Digital Thane: ठाणे जिले में डिजिटल प्रशासन की नई पहचान, डॉ. श्रीकृष्ण पांचाल की पहल को मुख्यमंत्री ने किया सम्मानित

ठाणे (संवाददाता): महाराष्ट्र के तेजी से विकसित हो रहे ठाणे जिले में डिजिटल प्रशासन (Digital Thane) का एक नया मॉडल सामने आया है। डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर के नेतृत्व में ‘ई-गवर्नेंस इम्प्रूवमेंट मिशन’ के तहत शुरू की गई पहलों ने प्रशासन को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और आम नागरिकों के लिए सुलभ बना दिया है।
‘सेवा संवाद’ और ‘डिजी संवाद’ जैसी पहलों के जरिए प्रशासन ने नागरिकों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर से राहत दी है। 15 अगस्त 2025 से शुरू ‘सेवा संवाद’ के तहत जिले के 873 ‘आपले सरकार’ सेवा केंद्रों पर QR कोड आधारित फीडबैक सिस्टम लागू किया गया है, जिससे नागरिक सीधे सेवाओं की गुणवत्ता, शुल्क और व्यवहार पर अपनी राय दर्ज कर सकते हैं। वहीं, WhatsApp आधारित ‘डिजी संवाद’ (9930001185) प्लेटफॉर्म ने 24×7 शिकायत दर्ज करने और उसे ट्रैक करने की सुविधा देकर प्रशासन को और अधिक रिस्पॉन्सिव बनाया है।


इतिहास और भूमि प्रबंधन के क्षेत्र में भी ठाणे प्रशासन ने उल्लेखनीय कार्य किया है। ‘ई-संजीवन’ सिस्टम के माध्यम से 1890 से अब तक के जन्म और मृत्यु रिकॉर्ड को AI और ब्लॉकचेन तकनीक से सुरक्षित किया गया है। साथ ही ‘राजभूमि’ पोर्टल के जरिए सरकारी जमीनों का जियो-रेफरेंसिंग आधारित डिजिटल मैनेजमेंट शुरू कर अवैध कब्जों और लैंड माफिया पर अंकुश लगाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है।
स्वास्थ्य, शिक्षा और बुनियादी ढांचे की सेवाओं को भी डिजिटल मैपिंग के जरिए आम नागरिकों के लिए सुलभ बनाया गया है। जिला अस्पताल, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सरकारी स्कूल और सड़क नेटवर्क जैसी सुविधाओं की जानकारी अब एक क्लिक पर उपलब्ध है, जिससे आपदा प्रबंधन और भविष्य की योजना अधिक वैज्ञानिक तरीके से संभव हो पाई है।

इसी उत्कृष्ट कार्य के लिए ‘150 Days of e-Governance Improvement’ कार्यक्रम के अंतर्गत ठाणे जिला प्रशासन के अधिकारियों को मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis द्वारा सम्मानित किया गया। इस अवसर पर Ranjit Yadav, Ashutosh Dumbre, Manisha Awhale, Dr. D. Swami और Sunil Pawar को भी सम्मानित किया गया।
ठाणे जिले में लागू यह ई-गवर्नेंस मॉडल न केवल तकनीकी बदलाव का उदाहरण है, बल्कि प्रशासनिक कार्यशैली में एक व्यापक और सकारात्मक परिवर्तन का प्रतीक बनकर उभरा है, जिससे आम नागरिकों का समय, पैसा और श्रम तीनों की बचत हो रही है।

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