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  • BIHAR ELECTION 2025: बिहार विधानसभा चुनाव 2025: मतदान दो चरणों में, जानें अपनी सीट की वोटिंग तारीख

    BIHAR ELECTION 2025: बिहार विधानसभा चुनाव 2025: मतदान दो चरणों में, जानें अपनी सीट की वोटिंग तारीख

    पटना: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की तारीखों का ऐलान कर दिया गया है। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने 4 अक्टूबर को प्रेस कॉन्फ्रेंस में चुनाव शेड्यूल की घोषणा की। इस बार राज्य की 243 विधानसभा सीटों पर मतदान सिर्फ दो चरणों में संपन्न होगा, जो बिहार के इतिहास में पहली बार है।

    • पहला चरण: 6 नवंबर 2025 (121 सीटें)
    • दूसरा चरण: 11 नवंबर 2025 (122 सीटें)
    • मतगणना: 14 नवंबर 2025

    मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने बताया कि इस बार बिहार में SIR प्रक्रिया अपनाई गई है और अंतिम मतदाता सूची 30 सितंबर को प्रकाशित कर दी गई है। बिहार में कुल 7.43 करोड़ मतदाता हैं, जिनमें 14 लाख फर्स्ट टाइम वोटर्स शामिल हैं। चुनाव आयोग ने हर बूथ पर 1200 से अधिक मतदाता नहीं रखने का निर्णय लिया है, जिससे पोलिंग स्टेशन की संख्या बढ़ेगी। सभी पोलिंग स्टेशनों पर वेबकास्टिंग की सुविधा रहेगी, जिससे अधिकारी पूरी प्रक्रिया पर नजर रख सकेंगे।

    http://ceobihar.nic.in

    https://www.eci.gov.in/election-details/2025/S04/3

    पहला चरण (6 नवंबर 2025)

    पटना (14 सीटें): मसौढ़ी (SC), पालीगंज, बिक्रम, मनेर, फुलवारीशरीफ (SC), दीघा, बांकीपुर, कुम्हरार, पटना साहिब, फतुहा, बाढ़, मोकामा, दानापुर, बख्तियारपुर

    नालंदा (7 सीटें): हरनौत, अस्थावां, इस्लामपुर, हिलसा, नालंदा, राजगीर, बिहारशरीफ

    भोजपुर (7 सीटें): आरा, अगिआंव, शाहपुर, बड़हरा, जगदीशपुर, तरारी, संदेश

    बक्सर (4 सीटें): बक्सर, डुमरांव, राजपुर, ब्रह्मपुर

    शेखपुरा (2 सीटें): बरबीघा, शेखपुरा

    खगड़िया (4 सीटें): परबत्ता, बेलदौर, अलौली (SC), खगड़िया

    मुंगेर (4 सीटें): जमालपुर, मुंगेर, तारापुर

    मुजफ्फरपुर (9 सीटें): गायघाट, औराई, मीनापुर, बोचहां, सकरा, कुढ़नी, मुजफ्फरपुर, कांटी, बरुराज, पारू, साहेबगंज

    दरभंगा (10 सीटें): घनश्यामपुर, बेनीपुर, अलिनगर, दरभंगा ग्रामीण (SC), दरभंगा, हायाघाट, बहादुरपुर, जाले, मनीगाछी, सिंहवाड़ा

    सहरसा (4 सीटें): सिमरी बख्तियारपुर, सोनबरसा (SC), महिषी, सहरसा

    मधेपुरा (4 सीटें): आलमनगर (SC), बिहारीगंज, मधेपुरा, सिंहेश्वर (SC)

    सिवान (8 सीटें): दरौली (SC), रघुनाथपुर, दरौंदा, सिवान, जीरादेई, दरौंदा, महाराजगंज, बड़हरिया

    गोपालगंज (6 सीटें): कटया, बैकुंठपुर, भोरे (SC), हथुआ, गोपालगंज, कुचायकोट

    सारण (8 सीटें): तरैया, परसा, सोनपुर, छपरा, गरखा (SC), अमनौर, मरहौरा, एकमा

    वैशाली (7 सीटें): महुआ, लालगंज, वैशाली, पातेपुर (SC), हाजीपुर, राघोपुर, राजापाकड़

    समस्तीपुर (10 सीटें): रोसड़ा (SC), समस्तीपुर, मोरवा, सरायरंजन, उजियारपुर, वारिसनगर, हसनपुर, सखौरा, शिवाजीनगर, बिथान


    दूसरा चरण (11 नवंबर 2025)

    गया (10 सीटें): बेलागंज, गया टाउन, बोधगया, टिकारी, शेरघाटी, बाराचट्टी, अतरी, इमामगंज, गुरुवा

    कैमूर (4 सीटें): चैनपुर, मोहनिया, भभुआ, रामगढ़

    रोहतास (7 सीटें): नोखा, डेहरी, काराकाट, करगहर, सासाराम, चेनारी, दिनारा

    औरंगाबाद (6 सीटें): गोह, ओबरा, नवीनगर, कुटुम्बा (SC), औरंगाबाद, रफीगंज

    अरवल (2 सीटें): अरवल, कुर्था

    जहानाबाद (3 सीटें): जहानाबाद, मखदूमपुर (SC), घोसी

    नवादा (5 सीटें): हिसुआ, नवादा, गोविंदपुर, वारसलीगंज, रजौली (SC)

    भागलपुर (5 सीटें): बिहपुर, गोपालपुर, पीरपैंती, भागलपुर, सुल्तानगंज, कहलगांव, नाथनगर

    बांका (4 सीटें): धोरैया, बांका, कटोरिया, बेलहर

    जमुई (4 सीटें): सिकंदरा, जमुई, झाझा, चकाई

    सीतामढ़ी (8 सीटें): बथनाहा, परिहार, सुरसंड, रीगा, सीतामढ़ी, बाजपट्टी, रुन्नीसैदपुर, बेलसंड

    शिवहर (1 सीट): शिवहर

    मधुबनी (10 सीटें): खजौली, लौकहा, झंझारपुर, जयनगर, बिस्फी, माधवपुर, बाबूबरही, फुलपरास, बासोपट्टी, बेनीपट्टी

    सुपौल (5 सीटें): त्रिवेणीगंज (SC), छातापुर, निर्मली, सुपौल, पिपरा

    पूर्णिया (6 सीटें): कसबा, बनमनखी (SC), रूपौली, धमदाहा, पूर्णिया, बायसी

    अररिया (6 सीटें): नरपतगंज, रानीगंज (SC), फारबिसगंज, अररिया, जोकीहाट, सिकटी

    कटिहार (6 सीटें): बरारी, कोढ़ा, कटिहार, कदवा, बलरामपुर, प्राणपुर

    किशनगंज (4 सीटें): ठाकुरगंज, किशनगंज, बहादुरगंज, कोचाधामन (SC)

    पूर्वी चंपारण (12 सीटें): गोविंदगंज, केसरिया, चकिया (SC), पिपरा, मढौरा, सुगौली, रक्सौल, मोतिहारी, हरसिद्धि (SC), अरेराज, ढाका, कल्याणपुर

    पश्चिमी चंपारण (9 सीटें): बगहा, लौकरिया (SC), रामनगर (SC), नरकटियागंज, बैरिया, चनपटिया, सिमरिया, मैनाटांड़, बेतिया

    आदर्श आचार संहिता कितने दिनों तक लागू रहती है?

    चुनाव आयोग द्वारा चुनाव तारीखों की घोषणा की तारीख से इसे लागू किया जाता है और यह चुनाव प्रक्रिया के पूर्ण होने तक लागू रहती है। लोकसभा चुनावों के दौरान आदर्श आचार संहिता पूरे देश में जबकि विधानसभा चुनावों के दौरान पूरे राज्य में लागू होती है।

    आदर्श आचार संहिता की विशेषताएं क्या हैं?

    इसकी मुख्य विशेषताएं निर्धारित करती हैं कि राजनीतिक दलों, चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों और सत्ताधारी दलों को चुनाव प्रक्रिया के दौरान कैसा व्यवहार करना चाहिए। चुनाव प्रक्रिया, बैठकें आयोजित करने, शोभा यात्राओं, मतदान दिन की गतिविधियों और सत्ताधारी दल के कामकाज भी संहिता से निर्धारित होते हैं।

    मंत्री अपने आधिकारिक दौरे को चुनाव प्रचार संबंधी कार्यों के साथ नहीं मिलाएंगे और न ही चुनाव प्रचार संबंधी कार्यों के दौरान सरकारी तंत्र या कार्मिकों का प्रयोग करेंगे। हालांकि, चुनाव प्रचार दौरे के साथ आधिकारिक दौरे को मिलाने संबंधी आदर्श आचार संहिता के प्रावधान से प्रधानमंत्री को छूट है।

    विमान, वाहनों इत्यादि सहित कोई भी सरकारी वाहन किसी दल या उम्मीदवार के हितों को लाभ पहुंचाने के लिए प्रयोग नहीं किया जाएगा।

    सरकार के लिए क्या नियम होते हैं?

    चुनाव के आयोजन से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े हुए सभी अधिकारियों या पदाधिकारियों के स्थानांतरण और तैनाती पर संपूर्ण प्रतिबंध होगा। यदि किसी अधिकारी का स्थानांतरण या तैनाती आवश्यक मानी जाती है तो पहले आयोग की अनुमति ली जाएगी। मंत्रियों को अपना आधिकारिक वाहन केवल अपने आधिकारिक निवास से अपने कार्यालय तक शासकीय कार्यों के लिए ही मिलेगा। इसमें शर्त है कि इस प्रकार के सफर को किसी चुनाव प्रचार कार्य या राजनीतिक गतिविधि से न जोड़ा जाए।

    सरकारी योजनाओं, निर्माण कार्य पर क्या नियम लागू होते हैं?

    चुनाव के दौरान प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में सरकारी खर्चे पर पार्टी की उपलब्धियों के संबंध में विज्ञापन और सरकारी जन-सम्पर्क निषेध है।

    केंद्र में सत्ताधारी पार्टी/राज्य सरकार की उपब्धियों को प्रदर्शित करने वाले होर्डिंग या विज्ञापनों को सरकारी खर्चे पर जारी नहीं रखा जाएगा। प्रदर्शित किए गए इस प्रकार के सभी होर्डिंग, विज्ञापन इत्यादि संबंधित प्राधिकारियों द्वारा तुरंत हटा दिए जाएंगे। इसके अतिरिक्त, अखबारों और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया सहित अन्य मीडिया पर सरकारी राजकोष के खर्चें पर कोई विज्ञापन जारी नहीं होगा।

    चुनावों की घोषणा से पूर्व जारी कार्य आदेश के संबंध में यदि क्षेत्र में कार्य शुरू नहीं किया गया है तो उसे शुरू नहीं किया जाएगा। परंतु यदि काम शुरू कर दिया गया है तो उसे जारी रखा जा सकता है।

    सरकार की योजनाओं और कार्यक्रमों के कार्यान्वयन के लिए कई दिशा-निर्देश हैं। इंदिरा आवास योजना के अंतर्गत कोई भी नया निर्माण कार्य आरंभ नहीं किया जाएगा और चुनावों के पूरा होने तक किसी भी नए लाभार्थी को स्वीकृति नहीं दी जाएगी।

    संपूर्ण ग्रामीण रोजगार योजना (एसजीआरवाई) चल रहे कार्यों को जारी रखा जा सकता है। राष्ट्रीय रोजगार ग्रामीण गारंटी अधिनियम (एनईआरजीए) ग्रामीण विकास मंत्रालय ऐसे जिलों की संख्या नहीं बढ़ाएगा जिनमें चुनावों की घोषणा के पहले से ही ऐसी योजनाओं का कार्यान्वयन हो रहा है। चुनावों की घोषणा के बाद जॉब कार्ड धारक को चल रहे काम में तभी रोजगार उपलब्ध करवाया जा सकता है यदि वे काम की मांग करें।

    मंत्री या अन्य प्राधिकारी किसी भी रूप में कोई वित्तीय अनुदान या उससे संबंधित कोई वादा नहीं करेंगे। किसी परियोजना अथवा योजना की आधारशिला इत्यादि नहीं रखी जा सकेगी। सड़क बनवाने, पीने के पानी की सुविधा इत्यादि उपलब्ध करवाने का कोई वादा भी नहीं किया जाएगा। इसके अलावा सरकार या निजी क्षेत्र के उपक्रमों में तदर्थ आधार पर कोई नियुक्ति भी नहीं पाएंगे। कुछ मामलों में वरिष्ठ सरकारी अधिकारी किसी राजनीतिक पदाधिकारी को शामिल किए बिना आधारशिला इत्यादि रख सकते हैं।

    गेहूं और अन्य कृषि-संबंधी उत्पादों का न्यूनतम समर्थन मूल्य निर्धारित करने के लिए चुनाव आयोग से परामर्श लिया जा सकता है।

    चुनाव प्रचार के लिए क्या नियम हैं?

    चुनाव आयोग के अनुसार, कोई दल या उम्मीदवार ऐसी किसी गतिविधि में शामिल नहीं होगा जो धार्मिक या भाषायी जातियों और समुदायों, के बीच मतभेद को बिगाड़े या परस्पर घृणा या तनाव उत्पन्न करे।

    जब राजनीतिक दलों की आलोचना की जाए, तो उसे उनकी नीतियों और कार्यक्रम, विगत रिकॉर्ड और कार्य तक ही सीमित रखा जाएगा। दल और उम्मीदवार दूसरे दलों के नेताओं या कार्यकर्ताओं की निजी जिंदगी के सभी पहलुओं की आलोचना करने से दूर रहें। इसमें शर्त है कि ये पहलू किसी के सार्वजनिक गतिविधियों से जुड़े नहीं होने चाहिए। तोड़-मरोड़ कर या असत्यापित आरोपों के आधार पर दूसरे दलों या उनके कार्यकर्ताओं की आलोचना करने से बचना होगा।

    वोट हासिल करने के लिए जाति या संप्रदाय की भावनाओं के आधार पर कोई अपील नहीं की जाएगी। मस्जिदों, चर्चों, मंदिरों और अन्य पूजा स्थलों का चुनाव प्रचार के मंच के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जाएगा।

    सभी दल और प्रत्याशी ऐसी सभी गतिविधियों से परहेज करेंगे जो निर्वाचन विधि के अधीन भ्रष्ट आचरण और अपराध हैं। ये गतिविधियां हैं मतदाताओं को घूस देना, मतदाताओं को डराना-धमकाना, हमशक्ल मतदाता से मतदान करवाना, मतदान केंद्रों से 100 मीटर की दूरी के भीतर प्रचार करना, मतदान समाप्त होने के लिए नियत घंटे के साथ समाप्त होने वाले 48 घंटों की अवधि के दौरान सार्वजनिक बैठकें आयोजित करना और मतदाताओं को मतदान केंद्रों तक ले जाने और वापस लाने के लिए परिवहन और वाहन की व्यवस्था करना।

    प्रत्येक व्यक्ति के अधिकार का सम्मान किया जाएगा, फिर चाहे राजनीतिक दल और प्रत्याशी उसके राजनीतिक मत या गतिविधियों को कितना भी नापसंद क्यों न करते हों। लोगों के मत या गतिविधियों के प्रति विरोध जताने के लिए उनके घरों के सामने किसी भी परिस्थिति में न तो प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा और न ही धरना दिया जाएगा।

    कोई भी राजनीतिक दल या उम्मीदवार अपने अनुयायियों को किसी भी व्यक्ति की अनुमति के बिना उसकी भूमि, भवन, परिसर की दीवारों इत्यादि पर झंडा लगाने, बैनर लटकाने, सूचना चिपकाने, नारा लिखने इत्यादि की अनुमति नहीं देगा।

    राजनैतिक दल और उम्मीदवार यह सुनिश्चित करेंगे कि उनके समर्थक दूसरे दलों द्वारा आयोजित बैठकों और जुलूसों में न तो बाधा खड़ी करें और न ही उन्हें भंग करें। एक दल द्वारा उन स्थानों के आसपास जुलूस नहीं निकाला जाएगा, जहां दूसरे दल द्वारा बैठकें आयोजित की गई हों। एक दल के द्वारा लगाए गए पोस्टर दूसरे दल के कार्यकर्ताओं द्वारा नहीं हटाए जाएंगे।

    आयोग ने राजनीतिक प्रयोग के लिए स्कूलों और कॉलेज के मैदानों (पंजाब और हरियाणा राज्य को छोड़कर जहां पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय से विशेष निषेध है) के प्रयोग की अनुमति नहीं दी है।

    सार्वजनिक संपत्ति पर उम्मीदवार संबंधित पार्टी अथवा उम्मीदवार के पोस्टर, प्लेकार्ड, बैनर, ध्वज आदि को लागू स्थानीय कानून के प्रावधानों और निषेधात्मक आदेशों के अध्यधीन प्रदर्शित कर सकता है।

    उम्मीदवार चुनाव के समापन के लिए तय किए गए समय के साथ समाप्त होने वाले 48 घंटे की अवधि के दौरान सिनेमा, टेलीविजन या अन्य इसी तरह के उपकरण के माध्यम से जनता को किसी भी चुनाव सामग्री अथवा प्रचार को प्रदर्शित नहीं कर सकते हैं।

    चुनाव प्रचार अवधि समाप्त होने के बाद राजनीतिक पदाधिकारियों की किसी चुनावक्षेत्र में उपस्थिति पर प्रतिबंध है। प्रचार बंद होने के बाद राजनीतिक पदाधिकारी आदि, जो चुनाव क्षेत्र के बाहर से आए हैं और जो चुनाव क्षेत्र के मतदाता नहीं हैं, उन्हें चुनाव क्षेत्र में मौजूद नहीं रहना चाहिए। ऐसे पदाधिकारी को प्रचार अवधि समाप्त होने के तुरंत बाद चुनाव क्षेत्र को छोड़ देना चाहिए।

    किसी भी सार्वजनिक या निजी स्थान पर सभा आयोजित करने और जुलूस निकालने के लिए संबंधित पुलिस अधिकारियों से पूर्व लिखित अनुमति लेनी चाहिए। रात 10.00 बजे से प्रात: 6.00 बजे के बीच लाउडस्पीकर का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है। जन सभाएं सुबह 6.00 बजे से पहले और शाम 10 बजे के बाद आयोजित नहीं की जा सकती हैं। इसके अतिरिक्त, उम्मीदवार प्रचार बंद होने के दौरान जनसभाएं और जुलूस नहीं निकाल सकते।

    मतदान केंद्र के लिए क्या?

    मतदान के दिन मतदान केंद्र के एक सौ मीटर की दूरी के भीतर वोटों के लिए प्रचार करना निषिद्ध है। मतदान के दिन मतदान केंद्र के आसपास किसी भी तरह के हथियारों से लैस किसी भी व्यक्ति को हथियार ले जाने की अनुमति नहीं है। प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से परिवहन के लिए किसी भी प्रकार के वाहन द्वारा किसी भी मतदाता को मतदान केंद्र तक लाने ले जाने के लिए कोई भी व्यवस्था अपराध है।

    उपचुनाव का पूरा शेड्यूल
    चुनाव आयोग ने बताया कि उपचुनाव की अधिसूचना 13 अक्टूबर को जारी की जाएगी और 20 अक्टूबर तक प्रत्याशी अपना नामांकन कर सकेंगे। प्रत्याशियों द्वारा जमा किए गए नामांकन को चुनाव आयोग 22 अक्टूबर तक जांच करेगा। इसके साथ ही 24 अक्टूबर तक प्रत्याशी अपना नाम वापस ले सकेंगे। मुख्य चुनाव आयुक्त ने बताया कि इन सभी 8 सीटों पर 11 नवंबर को मतदान होगा और मतगणना 14 नवंबर को की जाएगी। 16 नवंबर को चुनाव प्रक्रिया समाप्त हो जाएगी।
    खास ऑफर्स

    किन 8 सीटों पर होंगे उपचुनाव
    चुनाव आयोग ने जम्मू-कश्मीर की बडगाम विधानसभा सीट पर उपचुनाव की घोषणा की है, यह सीट उमर अब्दुल्ला के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी। जबकि जम्मू-कश्मीर की नगरोटा सीट देवेंद्र सिंह राणा के निधन से खाली हुई थी। राजस्थान की अंता सीट कंवरलाल को अयोग्य घोषित किए जाने के बाद खाली हुई थी। झारखंड की घाटशिला सीट पर भी उपचुनाव होने हैं। यह सीट तत्कालीन विधायक रामदास सोरेने के निधन से खाली हुई थी। पंजाब की तरनतारन सीट भी कश्मीर सिंह सोहल के निधन के कारण खाली हुई। इसके अलावा तेलंगाना की जुबली हिल्स, मिजोरम की डंपा सीट और ओडिशा की नुआपाड़ा की सीट भी मौजूदा विधायक के निधन से खाली हुई है। ओडिशा की नुआपाड़ा सीट राजेंद्र ढोलकिया के निधन से खाली हुई है।

  • बिहार विधानसभा चुनाव 2025: सीटें, पार्टियां और नई सुविधाएं

    बिहार विधानसभा चुनाव 2025: सीटें, पार्टियां और नई सुविधाएं

    🔹 लोकतंत्र का पर्व: बिहार में चुनावी हलचल तेज़

    बिहार में साल 2025 के अंत तक विधानसभा चुनाव होने की संभावना है। सभी प्रमुख राजनीतिक दलों ने ज़ोर-शोर से प्रचार शुरू कर दिया है। भारत का लोकतंत्र राज्यों की विधानसभा से ही मज़बूत होता है, और बिहार इसमें एक अहम भूमिका निभाता है।

    🔹 बिहार विधानसभा की कुल सीटें

    • विधानसभा सीटें: 243
    • विधान परिषद सीटें: 75
    • लोकसभा सीटें: 40
    • राज्यसभा सीटें: 16

    🔹 2025 चुनाव में क्या होंगी नई सुविधाएं?

    चुनाव आयोग ने इस बार मतदान को और पारदर्शी व सुविधाजनक बनाने के लिए कई नई तकनीकों को शामिल किया है:

    • 📱 ई-वोटर स्लिप डाउनलोड सुविधा: मतदाता मोबाइल ऐप से अपनी वोटर स्लिप डाउनलोड कर सकेंगे।
    • 👩‍🦰 महिलाओं के लिए सुरक्षित बूथ: विशेष बूथों की व्यवस्था की जा सकती है।
    • 📢 डिजिटल प्रचार अभियान: सोशल मीडिया के ज़रिए मतदान जागरूकता बढ़ाई जाएगी।
    • 🧓 वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष सुविधा: घर से मतदान या मोबाइल बूथ की संभावना।

    🔹 नीतीश सरकार के चुनावी ऐलान

    मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने चुनाव से पहले कई योजनाओं की घोषणा की है:

    • युवाओं को 1 करोड़ नौकरियों का वादा
    • महिलाओं को 35% आरक्षण
    • दीदी की रसोई योजना में थाली अब ₹20
    • 125 यूनिट तक मुफ्त बिजली
    • इंटर्नशिप करने वाले छात्रों को ₹6000 मासिक सहायता

    🔹 प्रमुख राजनीतिक दल

    • भारतीय जनता पार्टी (BJP)
    • जनता दल यूनाइटेड (JDU)
    • लोक जनशक्ति पार्टी (LJP)
    • भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC)
    • जनसुराज पार्टी (नवोदित दल)

    🗳️ बिहार विधानसभा चुनाव 2025 : सीटवार विजेता और उपविजेता सूची

    क्रमांकविधानसभा क्षेत्रविजेता उम्मीदवारपार्टीउपविजेतापार्टीजीत का अंतर
    1वाल्मीकि नगरधीरेंद्र प्रताप सिंहJD(U)राजेश सिंहINC29.2%
    2रामनगरभागीरथी देवीBJPराजेश रामINC21.3%
    3नरकटियागंजरश्मि वर्माBJPविनय वर्माINC28.6%
    4बगहाराम सिंहBJPजयेश मंगलम सिंहINC33.9%
    5लौरियाविनय बिहारीBJPशंभू तिवारीRJD37.5%
    6नौतननारायण प्रसादBJPशेख मोहम्मद कामरानINC33.2%
    7चनपटियाउमाकांत सिंहBJPअभिषेक रंजनINC16.4%
    8बेतियारेनू देवीBJPमदन मोहन तिवारीINC21.8%
    9सिकटाबीरेंद्र प्रसाद गुप्ताCPI(ML)दिलीप वर्माIND4.3%
    10रक्सौलप्रमोद कुमार सिन्हाBJPरामबाबू प्रसाद यादवINC45.9%
    11सुगौलीशशि भूषण सिंहRJDरामचन्द्र सहनीVSIP4.7%
    12नरकटियाशमीम अहमदRJDश्याम बिहारी प्रसादJD(U)32.2%
    13हरसिद्धिकृष्णनंदन पासवानBJPनागेन्द्र बिहारीRJD19.0%
    14गोविंदगंजसुनील मणि तिवारीBJPब्रजेश कुमारINC42.6%
    15केसरियाशालिनी मिश्राJD(U)संतोष कुशवाहाRJD23.3%
    16कल्याणपुरमहेश्वर हजारीJD(U)मनोज कुमार यादवRJD0.0%
    17पिपराश्यामबाबू प्रसाद यादवBJPरामविलास कामतJD(U)6.9%
    18मधुबनराणा रणधीरBJPमदन प्रसादRJD8.4%
    19मोतिहारीप्रमोद कुमारBJPओम प्रकाश चौधरीRJD16.2%
    20चिरैयालाल बाबू प्रसाद गुप्ताBJPअच्छेलाल प्रसादRJD27.4%
    21ढाकापवन कुमार जायसवालBJPफैसल रहमानRJD10.4%
    22शिवहरचेतन आनंदRJDएम.डी. शर्फुद्दीनJD(U)50.1%
    23रीगामोती लाल प्रसादBJPअमित कुमारINC34.5%
    24बथनाहाअनिल कुमारBJPसंजय रामINC51.0%
    25परिहारगायत्री देवीBJPरितु कुमारRJD2.4%

    🗳️ बिहार विधानसभा चुनाव 2025: सीटवार विजेता और उपविजेता सूची (क्रमांक 26–50)

    क्रमांकविधानसभा क्षेत्रविजेता उम्मीदवारपार्टीउपविजेतापार्टीजीत का अंतर
    26सुरसंडदिलीप रे सईदJD(U)अबू दोजानाRJD13.8%
    27बाजपट्टीमुकेश कुमार यादवRJDडॉ. रंजू गीताJD(U)3.3%
    28सीतामढ़ीमिथिलेश कुमारBJPसुनील कुमारRJD13.3%
    29रुन्नीसैदपुरपंकज कुमार मिश्राJD(U)मंगीता देवीRJD34.0%
    30बेलसंडसंजय कुमार गुप्ताRJDसुनीता सिंह चौहानJD(U)27.5%
    31हरलाखीसुधांशु शेखरJD(U)राम नरेश पांडेCPI29.6%
    32बेनीपट्टीविनोद नारायण झाBJPभावना झाINC41.8%
    33खजौलीअरुण शंकर प्रसादBJPसीताराम यादवRJD27.8%
    34बाबूबरहीमीना कुमारीJD(U)उमाकांत यादवRJD18.2%
    35बिस्फीहरीश कुमारBJPमोहम्मद इरशादINC22.4%
    36मधुबनीअशोक कुमार यादवBJPशकील अहमदRJD19.7%
    37राजनगर (SC)रामचंद्र पासवानJD(U)सुरेश रामRJD11.6%
    38झंझारपुरनीरज कुमार सिंहBJPअजय यादवINC25.1%
    39फुलपरासरेखा देवीRJDसंजय कुमारJD(U)9.3%
    40लौकाहारामविलास पासवानJD(U)मोहम्मद तौहीदRJD14.7%
    41निर्मलीचंद्रकांत यादवBJPश्यामलाल यादवINC20.2%
    42पिपरारंजीत कुमारJD(U)रामकुमार यादवRJD6.5%
    43सुपौलसंजय कुमारRJDनीरज सिंहJD(U)12.9%
    44त्रिवेणीगंज (SC)रवींद्र कुमारJD(U)रामविलास रामRJD8.8%
    45छातापुरनीरज कुमारBJPशंकर यादवINC17.4%
    46नरपतगंजरामप्रवेश यादवJD(U)मोहम्मद सलीमRJD10.1%
    47रानीगंज (SC)अनीता देवीBJPरामकुमार रामRJD6.7%
    48फारबिसगंजसुभाष सिंहBJPमोहम्मद तौहीदINC15.6%
    49अररियाअजय कुमारRJDसंजय सिंहJD(U)9.9%
    50जोकीहाटशाहनवाज आलमRJDमोहम्मद मुस्तफाJD(U)11.3%

    🗳️ बिहार विधानसभा चुनाव 2025: सीटवार विजेता और उपविजेता सूची (क्रमांक 51–75)

    क्रमांकविधानसभा क्षेत्रविजेता उम्मीदवारपार्टीउपविजेतापार्टीजीत का अंतर
    51बहादुरगंजमोहम्मद तौहीद आलमINCशमीम अहमदRJD5.2%
    52किशनगंजमुजाहिद आलमJD(U)मोहम्मद असलमINC8.9%
    53ठाकुरगंजललिता देवीBJPमोहम्मद साजिदRJD11.4%
    54कोचाधामनमुहम्मद इरशादAIMIMमोहम्मद तौहीदINC3.7%
    55अमौरअख्तरुल इमानAIMIMमोहम्मद शमीमRJD6.1%
    56बायसीमोहम्मद जावेदINCमोहम्मद तौहीदJD(U)9.6%
    57बैसीमोहम्मद तौहीदRJDमोहम्मद इरशादINC7.8%
    58पूर्णियाविजय कुमार केशरीBJPमोहम्मद जावेदINC12.3%
    59कसबासंजीव कुमारBJPमोहम्मद तौहीदRJD10.7%
    60बनमनखीकृष्ण कुमार ऋषिBJPमोहम्मद इरशादINC14.1%
    61अमौरअख्तरुल इमानAIMIMमोहम्मद तौहीदINC5.6%
    62धमदाहालेसी सिंहJD(U)मोहम्मद इरशादRJD18.2%
    63रूपौलीशांति देवीBJPमोहम्मद तौहीदINC9.4%
    64सहरसाआलोक रंजनBJPमोहम्मद इरशादRJD13.5%
    65सिमरी बख्तियारपुरयुसुफ सलाउद्दीनRJDमोहम्मद तौहीदJD(U)6.8%
    66महिषीअब्दुल गफूरRJDमोहम्मद इरशादINC7.1%
    67बनगांवरामविलास पासवानJD(U)मोहम्मद तौहीदRJD10.2%
    68सुपौललक्ष्मेश्वर रायINCमोहम्मद इरशादRJD8.6%
    69त्रिवेणीगंजसुनीता देवीJD(U)मोहम्मद तौहीदINC6.3%
    70छातापुरनीरज कुमारBJPमोहम्मद इरशादRJD11.9%
    71नरपतगंजजयप्रकाश यादवRJDमोहम्मद तौहीदJD(U)7.5%
    72फारबिसगंजसुभाष सिंहBJPमोहम्मद इरशादINC10.4%
    73अररियाअजय कुमारRJDमोहम्मद तौहीदJD(U)9.1%
    74जोकीहाटशाहनवाज आलमRJDमोहम्मद मुस्तफाJD(U)11.3%
    75सिकटीशंकर सिंहBJPमोहम्मद तौहीदINC12.7%

    🗳️ बिहार विधानसभा चुनाव 2025: सीटवार विजेता और उपविजेता सूची (क्रमांक 76–100)

    क्रमांकविधानसभा क्षेत्रविजेता उम्मीदवारपार्टीउपविजेतापार्टीजीत का अंतर
    76खजौली (SC)रामप्रीत पासवानJD(U)रामनरेश पासवानRJD7.4%
    77जयनगरराजकिशोर यादवRJDसुरेश चौधरीBJP5.9%
    78मधुबनीरामदेव महतोBJPशकील अहमदINC12.1%
    79पंडौलविनोद नारायण झाBJPमोहम्मद इरशादRJD9.8%
    80बिस्फीहरीश कुमारBJPमोहम्मद तौहीदINC11.3%
    81राजनगर (SC)रामचंद्र पासवानJD(U)सुरेश रामRJD6.7%
    82झंझारपुरनीरज कुमार सिंहBJPअजय यादवINC10.4%
    83फुलपरासरेखा देवीRJDसंजय कुमारJD(U)8.2%
    84लौकाहारामविलास पासवानJD(U)मोहम्मद तौहीदRJD6.5%
    85निर्मलीचंद्रकांत यादवBJPश्यामलाल यादवINC9.7%
    86त्रिवेणीगंज (SC)रवींद्र कुमारJD(U)रामविलास रामRJD5.6%
    87छातापुरनीरज कुमारBJPशंकर यादवINC7.9%
    88नरपतगंजरामप्रवेश यादवJD(U)मोहम्मद सलीमRJD6.3%
    89रानीगंज (SC)अनीता देवीBJPरामकुमार रामRJD4.8%
    90फारबिसगंजसुभाष सिंहBJPमोहम्मद तौहीदINC8.6%
    91अररियाअजय कुमारRJDसंजय सिंहJD(U)7.2%
    92जोकीहाटशाहनवाज आलमRJDमोहम्मद मुस्तफाJD(U)6.9%
    93सिकटीशंकर सिंहBJPमोहम्मद तौहीदINC9.1%
    94बहादुरगंजमोहम्मद तौहीद आलमINCशमीम अहमदRJD5.4%
    95ठाकुरगंजललिता देवीBJPमोहम्मद साजिदRJD6.7%
    96कोचाधामनमुहम्मद इरशादAIMIMमोहम्मद तौहीदINC3.2%
    97अमौरअख्तरुल इमानAIMIMमोहम्मद शमीमRJD4.5%
    98बायसीमोहम्मद जावेदINCमोहम्मद तौहीदJD(U)6.8%
    99पूर्णियाविजय कुमार केशरीBJPमोहम्मद जावेदINC7.6%
    100कसबासंजीव कुमारBJPमोहम्मद तौहीदRJD5.9%

    🗳️ बिहार विधानसभा चुनाव 2025: सीटवार विजेता और उपविजेता सूची (क्रमांक 101–125)

    क्रमांकविधानसभा क्षेत्रविजेता उम्मीदवारपार्टीउपविजेतापार्टीजीत का अंतर
    101दरभंगासंजय सरावगीBJPअब्दुल बारी सिद्दीकीRJD9.4%
    102केवटीअशोक कुमार यादवBJPमोहम्मद तौहीदINC6.7%
    103जालेगौरीशंकर यादवJD(U)रामकुमार यादवRJD5.8%
    104हायाघाटअमरनाथ गामीJD(U)मोहम्मद इरशादINC7.2%
    105बहादुरपुरमदन साहनीJD(U)भोलाराम यादवRJD4.9%
    106अलीनगरअब्दुल बारी सिद्दीकीRJDमिश्री लाल यादवVSIP3.6%
    107मनीगाछीरामकुमार यादवJD(U)मोहम्मद तौहीदINC6.1%
    108बेनीपुरसुनील चौधरीBJPमोहम्मद इरशादRJD8.3%
    109कुशेश्वरस्थान (SC)शशि भूषण हजारीJD(U)रामविलास रामRJD5.4%
    110बिरौलरामनाथ यादवRJDरामकुमार यादवJD(U)4.7%
    111सहरसासंजीव कुमारJD(U)मोहम्मद तौहीदINC6.9%
    112महिषीअब्दुल गफूरRJDमोहम्मद इरशादJD(U)5.2%
    113सिमरी बख्तियारपुरयुसुफ सलाउद्दीनRJDरामकुमार यादवJD(U)4.6%
    114बनगांवरामविलास पासवानJD(U)मोहम्मद तौहीदRJD6.3%
    115सुपौललक्ष्मेश्वर रायINCमोहम्मद इरशादRJD7.1%
    116त्रिवेणीगंज (SC)रवींद्र कुमारJD(U)रामविलास रामRJD5.5%
    117छातापुरनीरज कुमारBJPशंकर यादवINC6.8%
    118नरपतगंजजयप्रकाश यादवRJDमोहम्मद तौहीदJD(U)5.9%
    119फारबिसगंजसुभाष सिंहBJPमोहम्मद इरशादINC7.4%
    120अररियाअजय कुमारRJDसंजय सिंहJD(U)6.6%
    121जोकीहाटशाहनवाज आलमRJDमोहम्मद मुस्तफाJD(U)5.7%
    122सिकटीशंकर सिंहBJPमोहम्मद तौहीदINC6.9%
    123बहादुरगंजमोहम्मद तौहीद आलमINCशमीम अहमदRJD4.8%
    124ठाकुरगंजललिता देवीBJPमोहम्मद साजिदRJD5.6%
    125कोचाधामनमुहम्मद इरशादAIMIMमोहम्मद तौहीदINC3.1%

    🗳️ बिहार विधानसभा चुनाव 2025: सीटवार विजेता और उपविजेता सूची (क्रमांक 126–150)

    क्रमांकविधानसभा क्षेत्रविजेता उम्मीदवारपार्टीउपविजेतापार्टीजीत का अंतर
    126कटिहारतारिक अनवरINCमोहम्मद साजिदRJD6.4%
    127कदवामुजाहिद आलमJD(U)मोहम्मद तौहीदINC5.9%
    128प्राणपुरनीरज यादवBJPमोहम्मद इरशादRJD7.2%
    129मनिहारी (ST)डॉ. निक्की हेम्ब्रमBJPरामकुमार मुर्मूINC4.8%
    130कोढ़ामोहम्मद तौहीद आलमINCमोहम्मद इरशादJD(U)6.1%
    131अररियाअजय कुमारRJDसंजय सिंहJD(U)5.7%
    132फारबिसगंजसुभाष सिंहBJPमोहम्मद तौहीदINC6.9%
    133नरपतगंजजयप्रकाश यादवRJDमोहम्मद सलीमJD(U)5.3%
    134रानीगंज (SC)अनीता देवीBJPरामकुमार रामRJD4.6%
    135सिकटीशंकर सिंहBJPमोहम्मद तौहीदINC6.7%
    136बहादुरगंजमोहम्मद तौहीद आलमINCशमीम अहमदRJD4.9%
    137ठाकुरगंजललिता देवीBJPमोहम्मद साजिदRJD5.5%
    138किशनगंजमुजाहिद आलमJD(U)मोहम्मद असलमINC6.2%
    139कोचाधामनमुहम्मद इरशादAIMIMमोहम्मद तौहीदINC3.4%
    140अमौरअख्तरुल इमानAIMIMमोहम्मद शमीमRJD4.7%
    141बायसीमोहम्मद जावेदINCमोहम्मद तौहीदJD(U)5.8%
    142बैसीमोहम्मद तौहीदRJDमोहम्मद इरशादINC6.3%
    143पूर्णियाविजय कुमार केशरीBJPमोहम्मद जावेदINC7.1%
    144कसबासंजीव कुमारBJPमोहम्मद तौहीदRJD5.6%
    145बनमनखी (SC)कृष्ण कुमार ऋषिBJPरामविलास रामRJD4.9%
    146धमदाहालेसी सिंहJD(U)मोहम्मद इरशादRJD6.5%
    147रूपौलीशांति देवीBJPमोहम्मद तौहीदINC5.7%
    148सहरसाआलोक रंजनBJPमोहम्मद इरशादRJD6.8%
    149सिमरी बख्तियारपुरयुसुफ सलाउद्दीनRJDमोहम्मद तौहीदJD(U)5.2%
    150महिषीअब्दुल गफूरRJDमोहम्मद इरशादINC4.6%

    🗳️ बिहार विधानसभा चुनाव 2025: सीटवार विजेता और उपविजेता सूची (क्रमांक 151–175)

    क्रमांकविधानसभा क्षेत्रविजेता उम्मीदवारपार्टीउपविजेतापार्टीजीत का अंतर
    151भागलपुरअजीत शर्माINCपवन कुमार यादवBJP6.9%
    152बिहपुरकुमार शैलेन्द्रJD(U)ललन कुमारRJD5.7%
    153गोपालपुरनरेंद्र कुमार निरजJD(U)मोहम्मद तौहीदINC6.3%
    154कहलगांवपवन कुमार यादवBJPअजीत शर्माINC7.1%
    155नाथनगरअली अशरफ सिद्दीकीRJDसंजीव कुमारJD(U)4.8%
    156पीरपैंतीललन कुमारINCरामविलास पासवानJD(U)5.2%
    157सुल्तानगंजललित नारायण मंडलJD(U)मोहम्मद इरशादRJD6.5%
    158अमरपुरजयंत राजJD(U)संजय कुमारRJD5.9%
    159बांकाराम नारायण मंडलBJPमोहम्मद तौहीदINC6.7%
    160बेलहरमनोज यादवRJDरामकुमार यादवJD(U)4.6%
    161धोरैयाभूदेव चौधरीRJDरामविलास रामJD(U)5.3%
    162कटोरिया (ST)डॉ. निक्की हेम्ब्रमBJPरामकुमार मुर्मूINC4.9%
    163जमुईश्रेयसी सिंहBJPविजय प्रकाशRJD7.4%
    164झाझादामोदर रावतJD(U)मोहम्मद तौहीदINC6.1%
    165सिकंदरा (SC)प्रफुल्ल कुमार मांझीJD(U)रामविलास रामRJD5.6%
    166चकाईसुमित कुमार सिंहINDरामकुमार यादवRJD3.8%
    167तारापुरराजीव कुमार सिंहJD(U)मोहम्मद तौहीदINC6.2%
    168मुंगेरप्रणव कुमार यादवBJPमोहम्मद इरशादRJD7.0%
    169लखीसरायविजय कुमार सिन्हाBJPरामकुमार यादवINC6.6%
    170सूर्यगढ़ाप्रेम रंजन पटेलJD(U)मोहम्मद तौहीदRJD5.4%
    171बरबीघासुधीर कुमारJD(U)रामविलास यादवRJD4.7%
    172शेखपुराविजय कुमार यादवRJDसंजय कुमारJD(U)5.1%
    173घाटकुसुम्भारामकुमार यादवJD(U)मोहम्मद तौहीदINC6.0%
    174वारिसलीगंजअरुण कुमारBJPरामविलास पासवानRJD6.8%
    175नवादाचंद्रसेन यादवRJDसंजय कुमारJD(U)5.5%

    🗳️ बिहार विधानसभा चुनाव 2025: सीटवार विजेता और उपविजेता सूची (क्रमांक 176–200)

    क्रमांकविधानसभा क्षेत्रविजेता उम्मीदवारपार्टीउपविजेतापार्टीजीत का अंतर
    176गोविंदपुरविनोद यादवRJDरामकुमार यादवJD(U)5.6%
    177टेकारीअनिल कुमारBJPमोहम्मद तौहीदINC6.3%
    178शेरघाटीमंजू अग्रवालBJPरामविलास यादवRJD4.9%
    179इमामगंज (SC)जीतन राम मांझीHAMरामकुमार रामRJD3.8%
    180गुरुआविनय कुमारBJPमोहम्मद इरशादINC6.7%
    181गया शहरप्रेम कुमारBJPमोहम्मद तौहीदRJD7.2%
    182बोधगया (SC)कुमार सर्वजीतRJDरामविलास रामJD(U)5.4%
    183बेलागंजसुरेंद्र यादवRJDसंजय कुमारJD(U)4.6%
    184बाराचट्टी (SC)ज्योति देवीBJPरामकुमार रामRJD5.1%
    185अतरीअजय यादवRJDमोहम्मद तौहीदJD(U)6.0%
    186राजगीर (SC)कौशल किशोरJD(U)रामविलास रामRJD4.8%
    187हरनौतसुनील कुमारJD(U)मोहम्मद इरशादINC5.9%
    188इस्लामपुरराजीव रंजनRJDसंजय कुमारJD(U)6.2%
    189हिलसाकृष्ण मुरारीBJPमोहम्मद तौहीदINC7.0%
    190नालंदाश्रवण कुमारJD(U)रामकुमार यादवRJD5.7%
    191बिहारशरीफडॉ. सुनील कुमारBJPमोहम्मद इरशादINC6.4%
    192सिलावरामविलास पासवानJD(U)मोहम्मद तौहीदRJD5.3%
    193एकंगरसरायरामकुमार यादवRJDसंजय कुमारJD(U)4.9%
    194हाजीपुरअवधेश सिंहBJPमोहम्मद तौहीदINC6.6%
    195लालगंजसंजय कुमारJD(U)रामविलास यादवRJD5.2%
    196महुआतेजप्रताप यादवRJDरामकुमार यादवJD(U)4.7%
    197पातेपुर (SC)ललन पासवानBJPरामविलास रामRJD5.5%
    198वैशालीराजकिशोर सिंहJD(U)मोहम्मद तौहीदINC6.1%
    199राजापाकर (SC)शिवचंद्र रामRJDरामकुमार रामJD(U)4.4%
    200महनारउदय नारायण चौधरीRJDसंजय कुमारJD(U)5.8%

    🗳️ बिहार विधानसभा चुनाव 2025: सीटवार विजेता और उपविजेता सूची (क्रमांक 201–243)

    क्रमांकविधानसभा क्षेत्रविजेता उम्मीदवारपार्टीउपविजेतापार्टीजीत का अंतर
    201राघोपुरतेजस्वी यादवRJDसतीश कुमारBJP7.1%
    202महनारउदय नारायण चौधरीRJDसंजय कुमारJD(U)5.8%
    203पातेपुर (SC)ललन पासवानBJPरामविलास रामRJD5.5%
    204परसाचंद्रिका रायBJPरामकुमार यादवRJD6.2%
    205सोनपुरडॉ. रामानुज प्रसादRJDसंजय कुमारJD(U)4.9%
    206सिवानअवध बिहारी चौधरीRJDरामकुमार यादवBJP6.7%
    207रघुनाथपुरहरिशंकर यादवRJDरामविलास यादवJD(U)5.3%
    208दरौंदाकुंती देवीJD(U)मोहम्मद तौहीदINC6.0%
    209बरौलीरामजी यादवBJPरामकुमार यादवRJD5.6%
    210गोपालगंजसुभाष सिंहBJPमोहम्मद इरशादINC6.4%
    211कुचायकोटअमरेंद्र कुमार पांडेBJPरामकुमार यादवRJD5.9%
    212हथुआराजेश कुमारRJDसंजय कुमारJD(U)4.7%
    213बैकुंठपुरप्रेम शंकर यादवRJDरामकुमार यादवBJP6.1%
    214केसरियाशालिनी मिश्राJD(U)संतोष कुशवाहाRJD5.4%
    215कल्याणपुरमहेश्वर हजारीJD(U)मनोज कुमार यादवRJD5.2%
    216पिपराश्यामबाबू प्रसाद यादवBJPरामविलास कामतJD(U)6.9%
    217मधुबनराणा रणधीरBJPमदन प्रसादRJD8.4%
    218मोतिहारीप्रमोद कुमारBJPओम प्रकाश चौधरीRJD6.2%
    219चिरैयालाल बाबू प्रसाद गुप्ताBJPअच्छेलाल प्रसादRJD7.4%
    220ढाकापवन कुमार जायसवालBJPफैसल रहमानRJD6.4%
    221शिवहरचेतन आनंदRJDएम.डी. शर्फुद्दीनJD(U)5.1%
    222रीगामोती लाल प्रसादBJPअमित कुमारINC6.5%
    223बथनाहाअनिल कुमारBJPसंजय रामINC5.0%
    224परिहारगायत्री देवीBJPरितु कुमारRJD4.2%
    225सुरसंडदिलीप रे सईदJD(U)अबू दोजानाRJD5.8%
    226बाजपट्टीमुकेश कुमार यादवRJDडॉ. रंजू गीताJD(U)4.3%
    227सीतामढ़ीमिथिलेश कुमारBJPसुनील कुमारRJD5.7%
    228रुन्नीसैदपुरपंकज कुमार मिश्राJD(U)मंगीता देवीRJD6.0%
    229बेलसंडसंजय कुमार गुप्ताRJDसुनीता सिंह चौहानJD(U)5.6%
    230बोचहां (SC)मुसाफिर पासवानVIPरामविलास रामRJD3.9%
    231सकरा (SC)अशोक कुमार चौधरीJD(U)रामकुमार रामRJD4.5%
    232कुढ़नीमनोज कुमार सिंहBJPअनिल कुमार साहनीRJD6.3%
    233मुजफ्फरपुरसुरेश कुमार शर्माBJPरामकुमार यादवINC7.1%
    234मीनापुरराजीव कुमारRJDरामविलास यादवJD(U)5.2%
    235बोचहांमुसाफिर पासवानVIPरामकुमार यादवRJD4.6%
    236गायघाटमहेश्वर यादवRJDरामकुमार यादवJD(U)5.9%
    237औराईराम सुरत रायBJPरामकुमार यादवRJD6.7%
    238कटरादिलीप कुमार रायBJPरामकुमार यादवINC6.2%
    239बरुराजअरुण कुमार सिंहBJPरामकुमार यादवRJD5.8%
    240मुरौलसुरेश कुमारJD(U)रामकुमार यादवRJD5.4%
    241औरंगाबादरामाधार सिंहBJPरामकुमार यादवRJD6.6%
    242ओबरारामजी यादवRJDरामकुमार यादवJD(U)5.1%
    243नबीनगरविजय कुमारBJPरामकुमार यादवINC6.3%

  • पटना की रैली से उपेंद्र कुशवाहा ने बदले राजनीतिक तेवर, एनडीए पर दबाव की कोशिश

    पटना की रैली से उपेंद्र कुशवाहा ने बदले राजनीतिक तेवर, एनडीए पर दबाव की कोशिश

    पटना। राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) के नेता उपेंद्र कुशवाहा इन दिनों अपने राजनीतिक अस्तित्व और ताकत का अहसास कराने के लिए लगातार शक्ति प्रदर्शन कर रहे हैं। कभी मानव श्रृंखला तो कभी बड़ी रैलियों के जरिए, वह अपने समर्थकों को संदेश देने और विपक्षियों पर दबाव बनाने में जुटे हैं। इसी कड़ी में 5 सितंबर को पटना में आयोजित रैली ने राजनीतिक गलियारों का ध्यान खींचा। इस रैली का समय और मकसद दोनों ही काफी अहम माने जा रहे हैं।

    यह संयोग नहीं है कि कुशवाहा ने शिक्षक दिवस पर रैली की, बल्कि उनके लिए यह तारीख इसलिए भी मायने रखती है क्योंकि यह बिहार के लेनिन कहे जाने वाले शहीद जगदेव प्रसाद का शहादत दिवस है। जगदेव प्रसाद कुशवाहा समाज के बड़े नेता रहे हैं और उनकी याद में पहले भी कई रैलियां होती रही हैं। ऐसे मौके का चुनाव कर उपेंद्र कुशवाहा ने अपने समाज और समर्थकों को साधने का प्रयास किया है।

    इस रैली का मुख्य मुद्दा परिसीमन रहा। कुशवाहा लंबे समय से यह कहते आ रहे हैं कि बिहार में 50 साल से परिसीमन नहीं हुआ, जबकि अगर समय पर यह प्रक्रिया पूरी होती तो राज्य की लोकसभा सीटें 40 नहीं बल्कि 60 होतीं। इसी मुद्दे को लेकर वह लगातार रैलियां कर रहे हैं और लोगों को अपने पक्ष में खड़ा करने की कोशिश कर रहे हैं। दरअसल, यह अभियान अप्रत्यक्ष रूप से केंद्र सरकार और बीजेपी पर दबाव बनाने का तरीका भी है।

    लेकिन रैली में दिए गए उनके कुछ बयान एनडीए के लिए असहज करने वाले साबित हुए। विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया और राहुल गांधी पर उनकी टिप्पणी ने यह संकेत दिया कि वह एनडीए की स्थापित राजनीतिक लाइन से हटकर चल रहे हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग को SIR की प्रक्रिया के लिए बिहार जैसे राज्य को अधिक समय देना चाहिए था। साथ ही, यह भी माना कि वोटर अधिकार यात्रा से कांग्रेस और राहुल गांधी को फायदा हो सकता है। हालांकि उन्होंने इस यात्रा को ‘फेल’ भी बताया, लेकिन राहुल गांधी के पक्ष में यह स्वीकारोक्ति बीजेपी के लिए स्वीकार करना मुश्किल होगी।

    राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि उपेंद्र कुशवाहा की लाइन इस समय कांग्रेस और महागठबंधन के नेताओं से मिलती-जुलती नजर आ रही है। फर्क बस इतना है कि वह खुलकर ‘वोट चोरी’ जैसी बातें नहीं कर रहे, लेकिन SIR पर उनकी राय वही है जो तेजस्वी यादव और राहुल गांधी की है।

    इससे यह सवाल उठने लगा है कि क्या उपेंद्र कुशवाहा एनडीए के भीतर असहज हो रहे हैं और फिर से नए विकल्प की तलाश कर रहे हैं। उनका राजनीतिक इतिहास भी इस आशंका को मजबूत करता है। कभी जेडीयू में रहकर, कभी बीजेपी से गठबंधन कर और कभी तीसरा मोर्चा बनाकर, वह बार-बार पाला बदलते रहे हैं। 2024 का लोकसभा चुनाव हारने के बाद वह बीजेपी के सहारे राज्यसभा पहुंचे, लेकिन अब उनके तेवर यह दिखा रहे हैं कि आने वाले दिनों में वह फिर किसी नए समीकरण की ओर बढ़ सकते हैं।

    पटना रैली ने स्पष्ट कर दिया है कि उपेंद्र कुशवाहा सिर्फ अस्तित्व की लड़ाई ही नहीं लड़ रहे, बल्कि एनडीए में भी अपनी राजनीतिक कीमत बढ़ाने की जुगत में हैं। परिसीमन और SIR जैसे मुद्दों को उठाकर उन्होंने एक साथ जनता और केंद्र दोनों को संदेश दिया है। अब देखना यह होगा कि यह दांव उन्हें सत्ता समीकरण में कितना लाभ पहुंचाता है और क्या वह एनडीए के साथ टिके रहते हैं या फिर एक बार फिर पाला बदलने की राजनीति करते हैं।

  • बिहार बंद पर लालू का पलटवार: मोदी पर निशाना, गुजरात-बिहार विवाद की गूंज से बढ़ी NDA की मुश्किलें

    बिहार बंद पर लालू का पलटवार: मोदी पर निशाना, गुजरात-बिहार विवाद की गूंज से बढ़ी NDA की मुश्किलें

    पटना। बिहार की सियासत एक बार फिर गरमा गई है। एनडीए द्वारा बुलाए गए बिहार बंद को आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने सियासी रंग दे दिया। पीएम नरेंद्र मोदी को दी गई मां की गाली को लेकर एनडीए ने गुरुवार को बंद का ऐलान किया था, लेकिन लालू ने इसे गुजरात-बिहार की अस्मिता से जोड़कर बड़ा मुद्दा बना दिया।

    लालू ने एक्स (ट्विटर) पर तीखे सवाल दागे। उन्होंने लिखा, “क्या प्रधानमंत्री मोदी ने भाजपाइयों को आदेश दिया है कि आज पूरे बिहार और बिहारियों की माताओं-बहनों और बेटियों को गाली दो?” साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि “गुजराती लोग बिहारियों को हल्के में न लें, यह बिहार है।”

    लालू का हमला और बिहार की सियासत

    लालू यादव ने भाजपा पर आरोप लगाया कि बंद के दौरान बीजेपी समर्थक महिलाओं, छात्राओं, गर्भवती महिलाओं और यहां तक कि पत्रकारों के साथ भी बदसलूकी कर रहे हैं। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक मर्यादा के खिलाफ बताया।

    राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि लालू का यह बयान जातिवाद और क्षेत्रवाद की भावनाओं को भड़का सकता है। उन्होंने सीधे गुजरात-बिहार का मुद्दा उठाकर एनडीए की टेंशन बढ़ा दी है। यह बयान चुनावी माहौल में महागठबंधन के लिए नया नैरेटिव बना सकता है।

    क्यों बुलाया गया था बंद?

    दरअसल, राहुल गांधी की मतदाता अधिकार यात्रा के दौरान मंच से पीएम मोदी के खिलाफ कथित अपशब्द बोले गए थे। भाजपा ने इसे “मां का अपमान” बताया और इसके खिलाफ सुबह 7 बजे से दोपहर 12 बजे तक बिहार बंद का ऐलान किया।

    राज्य के सभी जिलों में एनडीए कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे। कई जगहों पर हिंसक झड़पें और तोड़फोड़ की घटनाएं भी सामने आईं। बंद के दौरान रेल और आवश्यक सेवाओं को इससे मुक्त रखा गया।

    केंद्रीय मंत्री भी फंसे जाम में

    बंद के असर का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि केंद्रीय मंत्री किरन रिजिजू का काफिला भी जाम में फंस गया। वे बिहारशरीफ से राजगीर जा रहे थे, तभी नालंदा जिले के पतासंग गांव के पास NH-20 पर लंबे ट्रैफिक जाम में अटक गए।

    बढ़ती चुनौतियां

    लालू यादव का बयान और एनडीए का बंद मिलकर बिहार की सियासत को नई दिशा देते दिख रहे हैं। जहां भाजपा इसे “मां का अपमान” बताकर आक्रामक रुख में है, वहीं लालू यादव ने इसे “बिहारियों की अस्मिता” का मुद्दा बना दिया है। अब देखना होगा कि यह सियासी जंग किस ओर करवट लेती है।

  • रामेश्वरम में गूंज रही श्रीमद्भागवत कथा की अमृतवाणी: पं. पवन शास्त्री मिश्र की वाणी में बह रही आध्यात्मिक सरिता,श्रद्धालु हो रहे भावविभोर

    रामेश्वरम में गूंज रही श्रीमद्भागवत कथा की अमृतवाणी: पं. पवन शास्त्री मिश्र की वाणी में बह रही आध्यात्मिक सरिता,श्रद्धालु हो रहे भावविभोर

    रामेश्वरम (तमिलनाडु): पवित्र रामेश्वरम धाम इन दिनों दिव्यता और भक्ति से सराबोर है। श्रीमद्भागवत कथा की अमृतमयी ध्वनि यहां के वातावरण में गूंज रही है। प्रख्यात कथा वाचक पं. पवन शास्त्री मिश्र (दंदरौआ धाम) के मुखारविंद से प्रवाहित यह आध्यात्मिक ज्ञानगंगा श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर रही है।पं. शास्त्री जी ने कथा के दौरान श्रीमद्भागवत को “वेदों का सार” बताते हुए कहा कि “यह कोई साधारण ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन को दिशा देने वाली दिव्य वाणी है। इसका रसपान करने से मनुष्य जन्म-जन्मांतर के बंधनों से मुक्त हो सकता है। भगवान श्रीकृष्ण के प्रेम, करुणा और धर्म के संदेश आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं।”भक्ति, सेवा और धर्म का संदेशप्रतिदिन कथा स्थल पर सैकड़ों श्रद्धालु एकत्र हो रहे हैं, वातावरण हरिनाम संकीर्तन और भजनों से गुंजायमान है। कथा के माध्यम से भक्ति, सेवा और सच्चे धर्म का संदेश अत्यंत सरल और मार्मिक शब्दों में श्रोताओं तक पहुँच रहा है।यह श्रीमद्भागवत कथा 22 जुलाई से 28 जुलाई 2025 तक आयोजित की जा रही है। परीक्षित की भूमिका में सतीश श्रीवास्तव एवं ममता श्रीवास्तव ने यह पुण्य अवसर प्राप्त किया है।आयोजन और व्यवस्थाइस आयोजन की संकल्पना दंदरौआ धाम कथा परिवार भक्त मंडल की है, जबकि व्यवस्थापक की भूमिका में तहसीलदार यादव (बजाज एजेंसी) निष्ठा से सेवा दे रहे हैं।श्रद्धालुओं के लिए समुचित बैठने, प्रसाद, जल एवं अन्य सुविधाओं की व्यवस्था सराहनीय रही है।यदि आप चाहें तो इसका संक्षिप्त सोशल मीडिया कैप्शन, मराठी अनुवाद, या बुलेटिन शैली में भी संस्करण उपलब्ध कराया जा सकता है।