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  • Navi Mumbai Medicover Hospital: मेडिकवर हॉस्पिटल ने नवी मुंबई में शुरू किया अत्याधुनिक ट्रॉमा सेंटर , सड़क दुर्घटनाओं व आपात स्थितियों में अब मिलेगी त्वरित जीवनरक्षक चिकित्सा सुविधा

    Navi Mumbai Medicover Hospital: मेडिकवर हॉस्पिटल ने नवी मुंबई में शुरू किया अत्याधुनिक ट्रॉमा सेंटर , सड़क दुर्घटनाओं व आपात स्थितियों में अब मिलेगी त्वरित जीवनरक्षक चिकित्सा सुविधा

    नवी मुंबई: आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं में एक नई दिशा देते हुए मेडिकवर हॉस्पिटल ने नवी मुंबई में क्षेत्र का पहला एडवांस्ड ट्रॉमा सेंटर शुरू किया है। यह अत्याधुनिक केंद्र सड़क दुर्घटनाओं, गंभीर चोटों और आपात स्थितियों में मरीजों को त्वरित और समग्र चिकित्सा सहायता प्रदान करेगा।

    इस केंद्र में प्री-हॉस्पिटल केयर, इन-हाउस मल्टी-डिसिप्लिनरी टीम और पोस्ट-हॉस्पिटल रिहैबिलिटेशन जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। उद्घाटन समारोह में मरीज, एंबुलेंस चालक, सामाजिक कार्यकर्ता, स्थानीय नागरिक और आरटीओ अधिकारी उपस्थित थे।

    मेडिकवर हॉस्पिटल्स के कंसल्टेंट कॉम्प्लेक्स ट्रॉमा एवं पीडियाट्रिक ऑर्थोपेडिक्स सर्जन डॉ. नितीश अरोड़ा ने बताया कि ट्रॉमा मामलों में “गोल्डन ऑवर” यानी दुर्घटना के पहले 60 मिनट बेहद अहम होते हैं। इस समय के भीतर उपचार मिलने पर जीवन बचाने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है। उन्होंने कहा कि नया ट्रॉमा सेंटर ऑन-साइट रिस्पॉन्स से लेकर सर्जरी और रिहैबिलिटेशन तक हर स्तर पर विशेषज्ञ देखभाल सुनिश्चित करेगा।

    डॉ. अरोड़ा ने बताया कि अस्पताल ने विशेष आपातकालीन नंबर 8655845861 जारी किया है, जिस पर संपर्क करने पर प्रशिक्षित टीम तुरंत एंबुलेंस भेजकर मरीज को स्थिर स्थिति में अस्पताल पहुंचाती है। केंद्र में ऑर्थोपेडिक्स, न्यूरोसर्जरी, जनरल सर्जरी, प्लास्टिक सर्जरी, एनेस्थेसियोलॉजी, आईसीयू केयर और फिजियोथैरेपी विशेषज्ञों की 24×7 टीम कार्यरत है।

    मेडिकवर हॉस्पिटल्स के रीजनल डायरेक्टर (महाराष्ट्र व कर्नाटक) नीरज लाल ने कहा कि यह नया केंद्र नवी मुंबई के लिए “जीवनरक्षक पहल” साबित होगा। प्रशिक्षित इमरजेंसी टीम और अत्याधुनिक तकनीक से युक्त यह केंद्र हर सेकंड को बचाने की दिशा में काम करेगा।

    दुर्घटना पीड़ित विकास गुप्ता ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि ट्रॉमा सेंटर की तत्परता और विशेषज्ञ टीम की वजह से उनकी जान बच पाई। उन्होंने कहा, “हर सेकंड जब मायने रखता था, तब मेडिकवर हॉस्पिटल ने मुझे नई जिंदगी दी।”

    मेडिकवर हॉस्पिटल का यह ट्रॉमा सेंटर न केवल नवी मुंबई बल्कि पूरे मुंबई महानगर क्षेत्र के लिए आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं को सशक्त बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।

  • नवी मुंबई में देश का नया हवाई द्वार तैयार: पीएम मोदी 8 अक्टूबर को करेंगे उद्घाटन

    नवी मुंबई में देश का नया हवाई द्वार तैयार: पीएम मोदी 8 अक्टूबर को करेंगे उद्घाटन

    राष्ट्रीय स्वाभिमान संवाददाता

    नवी मुंबई | बहुप्रतीक्षित नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का उद्घाटन 8 अक्टूबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। सिडको के प्रबंध निदेशक विजय सिंघल ने बताया कि उद्घाटन के बाद पीएम मोदी लगभग दो घंटे तक हवाई अड्डे के परिसर में रहकर विभिन्न परियोजनाओं की समीक्षा करेंगे।

    हवाई अड्डे में दो विशाल रनवे बनाए गए हैं, जिसमें से एक पूरी तरह तैयार है। सभी टर्मिनल आपस में जुड़े होंगे, जिससे यात्रियों को एकीकृत और सुगम अनुभव मिलेगा। यह परियोजना पर्यावरण–अनुकूल सिद्धांत पर आधारित है, जिसमें हरित ऊर्जा, वर्षा जल संचयन और कार्बन-न्यूट्रल संचालन पर विशेष ध्यान दिया गया है।

    यात्रियों की सुविधा के लिए अटल सेतु से कोष्ठल रोड तक नई सड़क बनाई जा रही है। मेट्रो लाइन-8 को भी जल्द मंज़ूरी मिलने वाली है, जिससे नवी मुंबई और मुंबई हवाई अड्डों के बीच सीधी कनेक्टिविटी होगी। मेट्रो स्टेशन पर ही सीधा चेक-इन काउंटर उपलब्ध होगा।

    कुल ₹19,600 करोड़ के इस मेगा प्रोजेक्ट में सिडको ने भूमि विकास पर ₹3,500 करोड़ खर्च किए हैं। हवाई अड्डे पर 350 विमानों की पार्किंग क्षमता और दोनों रनवे के लिए स्वतंत्र टैक्सीवे तैयार किए गए हैं।

    टर्मिनल के भीतर डिजिटल आर्ट के माध्यम से भारत की समृद्ध संस्कृति को प्रदर्शित किया जाएगा। इसके संचालन में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) तकनीक का उपयोग होगा और यात्रियों को ‘वन-अप एंड टू-एंड बैगेज फैसिलिटी’ उपलब्ध कराई जाएगी। सिडको एमडी विजय सिंघल के अनुसार, यह हवाई अड्डा केवल ढांचा नहीं बल्कि भारत की तेज़ रफ्तार प्रगति का प्रतीक बनेगा और मुंबई की हवाई भीड़ कम कर महाराष्ट्र के आर्थिक और पर्यटन विकास में नई ऊर्जा देगा।

  • Swarn Jayanti 2025: स्वर्ण जयंती वर्ष का भव्य समारोह, प्रेरणादायी यात्रा के स्वर्णिम पृष्ठ

    Swarn Jayanti 2025: स्वर्ण जयंती वर्ष का भव्य समारोह, प्रेरणादायी यात्रा के स्वर्णिम पृष्ठ

    ठाणे। स्वर्ण जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में रमेश परमार जूनियर कॉलेज ऑफ जनरल एजुकेशन और अभिरुचि मंडल के सहयोग से भव्य रैली, विभिन्न गतिविधियाँ और यादगार कार्यक्रम आयोजित किए गए। जूनियर कॉलेज के सभी छात्र, शिक्षक, विद्यालय समिति के अध्यक्ष और संस्था के कार्यकारी अध्यक्ष शैलेंद्र सालवी, प्रधानाचार्य विकास पाटिल, उप-प्रधानाचार्य अनुराधा कुलकर्णी और सतीश घोलप, प्राथमिक विभागाध्यक्ष सुनील पाटिल, निदेशक मंडल, शिक्षक और गैर-शिक्षण कर्मचारी रैली में शामिल हुए। रैली एम.डी.एच. विद्यालय, शिवाजी पथ, तलावपाली, नौपाड़ा होते हुए निकाली गई।

    उद्घाटन समारोह एवं विशेष गतिविधियाँ

    स्वर्ण जयंती के उद्घाटन अवसर पर अत्याधुनिक खगोल विज्ञान प्रयोगशाला का उद्घाटन किया गया और राज्य स्तरीय बोली कवि सम्मेलन का आयोजन हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि महाराष्ट्र के वन मंत्री एवं पालघर जिला संरक्षक मंत्री गणेशजी नाइक और विधायक निरंजन डावखरे उपस्थित थे।

    प्रधानाचार्य विकास पाटिल ने बताया कि डिजिटल पुस्तकालय की स्थापना के लिए एक करोड़ रुपये की आवश्यकता है। वन मंत्री गणेश नाइक ने तत्काल 50 लाख रुपये और निरंजन डावखरे ने 20 लाख रुपये का योगदान देने की घोषणा की। संस्था के कार्यकारी अध्यक्ष शैलेंद्र सालवी ने मराठी माध्यम शिक्षा के संरक्षण के लिए इस सहयोग पर आभार व्यक्त किया और इसे अमूल्य बताया।

  • NaviMumbai Airport Naming Dispute: नवी मुंबई एयरपोर्ट को ‘डी.बी. पाटिल’ के नाम पर रखने के मुद्दे पर आगरी समाज में असमंजस

    NaviMumbai Airport Naming Dispute: नवी मुंबई एयरपोर्ट को ‘डी.बी. पाटिल’ के नाम पर रखने के मुद्दे पर आगरी समाज में असमंजस

    फडणवीस सरकार पर भड़क उठा असंतोष, उद्धव गुट ने कहा “समाज की भावनाओं से खिलवाड़”

    अश्विनी कुमार दुबे

    नवी मुंबई। नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (NaviMumbaiAirport) के उद्घाटन से पहले ही उसके नामकरण को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। हवाई अड्डे का नाम स्व. डी.बी. पाटिल (DBPatil) के नाम पर रखने के निर्णय ने जहां एक वर्ग में खुशी जगाई है, वहीं आगारी समाज के भीतर गहरा असमंजस और असंतोष फैल गया है। समाज के कुछ वर्गों का कहना है कि “सरकार ने यह फैसला राजनीतिक दबाव में लिया है, जबकि नामकरण प्रक्रिया पर पारदर्शिता नहीं रखी गई।”

    आगारी समाज में मतभेद, सरकार पर अविश्वास (Airport Naming Dispute)

    आगारी समाज के कई वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि फडणवीस सरकार ने समाज की एकता को तोड़ने की कोशिश की है। एक वर्ग का कहना है कि “डी.बी. पाटिल हमारे समाज के गौरव हैं, लेकिन उनके नाम का उपयोग राजनीतिक लाभ के लिए नहीं होना चाहिए।” वहीं दूसरी ओर, कुछ स्थानीय संगठनों का कहना है कि “सरकार सिर्फ नाम बदलने में रुचि रखती है, न कि समाज के विकास में।”

    शिवसेना (ठाकरे गुट) ने बोला हमला
    शिवसेना (ठाकरे गुट) (Shivsena UBT) के नेताओं ने सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि “भाजपा विकास नहीं, भावनाओं की राजनीति कर रही है। नवी मुंबई एयरपोर्ट के उद्घाटन से पहले नामकरण की घोषणा जानबूझकर विवाद भड़काने के लिए की गई है।” पार्टी नेताओं ने कहा कि “फडणवीस सरकार यह दिखाना चाहती है कि उसने जनता की मांग मानी है, जबकि असलियत यह है कि उसने आगारी समाज के बीच भ्रम और विभाजन पैदा कर दिया है।”

    स्थानीय नागरिकों का विरोध (LocalSentiment)
    नवी मुंबई और रायगढ़ क्षेत्र के नागरिकों का कहना है कि “नामकरण से ज्यादा ज़रूरत इस बात की थी कि विस्थापितों को न्याय मिले।” कई लोगों ने आरोप लगाया कि अब भी पुनर्वास योजनाएं अधूरी हैं, मुआवज़ा लंबित है और जिनके घर-खेत अधिग्रहित हुए, उन्हें अभी तक स्थायी समाधान नहीं मिला।


    आगारी समाज (Agari Samaj) के कई वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि फडणवीस सरकार ने समाज की एकता को तोड़ने की कोशिश की है। एक वर्ग का कहना है कि “डी.बी. पाटिल हमारे समाज के गौरव हैं, लेकिन उनके नाम का उपयोग राजनीतिक लाभ के लिए नहीं होना चाहिए।” वहीं दूसरी ओर, कुछ स्थानीय संगठनों का कहना है कि “सरकार सिर्फ नाम बदलने में रुचि रखती है, न कि समाज के विकास में।

    राजनीति बनाम सम्मान का टकराव
    राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि डी.बी. पाटिल का नाम सम्मान से जुड़ा हुआ है, लेकिन जब इसका उपयोग राजनीतिक प्रचार के तौर पर होता है, तो इसका असर समाज की एकता पर पड़ता है। उद्धव ठाकरे गुट के प्रवक्ताओं ने कहा, “सरकार ने अगर नामकरण में जल्दबाज़ी न की होती, तो आज यह मुद्दा सम्मान का प्रतीक होता, विवाद का नहीं।”

    उद्घाटन से पहले विवाद की लहर
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 8 अक्टूबर को होने वाले उद्घाटन से पहले यह नामकरण विवाद सरकार के लिए सिरदर्द बन गया है। विपक्षी दलों का कहना है कि “हवाई अड्डे का नाम किसी नेता या पार्टी की इच्छा से नहीं, बल्कि जनता की राय से तय होना चाहिए था।”

    समाज की एकता पर मंडराता संकट
    आगारी समाज के भीतर बढ़ते मतभेदों ने राजनीतिक दलों (MaharashtraPolitics) को चिंतित कर दिया है। कई संगठनों ने सरकार से मांग की है कि “नामकरण पर पुनर्विचार किया जाए और समाज की सर्वसम्मति से निर्णय लिया जाए।”
    यदि सरकार ने जल्द कोई कदम नहीं उठाया, तो आगारी समाज के एक बड़े वर्ग द्वारा विरोध प्रदर्शन की संभावना जताई जा रही है।

  • Aashirwad Foundation:आशिर्वाद फाउंडेशन ने वृक्षारोपण और स्वतंत्रता दिवस पर शहीदों को दी श्रद्धांजलि

    Aashirwad Foundation:आशिर्वाद फाउंडेशन ने वृक्षारोपण और स्वतंत्रता दिवस पर शहीदों को दी श्रद्धांजलि

    प्रेम चौबे।

    भाईंदर (पश्चिम), उत्तन। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आशिर्वाद फाउंडेशन – जीने का सहारा ने उत्तन क्षेत्र में वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया। इस मौके पर संस्था के सदस्यों ने पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छ वातावरण को बढ़ावा देने हेतु विभिन्न प्रकार के पौधों का रोपण किया। संस्था की ओर से विशेष नारा दिया गया –
    “एक वृक्ष इस शहर के स्वच्छ वातावरण के लिए।”

    कार्यक्रम की शुरुआत भारत माता के वीर शहीदों और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को श्रद्धांजलि अर्पित कर की गई। इस अवसर पर मीरा-भाईंदर शहर की पूर्व नगरसेविका एवं समाजसेविका सुनीला शर्मा तथा समस्त ब्राह्मण समाज फाउंडेशन के संस्थापक सतेन्द्र शर्मा विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

    आशिर्वाद फाउंडेशन की ओर से गणेश पाण्डेय, रामकृष्ण लाल, शांत प्रकाश शर्मा, कृष्ण कुमार, निलेश गुप्ता, विशाल तिवारी, सूरज दूबे और धनंजय दीक्षित सहित अन्य सदस्य भी उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर वृक्षारोपण किया और हरियाली एवं स्वच्छता बनाए रखने का संकल्प लिया।

    इस अवसर पर संस्था के पदाधिकारियों ने कहा कि वृक्ष ही जीवन का आधार हैं और हर नागरिक का दायित्व है कि पर्यावरण की रक्षा के लिए कम से कम एक पौधा अवश्य लगाएं।

  • ‘बीच प्लीज’और एनएसएस स्वयंसेवकों का ऐरोली में मैन्ग्रोव सफाई अभियान

    ‘बीच प्लीज’और एनएसएस स्वयंसेवकों का ऐरोली में मैन्ग्रोव सफाई अभियान

    नवी मुंबई | तटीय पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से ‘बीच प्लीज’ संस्था ने रविवार को कोस्टल एंड मरीन बायोडायवर्सिटी सेंटर, आयरोली में एक विशेष मैन्ग्रोव सफाई अभियान आयोजित किया। इस पहल में सरस्वती कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, खारघर के एनएसएस (NSS) स्वयंसेवकों ने सक्रिय रूप से भाग लिया।

    अभियान के तहत स्वयंसेवकों ने मैन्ग्रोव क्षेत्र और समुद्र तट से प्लास्टिक, थर्मोकोल, बोतलें और अन्य गैर-बायोडिग्रेडेबल कचरा एकत्र कर निपटान किया।
    मैन्ग्रोव, तटीय कटाव को रोकने और समुद्री जैवविविधता बनाए रखने में अहम भूमिका निभाते हैं। इसीलिए उनका संरक्षण जलवायु परिवर्तन और समुद्री जीवन की सुरक्षा के लिए अनिवार्य है।

    एक स्वयंसेवक ने अनुभव साझा करते हुए कहा—

    “यह सिर्फ सफाई नहीं थी, बल्कि समुद्री पारिस्थितिकी को समझने और उसकी रक्षा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम था।”

    अभियान के अंत में बीच प्लीज की ओर से सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया गया और उन्हें भविष्य में भी पर्यावरण संरक्षण के लिए योगदान देने का संकल्प दिलाया गया।

    पहल का महत्व
    >तटीय क्षेत्रों से प्लास्टिक प्रदूषण में कमी

    >स्थानीय जैवविविधता का संरक्षण

    >युवाओं में पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी की भावना

    >सामुदायिक भागीदारी को बढ़ावा

    यह आयोजन साबित करता है कि युवा शक्ति और सामूहिक प्रयास से पर्यावरण में सकारात्मक और दीर्घकालिक बदलाव लाए जा सकते हैं।

  • Clean Drinking Water Facility Launched for Students: भिवंडी मनपा स्कूल में विद्यार्थियों के लिए स्वच्छ पेयजल सुविधा शुरू, जनकल्याण चैरिटेबल ट्रस्ट और एस.आर. ग्रुप की पहल

    Clean Drinking Water Facility Launched for Students: भिवंडी मनपा स्कूल में विद्यार्थियों के लिए स्वच्छ पेयजल सुविधा शुरू, जनकल्याण चैरिटेबल ट्रस्ट और एस.आर. ग्रुप की पहल

    राष्ट्रीय स्वाभिमान। संजय दुबे
    भिवंडी। जनकल्याण चैरिटेबल ट्रस्ट के माध्यम से एस.आर. ग्रुप ऑफ़ कंपनीज द्वारा भिवंडी महानगरपालिका स्कूल नंबर 54, रावजी नगर में विद्यार्थियों के लिए स्वच्छ पेयजल सुविधा उपलब्ध कराने हेतु एक अत्याधुनिक जल शुद्धिकरण मशीन का उद्घाटन किया गया।

    इस अवसर पर उद्घाटन समारोह के मुख्य उद्घाटक श्री रमाकांत पांडा तथा प्रमुख अतिथि पूर्व नगरसेवक संतोष शेट्टी, एडवोकेट हर्षल पाटिल और प्रशांत लाड उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने इस सामाजिक पहल की सराहना की और संस्थाओं के प्रयासों की प्रशंसा की।

    विद्यालय प्रशासन एवं उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों ने एस.आर. ग्रुप ऑफ़ कंपनीज के चेयरमैन रमाकांत पांडा, बिस्वारंजन पांडा और जनकल्याण चैरिटेबल ट्रस्ट के ट्रस्टी मंगेश यादव तथा विनोद येनागंदला के प्रति आभार व्यक्त किया।

    यह पहल विद्यार्थियों को सुरक्षित और स्वच्छ जल उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे उनके स्वास्थ्य और शैक्षणिक वातावरण में सकारात्मक सुधार की उम्मीद की जा रही है।