Category: GRP

  • Central Railway Vigilence Catches CTI Manoj Kumar Saha: मध्य रेलवे विजलेंस ने मुम्बई डिवीजन के सीटीआई मनोज कुमार सहा को घूस के 15 हज़ार रुपए के साथ दबोचा

    Central Railway Vigilence Catches CTI Manoj Kumar Saha: मध्य रेलवे विजलेंस ने मुम्बई डिवीजन के सीटीआई मनोज कुमार सहा को घूस के 15 हज़ार रुपए के साथ दबोचा

    पवन एक्सप्रेस में यात्रियों को सीट दिलाने के नाम पर 15 हजार रुपये की कथित रिश्वत लेते सीएसएमटी के सीटीआई को मध्य रेलवे विजिलेंस ने भुसावल स्टेशन पर पकड़ा

    मुंबई। मध्य रेलवे विजिलेंस ने ट्रेनों में यात्रियों को सीट दिलाने के नाम पर रिश्वत लेने वाले टिकट जांच कर्मचारियों (टीटीई/सीटीआई) के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है। इसी क्रम में विजिलेंस टीम ने मुंबई मंडल के छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (सीएसएमटी) में पदस्थापित सीटीआई मनोज कुमार साहा को 15 हजार रुपये की कथित रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया।(Central Railway Vigilence Catches CTI Manoj Kumar Saha)

    जानकारी के अनुसार, यह कार्रवाई 11 जुलाई 2026 को लोकमान्य तिलक टर्मिनस (एलटीटी) से भुसावल जाने वाली ट्रेन संख्या 11061 डाउन पवन एक्सप्रेस में की गई। विजिलेंस टीम ने भुसावल स्टेशन पर मनोज कुमार साहा को कथित रूप से रिश्वत की रकम के साथ दबोच लिया।

    सूत्रों के अनुसार, मध्य रेलवे विजिलेंस पिछले दो महीनों से रिश्वतखोरी में लिप्त टिकट जांच कर्मचारियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है। इसके बावजूद कुछ कर्मचारियों द्वारा यात्रियों को सीट उपलब्ध कराने के बदले अवैध वसूली किए जाने की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं।

    इस ताजा कार्रवाई के बाद रेलवे में टिकट जांच व्यवस्था की पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। अब आगे की विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई विजिलेंस की जांच रिपोर्ट के आधार पर की जाएगी।

  • Ghodbunder Road Heavy Vehicle Ban: घोड़बंदर रोड पर 30 घंटे भारी वाहनों की एंट्री बंद, ट्रैफिक पुलिस ने जारी किया डायवर्जन प्लान

    Ghodbunder Road Heavy Vehicle Ban: घोड़बंदर रोड पर 30 घंटे भारी वाहनों की एंट्री बंद, ट्रैफिक पुलिस ने जारी किया डायवर्जन प्लान

    11 जुलाई शाम 6 बजे से 12 जुलाई रात 11:59 बजे तक रोड मरम्मत कार्य; आवश्यक सेवाओं के वाहनों को छूट

    ठाणे। मीरा-भायंदर महानगरपालिका द्वारा घोड़बंदर रोड पर सड़क मरम्मत कार्य किए जाने के कारण 11 जुलाई 2026 की शाम 6 बजे से 12 जुलाई 2026 की रात 11:59 बजे तक विशेष यातायात व्यवस्था लागू की गई है। इस अवधि में छह पहिया एवं उससे बड़े भारी वाहनों के आवागमन पर प्रतिबंध रहेगा। ट्रैफिक पुलिस ने जाम से बचने के लिए वैकल्पिक मार्ग निर्धारित किए हैं और वाहन चालकों से सहयोग की अपील की है।

    यातायात पुलिस के अनुसार मुंबई, ठाणे, मुंब्रा, कलवा और नासिक की ओर से घोड़बंदर रोड आने वाले सभी छह पहिया एवं उससे बड़े भारी वाहनों की एंट्री वाय जंक्शन, खारेगांव टोल प्लाजा, मानकोली, अंजुरफाटा और कशेली जैसे प्रमुख स्थानों पर प्रतिबंधित रहेगी। इन वाहनों को निर्धारित वैकल्पिक मार्गों से होकर अपने गंतव्य तक पहुंचना होगा।

    हालांकि, पुलिस वाहन, फायर ब्रिगेड, एंबुलेंस, ग्रीन कॉरिडोर तथा अन्य आवश्यक सेवाओं से जुड़े वाहनों को इस प्रतिबंध से मुक्त रखा गया है, ताकि आपातकालीन सेवाओं पर किसी प्रकार का प्रभाव न पड़े।

    ट्रैफिक पुलिस उपायुक्त पंकज शिरसाट ने मोटर वाहन अधिनियम के तहत यह अधिसूचना जारी करते हुए नागरिकों और वाहन चालकों से अपील की है कि वे ट्रैफिक पुलिस का सहयोग करें, यात्रा से पहले वैकल्पिक मार्गों की जानकारी लें और उसी के अनुसार अपनी यात्रा की योजना बनाएं।

  • CSMT Parcel Transfer Row Raises Vigilance and Administrative Concerns: क्या ट्रांसफर रोकने के लिए सीएसएमटी पार्सल में कार्यरत शैलेन्द्र पंडित ने शिकायत को बनाया हथियार?

    CSMT Parcel Transfer Row Raises Vigilance and Administrative Concerns: क्या ट्रांसफर रोकने के लिए सीएसएमटी पार्सल में कार्यरत शैलेन्द्र पंडित ने शिकायत को बनाया हथियार?

    ” विजिलेंस पर दबाव डालने की कोशिश या प्रशासन को खुली चुनौती!”–सीएसएमटी पार्सल प्रकरण ने उठाया सवाल

    सीएसएमटी पार्सल विभाग में स्थानांतरण के बाद जीआरपी शिकायत से मचा बवाल, विजिलेंस कार्रवाई और प्रशासनिक तंत्र पर उठे गंभीर सवाल
    सीएसएमटी पार्सल विभाग में स्थानांतरण के बाद जीआरपी शिकायत से मचा बवाल, विजिलेंस कार्रवाई और प्रशासनिक तंत्र पर उठे गंभीर सवाल

    मुंबई: मध्य रेलवे के मुंबई डिवीजन(CR Mumbai Division) स्थित छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (सीएसएमटी) के पार्सल विभाग में सामने आया विवाद अब एक कर्मचारी के स्थानांतरण से कहीं आगे बढ़ चुका है। यह मामला रेलवे की प्रशासनिक पारदर्शिता, विजिलेंस तंत्र की स्वतंत्रता और शिकायत प्रणाली के संभावित दुरुपयोग जैसे गंभीर मुद्दों को केंद्र में ले आया है।

    सूत्रों के अनुसार, विजिलेंस की अनुशंसा के आधार पर सीएसएमटी पार्सल सीबीएस बैच इंचार्ज शैलेन्द्र पंडित का स्थानांतरण सीएसएमटी से शिवुड़–दारावे स्टेशन किया गया। लेकिन स्थानांतरण आदेश जारी (CSMT Parcel Transfer Row Raises Vigilance and Administrative Concerns) होने के तुरंत बाद 11 फरवरी 2026 को सीएसएमटी जीआरपी में वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराए जाने से पूरे घटनाक्रम पर सवाल खड़े हो गए हैं।

    https://epaper.rashtriyaswabhimaan.com/view/501/rashtriya-swabhimaan

    जीआरपी में प्रस्तुत शिकायत(Complain) में मुंबई डिवीजन के सीनियर डीसीएम डॉ. शिवराज मानसपुरे, मध्य रेलवे के डिप्टी सीवीओ (ट्रैफिक) प्रदीप हिरडे तथा चीफ विजिलेंस इंस्पेक्टर सुमित दूधे के नाम शामिल बताए जा रहे हैं। रेलवे के जानकार अधिकारियों का कहना है कि अनुशासनात्मक कार्रवाई के तुरंत बाद इस प्रकार की शिकायत दर्ज होना सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा नहीं माना जा सकता। इससे यह आशंका भी व्यक्त की जा रही है कि कहीं यह कदम विभागीय कार्रवाई को प्रभावित करने या दबाव बनाने की रणनीति तो नहीं।

    पहले से दर्ज थीं अनियमितताएँ

    • दस्तावेजों के अनुसार, संबंधित कर्मचारी की कार्यप्रणाली को लेकर पूर्व में भी आपत्तियाँ दर्ज की जा चुकी थीं।
    • 23 अप्रैल 2025 को निरीक्षण में अनियमितता दर्ज होने की बात सामने आई।
    • 25 जून 2025 को ड्यूटी से अनुपस्थित पाए जाने का उल्लेख रिकॉर्ड में है।
    • ड्यूटी मस्टर में नाम का कॉलम खाली छोड़ने और बाद में हस्ताक्षर करने की प्रवृत्ति भी नोट की गई।
    • 3 अगस्त 2025 को सीआरबी निरीक्षण के दौरान अनुपस्थिति के बाद चेतावनी जारी किए जाने की जानकारी भी सामने आई है।

    इन्हीं तथ्यों के आधार पर चार्जशीट और बाद में स्थानांतरण आदेश जारी किए जाने की बात कही जा रही है।

    एसोसिएशन की मान्यता पर भी प्रश्न

    मामले का एक और संवेदनशील पहलू यह है कि शिकायत पत्र ‘ऑल इंडिया एससी एंड एसटी रेलवे एम्प्लॉइज एसोसिएशन’ के नाम से प्रस्तुत किया गया है। हालांकि, रेलवे के अंदरूनी सूत्रों के अनुसार संबंधित संगठन की रेलवे बोर्ड से मान्यता को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। यदि संगठन की वैधता संदिग्ध पाई जाती है, तो यह मामला फर्जी संगठन के नाम पर दबाव बनाने तक जा सकता है।

    क्या शिकायत तंत्र बन रहा है ‘ढाल’?

    रेलवे के भीतर अब यह चर्चा तेज है कि क्या अनुशासनात्मक कार्रवाई को प्रभावित करने के लिए शिकायत प्रणाली का उपयोग एक ‘ढाल’ के रूप में किया गया। यदि हर विभागीय जांच या स्थानांतरण के बाद इसी तरह की रणनीति अपनाई जाती है, तो निष्पक्ष कार्रवाई करने वाले अधिकारियों के लिए भय और असुरक्षा का वातावरण बन सकता है।

    एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर कहा कि यदि जांच एजेंसियों और विजिलेंस अधिकारियों को ही कटघरे में खड़ा कर दिया जाएगा, तो भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के खिलाफ कार्रवाई करना कठिन हो जाएगा। यह केवल एक कर्मचारी बनाम प्रशासन का मामला नहीं, बल्कि संस्थागत व्यवस्था की विश्वसनीयता का प्रश्न है।

    रेलवे प्रशासन के लिए चेतावनी संकेत

    यह प्रकरण रेलवे के शीर्ष नेतृत्व के लिए एक स्पष्ट चेतावनी है। यदि विजिलेंस की अनुशंसा पर की गई कार्रवाई को शिकायतों के माध्यम से दबाने की प्रवृत्ति बढ़ती है, तो भविष्य में ईमानदार और कर्तव्यनिष्ठ अधिकारियों का मनोबल प्रभावित हो सकता है।

    रेलवे को चाहिए कि:

    • शिकायत की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच कराए।
    • विजिलेंस कार्रवाई के तथ्यों को पारदर्शी तरीके से सार्वजनिक करे (नियमों के दायरे में)।
    • एसोसिएशन की मान्यता की सत्यता की जांच कर स्पष्ट स्थिति सामने लाए।
    • ईमानदार अधिकारियों को संस्थागत संरक्षण प्रदान करे।

    यदि समय रहते स्पष्ट और दृढ़ रुख नहीं अपनाया गया, तो यह मामला भविष्य में अनुशासनात्मक प्रक्रिया को कमजोर करने वाली मिसाल बन सकता है।

    अब सबकी निगाहें रेलवे बोर्ड और मध्य रेलवे के शीर्ष प्रशासन पर टिकी हैं कि वे संस्थागत साख को मजबूत करते हैं या यह प्रकरण भी फाइलों में सिमट कर रह जाता है।

  • Mahanagar Palika 2026: ‘सात संकल्प, नई शुरुआत’, पिंपरी-चिंचवड़ के लिए अजित पवार का घोषणापत्र जारी

    Mahanagar Palika 2026: ‘सात संकल्प, नई शुरुआत’, पिंपरी-चिंचवड़ के लिए अजित पवार का घोषणापत्र जारी

    पिंपरी-चिंचवड़: नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उपमुख्यमंत्री अजितदादा पवार ने पिंपरी-चिंचवड़ महानगरपालिका चुनाव के लिए पार्टी का घोषणापत्र ‘सात संकल्प, एक नई शुरुआत’ के नारे के साथ जारी किया। इस घोषणापत्र में शहर की बुनियादी समस्याओं को ध्यान में रखते हुए विकास का स्पष्ट रोडमैप पेश किया गया है।

    घोषणापत्र में रोज़ाना जलापूर्ति, बेहतर सड़कें, ट्रैफिक प्रबंधन, स्वच्छता, स्वास्थ्य, शिक्षा और पारदर्शी विकास योजना जैसे मुद्दों पर ठोस वादे किए गए हैं। पार्टी का दावा है कि यह घोषणापत्र छह महीने के ऑन-ग्राउंड सर्वे, वार्ड-स्तरीय संवाद और नागरिकों से सीधी बातचीत के आधार पर तैयार किया गया है। इस दौरान नागरिकों की प्रमुख मांगों नियमित पानी की आपूर्ति, तेज़ और सुरक्षित परिवहन, स्वच्छ वातावरण, सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं और प्रत्यक्ष आर्थिक राहत को घोषणापत्र में प्राथमिकता दी गई है।

    सात प्रमुख संकल्प

    • रोज़ाना स्वच्छ जलापूर्ति
      हर घर में तय समय पर हाई-प्रेशर नल से पानी, टैंकर निर्भरता खत्म करना, लीकेज-फ्री पाइपलाइन, नदियों का पुनर्जीवन और बाढ़ नियंत्रण के उपाय।
    • ट्रैफिक-फ्री और गड्ढा-मुक्त पीसीएमसी
      सड़कों की समयबद्ध मरम्मत, गुणवत्ता की ज़िम्मेदारी ठेकेदारों पर, डिजिटल शिकायत प्रणाली, मेट्रो रूट और फ्लाईओवर परियोजनाओं की पारदर्शी निगरानी।
    • देश का सबसे स्वच्छ शहर
      100% कचरा पृथक्करण, वैज्ञानिक निपटान, ज़ीरो लैंडफिल और स्वच्छता के लिए हाउसिंग सोसाइटियों की सक्रिय भागीदारी।
    • सस्ते और हाई-टेक हेल्थकेयर सेंटर
      बड़े अस्पताल, नए मेडिकल संस्थान, 100 सब-अर्बन क्लिनिक, किफायती जांच और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए मजबूत स्वास्थ्य सुविधाएं।
      -पारदर्शी विकास योजना (DP)
      मौजूदा ड्राफ्ट डीपी को रद्द कर नागरिकों की भागीदारी से नई योजना, कानूनी घरों की सुरक्षा और विस्थापन के बजाय पुनर्वास पर ज़ोर।
    • पीसीएमसी मॉडल स्कूल
      100 आधुनिक नगर निगम स्कूल-राष्ट्रीय मानकों की शिक्षा, आधुनिक उपकरण, प्रशिक्षित शिक्षक और निःशुल्क सुविधाएं।
      -सीधी राहत और ज़िम्मेदार शासन
      मुफ़्त मेट्रो-बस यात्रा, छोटे घर मालिकों को प्रॉपर्टी टैक्स में छूट, छात्रों को टैबलेट, महिलाओं के लिए बिना ब्याज ऋण योजना तथा खेल-संस्कृति को प्रोत्साहन।

    -एक्शन-ओरिएंटेड विज़न डॉक्यूमेंट
    अजित पवार ने कहा कि ये सात संकल्प छत्रपति शिवाजी महाराज के लोककल्याणकारी शासन, छत्रपति शाहू महाराज के सामाजिक न्याय, महात्मा फुले के शिक्षा-समानता के विचार और डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर के समता सिद्धांत से प्रेरित हैं। बढ़ती महंगाई और आर्थिक दबावों के बीच यह घोषणापत्र नागरिकों को सीधी राहत, मजबूत बुनियादी ढांचा और आत्मनिर्भर शहर की दिशा में ले जाने का संकल्प दर्शाता है। एनसीपी का यह घोषणापत्र नारों से अधिक एक्शन-ओरिएंटेड विज़न डॉक्यूमेंट के रूप में पेश किया गया है।

  • Swachchhata Pakhwada: रेलवे पर ‘स्वच्छता पखवाड़ा’ के तहत चला गहन सफाई अभियान

    Swachchhata Pakhwada: रेलवे पर ‘स्वच्छता पखवाड़ा’ के तहत चला गहन सफाई अभियान

    नई दिल्ली। भारतीय रेलवे में 1 से 15 अक्टूबर 2025 तक ‘स्वच्छता पखवाड़ा’ अभियान चलाया जा रहा है। इस दौरान स्टेशनों और ट्रेनों पर गहन सफाई और स्वच्छता जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

    अभियान के तहत विभिन्न स्टेशनों पर नालियों और शौचालयों की गहन सफाई की गई। यात्रियों और आम लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए।

    रेलवे ने गीले और सूखे कचरे के पृथक्करण को बढ़ावा देने के लिए स्टेशनों पर अलग-अलग रंग के कूड़ेदान लगाए हैं। इसके साथ ही प्लास्टिक उपयोग को हतोत्साहित करने और प्रमुख स्टेशनों को प्लास्टिक-मुक्त बनाने के लिए भी विशेष प्रयास किए जा रहे हैं।

    अधिकारियों ने बताया कि प्लेटफॉर्म और परिसरों को ‘शून्य अपशिष्ट क्षेत्र’ बनाने के लिए कूड़ा-कचरा मुक्त अभियान चलाया गया है। स्टेशनों पर प्लास्टिक बोतल क्रशर मशीनें भी लगाई गई हैं, ताकि फेंकी गई बोतलों से जल निकासी या नाली में समस्या न हो।

    रेलवे ने कहा कि यह अभियान केवल स्टेशनों की सफाई के लिए नहीं है, बल्कि यात्रियों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने का भी प्रयास है।

  • मुंबई में लोकल ट्रेनों और स्टेशनों पर चोरी करने वाले 9 आरोपियों को रेलवे पुलिस ने गिरफ्तार किया

    मुंबई में लोकल ट्रेनों और स्टेशनों पर चोरी करने वाले 9 आरोपियों को रेलवे पुलिस ने गिरफ्तार किया

    शिवदिनेश शर्मा

    मुंबई। रेलवे पुलिस आयुक्त राकेश कलासागर के नेतृत्व में मुंबई की लोकल ट्रेनों और रेलवे स्टेशनों पर चोरी करने वाले 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। यह कार्रवाई छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस, दादर, ठाणे, वडाला और कुर्ला तिलक टर्मिनस पुलिस स्टेशनों में की गई।
    ठाणे रेलवे पुलिस ने सबसे अधिक कार्रवाई करते हुए 4 आरोपियों को हिरासत में लिया।

    गिरफ्तार आरोपियों की जानकारी:
    • अभिजीत कस्टो सोहन नाग – छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस, पश्चिम बंगाल
    • साईं सुनील पवार उर्फ शुभम – दादर, सूरत (गुजरात)
    • मोहम्मद अफ़ज़ल ज़हीर मोहम्मद अंसारी – मोबाइल चोरी
    • धनंजय ओमप्रकाश शुक्ला – जौनपुर (उत्तर प्रदेश)
    • शंकर निर्मल शाह – असम
    • अलमास सादिक शेख – वडाला, बांद्रा
    • कमलेश हरिजन – तिलक टर्मिनस, कुर्ला
    रेलवे पुलिस ने बताया कि ये सभी आरोपी पहले किसी प्रतिबंधक कार्रवाई में शामिल नहीं रहे हैं।
    यह कार्रवाई 29 अगस्त की रात की गई और रेलवे पुलिस ने कहा कि सभी आरोपियों के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

  • मुंबई शॉक: कुशीनगर एक्सप्रेस में 3 साल के मासूम का शव मिला, हत्या का राज खुला;आरोपी भाई गिरफ्तार

    मुंबई शॉक: कुशीनगर एक्सप्रेस में 3 साल के मासूम का शव मिला, हत्या का राज खुला;आरोपी भाई गिरफ्तार

    राष्ट्रीय स्वाभिमान। शिवदिनेश शर्मा

    मुंबई: दिल दहला देने वाली घटना! कुशीनगर एक्सप्रेस के बी2 एसी कोच के शौचालय में सिर्फ 3 साल का मासूम बच्चा मृत पाया गया। शव की पहचान सूरत के अमरोली के रहने वाले बच्चे के रूप में हुई। जानकारी के अनुसार, यह मासूम रात को लापता हुआ था। उसके माता-पिता ने 22 अगस्त को अमरोली पुलिस में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। लेकिन मुंबई में इस खौफनाक खोज ने सबको हिला कर रख दिया। पुलिस की प्रारंभिक जांच में पता चला कि बच्चे की गला घोंटकर बेरहमी से हत्या की गई थी। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि हत्या करने वाला मासूम का ही मौसी का लड़का भाई, विकाश शाह, था। आरोपी को तुरंत गिरफ्तार कर लिया गया है।

    मुंबई रेलवे पुलिस और आरपीएफ की टीम ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की। घटना से रेलवे यात्री भी स्तब्ध हैं और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के लाखों सुरक्षा दावों पर सवाल उठ रहे हैं।
    इस दर्दनाक घटना ने न केवल मासूम के परिवार को तहस-नहस कर दिया है, बल्कि पूरे शहर में रेलवे सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

  • दादर और एलटीटी नये रेलवे पुलिस स्टेशनों का उद्घाटन रेलवे पुलिस महासंचालक प्रशांत बुरडे एवं पुलिस आयुक्त राकेश कलासागर के हाथों

    दादर और एलटीटी नये रेलवे पुलिस स्टेशनों का उद्घाटन रेलवे पुलिस महासंचालक प्रशांत बुरडे एवं पुलिस आयुक्त राकेश कलासागर के हाथों

    मुंबई।
    रेलवे पुलिस बल की कार्यक्षमता बढ़ाने और कार्यभार कम करने के उद्देश्य से मुंबई रेलवे पुलिस आयुक्तालय क्षेत्र में नए पुलिस स्टेशनों की स्थापना की जा रही है। इसी कड़ी में स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में लोकमान्य तिलक टर्मिनस (एलटीटी) और आसनगांव रेलवे पुलिस स्टेशनों का निर्माण पूरा कर इन्हें कार्यान्वित किया गया। साथ ही दादर और पनवेल रेलवे पुलिस स्टेशनों की नई सुसज्जित इमारतों का भी उद्घाटन रेलवे पुलिस महासंचालक प्रशांत बुरडे और रेलवे पुलिस आयुक्त राकेश कलासागर के हाथों संपन्न हुआ।

    रेलवे पुलिस पर बढ़ा बोझ

    वर्तमान में मुंबई रेलवे पुलिस बल के अधीन 17 पुलिस स्टेशन कार्यरत हैं, लेकिन बढ़ती आबादी और यात्री संख्या की तुलना में उपलब्ध जनशक्ति अपर्याप्त है। नतीजतन पुलिसकर्मियों पर कार्यभार लगातार बढ़ रहा है। इसी कारण रेलवे पुलिस ने 5 नए स्टेशन स्थापित करने का निर्णय लिया है, जिनमें लोकमान्य तिलक टर्मिनस और आसनगांव सबसे पहले कार्यान्वित किए गए हैं।

    उद्घाटन समारोह

    इस अवसर पर आरपीएफ के वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त ऋषि कुमार शुक्ला, पुलिस उपायुक्त (पश्चिमी परिमंडल) सुनीता ठाकरे, पुलिस उपायुक्त (मध्य परिमंडल) प्रज्ञा ज़ेडगे, एसीपी (अपराध शाखा) राजेंद्र रनमाले, एसीपी (सीएसएमटी डिवीजन) सुधाकर शिरसाठ, एसीपी (कल्याण डिवीजन) नंदराज पाटिल, एसीपी (हार्बर डिवीजन) नीलिमा कुलकर्णी, एसीपी (बांद्रा डिवीजन) किशोर शिंदे, एसीपी (वसई डिवीजन) मनीषा रावखंडे, वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक संभाजी यादव और कुंजबिहारी सिंह समेत अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

    नए थानों का कार्यक्षेत्र

    • लोकमान्य तिलक टर्मिनस रेलवे पुलिस स्टेशन का अधिकार क्षेत्र: कुर्ला हार्बर प्लेटफॉर्म नं. 7-8, तिलकनगर, गोवंडी और मानखुर्द स्टेशन।
    • आसनगांव रेलवे पुलिस स्टेशन का अधिकार क्षेत्र: टिटवाला, खडावली, वासिंद, आसनगांव, अटगांव, तानशेत, खरडी, उंबरमाली और कसारा स्टेशन।

    नई नियुक्तियाँ

    नवनिर्मित एलटीटी रेलवे पुलिस स्टेशन पर वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक जबर ताबोली तथा आसनगांव रेलवे पुलिस स्टेशन पर वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक सचिन मोरे को नियुक्त किया गया है।

    सहयोग से निर्माण

    इन नए स्टेशनों का निर्माण मध्य रेलवे और केंद्रीय रेलवे सुरक्षा बल की मदद से किया गया है। इसके साथ ही दादर और पनवेल रेलवे पुलिस स्टेशनों की पुरानी इमारतों को तोड़कर नई आधुनिक इमारतें बनाकर संचालन शुरू कर दिया गया है।

  • ‘ऑपरेशन सतर्क’ के तहत बांद्रा टर्मिनस पर 19,060 रुपये की अवैध शराब जब्त, तीन गिरफ्तार

    ‘ऑपरेशन सतर्क’ के तहत बांद्रा टर्मिनस पर 19,060 रुपये की अवैध शराब जब्त, तीन गिरफ्तार

    राष्ट्रीय स्वाभिमान। सुजीत मिश्रा

    मुंबई से बड़ी कार्रवाई: ट्रेन से अवैध शराब ले जा रहे तीन लोग गिरफ्तार

    मुंबई। बांद्रा टर्मिनस रेलवे स्टेशन पर चलाए गए ‘ऑपरेशन सतर्क’ के तहत रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए ₹19,060 कीमत की अवैध शराब जब्त की और तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया।

    यह कार्रवाई ट्रेन संख्या 22949 दिल्ली सराय रोहिल्ला एक्सप्रेस के सामान्य डिब्बे में की गई, जो प्लेटफॉर्म क्रमांक 1 पर खड़ी थी।


    👮‍♂️ कार्रवाई का विवरण:

    • समय: दोपहर 2:35 बजे
    • टीम: हेड कांस्टेबल अनिल, कांस्टेबल विनीत और रामकरण (RPF अपराध शाखा, मुंबई सेंट्रल)
    • संदेहास्पद बैगों के साथ तीन यात्रियों को पकड़ा गया
    • पूछताछ: उपनिरीक्षक अर्जुन सिंह द्वारा महिला स्टाफ की मौजूदगी में

    🧾 गिरफ्तार आरोपी:

    1. हितेश हिम्मतभाई (35 वर्ष) – अहमदाबाद
    2. राखी राठौड़ गिरीश परमार (35 वर्ष) – अहमदाबाद
    3. पूजा बेन सुरेशभाई (30 वर्ष) – अहमदाबाद

    इनके बैग से कुल 133 यूनिट अवैध शराब बरामद:

    • 128 टिन – Kingfisher Strong Premium Beer (500ml)
    • 5 बोतलें – DSP Black Whisky (180ml)

    📑 कानूनी कार्रवाई:

    • जब्त शराब का पंचनामा तैयार कर GRP बांद्रा को सौंपा गया
    • मामला दर्ज:
      • ACR No.: 318
      • धारा:
        • 65(a), 65(e) – महाराष्ट्र दारूबंदी अधिनियम 1949
        • 3(5) – BNS 2023

  • ACB की कार्रवाई में अन्न आपूर्ति विभाग का मुख्य निरीक्षक विनायक निकम ₹1.75 लाख रिश्वत लेते गिरफ्तार

    ACB की कार्रवाई में अन्न आपूर्ति विभाग का मुख्य निरीक्षक विनायक निकम ₹1.75 लाख रिश्वत लेते गिरफ्तार

    राष्ट्रीय स्वाभिमान। शिवदिनेश शर्मा
    मुंबई। एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने अन्न व नागरी पुरवठा विभाग के मुख्य निरीक्षक विनायक वसंत निकम को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। निकम पर कांदिवली और ठाणे की गैस एजेंसियों के खिलाफ की गई कार्रवाई को रोकने के एवज में ₹2.5 लाख की रिश्वत मांगने का आरोप है।

    प्राप्त जानकारी के अनुसार शिकायतकर्ता की कांदिवली और ठाणे में गैस एजेंसियाँ हैं। आरोपी अधिकारी ने अक्तूबर 2024 में कांदिवली और अगस्त 2024 में ठाणे की एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई की थी। इसके बाद आरोपी ने आगे कोई कार्रवाई न करने और व्यवसाय में बाधा न डालने के बदले ढाई लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी।

    शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने जाल बिछाया और 29 जुलाई को विनायक निकम को ₹1.75 लाख की पहली किश्त लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा।

    सूत्रों के अनुसार, आरोपी के बैग से अतिरिक्त ₹10 लाख नकद मिलने की भी जानकारी सामने आई है, जिसकी जांच की जा रही है। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहाँ से उसे दो दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है।

    यह कार्रवाई एसीबी के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त संदीप दीवान, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त अनिल घेरडीकर और राजेंद्र सांगले के मार्गदर्शन में, पुलिस निरीक्षक सुनीता दिघे व ACB मुंबई टीम द्वारा की गई।