नी का पासपोर्ट रिन्यू कराकर नेपाल के रास्ते प्राईवेट जेट से दुबई चला गया. सीबीआई दावा करती है कि दुबई की पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है लेकिन खुलासा अभी तक नहीं हुआ है। इस कांड में मोहन भागवत का हाथ है और उनकी सह पर सौमित रंजन जेना वर्ष 2018 में सरकारी कंपनी पीईसी लिमिटेड द्वारा दिए गए ऋण को गटकने में सफल हो सका।


    डागर ने भारतीय सनदी लेखाकार संस्थान (ICAI) और नेशनल फाइनेंशियल रिपोर्टिंग अथॉरिटी (NFRA) से भी इस मामले के लेखांकन पक्ष पर विशेषज्ञ राय देने का आग्रह किया है। उनका कहना है कि यदि 3 करोड़ रुपये के बैंक ऋण की वास्तविक प्रकृति और उधारकर्ता की स्थिति स्पष्ट हो जाती है तो उनके खिलाफ चल रही कार्यवाही के महत्वपूर्ण पहलुओं का समाधान हो सकता है।
    उन्होंने प्रधानमंत्री कार्यालय, गृह मंत्रालय, कानून एवं न्याय मंत्रालय, केंद्रीय सतर्कता आयोग, सीबीआई और अन्य संस्थानों को शिकायतें भेजे जाने का भी दावा किया है। डागर का आरोप है कि वर्ष 2022 में उनसे मामला समाप्त कराने के लिए रिश्वत की मांग की गई थी। इस आरोप की भी स्वतंत्र जांच आवश्यक है।
    डागर का कहना है कि पिछले कई वर्षों से वह इस मामले में न्याय के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि उन्हें दो बार जान से मारने की धमकी भी मिली है। उनका कहना है कि इतने बड़े सरकारी वित्तीय मामले में केवल आरोपियों की पहचान करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि बैंकिंग लेन-देन, निर्यात प्राप्तियों और धन के अंतिम उपयोग का फॉरेंसिक ऑडिट कर वास्तविक लाभार्थियों और जिम्मेदार लोगों की पहचान की जानी चाहिए।
    उन्होंने केंद्र सरकार, सीबीआई, संबंधित न्यायिक संस्थाओं और वित्तीय नियामक एजेंसियों से पूरे मामले की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच कराने के लिए शिकायत की गई है तथा यदि सरकारी धन की हेराफेरी प्रमाणित होती है तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।

    पीईसी लिमिटेड 613 करोड़ रुपये का वित्तीय घोटाला

    • घोटाले का स्वरूप: वर्ष 2011-12 में ‘पिसीज एक्सिम’ के मुंबई यूनिट के प्रोपराइटर सौमित जेना द्वारा सरकारी कंपनी पीईसी लिमिटेड से चीन को लौह अयस्क निर्यात के नाम पर लगभग 613 करोड़ रुपये का ऋण लिया गया था।
    • कंपनी संरचना में बदलाव का आरोप: आरोप है कि बाद में कंपनी की संरचना बदलकर कुछ अन्य कर्मचारियों को ‘पिसीज एक्सिम (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड’ का निदेशक बना दिया गया, जबकि जेना और उनकी पत्नी ने निदेशक पद से इस्तीफा दे दिया। इस प्रक्रिया के जरिए ऋण की देयता नई कंपनी पर डाले जाने का दावा किया गया है।
    • फॉरेंसिक ऑडिट और निष्पक्ष जांच की मांग: मामले के वित्तीय लेन-देन, निर्यात प्राप्तियों, धन के अंतिम उपयोग, दुबई स्थित खातों में धन ट्रांसफर और नकद निकासी की गहराई से फॉरेंसिक जांच कराने की मांग की गई है।

    चार्टर्ड अकाउंटेंट विजय डागर के दावे और पक्ष

    • वैधानिक ऑडिटर की भूमिका: विजय डागर वर्ष 2011-12 के दौरान पिसीज एक्सिम (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड के वैधानिक ऑडिटर थे।
    • गोवा मामला (SPCC/10/2019): डागर पर सरस्वत को-ऑपरेटिव बैंक से लिए गए लगभग 3 करोड़ रुपये के सुरक्षित ऋण को कंपनी की पुस्तकों में नहीं दिखाने का आरोप है। डागर का स्पष्ट कहना है कि यह ऋण सौमित जेना की प्रोपराइटरी इकाई से संबंधित था और उसी खाते में दर्ज एवं चुकाया गया था।
    • अन्य मामले: डागर ने SPCC/11/2019 और SPCC/12/2019 का हवाला देते हुए बाद के निदेशकों की भूमिका और नियुक्ति की परिस्थितियों की स्वतंत्र जांच की मांग की है। साथ ही, उन्होंने एक पूर्व कानूनी प्रबंधक की संदिग्ध मौत की जांच की भी मांग उठाई है।
    • संस्थानों से अपील: डागर ने भारतीय सनदी लेखाकार संस्थान (ICAI) और नेशनल फाइनेंशियल रिपोर्टिंग अथॉरिटी (NFRA) से इस मामले के लेखांकन पक्ष पर विशेषज्ञ राय देने का आग्रह किया है।
    • सुरक्षा और धमकियां: डागर का दावा है कि वह लंबे समय से न्याय के लिए संघर्ष कर रहे हैं और इस दौरान उन्हें दो बार जान से मारने की धमकियां भी मिली हैं। साथ ही उन्होंने वर्ष 2022 में मामला समाप्त करने के एवज में रिश्वत मांगे जाने का भी गंभीर आरोप लगाया है।

    एजेंसियों और सरकार से मांग

    • प्रधानमंत्री कार्यालय, गृह मंत्रालय, कानून एवं न्याय मंत्रालय, केंद्रीय सतर्कता आयोग और सीबीआई जैसी प्रमुख संस्थाओं को शिकायतें भेजी गई हैं।
  • Tiranga March:नीट पेपर लीक के खिलाफ मुंबई में कल होगा तिरंगा मार्च, मनसे-शिवसेना (यूबीटी) समेत विपक्षी दलों का शक्ति प्रदर्शन

    Tiranga March:नीट पेपर लीक के खिलाफ मुंबई में कल होगा तिरंगा मार्च, मनसे-शिवसेना (यूबीटी) समेत विपक्षी दलों का शक्ति प्रदर्शन

    शिवाजी पार्क से सिद्धिविनायक मंदिर तक निकलेगा मार्च, राज ठाकरे बोले- यह राजनीति नहीं, छात्रों के भविष्य की लड़ाई

    मुंबई | देशभर में चर्चा का विषय बने नीट पेपर लीक मामले को लेकर रविवार, 26 जुलाई को मुंबई में विशाल तिरंगा मार्च निकाला जाएगा। छात्रों को न्याय दिलाने और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता की मांग को लेकर आयोजित इस मार्च में महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे), शिवसेना (यूबीटी) और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) सहित कई विपक्षी दलों ने समर्थन दिया है।

    मार्च को लेकर मुंबई में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। हाल ही में शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे से मुलाकात की थी। वहीं, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) ने भी इस आंदोलन को अपना आधिकारिक समर्थन देने की घोषणा की है।

    शनिवार को तैयारियों की समीक्षा के लिए राज ठाकरे ने मुंबई के सभी 36 विभागों के मनसे पदाधिकारियों की बैठक ली। बैठक में उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि यह किसी राजनीतिक दल का प्रदर्शन नहीं, बल्कि छात्रों के भविष्य की लड़ाई है। उन्होंने कहा कि मार्च में शामिल होने वाले सभी लोग केवल राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा लेकर ही शामिल हों और किसी भी राजनीतिक दल का झंडा या बैनर न लाएं। साथ ही कार्यकर्ताओं को छात्रों और उनके अभिभावकों से सीधे संपर्क कर अधिक से अधिक लोगों को मार्च में शामिल करने के निर्देश दिए गए।

    मार्च का कार्यक्रम

    • तारीख: 26 जुलाई 2026 (रविवार)
    • समय: सुबह 10:00 बजे
    • प्रारंभिक स्थल: छत्रपति शिवाजी महाराज पार्क, दादर
    • समापन स्थल: श्री सिद्धिविनायक मंदिर, प्रभादेवी
    • मार्ग: शिवाजी पार्क → गोखले रोड → सिद्धिविनायक मंदिर

    700 समन्वयकों की विशेष टीम रहेगी तैनात

    मार्च के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए मनसे ने 500 से 700 विशेष समन्वयकों की टीम तैयार की है। मुंबई के प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र से लगभग 20 स्वयंसेवकों को चुना गया है, जो पुलिस के साथ समन्वय कर संदिग्ध गतिविधियों, असामाजिक तत्वों और मोबाइल चोरों पर नजर रखेंगे। किसी भी गड़बड़ी की सूचना तत्काल पुलिस को दी जाएगी।

    दादर स्टेशन से मुफ्त बाइक सेवा

    दूर-दराज से आने वाले छात्रों और अभिभावकों की सुविधा के लिए मनसे नेता संदीप देशपांडे ने दादर रेलवे स्टेशन से शिवाजी पार्क तक मुफ्त बाइक सेवा उपलब्ध कराने की घोषणा की है। ट्रेन से आने वाले छात्र और नागरिक इस सेवा का लाभ लेकर सीधे मार्च स्थल तक पहुंच सकेंगे।

  • Varsha Gaikwad Demands Answers on TET Paper Leak: राजनीतिक बयानबाजी छोड़ सरकार बताए पेपर लीक कैसे हुआ, लाखों अभ्यर्थियों के भविष्य से खिलवाड़:वर्षा गायकवाड

    मुंबई | महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) के पेपर लीक मामले को लेकर कांग्रेस ने राज्य की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष एवं लोकसभा सांसद वर्षा गायकवाड ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से सवाल किया कि सरकार पहले यह बताए कि परीक्षा का पेपर लीक कैसे हुआ, उसके बाद राजनीतिक बयानबाजी करे।

    वर्षा गायकवाड ने कहा कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने TET पेपर लीक को लेकर छात्रों के हित में गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना था कि यदि सरकार की व्यवस्था इतनी मजबूत थी तो लाखों अभ्यर्थियों की परीक्षा रद्द करने की नौबत क्यों आई। उन्होंने आरोप लगाया कि पेपर लीक होना सरकार और परीक्षा व्यवस्था की बड़ी विफलता है।

    Varsha Gaikwad Demands Answers on TET Paper Leak

    उन्होंने कहा कि केवल आरोपियों की गिरफ्तारी से सरकार अपनी जिम्मेदारी से मुक्त नहीं हो सकती। परीक्षा प्रणाली में हुई चूक की जवाबदेही तय होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इससे पहले भी कई प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, इसलिए सरकार को ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी व्यवस्था करनी चाहिए।

    मुख्यमंत्री के इस बयान पर कि पेपर लीक से पहले ही आरोपियों को पकड़ लिया गया था, वर्षा गायकवाड ने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि सब कुछ नियंत्रण में था तो परीक्षा रद्द क्यों करनी पड़ी। उन्होंने पूछा कि लाखों विद्यार्थियों के समय, मेहनत और मानसिक तनाव की जिम्मेदारी कौन लेगा।

  • MHADA to Decide Aditya Society Redevelopment Dispute:आदित्य सहकारी गृहनिर्माण संस्था के पुनर्विकास विवाद पर म्हाडा के फैसले का इंतजार, डिप्टी रजिस्ट्रार अभिजीत देशपांडे पर टिकीं रहिवासियों की निगाहें

    MHADA to Decide Aditya Society Redevelopment Dispute:आदित्य सहकारी गृहनिर्माण संस्था के पुनर्विकास विवाद पर म्हाडा के फैसले का इंतजार, डिप्टी रजिस्ट्रार अभिजीत देशपांडे पर टिकीं रहिवासियों की निगाहें

    15 जुलाई 2026 को होने वाली सुनवाई सच बनाम भष्टाचार की लड़ाई की है

    मुंबई | प्रतिनिधि

    घाटकोपर स्थित आदित्य को-ऑपरेटिव हाउसिंग सोसायटी लिमिटेड के पुनर्विकास विवाद में अब सभी की निगाहें म्हाडा के डिप्टी रजिस्ट्रार अभिजीत देशपांडे के निर्णय पर टिकी हैं। सोसायटी के कुछ सदस्यों का कहना है कि उन्होंने सुनवाई के दौरान पुनर्विकास प्रक्रिया से जुड़े सभी आवश्यक दस्तावेज और साक्ष्य प्रस्तुत कर दिए हैं, ताकि वैध डेवलपर का चयन हो सके और प्रत्येक सदस्य को उसका कानूनी अधिकार प्राप्त हो।

    15 जुलाई 2026 को प्रस्तावित सुनवाई को लेकर रहिवासियों में बड़ी उम्मीदें हैं। उनका कहना है कि यह सुनवाई उनके लिए सच्चाई और कथित भ्रष्टाचार के बीच की लड़ाई है। रहिवासियों का दावा है कि यदि निर्णय प्रस्तुत तथ्यों और दस्तावेजों के आधार पर निष्पक्ष रूप से लिया गया, तो उन्हें न्याय मिलेगा। वहीं उनका आरोप है कि यदि अनियमितताओं या भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिला, तो उनके हित प्रभावित हो सकते हैं।

    MHADA to Decide Aditya Society Redevelopment Dispute

    सोसायटी के कुछ सदस्यों ने आरोप लगाया है कि निर्वाणा डेवलपर्स के मालिक वर्धमान संघवी कथित रूप से कुछ विवादित एवं अवैध सदस्यों के माध्यम से पुनर्विकास प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का प्रयास किया, जिससे पूरी प्रक्रिया की वैधता पर सवाल खड़े हो गए हैं। उनका दावा है कि यदि पुनर्विकास नियमानुसार नहीं हुआ तो कई परिवारों के हित प्रभावित हो सकते हैं।

    सदस्यों के प्रतिनिधियों का कहना है कि डिप्टी रजिस्ट्रार के समक्ष हुई दो सुनवाई के दौरान बिल्डर पक्ष अपनी वैधता और संबंधित दस्तावेजों को संतोषजनक ढंग से प्रस्तुत नहीं कर सका। ऐसे में अब अंतिम निर्णय को लेकर सदस्यों की उम्मीदें बढ़ गई हैं।

    सदस्यों ने लगाए ये प्रमुख आरोप

    सोसायटी के कुछ सदस्यों के अनुसार वर्ष 2021 से सदस्यता, मतदाता सूची, प्रबंध समिति की वैधता और पुनर्विकास प्रक्रिया को लेकर लगातार शिकायतें की जाती रही हैं। उनका आरोप है कि—

    • सदस्य रजिस्टर, ‘आई’ रजिस्टर, ‘जे’ रजिस्टर और शेयर प्रमाणपत्रों की समय पर जांच नहीं हुई।
    • वैध सोसाइटी मतदाता सूची को लेकर विवाद लंबे समय तक बना रहा।
    • समिति की वैधता का मुद्दा वर्षों तक लंबित रहा।
    • पुनर्विकास प्रक्रिया की वैधानिकता पर समय रहते निर्णय नहीं लिया गया।
    • शिकायतों और आपत्तियों का समयबद्ध निस्तारण नहीं हुआ।
    • न्यायालय के निर्देशों और म्हाडा के नियमों के पालन में विलंब हुआ।
    • आवश्यक दस्तावेज प्राप्त करने के लिए सदस्यों को लगातार पत्राचार करना पड़ा।

    आपराधिक मामले के बाद भी उठे सवाल

    सदस्यों का कहना है कि पंतनगर पुलिस थाने में आपराधिक मामला दर्ज होने और न्यायालयीन प्रक्रिया शुरू होने के बावजूद कई प्रशासनिक मुद्दों पर समय पर निर्णय नहीं लिया गया। उनका सवाल है कि यदि जांच और कार्रवाई समय पर होती तो क्या यह विवाद इतना गंभीर रूप लेता।

    निष्पक्ष जांच और जवाबदेही की मांग

    सोसायटी के कुछ सदस्यों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने तथा भविष्य में ऐसी परिस्थितियों से बचने के लिए सहकारी गृहनिर्माण संस्थाओं में पारदर्शी एवं जवाबदेह प्रशासनिक व्यवस्था लागू करने की मांग की है।

  • Rahul Gandhi On Maharashtra TET Paper Leak New Exam Date Demand: महाराष्ट्र TET पेपर लीक पर राहुल गांधी का सरकार पर हमला, परीक्षा की नई तारीख़ घोषित करने की मांग

    Rahul Gandhi On Maharashtra TET Paper Leak New Exam Date Demand: महाराष्ट्र TET पेपर लीक पर राहुल गांधी का सरकार पर हमला, परीक्षा की नई तारीख़ घोषित करने की मांग

    नई दिल्ली/मुंबई | प्रतिनिधि

    लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) का प्रश्नपत्र लीक होने और परीक्षा रद्द किए जाने के मुद्दे पर राज्य सरकार को घेरते हुए अभ्यर्थियों के हित में तत्काल कदम उठाने की मांग की है। सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर जारी अपने संदेश में राहुल गांधी ने कहा कि पेपर लीक के कारण करीब 6 लाख अभ्यर्थियों का भविष्य अधर में लटक गया है और परीक्षा रद्द हुए दो सप्ताह बीत जाने के बाद भी नई परीक्षा तिथि घोषित नहीं की गई है।

    राहुल गांधी ने कहा कि पेपर लीक करने वाले खुलेआम घूम रहे हैं, जबकि ईमानदारी से मेहनत करने वाले अभ्यर्थियों को इसकी सज़ा भुगतनी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि ये वही युवा हैं जो देश के भविष्य के शिक्षक बनेंगे और वर्षों की तैयारी, परीक्षा शुल्क तथा परीक्षा केंद्र तक पहुंचने की कठिनाइयों के बाद अब अनिश्चितता का सामना कर रहे हैं।

    Rahul Gandhi On Maharashtra TET Paper Leak New Exam Date Demand

    उन्होंने मुख्यमंत्री से तीन प्रमुख मांगें रखते हुए कहा कि पहली, महाराष्ट्र TET की नई परीक्षा तिथि तत्काल घोषित की जाए। दूसरी, पेपर लीक के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो और अभ्यर्थियों को इसका खामियाजा न भुगतना पड़े। तीसरी, जिन अभ्यर्थियों का एक वर्ष इस घटना के कारण प्रभावित हुआ है, उन्हें आयु सीमा में छूट दी जाए।

    राहुल गांधी ने कहा कि संस्था की गलती की सज़ा अभ्यर्थियों को देना न्यायसंगत नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि वह 17 जुलाई को देहरादून में पेपर लीक की बढ़ती घटनाओं और शिक्षा व्यवस्था में सुधार के मुद्दे पर विस्तार से अपनी बात रखेंगे। उनके अनुसार अब समय ऐसी “शिक्षा क्रांति” का है, जिसमें युवाओं को व्यवस्था की विफलता नहीं, बल्कि अपनी मेहनत का उचित परिणाम मिले।

    राहुल गांधी का यह बयान महाराष्ट्र TET पेपर लीक मामले को लेकर बढ़ते राजनीतिक विवाद के बीच सामने आया है।

  • Samsung Galaxy Unpacked 2026: 22 जुलाई को लंदन में होगा सैमसंग का बहुप्रतीक्षित Galaxy Unpacked इवेंट

    Samsung Galaxy Unpacked 2026: 22 जुलाई को लंदन में होगा सैमसंग का बहुप्रतीक्षित Galaxy Unpacked इवेंट

    मुंबई | प्रतिनिधि

    सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स 22 जुलाई 2026 को ब्रिटेन की राजधानी लंदन में अपने बहुप्रतीक्षित Galaxy Unpacked इवेंट का आयोजन करेगा। दुनिया के प्रमुख ट्रेंडसेटर शहरों में शामिल लंदन में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान कंपनी अपनी गैलेक्सी सीरीज के नए डिवाइस पेश करेगी।

    कंपनी के अनुसार, नए गैलेक्सी डिवाइस उन्नत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) क्षमताओं और नए डिजाइन के साथ आएंगे। इन डिवाइसों का उद्देश्य उपयोगकर्ताओं को पहले से अधिक व्यक्तिगत, स्मार्ट और सहज अनुभव प्रदान करना है। सैमसंग का कहना है कि उसकी फोल्डेबल स्मार्टफोन श्रृंखला ने इस श्रेणी को नई पहचान दी है और आगामी लॉन्च इसी दिशा में अगला कदम होगा।

    Galaxy Unpacked 2026 का सीधा प्रसारण 22 जुलाई को शाम 6:30 बजे (भारतीय समयानुसार) किया जाएगा। दर्शक इसे Samsung.com, Samsung Newsroom India और सैमसंग के आधिकारिक YouTube चैनल पर लाइव देख सकेंगे।

    कंपनी ने इच्छुक ग्राहकों के लिए samsung.com/unpacked पर प्री-रजिस्ट्रेशन की सुविधा भी शुरू की है। रजिस्ट्रेशन करने वाले ग्राहकों को Galaxy Unpacked 2026 से पहले विशेष ऑफर, टीजर, ट्रेलर और अन्य महत्वपूर्ण अपडेट प्राप्त होंगे।

  • Marriage Hall Dispute on Reserved Land: वॉटर होल्डिंग एरिया पर बने कथित अवैध मैरिज हॉल पर उठे सवाल, जांच व कार्रवाई की मांग

    Marriage Hall Dispute on Reserved Land: वॉटर होल्डिंग एरिया पर बने कथित अवैध मैरिज हॉल पर उठे सवाल, जांच व कार्रवाई की मांग

    सामाजिक कामगार संघटना ने महानगरपालिका आयुक्त को सौंपा निवेदन, आरक्षित भूमि पर निर्माण की निष्पक्ष जांच की उठाई मांग

    आर.एस. नेटवर्क | प्रेम चौबे

     विरार | विरार पूर्व में रेलवे मार्ग से सटे बारिश के पानी के संचयन के लिए आरक्षित ‘वॉटर होल्डिंग एरिया’ पर कथित रूप से बनाए गए एक मैरिज हॉल को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। सामाजिक कामगार संघटना के अध्यक्ष शिवप्रताप सिंह ने वसई-विरार शहर महानगरपालिका आयुक्त को लिखित निवेदन सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा आवश्यक कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

    निवेदन में शिवप्रताप सिंह ने आरोप लगाया है कि सिडको के विकास आराखड़े में जिस भूमि को वर्षा जल संचयन और प्राकृतिक जल निकासी के लिए ‘वॉटर होल्डिंग एरिया’ के रूप में आरक्षित किया गया है, उसी स्थान पर कथित रूप से मिट्टी भराव कर मैरिज हॉल और अन्य व्यावसायिक निर्माण किए गए हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि भूमि वास्तव में आरक्षित श्रेणी की है, तो वहां निर्माण की अनुमति किस आधार पर दी गई और इसके लिए जिम्मेदार कौन है।

    Marriage Hall Dispute on Reserved Land

    शिकायत के अनुसार, कथित निर्माण और मिट्टी भराव के कारण वर्षा जल के प्राकृतिक प्रवाह में बाधा उत्पन्न हो रही है। इसका प्रभाव आसपास के रिहायशी क्षेत्रों पर पड़ रहा है, जहां प्रत्येक मानसून में जलभराव की समस्या गंभीर रूप ले लेती है। स्थानीय नागरिकों को घरों में पानी घुसने, संपत्ति के नुकसान और स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

    शिवप्रताप सिंह ने महानगरपालिका के संबंधित अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि यदि निर्माण नियमों के विपरीत पाया जाता है, तो इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए।

    सामाजिक कामगार संघटना ने महानगरपालिका आयुक्त से संबंधित स्थल का संयुक्त निरीक्षण कराने, निर्माण से जुड़े सभी अनुमति दस्तावेजों की जांच करने तथा निर्माण अवैध पाए जाने पर महाराष्ट्र क्षेत्रीय एवं नगर नियोजन (एमआरटीपी) अधिनियम और अन्य लागू कानूनों के तहत तत्काल कार्रवाई करने की मांग की है।

    शिवप्रताप सिंह ने कहा कि नागरिकों को हर वर्ष जलभराव की समस्या झेलने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि वर्षा जल के प्राकृतिक निकासी मार्ग को पूर्ववत बहाल किया जाए और आरक्षित ‘वॉटर होल्डिंग एरिया’ को उसके मूल स्वरूप में संरक्षित किया जाए।

    हालांकि, इस संबंध में महानगरपालिका अथवा संबंधित पक्ष की आधिकारिक प्रतिक्रिया समाचार लिखे जाने तक प्राप्त नहीं हो सकी है।

  • Naresh Mhaske attacks Uddhav Thackeray in Thane press conference: उद्धव ठाकरे ने बालासाहेब के हिंदुत्व से किया समझौता, अब ‘उलेमा बचाओ टोली’ बन गई शिवसेना (उबाठा): सांसद नरेश म्हस्के

    Naresh Mhaske attacks Uddhav Thackeray in Thane press conference: उद्धव ठाकरे ने बालासाहेब के हिंदुत्व से किया समझौता, अब ‘उलेमा बचाओ टोली’ बन गई शिवसेना (उबाठा): सांसद नरेश म्हस्के

    शिवसेना सांसद का तीखा हमला, वक्फ संशोधन, CAA-NRC, ट्रिपल तलाक और राष्ट्रीय मुद्दों पर उद्धव ठाकरे से पूछे कई सवाल

    आर.एस. नेटवर्क | दिनेश चंद्र रावल

    ठाणे | शिवसेना सांसद नरेश म्हस्के ने रविवार को आयोजित पत्रकार परिषद में शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि उद्धव ठाकरे ने सत्ता की राजनीति के लिए हिंदुत्व की मूल विचारधारा से समझौता कर लिया है। उन्होंने कहा कि आज की UBT पहले वाली शिवसेना नहीं रही, बल्कि वह “उलेमा बचाओ टोली” बनकर रह गई है और लगातार मुस्लिम तुष्टिकरण की राजनीति कर रही है।

    म्हस्के ने कहा कि बालासाहेब ठाकरे हमेशा हिंदुत्व और राष्ट्रहित के मुद्दों पर स्पष्ट, निडर और अडिग रहे, लेकिन उद्धव ठाकरे ने कांग्रेस के साथ गठबंधन कर उनके विचारों से दूरी बना ली। उनका आरोप था कि 2019 के विधानसभा चुनाव में भाजपा-शिवसेना गठबंधन को जनादेश मिलने के बावजूद मुख्यमंत्री पद के लिए कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के साथ सरकार बनाकर हिंदुत्व की विचारधारा से समझौता किया गया।

    उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय महत्व के कई मुद्दों पर उद्धव ठाकरे का रुख बालासाहेब ठाकरे की विचारधारा से पूरी तरह अलग रहा। जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने, नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA), राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC), ट्रिपल तलाक और वक्फ संशोधन विधेयक जैसे विषयों पर उद्धव ठाकरे ने ऐसा रुख अपनाया, जो उनके अनुसार हिंदुत्व और राष्ट्रहित के विपरीत था।

    सांसद म्हस्के ने आरोप लगाया कि वक्फ संशोधन विधेयक का विरोध कर उद्धव ठाकरे ने मुस्लिम तुष्टिकरण की राजनीति की। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में वक्फ संपत्तियों के कथित दुरुपयोग और अनियमितताओं पर कभी सवाल नहीं उठाए गए, जबकि राम मंदिरों और हिंदू धार्मिक संस्थाओं से जुड़े मुद्दों पर लगातार बयानबाजी की जाती है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि संसद में वक्फ संशोधन विधेयक पर चर्चा के दौरान UBT के सांसदों ने प्रभावी भूमिका नहीं निभाई।

    उन्होंने ट्रिपल तलाक के मुद्दे पर भी उद्धव ठाकरे की आलोचना करते हुए कहा कि यह मुस्लिम महिलाओं के सम्मान और न्याय का विषय था, लेकिन इस पर उन्होंने कोई स्पष्ट समर्थन नहीं दिया। वहीं CAA और NRC के मुद्दे पर उन्होंने सवाल उठाया कि उद्धव ठाकरे इन कानूनों का लगातार विरोध क्यों करते रहे और राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे विषयों पर उनका रुख क्या था।

    म्हस्के ने कहा कि आज राम मंदिरों में दान पेटियों में कथित चोरी और अन्य मामलों पर सवाल उठाने वाले उद्धव ठाकरे ने वक्फ बोर्ड में कथित भ्रष्टाचार, अतिक्रमण और कुप्रबंधन के मुद्दों पर कभी आवाज नहीं उठाई। उन्होंने पूछा कि यदि हिंदू ट्रस्टों में गैर-हिंदुओं को स्थान नहीं दिया जाता, तो वक्फ बोर्ड में गैर-मुस्लिम सदस्यों के शामिल किए जाने का विरोध क्यों किया गया।

    उन्होंने महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे के मुख्यमंत्री कार्यकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET), म्हाडा भर्ती और स्वास्थ्य विभाग भर्ती सहित कई भर्ती परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक हुए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय राज्य सरकार प्रभावी कार्रवाई करने में विफल रही। उन्होंने कहा कि आज NEET पेपर लीक मामले को लेकर विरोध प्रदर्शनों का समर्थन कर UBT राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रही है, जबकि अपने कार्यकाल के मामलों पर वह जवाब देने से बच रही है।

    पत्रकार परिषद के दौरान सांसद नरेश म्हस्के ने कहा कि उद्धव ठाकरे को हिंदुत्व, राष्ट्रीय सुरक्षा, वक्फ बोर्ड, CAA-NRC, ट्रिपल तलाक और अपने मुख्यमंत्री कार्यकाल के दौरान हुए पेपर लीक जैसे मुद्दों पर जनता के सामने अपना पक्ष स्पष्ट करना चाहिए।

  • Harshvardhan Sapkal on One Nation, One Political Party:भाजपा ‘वन नेशन, वन पॉलिटिकल पार्टी’ की ओर बढ़ रही है, संविधान खत्म कर तानाशाही लाने की साजिश : हर्षवर्धन सपकाळ

    Harshvardhan Sapkal on One Nation, One Political Party:भाजपा ‘वन नेशन, वन पॉलिटिकल पार्टी’ की ओर बढ़ रही है, संविधान खत्म कर तानाशाही लाने की साजिश : हर्षवर्धन सपकाळ

    फर्जी बीज रैकेट की उच्चस्तरीय जांच की मांग, महात्मा फुले के विचारों को घर-घर पहुंचाने के लिए कांग्रेस चलाएगी राज्यव्यापी जनजागरण अभियान

    आर्वी (वर्धा)। महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाळ ने भारतीय जनता पार्टी पर संविधान और लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने का आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा का असली एजेंडा “वन नेशन, वन पॉलिटिकल पार्टी”(Harshvardhan Sapkal on One Nation, One Political Party) है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रवर्तन निदेशालय (ED), केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) और अन्य केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग कर विपक्षी दलों को निशाना बनाया जा रहा है तथा लोकतांत्रिक तरीके से चुनी गई सरकारों को अस्थिर किया जा रहा है।

    वर्धा जिले के आर्वी में महात्मा ज्योतिराव फुले की द्विशताब्दी वर्ष के अवसर पर आयोजित कांग्रेस के विशाल बहुजन कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित करते हुए सपकळ ने कहा कि देश में लोकतंत्र को कमजोर कर एकदलीय व्यवस्था स्थापित करने का प्रयास किया जा रहा है। कांग्रेस संविधान, लोकतंत्र और सामाजिक न्याय की रक्षा के लिए लगातार संघर्ष करती रहेगी।

    उन्होंने कहा कि महात्मा ज्योतिराव फुले ने शिक्षा, सामाजिक समानता और सत्यशोधन के माध्यम से बहुजन समाज को आत्मसम्मान का मार्ग दिखाया। सावित्रीबाई फुले के साथ मिलकर उन्होंने महिला शिक्षा की नींव रखी और शोषित-वंचित समाज के अधिकारों के लिए आजीवन संघर्ष किया। कांग्रेस पूरे महाराष्ट्र में वर्षभर व्याख्यान, परिसंवाद, जनसंवाद, छात्र सम्मेलन और सामाजिक कार्यक्रमों के माध्यम से महात्मा फुले, सावित्रीबाई फुले, छत्रपति शिवाजी महाराज, राजर्षि शाहू महाराज, डॉ. भीमराव आंबेडकर, महात्मा गांधी, राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज और संत गाडगेबाबा के विचारों का व्यापक प्रचार-प्रसार करेगी।

    संविधान और सामाजिक न्याय पर संकट : विजय वडेट्टीवार

    कांग्रेस विधायक दल के नेता विजय वडेट्टीवार ने कहा कि संविधान, सामाजिक न्याय और बहुजन समाज के अधिकारों पर गंभीर संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता के संरक्षण में अंधविश्वास और सामाजिक विभाजन को बढ़ावा दिया जा रहा है, जबकि किसानों, बेरोजगारी और महंगाई जैसे मूल मुद्दों की अनदेखी की जा रही है। उन्होंने जनहित और संविधान की रक्षा के लिए व्यापक जनआंदोलन खड़ा करने का आह्वान किया।

    सामाजिक समरसता का संदेश

    कांग्रेस कार्यसमिति सदस्य चंद्रकांत हंडोरे ने जातीय और धार्मिक ध्रुवीकरण की राजनीति की आलोचना करते हुए महात्मा फुले, राजर्षि शाहू महाराज, डॉ. आंबेडकर, महात्मा गांधी और पंडित जवाहरलाल नेहरू के समतावादी विचारों को समाज तक पहुंचाने की आवश्यकता बताई।

    पूर्व मंत्री यशोमती ठाकुर ने कहा कि वर्षों तक ओबीसी समाज के नाम पर राजनीति करने वालों ने सत्ता तो हासिल की, लेकिन समाज के विकास के लिए अपेक्षित कार्य नहीं किए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सत्ता के लिए नहीं, बल्कि समाज के हित के लिए संघर्ष करने वाली पार्टी है।

    फर्जी बीज रैकेट की उच्चस्तरीय जांच की मांग

    मीडिया से बातचीत में हर्षवर्धन सपकाळ ने महाराष्ट्र में फर्जी बीजों के कारोबार को लेकर राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में फर्जी बीज, फर्जी डिग्री, फर्जी नौकरियां, पेपर लीक और विभिन्न घोटालों ने व्यवस्था को खोखला कर दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि फर्जी बीजों का रैकेट सत्ता के संरक्षण में चल रहा है और इसकी उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए।

    उन्होंने यह भी कहा कि जांच के लिए गठित समिति अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं कर सकी है, जिससे उसकी भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। कांग्रेस इस मुद्दे पर पूरे राज्य में आंदोलन जारी रखेगी।

    भाजपा नेता नितेश राणे द्वारा अभिनेता आमिर खान पर की गई टिप्पणी के सवाल पर सपकळ ने कहा कि हिंदुत्व के स्वयंभू ठेकेदारों को दूसरों पर टिप्पणी करने से पहले राम मंदिर से जुड़े कथित आर्थिक अनियमितताओं पर उठ रहे सवालों का जवाब देना चाहिए।

  • Barahsingha Movie Release:मुंबई में रिलीज़ होते ही छाई ‘बारहसिंगा’

    Barahsingha Movie Release:मुंबई में रिलीज़ होते ही छाई ‘बारहसिंगा’

    पिता के संघर्ष, पारिवारिक मूल्यों और व्यवस्था में व्याप्त भ्रष्टाचार को उजागर करती सशक्त फिल्म

    मुंबई। एमबी मीडिया वर्क्स (MB Media Works) के बैनर तले निर्मित हिंदी फीचर फिल्म “बारहसिंगा” मुंबई में रिलीज़ होते ही दर्शकों के बीच चर्चा का विषय बन गई है। पारिवारिक मूल्यों, पिता के त्याग, संघर्ष, सपनों और सामाजिक व्यवस्था की सच्चाई को संवेदनशील तरीके से प्रस्तुत करने वाली इस फिल्म को सिनेमाघरों में दर्शकों का अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है। कहानी, निर्देशन, अभिनय और संगीत की हर वर्ग के दर्शक सराहना कर रहे हैं।

    फिल्म के निर्माता आर. एस. शर्मा तथा निर्देशक राजीव रंजन दास हैं। फिल्म एक ऐसे संघर्षशील पिता की भावनात्मक यात्रा को दर्शाती है, जो आर्थिक कठिनाइयों और सामाजिक चुनौतियों के बावजूद अपने परिवार और बेटे के सपनों को साकार करने के लिए हर मुश्किल का सामना करता है। फिल्म यह संदेश देती है कि परिस्थितियां चाहे कितनी भी कठिन क्यों न हों, ईमानदारी, मेहनत और आत्मविश्वास के बल पर हर चुनौती पर विजय प्राप्त की जा सकती है।

    फिल्म केवल पारिवारिक भावनाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज में फैले भ्रष्टाचार, लालफीताशाही और आम नागरिकों के संघर्ष को भी प्रभावशाली ढंग से उजागर करती है। बैंक और पुलिस तंत्र में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ फिल्म बेबाकी से सवाल उठाती है और यह संदेश देती है कि अंततः सत्य और न्याय की ही जीत होती है।

    फिल्म में अनिल रस्तोगी, राजेश शर्मा, सुषमा मिश्रा, भावेश बाबानी, मुस्कान मुलचंदानी, रोशनी तिवारी, प्रकाश चौहान, धर्मेश तरैया, किशोर भानुशाली, प्रकाश शुक्ला, आलोक कपूर, एम. डी. अली पारा, प्रियंका खेमानी, दिनेश कृपालानी, भगवान असवानी, हितेश शर्मा और नीरज शर्मा ने अपने दमदार अभिनय से प्रत्येक किरदार को जीवंत बना दिया है।

    फिल्म का संगीत राजीव–मोना, प्रकाश चौहान और अनुश्री जैन ने तैयार किया है, जबकि सचिन दास ने संगीत संयोजन (अरेंजर) की जिम्मेदारी निभाई है। फिल्म के गीतों को प्रकाश चौहान, राजेश तिवारी, बुद्धा आदित्य और आंचल ने अपनी मधुर आवाज़ से और अधिक प्रभावशाली बनाया है।

    प्रीमियर शो में अतिथियों ने की फिल्म की जमकर तारीफ

    फिल्म के प्रीमियर शो में लॉयर गिरीश मिश्रा, राष्ट्रीय स्वाभिमान के संपादक अश्विनीकुमार दुबे, कुर्ला के समाजसेवी एवं व्यवसायी दीनदयाल राय, सिविल कॉन्ट्रैक्टर राजेश चौहान, Zen 10 News के सर्वेसर्वा राजहंस मौर्य तथा तुषार मिश्रा विशेष रूप से उपस्थित रहे।

    प्रीमियर के बाद सभी अतिथियों ने फिल्म की कहानी, निर्देशन और सामाजिक संदेश की मुक्त कंठ से प्रशंसा की।

    लॉयर गिरीश मिश्रा ने कहा, “बारहसिंगा केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि समाज को आईना दिखाने वाली एक प्रेरणादायी फिल्म है। इसमें परिवार, संघर्ष और न्याय की भावना को बेहद प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया है।”

    संपादक अश्विनीकुमार दुबे ने कहा, “आज के दौर में ऐसी सार्थक फिल्मों का निर्माण बेहद आवश्यक है। ‘बारहसिंगा’ सामाजिक सरोकारों से जुड़ी ऐसी फिल्म है, जिसे हर परिवार को अवश्य देखना चाहिए।”

    समाजसेवी एवं व्यवसायी दीनदयाल राय ने कहा, “फिल्म भावनात्मक रूप से दर्शकों को जोड़ती है और परिवार के प्रति जिम्मेदारी तथा ईमानदारी का मजबूत संदेश देती है। यह हर वर्ग के दर्शकों को पसंद आएगी।”

    सिविल कॉन्ट्रैक्टर राजेश चौहान ने कहा, “निर्देशक राजीव रंजन दास ने एक संवेदनशील विषय को बेहद सरल और प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत किया है। फिल्म शुरू से अंत तक दर्शकों को बांधे रखती है।”

    Zen 10 News के प्रमुख राजहंस मौर्य ने कहा, “बारहसिंगा एक ऐसी फिल्म है, जो मनोरंजन के साथ समाज में व्याप्त भ्रष्टाचार पर भी गंभीर सवाल उठाती है। यह निश्चित रूप से दर्शकों के दिलों में अपनी अलग पहचान बनाएगी।”

    तुषार मिश्रा ने कहा, “फिल्म की कहानी, अभिनय, संगीत और भावनात्मक प्रस्तुति उत्कृष्ट है। यह फिल्म समाज को सकारात्मक सोच और संघर्ष की प्रेरणा देती है।”

    “बारहसिंगा” मनोरंजन के साथ-साथ सामाजिक चेतना का संदेश देने वाली एक सशक्त फिल्म बनकर उभरी है। निर्माता आर. एस. शर्मा, निर्देशक राजीव रंजन दास और एमबी मीडिया वर्क्स की पूरी टीम ने एक ऐसी फिल्म प्रस्तुत की है, जो दर्शकों को भावनात्मक रूप से जोड़ने के साथ-साथ समाज में सकारात्मक बदलाव की प्रेरणा भी देती है।