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  • तेज रफ्तार इलेक्ट्रिक कार का कहर, एक की मौत, 12 घायल

    तेज रफ्तार इलेक्ट्रिक कार का कहर, एक की मौत, 12 घायल

    नवी मुंबई। नवी मुंबई के तळोजा फेज-1 इलाके में मंगलवार को तेज रफ्तार इलेक्ट्रिक कार के अनियंत्रित होकर कई वाहनों से टकराने से एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि करीब 12 लोग घायल हो गए। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और लोगों की भीड़ घटनास्थल पर जुट गई।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, तेज रफ्तार इलेक्ट्रिक कार ने सड़क पर चल रही चार से पांच गाड़ियों को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि एक व्यक्ति ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।

    घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और बचाव दल मौके पर पहुंचे। सभी घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार जारी है। कुछ घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है।

    हादसे के बाद कार चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया। पुलिस ने कार को कब्जे में लेकर घटनास्थल का पंचनामा किया और मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। फरार चालक की तलाश के लिए आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है।

    इस हादसे के कई वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आए हैं, जिनमें दुर्घटना के बाद का भयावह दृश्य दिखाई दे रहा है। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी के पास घटना से जुड़ा कोई वीडियो या अन्य जानकारी हो तो जांच में सहयोग करें। पुलिस मामले की सभी पहलुओं से जांच कर रही है।

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    नवी मुंबई

    इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र की दिग्गज कंपनी Tesla ने नवी मुंबई के Nexus Seawoods Mall में अपना पहला इन-मॉल चार्जिंग स्टेशन लॉन्च कर दिया है। यह कदम भारत में कंपनी के तेजी से बढ़ते चार्जिंग नेटवर्क का हिस्सा है, जिससे इलेक्ट्रिक कार मालिकों को और अधिक सुविधा मिलेगी।

    इस नए चार्जिंग स्टेशन में कुल 8 चार्जर लगाए गए हैं, जिनमें

    • 4 V4 सुपरचार्जर (DC) शामिल हैं, जो 250 kW तक की स्पीड से चार्जिंग करते हैं
    • 4 डेस्टिनेशन चार्जर (AC) हैं, जो 11 kW की क्षमता प्रदान करते हैं

    यह सुविधा मॉल के B1 पार्किंग एरिया में उपलब्ध है, जहां ग्राहक शॉपिंग करते हुए आसानी से अपनी गाड़ी चार्ज कर सकते हैं।


    15 मिनट में 275 किमी की रेंज – लंबी यात्रा अब आसान

    Tesla के सुपरचार्जर की मदद से Tesla Model Y केवल 15 मिनट में लगभग 275 किलोमीटर तक की रेंज हासिल कर सकती है। इसका मतलब है कि नवी मुंबई से पुणे तक का सफर अब बिना किसी चिंता के किया जा सकता है।

    कंपनी का “Plug In, Charge and Go” सिस्टम बेहद आसान है और इसका अपटाइम 99.95% बताया गया है, जिससे यूजर्स को बिना रुकावट चार्जिंग अनुभव मिलता है।


    Tesla ऐप से पूरी प्रक्रिया कंट्रोल

    Tesla के मोबाइल ऐप के जरिए यूजर्स:

    • नजदीकी चार्जिंग स्टेशन ढूंढ सकते हैं
    • बैटरी प्री-कंडीशन कर सकते हैं
    • चार्जिंग स्टेटस मॉनिटर कर सकते हैं
    • पेमेंट और नोटिफिकेशन प्राप्त कर सकते हैं

    यह पूरी प्रक्रिया डिजिटल और बेहद सहज बनाई गई है।


    भारत में Tesla का नेटवर्क तेजी से बढ़ रहा

    इस नए स्टेशन के साथ अब Tesla भारत में:

    • 4 चार्जिंग स्टेशन
    • 20 सुपरचार्जर
    • 14 डेस्टिनेशन चार्जर संचालित कर रही है

    इससे पहले कंपनी Gurugram, Delhi और Mumbai में अपने स्टेशन शुरू कर चुकी है।


    मॉल में Tesla का पॉप-अप स्टोर भी शुरू

    Nexus Seawoods मॉल में Tesla ने एक पॉप-अप स्टोर भी शुरू किया है, जहां ग्राहक:

    • गाड़ियों को करीब से देख सकते हैं
    • टेस्ट ड्राइव ले सकते हैं
    • नई तकनीक और फीचर्स के बारे में जान सकते हैं

    यह स्टोर ग्राहकों को एक इंटरएक्टिव अनुभव देता है।


    कीमत और विजन

    भारत में Tesla Model Y की शुरुआती कीमत ₹59.89 लाख रखी गई है। साथ ही कंपनी होम चार्जिंग सपोर्ट भी दे रही है, जिससे ग्राहकों को पूरी तरह से सुविधाजनक अनुभव मिल सके।

  • नवी मुंबई में एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स की बड़ी कार्रवाई; 11 लाख की ‘एमडी’ के साथ दो गिरफ्तार

    नवी मुंबई में एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स की बड़ी कार्रवाई; 11 लाख की ‘एमडी’ के साथ दो गिरफ्तार


    नवी मुंबई
    नवी मुंबई में बढ़ते नशे के कारोबार पर लगाम कसते हुए एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स ने बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। पुलिस ने करीब 11 लाख रुपये की कीमत के ‘एमडी’ (मेफेड्रोन) ड्रग्स के साथ दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई से शहर में सक्रिय ड्रग्स नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है।

    सूत्रों के अनुसार, पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि कुछ लोग नवी मुंबई इलाके में बड़ी मात्रा में एमडी ड्रग्स बेचने की फिराक में हैं। सूचना के आधार पर टास्क फोर्स ने जाल बिछाकर संदिग्धों पर नजर रखी और सही मौके पर छापा मारकर दोनों आरोपियों को पकड़ लिया।

    तलाशी के दौरान आरोपियों के पास से 11 लाख रुपये की एमडी, मोबाइल फोन और अन्य आपत्तिजनक सामान बरामद किया गया। प्राथमिक जांच में सामने आया है कि आरोपी नवी मुंबई और आसपास के इलाकों में ड्रग्स सप्लाई करते थे।

    पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है। साथ ही इस पूरे रैकेट के पीछे के मास्टरमाइंड और अन्य शामिल लोगों की तलाश भी जारी है।

    👉 पुलिस का बयान:
    अधिकारियों ने बताया कि नवी मुंबई में ड्रग्स के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है और भविष्य में भी ऐसी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। नागरिकों से भी अपील की गई है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें।

    ⚠️ चिंता का विषय:
    हाल के दिनों में युवाओं के बीच एमडी जैसे सिंथेटिक ड्रग्स का चलन तेजी से बढ़ रहा है, जिसे रोकने के लिए पुलिस सख्ती के साथ-साथ जागरूकता अभियान भी चला रही है।

  • वाशी-सानपाड़ा में अवैध खुदाई पर बवाल: MSEDCL अधिकारियों पर FIR की मांग, करोड़ों की संपत्ति नुकसान का आरोप

    वाशी-सानपाड़ा में अवैध खुदाई पर बवाल: MSEDCL अधिकारियों पर FIR की मांग, करोड़ों की संपत्ति नुकसान का आरोप

    नवी मुंबई: वाशी और सानपाड़ा इलाके में बिना अनुमति किए जा रहे खुदाई कार्य को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। नवी मुंबई के उपमहापौर दशरथ भगत ने महाराष्ट्र राज्य विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड (MSEDCL) के संबंधित अधिकारियों के खिलाफ तत्काल आपराधिक मामला दर्ज करने की मांग की है। इस संबंध में उन्होंने गुरुवार को महापालिका आयुक्त को विस्तृत लिखित शिकायत सौंपी।


    बिना अनुमति खुदाई से सड़क और सार्वजनिक संपत्ति को भारी नुकसान

    शिकायत के अनुसार, वाशी के सेक्टर 30, 31, 31A और सानपाड़ा के सेक्टर 1 तथा 13 से 20 के बीच महापालिका की सड़कों, फुटपाथ और अन्य सार्वजनिक संपत्तियों पर बार-बार बिना अनुमति खुदाई की जा रही है। इस अवैध कार्य से न केवल बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंच रहा है, बल्कि शहर के विकास कार्यों में भी लगातार बाधा उत्पन्न हो रही है।

    भगत ने आरोप लगाया कि यह काम पूरी तरह नियमों के विरुद्ध हो रहा है, जिससे परियोजनाओं की गति धीमी पड़ रही है और उनके गुणवत्ता व सौंदर्य पर भी असर पड़ रहा है।


    केबल मैप और समन्वय की कमी से बढ़ी परेशानी

    मामले में यह भी सामने आया है कि संबंधित विभाग के पास भूमिगत केबल्स का सटीक नक्शा और समन्वय की कमी है। इसके कारण खुदाई के दौरान केबल्स को नुकसान पहुंचता है, जिससे बार-बार मरम्मत की नौबत आती है।

    केबल्स को समय पर शिफ्ट न करने और योजना में खामियों के चलते महापालिका के काम प्रभावित हो रहे हैं। भगत के अनुसार, इस लापरवाही के कारण महापालिका को सैकड़ों करोड़ रुपये का आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है।


    धूल प्रदूषण और नागरिकों के स्वास्थ्य पर असर

    अनियमित खुदाई के चलते सड़कों पर धूल का गुबार उठ रहा है, जिससे वायु प्रदूषण बढ़ रहा है। इसका सीधा असर स्थानीय नागरिकों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है।

    इसके अलावा, बिजली आपूर्ति से जुड़ी महापालिका की आवश्यक सेवाओं पर भी असर पड़ रहा है, जिससे शहरी और औद्योगिक गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं।


    FIR, नुकसान की भरपाई और रिपोर्ट की मांग

    उपमहापौर दशरथ भगत ने मांग की है कि:

    • संबंधित अधिकारियों के खिलाफ फौजदारी मामला दर्ज किया जाए
    • हुए आर्थिक नुकसान की भरपाई वसूली जाए
    • क्षतिग्रस्त संपत्तियों को तत्काल पूर्व स्थिति में बहाल किया जाए
    • पूरे मामले की विस्तृत जांच रिपोर्ट तैयार कर महासभा में पेश की जाए

    कार्रवाई नहीं हुई तो होगा बड़ा राजनीतिक मुद्दा

    भगत ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया, तो इसे महापालिका सभागृह में ‘लक्षवेधी’ के जरिए उठाया जाएगा। साथ ही, जरूरत पड़ने पर राज्य स्तर पर भी इस मुद्दे को आगे बढ़ाया जाएगा।

  • बैंकॉक–म्यांमार ट्रेनिंग के बाद मुंबई में करोड़ों की ठगी! नवी मुंबई साइबर पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय गिरोह का भंडाफोड़ किया

    बैंकॉक–म्यांमार ट्रेनिंग के बाद मुंबई में करोड़ों की ठगी! नवी मुंबई साइबर पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय गिरोह का भंडाफोड़ किया

    नवी मुंबई | शेयर मार्केट और IPO में निवेश के नाम पर करोड़ों की ठगी करने वाले एक अंतरराष्ट्रीय साइबर गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। साइबर पुलिस की कार्रवाई में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनसे पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं।

    कैसे हुआ पूरा मामला?

    गिरोह ने एक प्लेसमेंट और इंटर्नशिप कंपनी के मालिक को शेयर मार्केट में भारी मुनाफे का लालच दिया। अलग-अलग बहानों से उससे कुल ₹2,09,30,537 की रकम ठग ली गई। जब लंबे समय तक कोई रिटर्न नहीं मिला, तो पीड़ित ने साइबर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

    जांच में क्या सामने आया?

    जांच के दौरान पुलिस को सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के एक संदिग्ध खाते की जानकारी मिली, जो आर्शिल इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड के नाम पर नवी मुंबई में खोला गया था। टेक्निकल एनालिसिस के आधार पर पुलिस ने तुर्भे इलाके से सुशील भगवान जुवाटकर को हिरासत में लिया।

    पूछताछ में उसने खुलासा किया कि यह खाता उसने अपने साथियों पंकज कपूर और निश्चल बरेयली के कहने पर खोला था।

    बैंकॉक–म्यांमार में लिया था ट्रेनिंग

    तफ्तीश में यह भी सामने आया कि पंकज कपूर और निश्चल बरेयली पहले बैंकॉक और म्यांमार के कुख्यात साइबर फ्रॉड कॉल सेंटर्स में काम कर चुके हैं। वहां से ट्रेनिंग लेकर वे नवी मुंबई में नया कॉल सेंटर शुरू करने की तैयारी में थे।

    पुलिस ने क्या-क्या बरामद किया?

    पुलिस ने आरोपियों के पास से 6 मोबाइल फोन,2 लैपटॉप,3 पासपोर्ट,3 POS मशीन,24 बैंक अकाउंट खोलने के किट,12 नकली मुहरें, 2 हार्ड डिस्क भारी मात्रा में सामान जब्त किया है:

    पुलिस की बड़ी कामयाबी

    पुलिस ने इस केस में तीनों आरोपियों सुशील जुवाटकर, पंकज कपूर और निश्चल बरेयली को गिरफ्तार कर लिया है। साथ ही, तत्पर कार्रवाई करते हुए पीड़ित के ₹62 लाख अलग-अलग बैंक खातों में फ्रीज (होल्ड) करने में सफलता हासिल की गई है। आगे की जांच पुलिस उपनिरीक्षक प्रकाश कातकाडे और उनकी टीम कर रही है।

  • ‘फूलों की होली’ सम्पन , स्वामी बृजेशानंद महाराज का भव्य स्वागत

    ‘फूलों की होली’ सम्पन , स्वामी बृजेशानंद महाराज का भव्य स्वागत

    नवी मुंबई| कोपर खैरने सेक्टर-2 स्थित विश्व भारती इंग्लिश हाई स्कूल में ‘फूलों की होली’ कार्यक्रम धूमधाम से आयोजित किया गया, जिसमें मनकामेश्वर धाम के पीठाधीश स्वामी बृजेशानंद महाराज का भव्य स्वागत किया गया। अपने संबोधन में स्वामी जी ने तेजी से हो रहे विकास के बीच समाज में बढ़ती कुरीतियों और सांस्कृतिक बदलाव पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि युवाओं में भारतीय संस्कृति के प्रति घटती रुचि और माता-पिता के प्रति बदलता व्यवहार चिंता का विषय है।

    कार्यक्रम के दौरान बिना अनुमति की गई फुटपाथ खुदाई से बिजली केबल क्षतिग्रस्त हो गई, जिससे अचानक बिजली आपूर्ति ठप हो गई और भजन संध्या का आयोजन नहीं हो सका। जनरेटर की व्यवस्था होने के बावजूद अदालत के नियमों के चलते रात 10 बजे के बाद कार्यक्रम रोकना पड़ा, जिसके कारण गायक पवन मिश्रा प्रस्तुति दिए बिना ही लौट गए।

    इस अव्यवस्था से उपस्थित लोगों में नाराजगी देखने को मिली।आयोजकों रजनीश गौतम और दिवाकर पांडेय ने महावितरण और मनपा प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि गलत आश्वासन के कारण लोगों को करीब तीन घंटे अंधेरे में रहना पड़ा। उनका कहना था कि समय पर सही जानकारी मिलती तो पहले ही वैकल्पिक व्यवस्था की जा सकती थी

    ।इस अवसर पर आचार्य पं. राजनाथ द्विवेदी, ओमप्रकाश तिवारी, डी.एन. मिश्रा, प्रद्युमन सिंह, राकेश अग्रवाल, वरिष्ठ पत्रकार राकेश पांडेय , नगरसेविका सायली शिंदे, नगरसेवक प्रवीण म्हात्रे सहित कई गणमान्य लोगों ने स्वामी जी का शाल और पुष्पगुच्छ देकर सम्मान किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में स्कूल के संचालक संजीव सिंह और प्रिंसिपल साधना सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

  • Digital Thane: ठाणे जिले में डिजिटल प्रशासन की नई पहचान, डॉ. श्रीकृष्ण पांचाल की पहल को मुख्यमंत्री ने किया सम्मानित

    Digital Thane: ठाणे जिले में डिजिटल प्रशासन की नई पहचान, डॉ. श्रीकृष्ण पांचाल की पहल को मुख्यमंत्री ने किया सम्मानित

    ठाणे (संवाददाता): महाराष्ट्र के तेजी से विकसित हो रहे ठाणे जिले में डिजिटल प्रशासन (Digital Thane) का एक नया मॉडल सामने आया है। डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर के नेतृत्व में ‘ई-गवर्नेंस इम्प्रूवमेंट मिशन’ के तहत शुरू की गई पहलों ने प्रशासन को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और आम नागरिकों के लिए सुलभ बना दिया है।
    ‘सेवा संवाद’ और ‘डिजी संवाद’ जैसी पहलों के जरिए प्रशासन ने नागरिकों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर से राहत दी है। 15 अगस्त 2025 से शुरू ‘सेवा संवाद’ के तहत जिले के 873 ‘आपले सरकार’ सेवा केंद्रों पर QR कोड आधारित फीडबैक सिस्टम लागू किया गया है, जिससे नागरिक सीधे सेवाओं की गुणवत्ता, शुल्क और व्यवहार पर अपनी राय दर्ज कर सकते हैं। वहीं, WhatsApp आधारित ‘डिजी संवाद’ (9930001185) प्लेटफॉर्म ने 24×7 शिकायत दर्ज करने और उसे ट्रैक करने की सुविधा देकर प्रशासन को और अधिक रिस्पॉन्सिव बनाया है।


    इतिहास और भूमि प्रबंधन के क्षेत्र में भी ठाणे प्रशासन ने उल्लेखनीय कार्य किया है। ‘ई-संजीवन’ सिस्टम के माध्यम से 1890 से अब तक के जन्म और मृत्यु रिकॉर्ड को AI और ब्लॉकचेन तकनीक से सुरक्षित किया गया है। साथ ही ‘राजभूमि’ पोर्टल के जरिए सरकारी जमीनों का जियो-रेफरेंसिंग आधारित डिजिटल मैनेजमेंट शुरू कर अवैध कब्जों और लैंड माफिया पर अंकुश लगाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है।
    स्वास्थ्य, शिक्षा और बुनियादी ढांचे की सेवाओं को भी डिजिटल मैपिंग के जरिए आम नागरिकों के लिए सुलभ बनाया गया है। जिला अस्पताल, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सरकारी स्कूल और सड़क नेटवर्क जैसी सुविधाओं की जानकारी अब एक क्लिक पर उपलब्ध है, जिससे आपदा प्रबंधन और भविष्य की योजना अधिक वैज्ञानिक तरीके से संभव हो पाई है।

    इसी उत्कृष्ट कार्य के लिए ‘150 Days of e-Governance Improvement’ कार्यक्रम के अंतर्गत ठाणे जिला प्रशासन के अधिकारियों को मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis द्वारा सम्मानित किया गया। इस अवसर पर Ranjit Yadav, Ashutosh Dumbre, Manisha Awhale, Dr. D. Swami और Sunil Pawar को भी सम्मानित किया गया।
    ठाणे जिले में लागू यह ई-गवर्नेंस मॉडल न केवल तकनीकी बदलाव का उदाहरण है, बल्कि प्रशासनिक कार्यशैली में एक व्यापक और सकारात्मक परिवर्तन का प्रतीक बनकर उभरा है, जिससे आम नागरिकों का समय, पैसा और श्रम तीनों की बचत हो रही है।

  • Navi Mumbai: पुलिस का कॉम्बिंग ऑपरेशन: देसी कट्टा, कारतूस और ब्राउन शुगर बरामद, एक गिरफ्तार

    Navi Mumbai: पुलिस का कॉम्बिंग ऑपरेशन: देसी कट्टा, कारतूस और ब्राउन शुगर बरामद, एक गिरफ्तार

    नवी मुंबई।नवी मुंबई में अपराध और अवैध गतिविधियों पर लगाम कसने के लिए रबाळे पुलिस ने बड़े स्तर पर कॉम्बिंग ऑपरेशन चलाया। इस अभियान के दौरान पुलिस ने नशे के कारोबार, अवैध शराब, गुटखा बिक्री और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए 14 आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामले दर्ज किए हैं। वहीं एक आरोपी को देसी कट्टा और जिंदा कारतूस के साथ गिरफ्तार किया गया है।

    यह विशेष कॉम्बिंग ऑपरेशन पुलिस आयुक्त मिलिंद भारंबे और पुलिस उपायुक्त (परिमंडल-1) पंकज डहाणे के मार्गदर्शन में चलाया गया। अभियान में परिमंडल-1 के अंतर्गत आने वाले सात पुलिस थानों के अधिकारी और कर्मचारी बड़ी संख्या में शामिल हुए। इसमें 4 पुलिस निरीक्षक, 16 सहायक पुलिस निरीक्षक (API) और करीब 184 पुलिसकर्मियों ने संयुक्त रूप से कार्रवाई की।

    वाहनों की जांच करती पुलिस

    पुलिस ने यह अभियान नोसिल नाका, अर्जुनवाड़ी, घनसोली साईनाथवाड़ी और रबाळे क्षेत्र में चलाया। इस दौरान संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखते हुए कई स्थानों पर एक साथ मास रेड की गई। पुलिस की इस कार्रवाई से अवैध धंधों में संलिप्त लोगों में हड़कंप मच गया।

    पुलिस आयुक्तालय की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत नशे के कारोबारियों, नशा करने वालों, अवैध शराब बेचने वालों, गुटखा तस्करों और जुआ क्लब संचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई। इसके साथ ही अवैध रूप से रहने वाले बांग्लादेशी और नाइजीरियन नागरिकों की जांच भी की गई। पुलिस ने होटल और लॉज में ठहरे संदिग्ध व्यक्तियों की जांच करते हुए उनके दस्तावेजों की भी पड़ताल की।

    अभियान के दौरान पुलिस ने कई जगह नाकाबंदी कर वाहनों की भी सघन जांच की। कुल 229 वाहनों की जांच की गई, जिनमें से नियमों का उल्लंघन करने वाले 92 वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की गई। इसके अलावा 22 संदिग्ध अपराधियों की पहचान कर उनकी जांच की गई। वहीं 12 वांछित आरोपियों की भी जांच की गई, जिनमें से एक आरोपी को गिरफ्तार करने में पुलिस को सफलता मिली।

    कार्रवाई के दौरान विभिन्न कानूनों के तहत कई मामले दर्ज किए गए। शराबबंदी कानून की धारा 65(E) के तहत 1 मामला दर्ज किया गया, जबकि एनडीपीएस एक्ट के तहत नशा सेवन के 5 मामले और नशा रखने का 1 मामला सामने आया। इसके अलावा अवैध गुटखा बिक्री के 2 मामले दर्ज किए गए, वहीं भारतीय दंड संहिता की धारा 285 के तहत 4 मामले दर्ज किए गए।

    सबसे बड़ी कार्रवाई उस समय सामने आई जब पुलिस ने एक आरोपी को पकड़कर उसके पास से एक देसी कट्टा, दो जिंदा कारतूस और ब्राउन शुगर की करीब 100 पुड़िया बरामद की। आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट और एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है।

  • Love angle: बॉयफ्रेंड ने नंबर किया ब्लॉक, प्रेमिका ने खाड़ी में लगाई छलांग; मछुआरों ने बचाई जान

    नवी मुंबई | संवाददाता

    नवी मुंबई के वाशी खाड़ी ब्रिज से एक युवती द्वारा खाड़ी में छलांग लगाकर आत्महत्या करने का प्रयास करने का मामला मंगलवार सुबह सामने आया। हालांकि मौके पर मौजूद स्थानीय मछुआरों की सतर्कता और बहादुरी के कारण युवती की जान बचा ली गई।

    प्राथमिक जानकारी के अनुसार, प्रेम संबंध में विवाद ((Love angle) के चलते युवती ने यह कदम उठाया। बताया जा रहा है कि उसके बॉयफ्रेंड ने उसका फोन नंबर ब्लॉक कर दिया था, जिससे आहत होकर उसने वाशी खाड़ी पुल से खाड़ी में छलांग लगा दी।

    घटना के समय आसपास मौजूद मछुआरों ने तुरंत सतर्कता दिखाते हुए पानी में उतरकर युवती को सुरक्षित बाहर निकाल लिया और उसकी जान बचा ली।

    घटना की सूचना मिलते ही वाशी पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने युवती को इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल भेज दिया है और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है।

  • Navimumbai: ऐरोली में महावितरण की कार्रवाई पर विवाद: बकाया के नाम पर मीटर हटाने से नागरिकों में आक्रोश

    Navimumbai: ऐरोली में महावितरण की कार्रवाई पर विवाद: बकाया के नाम पर मीटर हटाने से नागरिकों में आक्रोश

    नवी मुंबई: ऐरोली सेक्टर-15 में महाराष्ट्र राज्य विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड (महावितरण) की बकाया बिल वसूली के नाम पर मीटर हटाने की कार्रवाई ने स्थानीय नागरिकों में भारी नाराजगी पैदा कर दी है। उपभोक्ताओं का आरोप है कि महावितरण के ठेकेदार और कुछ कर्मचारी बिना किसी पूर्व सूचना या नोटिस के घरों और दुकानों के बाहर लगे बिजली मीटर निकालकर ले जा रहे हैं।

    स्थानीय रहिवाशों का कहना है कि मीटर हटाने की यह कार्रवाई नियमों के विपरीत हो रही है। कई लोगों ने बताया कि मीटर हटाते समय कर्मचारियों द्वारा कोई नोटिस या सूचना नहीं दी जाती, और जब इसके कारण पूछे जाते हैं तो केवल बकाया बिल की वजह बताई जाती है। उपभोक्ताओं का कहना है कि इस तरह की कार्रवाई से पहले नोटिस देना और समय देना आवश्यक है, लेकिन महावितरण की टीम सीधे मीटर निकाल लेती है।

    सामाजिक कार्यकर्ता विठ्ठल बबन बांगर ने भी इस मामले में महावितरण प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि कई उपभोक्ता मौके पर ही बकाया बिल भरने के लिए तैयार हो जाते हैं, लेकिन मीटर वापस लगाने में देरी की जाती है। इससे लोगों को महावितरण कार्यालय के कई चक्कर लगाने पड़ते हैं और अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

    नागरिकों ने बिल वितरण व्यवस्था में भी गड़बड़ी की शिकायत की है। कई सोसायटियों में घर-घर बिल नहीं पहुंचाया जाता, बल्कि बंडल किसी कोने में छोड़ दिया जाता है। इससे समय पर बिल न मिलने के कारण बाद में बकाया के नाम पर कार्रवाई होती है और उपभोक्ताओं पर दबाव बनता है।

    विठ्ठल बांगर ने चेतावनी दी है कि यदि इस मामले में जल्द ही जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदारों पर कार्रवाई नहीं की गई, तो नागरिक आंदोलन की राह अपनाने पर मजबूर होंगे। नागरिक अब इस मामले की शिकायत राज्य के ऊर्जा विभाग, महावितरण के वरिष्ठ अधिकारियों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से करने की तैयारी में हैं।

    स्थानीय लोगों का कहना है कि बिना सूचना किसी के परिसर से मीटर हटाना उपभोक्ताओं के अधिकारों का उल्लंघन है और इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। अब यह देखना होगा कि महावितरण प्रशासन इस विवाद पर क्या स्पष्टीकरण देता है और भविष्य में ऐसी कार्रवाई रोकने के लिए क्या कदम उठाता है।