Category: Mumbai

  • Forest and Government Land Encroachment: भिवंडी के ग्रामीण क्षेत्रों में वन और सरकारी भूमि पर अतिक्रमण; कार्रवाई हुई शुरू!

    Forest and Government Land Encroachment: भिवंडी के ग्रामीण क्षेत्रों में वन और सरकारी भूमि पर अतिक्रमण; कार्रवाई हुई शुरू!

    भिवंडी: भिवंडी तालुका में हो रहे नए विकास कार्यों से ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक और व्यावसायिक प्रगति हो रही है। हालांकि, एमएमआरडीए के तहत सुनियोजित विकास के बजाय, रसूखदार लोगों ने सरकारी जमीनों पर अतिक्रमण कर लिया है और पारंपरिक जल स्रोतों जैसे नालों और छोटे नालों को भी बंद करने का प्रयास किया है। इसके परिणामस्वरूप, मानसून के दौरान कई गांवों की सीमाओं और परिवहन मार्गों पर पानी जमा हो जाता है, जिससे यातायात में भारी बाधा उत्पन्न होती है। (Forest and Government Land Encroachment)

    हैरानी की बात यह है कि जिलाधिकारी कार्यालय, जिला परिषद, पंचायत समिति का निर्माण एवं सिंचाई विभाग और राज्य का सार्वजनिक निर्माण विभाग इस ओर कोई ठोस कार्रवाई न करते हुए केवल मूकदर्शक बने हुए हैं। मुंबई-नासिक राजमार्ग के पास ग्रुप ग्राम पंचायत कुरुंद के अंतर्गत मौजे वाहुली गाँव में वन विभाग और चरागाह की भूमि पर हुए अतिक्रमण के कारण बारिश के पानी की निकासी रुक गई है। इस संबंध में संयुक्त वन प्रबंधन समिति और वाहुली गाँव विकास प्रतिष्ठान ने हाल ही में वन मंत्री गणेश नाईक से मुलाकात कर उन्हें एक ज्ञापन सौंपा।(Forest and Government Land Encroachment)

    यदि आगामी मानसून से पहले जल निकासी की व्यवस्था नहीं की गई, तो इसका खामियाजा वाहुली, कुरुंद और आसपास के ग्रामीणों को भुगतना पड़ेगा। कुरुंद ग्रुप ग्राम पंचायत के वाहुली गाँव और आसपास के विस्तृत वन क्षेत्र की सुरक्षा वर्ष 2095 से ‘संयुक्त वन प्रबंधन समिति’ और ‘वाहुली गाँव विकास प्रतिष्ठान’ द्वारा की जा रही है। इसके लिए संस्था ने निजी खर्च पर सुरक्षाकर्मी भी तैनात किए हैं। वर्ष 2007-08 से इस क्षेत्र में विकास कार्यों ने गति पकड़ी और धान के खेतों की जगह बड़े पैमाने पर गोदाम बनाने का व्यवसाय फलने-फूलने लगा।

    आरोप है कि इन गोदामों के निर्माण के दौरान उद्यमियों ने वन विभाग की भूमि पर बड़े पैमाने पर अतिक्रमण किया। स्थानीय नागरिकों ने जंगल और चरागाह क्षेत्र में पेड़ों की कटाई और अतिक्रमण के खिलाफ कई शिकायतें कीं, लेकिन संबंधित अधिकारियों ने उन्हें ठंडे बस्ते में डाल दिया। व्यवसायियों ने नदी, नाले, कुएं और बोरवेल जैसे जल स्रोतों के सूखने के बाद उन जगहों पर भी कब्जा कर लिया है और यहाँ तक कि ग्रामीणों के पैदल रास्तों को भी नहीं छोड़ा।

    वन विभाग को बार-बार सबूत देने के बावजूद कोई संज्ञान नहीं लिया गया। इसके अलावा, अवैध खनिज ले जाने वाले वाहनों ने भी वन क्षेत्र के पेड़ों को काटकर अपना रास्ता बना लिया है। स्थानीय सामाजिक संस्थाओं ने कुरुंद वाहुली के गुरचरण सर्वे नंबर 71/6, 77/16, 65/8 और 20 में हुए अतिक्रमण के खिलाफ शिकायतें दर्ज कराई हैं। अब स्थानीय लोग इस वन कटाई के खिलाफ एकजुट हो गए हैं और वन मंत्री से न्याय की गुहार लगाई है।

    वन मंत्री के पास ज्ञापन पहुँचने के बाद इसे ठाणे और पडघा वन मंडल कार्यालय भेजा गया। इसके बाद पडघा के वन परिक्षेत्र अधिकारी रमेश रसाळ ने अतिक्रमण स्थल का निरीक्षण किया। अधिकारी ने वन विभाग के संरक्षित क्षेत्र (सर्वे नंबर 52) के पास सुरक्षा दीवार बनाने वाले सर्वे नंबर 58/1 के मालिक राजेश देशपांडे को लिखित पत्र जारी किया है। पत्र में निर्देश दिया गया है कि वे भिवंडी तालुका भूमि अभिलेख कार्यालय से तत्काल भूमि की सीमा निश्चित कराएं। इस प्रक्रिया के दौरान वन विभाग के सर्वेयर भी उपस्थित रहेंगे। प्रशासन की इस सक्रियता से क्षेत्र में सरकारी भूमि पर अतिक्रमण करने वाले व्यवसायियों में हड़कंप मच गया है।

  • AI Hackathon: मुंबई में एआई हैकाथॉन का सफल आयोजन

    AI Hackathon: मुंबई में एआई हैकाथॉन का सफल आयोजन

    AI Hackathon: डॉ. होमी भाभा स्टेट यूनिवर्सिटी (Dr. Homi Bhabha State University) ने टीमलीज़ एडटेक के साथ साझेदारी में, अपने बीएससी बिज़नेस एआई कार्यक्रम (B.Sc. Business AI program) में नामांकित छात्रों के लिए एक एआई संगोष्ठी और एआई हैकाथॉन (AI Hackathon) का सफलतापूर्वक आयोजन किया, जो स्नातक शिक्षा में अनुप्रयोग-आधारित शिक्षण की दिशा में एक प्रारंभिक प्रयास है। बिज़नेस एआई के छात्रों की शैक्षणिक यात्रा में एक मील का पत्थर अनुभव होने के नाते, इस पहल ने “करके सीखो” दृष्टिकोण पर ज़ोर दिया, जिससे प्रतिभागी कक्षा निर्देश से आगे बढ़कर व्यावहारिक समस्या-समाधान की ओर अग्रसर हो सके।

    इस आयोजन में ऐसे छात्र एक साथ आए जिन्होंने व्यावसायिक और सामाजिक समस्याओं के समाधान के लिए एआई-आधारित समाधान विकसित किए। महाराष्ट्र के पहले स्नातक स्तरीय बिज़नेस एआई कार्यक्रम के हिस्से के रूप में, इस पहल ने तकनीकी एआई अधिगम को व्यावहारिक व्यावसायिक अनुप्रयोगों के साथ जोड़ा, जिससे छात्र मूलभूत अवधारणाओं को एक संरचित वातावरण में कार्यशील समाधानों में परिवर्तित कर सके।

    हैकाथॉन के दौरान, छात्रों ने 10 विषयगत ट्रैकों में टीमों में काम किया, और कार्यक्रम के हिस्से के रूप में सिखाए गए उपकरणों और तकनीकों का उपयोग करके समाधान बनाए। परियोजनाओं का मूल्यांकन एक जूरी द्वारा किया गया जिसमें शैक्षणिक और उद्योग विशेषज्ञ शामिल थे, जिनमें अदिति रेले (कार्यकारी नेता, प्रौद्योगिकी, माइक्रोसॉफ्ट) और हृषि गांधी (मुख्य विकास अधिकारी, लीप इंडिया) शामिल थे, और मूल्यांकन का केंद्रबिंदु समस्या-समाधान दृष्टिकोण, उपयोगिता और प्रस्तुति की स्पष्टता थी।

    इस पहल पर टिप्पणी करते हुए, टीमलीज़ एडटेक के संस्थापक और सीईओ शांतनु रूज ने कहा, “हम उच्च शिक्षा के भीतर रोज़गार-योग्यता का निर्माण करने के तरीके में एक स्पष्ट बदलाव देख रहे हैं। हमारे शोध से संकेत मिलता है कि पारंपरिक शैक्षणिक मानक वास्तविक अधिगम प्रयास का केवल लगभग 6% समझा पाते हैं, जबकि अनुप्रयोग-आधारित अधिगम संकेतक जैसे कि परियोजनाएँ, सहभागिता और समस्या-समाधान लगभग 36% का योगदान देते हैं। अनुप्रयोग-आधारित वातावरण से प्रारंभिक संपर्क छात्रों को सैद्धांतिक समझ से परे प्रदर्शनीय क्षमताएँ विकसित करने में सक्षम बनाता है। ऐसे अनुभवों को पहले वर्ष में ही एकीकृत करने से भूमिका के लिए तैयारी में महत्वपूर्ण सुधार हो सकता है और शिक्षा एवं रोज़गार के बीच की खाई को कम किया जा सकता है।”

    डॉ. होमी भाभा स्टेट यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. रजनीश कामत ने कहा, “डॉ. होमी भाभा स्टेट यूनिवर्सिटी में, हम सचेत रूप से शैक्षणिक यात्रा की शुरुआत में ही अनुप्रयोग-आधारित अधिगम को सम्मिलित कर रहे हैं। यह दृष्टिकोण राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप है, जो स्नातक परिणामों में सुधार के लिए अनुभवात्मक अधिगम और उद्योग एकीकरण को महत्वपूर्ण मानती है। हमारे प्रथम वर्ष के छात्रों को वास्तविक दुनिया की समस्याओं से जुड़ने, सहयोगात्मक रूप से काम करने और कक्षा के अधिगम को मूर्त परिणामों में बदलने का अवसर मिला। ऐसे अनुभव न केवल तकनीकी दक्षता, बल्कि समस्या-समाधान क्षमता और आत्मविश्वास को आकार देने में भी महत्वपूर्ण हैं, जो भविष्य के लिए तैयार स्नातकों के लिए आवश्यक हैं।”

    हैकाथॉन ने व्यावहारिक अधिगम अनुभवों पर ध्यान केंद्रित करके पारंपरिक मूल्यांकन प्रारूपों से आगे बढ़ने का प्रयास किया। छात्रों का मूल्यांकन केवल वैचारिक समझ पर ही नहीं, बल्कि व्यावहारिक परिदृश्यों में एआई को लागू करने, समस्या-समाधान दृष्टिकोणों को संरचित करने और उपयोगी समाधान बनाने की उनकी क्षमता पर भी किया गया।

    प्रतिभागियों ने अपनी पहली व्यावहारिक एआई परियोजनाएँ विकसित कीं, वास्तविक समस्या संदर्भों से परिचय प्राप्त किया, और डोमेन विशेषज्ञों से प्रतिक्रिया प्राप्त की – ये सभी तत्व पोर्टफ़ोलियो के निर्माण और रोज़गार-योग्यता परिणामों में सुधार के लिए महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।

    यह पहल उच्च शिक्षा में उद्योग-संरेखित, अनुप्रयोग-आधारित अधिगम ढाँचों के एकीकरण की दिशा में एक व्यापक बदलाव को दर्शाती है। संस्थान शैक्षणिक अधिगम और कार्यबल तैयारी के बीच की खाई को पाटने के लिए हैकाथॉन, अप्रेंटिसशिप और लाइव परियोजनाओं जैसे अनुभवात्मक मॉडल को क्रमशः अपना रहे हैं। जैसे-जैसे ये दृष्टिकोण विस्तारित होते हैं, अनुप्रयोग-आधारित अधिगम वातावरण से प्रारंभिक संपर्क स्नातक तत्परता को मज़बूत करने में अधिक केंद्रीय भूमिका निभाने की अपेक्षा है, विशेष रूप से प्रौद्योगिकी-आधारित क्षेत्रों में जहाँ प्रदर्शनीय कौशल और व्यावहारिक अनुभव नियुक्ति परिणामों को तेज़ी से प्रभावित कर रहे हैं।

  • Kia India: किआ इंडिया ने 500 वर्कशॉप की उपलब्धि हासिल की

    Kia India: किआ इंडिया ने 500 वर्कशॉप की उपलब्धि हासिल की

    Kia India: देश की अग्रणी मास-प्रीमियम कार निर्माताओं (leading mass-premium car manufacturers) में से एक, किआ इंडिया (Kia India) ने आज अहमदाबाद के चांदखेड़ा में अपने 500वें सर्विस वर्कशॉप का उद्घाटन किया। यह उपलब्धि कंपनी की ग्राहकों को अपने केंद्र में रखने की मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाती है और देशभर में 15 लाख से अधिक ग्राहकों के लिए एक मजबूत, आधुनिक और भविष्य के लिए तैयार बिक्री पश्चात नेटवर्क को और सुदृढ़ करती है। (Kia India)

    500वें वर्कशॉप का यह पड़ाव केवल नेटवर्क विस्तार नहीं है, बल्कि यह इस बात को भी दर्शाता है कि किआ इंडिया लगातार ग्राहकों को एक सहज, पारदर्शी और सुविधाजनक स्वामित्व अनुभव देने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। ‘मूवमेंट दैट इंस्पायर्स’ के मूल दर्शन पर आधारित कंपनी ने इंफ्रास्ट्रक्चर, तकनीक और सेवा क्षमताओं में लगातार निवेश किया है, ताकि हर ग्राहक संपर्क विश्वास, दक्षता और सरलता से परिभाषित हो सके।

    चांदखेड़ा में नए वेस्ट कोस्ट वर्कशॉप, जो भारत में किआ के सबसे बड़े वर्कशॉप्स में से एक है, कंपनी के विस्तार और सेवा उत्कृष्टता के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। 76,069 वर्ग फुट (41,640 वर्ग फुट कवर्ड एरिया) में फैली यह अत्याधुनिक सुविधा उच्च क्षमता और परिचालन दक्षता के लिए डिज़ाइन की गई है। इसमें 57 सर्विस बे शामिल हैं, जिनमें 8 समर्पित वाशिंग और मॉपिंग बे के साथ-साथ वाहनों की निर्बाध आवाजाही के लिए 100 पार्किंग बे शामिल हैं। 90 प्रशिक्षित पेशेवरों की टीम के साथ, यह सालाना 40,000 वाहनों की सर्विस कर सकता है, जिससे क्षेत्र में सेवा की पहुंच काफी बढ़ जाएगी। वेस्ट कोस्ट किआ सबसे अधिक सम्मानित डीलर समूहों में से एक है और देश का तीसरा सबसे बड़ा किआ डीलर समूह है, जिसकी अहमदाबाद, गांधीनगर और हिम्मतनगर में मजबूत उपस्थिति है।

    इस उपलब्धि के बारे में, किआ इंडिया के प्रबंध निदेशक और सीईओ, श्री ग्वांगु ली ने कहा, ‘’हमारे 500वें सर्विस वर्कशॉप का उद्घाटन एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, जो ग्राहक-केंद्रितता के प्रति हमारी गहरी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह केवल नेटवर्क के विस्तार का संकेत नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करने का प्रयास है कि हर किआ ग्राहक अपनी स्वामित्व यात्रा के दौरान सुविधा, पारदर्शिता और भरोसे का अनुभव करे। जैसे-जैसे हम अपने नेटवर्क का विस्तार कर रहे हैं, हमारा ध्यान भविष्य के लिए तैयार, टिकाऊ और डिजिटल रूप से सक्षम आफ्टर-सेल्स नेटवर्क विकसित करने पर केंद्रित है।”

    किआ इंडिया ने 391 शहरों में 800 सर्विस टचप्वाइंट (मोबाइल टचप्वाइंट सहित) तक अपना नेटवर्क बढ़ा लिया है, जिससे यह देश के सबसे व्यापक बिक्री पश्चात नेटवर्क में से एक बन गया है। 500वें वर्कशॉप की यह उपलब्धि कंपनी की उपस्थिति को और मजबूत करती है, खासकर उन क्षेत्रों में जहां पहले पहुंच सीमित थी। इससे ब्रांड अपने ग्राहकों के और अधिक करीब आ गया है और सेवा उपलब्धता भी बेहतर हुई है।

  • Samsung India: सैमसंग के रेफ्रिजरेटर, वॉशिंग मशीन और भी बहुत कुछ! सैमसंग फाइनेंस+ के साथ बीस्पोक एआई अप्लायंसेज खरीदने की सुविधा

    Samsung India: सैमसंग के रेफ्रिजरेटर, वॉशिंग मशीन और भी बहुत कुछ! सैमसंग फाइनेंस+ के साथ बीस्पोक एआई अप्लायंसेज खरीदने की सुविधा

    Samsung India: सैमसंग इंडिया अपने स्मार्ट होम अप्लायंसेज को देश भर के ग्राहकों के लिए अधिक सुलभ बनाने के लिए सैमसंग फाइनेंस+ (Samsung Finance+) के तहत नई योजनाएं लेकर आया है। अब उपभोक्ता सैमसंग के रेफ्रिजरेटर, वॉशिंग मशीन, एसी और माइक्रोवेव जैसे उपकरण खरीदने के लिए आसान फाइनेंसिंग समाधानों का लाभ उठा सकते हैं। यह सेवा देश भर के 8,000 से अधिक स्टोर्स पर उपलब्ध है।(Samsung India)

    सैमसंग फाइनेंस+ का ‘ईज़ी ईएमआई फॉर ऑल’ विकल्प खरीदारी की प्रक्रिया को आसान बनाता है। ग्राहक पूरी तरह से डिजिटल और बिना कागज़ी झंझट वाली इस प्रक्रिया से मात्र पांच मिनट में फाइनेंस अप्रूवल पा सकते हैं। ईएमआई के विकल्प मात्र 33 रुपये प्रति दिन से शुरू होते हैं। यह समाधान पहली बार लोन लेने वाले उन लोगों के लिए भी बिल्कुल उपयुक्त है जिनका कोई क्रेडिट इतिहास नहीं है। इस लॉन्च का जश्न मनाने के लिए, कंपनी सैमसंग फाइनेंस+ के माध्यम से की गई खरीदारी पर 1,000 रुपये का सीमित समय के लिए विशेष कैशबैक भी दे रही है।

    सैमसंग इंडिया के डिजिटल अप्लायंसेज विभाग के उपाध्यक्ष (वाइस प्रेसिडेंट) घुफरान आलम ने कहा , “सैमसंग में, हम सार्थक डिजिटल नवाचार के माध्यम से अपने उत्पादों की सुलभता बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। सैमसंग फाइनेंस+ का उद्देश्य ग्राहकों को बिना किसी वित्तीय बोझ के नवीनतम तकनीक अपनाने में सक्षम बनाना है। हमारे नए ऑफर्स के साथ, हम भारतीय परिवारों के लिए नवाचार को अपनाना और अपने घरों को अपग्रेड करना पहले से कहीं अधिक आसान बना रहे हैं।”

    सैमसंग इंडिया ने ग्राहकों को केंद्र में रखकर समाधान पेश करना और नवाचार करना जारी रखा है, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि अत्याधुनिक तकनीक सभी के लिए सुलभ हो। सैमसंग फाइनेंस+ के माध्यम से, कंपनी अपने ग्राहकों के लिए किफायती और परेशानी मुक्त फाइनेंसिंग विकल्प प्रदान करने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराती है। ग्राहक अपने आधार और पैन कार्ड के साथ नजदीकी स्टोर पर जाकर फाइनेंस समाधानों का लाभ उठा सकते हैं।

    सैमसंग की बीस्पोक एआई अप्लायंसेज रेंज आधुनिक भारतीय घरों के लिए व्यक्तिगत ज़रूरतों के अनुसार ढली, ऊर्जा-कुशल और सुरक्षित स्मार्ट होम समाधान पेश करती है। एआई होम स्क्रीन इंटरफेस, सहज संचार वाले बिक्सबी वॉइस असिस्टेंट, सैमसंग नॉक्स सुरक्षा और स्मार्टथिंग्स कनेक्टिविटी से लैस यह रेंज घर में आसानी से शामिल होती है और उपयोगकर्ता को बेहतर अनुभव प्रदान करती है।

  • Kia India Workshops: किआ इंडिया ने 500 वर्कशॉप की उपलब्धि हासिल की!

    Kia India Workshops: किआ इंडिया ने 500 वर्कशॉप की उपलब्धि हासिल की!

    मुंबई: देश की अग्रणी मास-प्रीमियम कार निर्माताओं में से एक, किआ इंडिया (Kia India) ने आज अहमदाबाद के चांदखेड़ा में अपने 500वें सर्विस वर्कशॉप का उद्घाटन किया। यह उपलब्धि कंपनी की ग्राहकों को अपने केंद्र में रखने की मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाती है और देशभर में 15 लाख से अधिक ग्राहकों के लिए एक मजबूत, आधुनिक और भविष्य के लिए तैयार बिक्री पश्चात नेटवर्क को और सुदृढ़ करती है। (Kia India Workshops)

    500वें वर्कशॉप का यह पड़ाव केवल नेटवर्क विस्तार नहीं है, बल्कि यह इस बात को भी दर्शाता है कि किआ इंडिया लगातार ग्राहकों को एक सहज, पारदर्शी और सुविधाजनक स्वामित्व अनुभव देने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। ‘मूवमेंट दैट इंस्पायर्स’ के मूल दर्शन पर आधारित कंपनी ने इंफ्रास्ट्रक्चर, तकनीक और सेवा क्षमताओं में लगातार निवेश किया है, ताकि हर ग्राहक संपर्क विश्वास, दक्षता और सरलता से परिभाषित हो सके।

    चांदखेड़ा में नए वेस्ट कोस्ट वर्कशॉप, जो भारत में किआ के सबसे बड़े वर्कशॉप्स में से एक है, कंपनी के विस्तार और सेवा उत्कृष्टता के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। 76,069 वर्ग फुट (41,640 वर्ग फुट कवर्ड एरिया) में फैली यह अत्याधुनिक सुविधा उच्च क्षमता और परिचालन दक्षता के लिए डिज़ाइन की गई है। इसमें 57 सर्विस बे शामिल हैं, जिनमें 8 समर्पित वाशिंग और मॉपिंग बे के साथ-साथ वाहनों की निर्बाध आवाजाही के लिए 100 पार्किंग बे शामिल हैं।

    90 प्रशिक्षित पेशेवरों की टीम के साथ, यह सालाना 40,000 वाहनों की सर्विस कर सकता है, जिससे क्षेत्र में सेवा की पहुंच काफी बढ़ जाएगी। वेस्ट कोस्ट किआ सबसे अधिक सम्मानित डीलर समूहों में से एक है और देश का तीसरा सबसे बड़ा किआ डीलर समूह है, जिसकी अहमदाबाद, गांधीनगर और हिम्मतनगर में मजबूत उपस्थिति है।

    इस उपलब्धि के बारे में, किआ इंडिया के प्रबंध निदेशक और सीईओ, ग्वांगु ली ने कहा, ‘’हमारे 500वें सर्विस वर्कशॉप का उद्घाटन एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, जो ग्राहक-केंद्रितता के प्रति हमारी गहरी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह केवल नेटवर्क के विस्तार का संकेत नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करने का प्रयास है कि हर किआ ग्राहक अपनी स्वामित्व यात्रा के दौरान सुविधा, पारदर्शिता और भरोसे का अनुभव करे। जैसे-जैसे हम अपने नेटवर्क का विस्तार कर रहे हैं, हमारा ध्यान भविष्य के लिए तैयार, टिकाऊ और डिजिटल रूप से सक्षम आफ्टर-सेल्स नेटवर्क विकसित करने पर केंद्रित है।”

    किआ इंडिया ने 391 शहरों में 800 सर्विस टचप्वाइंट (मोबाइल टचप्वाइंट सहित) तक अपना नेटवर्क बढ़ा लिया है, जिससे यह देश के सबसे व्यापक बिक्री पश्चात नेटवर्क में से एक बन गया है। 500वें वर्कशॉप की यह उपलब्धि कंपनी की उपस्थिति को और मजबूत करती है, खासकर उन क्षेत्रों में जहां पहले पहुंच सीमित थी। इससे ब्रांड अपने ग्राहकों के और अधिक करीब आ गया है और सेवा उपलब्धता भी बेहतर हुई है।

  • Certificate Camp: छात्रों को राहत देने के लिए ‘दाखला शिविर’ की मांग, नगरसेवक किशोर पाटिल ने तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन!

    Certificate Camp: छात्रों को राहत देने के लिए ‘दाखला शिविर’ की मांग, नगरसेवक किशोर पाटिल ने तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन!

    नालासोपारा: नालासोपारा दसवीं और बारहवीं के छात्रों को आगे की पढ़ाई के लिए आवश्यक सरकारी प्रमाणपत्र प्राप्त करने में हो रही परेशानी को देखते हुए नालासोपारा पूर्व क्षेत्र में विशेष ‘दाखला शिविर’(Certificate Camp) आयोजित करने की मांग की गई है। प्रभाग समिति 10 ‘अ’ के नगरसेवक किशोर पाटिल ने इस संबंध में 27 अप्रैल 2026 को वसई के तहसीलदार दीपक गायकवाड से मुलाकात कर उन्हें लिखित ज्ञापन सौंपा।

    हर वर्ष शैक्षणिक प्रवेश प्रक्रिया शुरू होने से पहले आय, जाति और निवास जैसे विभिन्न प्रमाणपत्रों के लिए छात्रों और अभिभावकों की भारी भीड़ उमड़ती है। नालासोपारा के छात्रों को इन कार्यों के लिए वसई स्थित मुख्य तहसील कार्यालय जाना पड़ता है, जिससे उनका समय और श्रम दोनों खर्च होते हैं।

    इस समस्या को ध्यान में रखते हुए मोरेगांव, शिव मंदिर और नालासोपारा पूर्व क्षेत्र में स्थानीय स्तर पर ही ‘दाखला शिविर’(Certificate Camp) आयोजित करने की मांग की गई है। इस शिविर के माध्यम से छात्रों को एक ही स्थान पर आवश्यक प्रमाणपत्रों की प्रक्रिया पूरी करने की सुविधा मिलेगी और उन्हें बड़ी राहत मिलेगी।

    शामुबाई नाना जनकल्याण फाउंडेशन के माध्यम से दिए गए इस निवेदन में संस्था की अध्यक्षा श्रीमती सुशीला किशोर पाटिल का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा। नगरसेवक किशोर पाटिल ने विश्वास जताया कि प्रशासन जल्द ही इस मांग पर सकारात्मक निर्णय लेते हुए शिविर की तिथि घोषित करेगा।

  • Flood Preparedness: वसई-विरार में बाढ़ से निपटने की तैयारी तेज, प्रतिनिधिमंडल ने कोकण आयुक्त से की अहम मुलाकात

    Flood Preparedness: वसई-विरार में बाढ़ से निपटने की तैयारी तेज, प्रतिनिधिमंडल ने कोकण आयुक्त से की अहम मुलाकात

    Flood Preparedness : वसई-विरार शहर महानगरपालिका (Vasai-Virar Municipal Corporation) क्षेत्र में पावस के दौरान हर साल उत्पन्न होने वाली बाढ़ की समस्या के स्थायी समाधान के लिए 27 अप्रैल 2026 को महापौर अजीव पाटिल के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने कोकण भवन में विभागीय आयुक्त, कोकण से मुलाकात की। इस दौरान शहर की भौगोलिक चुनौतियों पर चर्चा करते हुए त्वरित और प्रभावी उपाययोजना की मांग की गई। बैठक के दौरान महापौर अजीव पाटिल एवं प्रतिनिधिमंडल ने विभागीय आयुक्त का ध्यान कई महत्वपूर्ण मुद्दों की ओर आकर्षित किया। (Flood Preparedness)

    उन्होंने कहा कि वसई-विरार क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति को नियंत्रित करने के लिए ‘केंद्रीय जल आयोग’ (CWC) के दिशा-निर्देशों के अनुसार तत्काल कार्यवाही की जाए। इसके अलावा ठाणे, कळवा और वसई की खाड़ियों में जमा गाद के कारण जल निकासी बाधित हो रही है, जिसे हटाकर जलमार्ग की गहराई बढ़ाना आवश्यक है। साथ ही कळवा खाड़ी के आसपास हुए अतिक्रमणों को भी प्राथमिकता के आधार पर हटाने की मांग की गई। प्रतिनिधिमंडल ने यह भी स्पष्ट किया कि केवल अस्थायी उपायों से समस्या का समाधान संभव नहीं है, बल्कि हर वर्ष आने वाली इस समस्या के लिए दीर्घकालीन और तकनीकी दृष्टि से ठोस योजना बनाई जानी चाहिए।

    प्रतिनिधिमंडल द्वारा उठाए गए मुद्दों की गंभीरता को देखते हुए विभागीय आयुक्त ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी और आश्वासन दिया कि मानसून शुरू होने से पहले आवश्यक प्रशासनिक कदम उठाकर संबंधित विभागों के समन्वय से उचित निर्णय लिया जाएगा।
    इस अवसर पर महापौर के साथ पूर्व महापौर नारायण मानकर, स्थायी समिति सभापति प्रवीण शेट्टी सहित अन्य पदाधिकारी भी उपस्थित रहे। महापौर अजीव पाटिल ने कहा, वसई-विरार के नागरिकों को हर साल बाढ़ की समस्या का सामना न करना पड़े, यह हमारी प्राथमिकता है। खाड़ियों की सफाई और CWC के नियमों के अनुसार कार्य करना हम सुनिश्चित करेंगे।”

  • Direct Warning Issued to Land Mafia: कलवा जंगल इलाके में फॉरेस्ट डिपार्टमेंट की कार्रवाई; 16 बिना इजाज़त के कंस्ट्रक्शन गिराए गए

    Direct Warning Issued to Land Mafia: कलवा जंगल इलाके में फॉरेस्ट डिपार्टमेंट की कार्रवाई; 16 बिना इजाज़त के कंस्ट्रक्शन गिराए गए

    ठाणे। फॉरेस्ट डिपार्टमेंट (The Forest Department) ने जंगल की ज़मीन को बचाने और बचाने के लिए सख्त रुख अपनाया है, और आज कलवा के जंगल इलाके (forest areas of Kalwa) में कब्ज़ों के खिलाफ़ कड़ी कार्रवाई की गई। इस मुहिम में घोलई नगर और पंडापाड़ा इलाकों में करीब 15 से 16 फूस की झोपड़ियां हटाई गईं। फॉरेस्ट डिपार्टमेंट के इस ‘एक्शन मोड’ से लैंड माफिया हिल गए हैं।कलवा में फॉरेस्ट सर्वे नंबर 97 और 436 के इलाके में पिछले कुछ दिनों से बिना इजाज़त झोपड़ियां बनने का रेट बढ़ गया था। (Direct Warning Issued to Land Mafia)

    प्रशासन ने तुरंत यह मुहिम शुरू की ताकि पर्यावरण को नुकसान न हो और जंगल की ज़मीन को खाली कराया जा सके। बुधवार सुबह ही फॉरेस्ट डिपार्टमेंट की एक टीम और स्टेट रिजर्व पुलिस फोर्स (SRPF) की एक टुकड़ी ने इलाके में छापा मारा। बिना किसी दबाव में आए फॉरेस्ट डिपार्टमेंट ने इन सभी बिना इजाज़त के कंस्ट्रक्शन को ज़मीन पर गिरा दिया।यह पूरा ऑपरेशन ठाणे फॉरेस्ट डिपार्टमेंट के डिप्टी कंजर्वेटर ऑफ फॉरेस्ट सचिन रेपाले और असिस्टेंट कंजर्वेटर ऑफ फॉरेस्ट सोनल वलवी की गाइडेंस में किया गया।

    एडमिनिस्ट्रेशन ने इस ऑपरेशन के ज़रिए साफ़ मैसेज दिया है कि फॉरेस्ट की ज़मीन पर कब्ज़ा किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।इस ऑपरेशन के बाद, फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर नरेंद्र मुथे ने कहा कि जल्द ही न सिर्फ़ इन दो जगहों पर बल्कि फॉरेस्ट एरिया से सटे दूसरे इलाकों जैसे इंदिरानगर, भास्करनगर, वाघोबानगर और रेतीबंदर में भी ऐसा ही कैंपेन चलाया जाएगा।

    फॉरेस्ट एरिया को बचाने के लिए अब रेगुलर पेट्रोलिंग बढ़ा दी गई है, और लोगों को किसी भी लालच में आकर फॉरेस्ट की ज़मीन पर इन्वेस्ट या कंस्ट्रक्शन नहीं करना चाहिए। नियम तोड़ने वालों के ख़िलाफ़ सख़्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।- नरेंद्र मुठे (फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर ठाणे)

  • Marathi Language Made Mandatory: मराठी का अभिमान अक्षुण्ण… परंतु जबरदस्ती नहीं , समझदारी जरूरी… संजय निरुपम

    Marathi Language Made Mandatory: मराठी का अभिमान अक्षुण्ण… परंतु जबरदस्ती नहीं , समझदारी जरूरी… संजय निरुपम

    Sanjay Nirupam on the Marathi Language : रिक्शा एवं टैक्सी चालकों (Mumbai’s Rickshaw and Taxi Drivers) पर मराठी भाषा अनिवार्य करने के निर्णय के संदर्भ में शिवसेना के मुख्य प्रवक्ता संजय निरुपम (Sanjay Nirupam) ने आज मीडिया के माध्यम से अत्यंत भावनात्मक और स्पष्ट रुख प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा, “मराठी हमारी अस्मिता की पहचान, संस्कृति की सांस और महाराष्ट्र का गौरव (pride of Maharashtra) है। लेकिन यह भाषा प्रेम से सिखाई जानी चाहिए, न कि जबरदस्ती से!”

    इस मुद्दे पर शिवसेना में किसी प्रकार का कोई मतभेद या गुट नहीं है।
    शिवसेना हमेशा मराठी भाषा के सम्मान के लिए अग्रणी रही है। शिवसेना के निरंतर प्रयासों से ही मराठी भाषा को देश में ‘अभिजात’ दर्जा दिलाने में महत्वपूर्ण योगदान मिला है। इसलिए मराठी के सम्मान के विषय में शिवसेना कभी समझौता नहीं करेगी, परंतु मानवीय दृष्टिकोण भी उतना ही आवश्यक है।

    वर्तमान में लागू किए जा रहे मराठी भाषा अनिवार्यता के निर्णय के कारण हजारों रिक्शा एवं टैक्सी चालकों में भय और अस्थिरता का वातावरण पैदा हो गया है। मुंबई जैसे महानगर में बड़ी संख्या में अन्य राज्यों के चालक कार्यरत हैं, जो मराठी सीखने के लिए तैयार हैं, लेकिन उन्हें पर्याप्त समय और अवसर दिया जाना आवश्यक है।

    इसी पृष्ठभूमि में शिवसेना की स्पष्ट मांग है
    संबंधित शासकीय निर्णय (GR) को कम से कम एक वर्ष के लिए स्थगित (postpone) किया जाए। इस अवधि में चालकों को मराठी भाषा सीखने के लिए प्रोत्साहन और प्रशिक्षण प्रदान किया जाए। इस विषय को जबरदस्ती के बजाय समझदारी और संवेदनशीलता के साथ संभाला जाए।

    “प्रेम से सीखी गई भाषा जीवनभर साथ रहती है…
    लेकिन भय से सीखी गई भाषा कभी दिल में स्थान नहीं बना पाती!” शिवसेना ने यह भी स्पष्ट किया है कि मराठी का सम्मान बनाए रखते हुए आम मेहनतकश जनता के हितों की रक्षा करना ही उनकी सच्ची भूमिका है। इसके लिए सरकार को सकारात्मक निर्णय लेते हुए हजारों परिवारों को राहत प्रदान करनी चाहिए। “मराठी का सम्मान करें… लेकिन इंसानियत को भी जीवित रखे”

  • Mahila Janaakrosh Morcha: महिला आरक्षण को लेकर भाजपा का उल्हासनगर मे आंदोलन!

    Mahila Janaakrosh Morcha: महिला आरक्षण को लेकर भाजपा का उल्हासनगर मे आंदोलन!

    उल्हासनगर: उल्हासनगर के नेहरू चौक पर सोमवार को महिला जनआक्रोश मोर्चा सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। युवा मोर्चा अध्यक्ष गुरदीप सिंह बॉक्सर भाई के नेतृत्व में आयोजित इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिलाओं और युवाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।नारी शक्ति 33% आरक्षण बिल के विरोध में किए गए वोट को लेकर कांग्रेस और राहुल गांधी के खिलाफ महिलाओं में भारी आक्रोश था।

    यह आवाज सिर्फ विरोध नहीं, बल्कि महिलाओं के सम्मान और अधिकारों के लिए एक मजबूत संदेश है। ऐसा गुरुदीप सिंह बॉक्सर का कहना है।उल्हासनगर की महिला जाग चुकी है और अपने हक के लिए डटकर खड़ी है। महिलामोर्चा अध्यक्ष मंगला चड्डा , नागरसेविका मीना कौर अजीत सिंग लबाना , नागरसेविका संध्या मराठे , मंडल ५ अध्यक्ष सिंधु शर्मा , विनीताशर्मा , भारती शर्मा , सपना रोहरा , भावनामैडम , मण्डल३ अध्यक्ष निमेश अमलनी , शशिकांतविरकायदे , सतीशमराठे , मनीष यादव , मोहित खटवानी , सागर बालगोहर , सहित अनेक महिला एवं युवा इज़ मोर्चा मे उपस्थित थे।