Category: New Delhi

  • Government-Owned PEC Ltd Allegedly Duped of ₹631 Crore by  Soumit Ranjan Jena and His Wife: सरकारी कंपनी पीईसी लिमिटेड को मोहन भागवत के फंटर सौमित रंजन जेना और उसकी पत्नी प्रीति ने लगाई 631 करोड़ की चपत

    Government-Owned PEC Ltd Allegedly Duped of ₹631 Crore by Soumit Ranjan Jena and His Wife: सरकारी कंपनी पीईसी लिमिटेड को मोहन भागवत के फंटर सौमित रंजन जेना और उसकी पत्नी प्रीति ने लगाई 631 करोड़ की चपत

    PEC Limited कंपनी से सौमित ने चीन को लौह अयस्क की सप्लाई के लिए थे 348 करोड़, व्याज सहित हो गए 613 करोड़

    मुंबई। सरकारी कंपनी पीईसी लिमिटेड से जुड़े 613 करोड़ रुपये के कथित वित्तीय घोटाले को लेकर चार्टर्ड अकाउंटेंट विजय डागर ने जांच और न्यायिक प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाते हुए संबंधित एजेंसियों से मामले की निष्पक्ष एवं विस्तृत जांच की मांग की है। डागर का दावा है कि उन्होंने इस मामले में उपलब्ध दस्तावेजों और वित्तीय लेन-देन का अध्ययन कर कई महत्वपूर्ण बिंदु जांच एजेंसियों के समक्ष रखे हैं।
    डागर के अनुसार, वर्ष 2011-12 में पिसीज एक्सिम के मुंबई यूनिट के प्रोपराइटर सौमित जेना ने पीईसी लिमिटेड से चीन को लौह अयस्क निर्यात के लिए करीब 613 करोड़ रुपये का ऋण लिया था। उनका आरोप है कि बाद में कंपनी की संरचना में बदलाव कर कुछ कर्मचारियों को पिसीज एक्सिम (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड का निदेशक बनाया गया और जेना तथा उनकी पत्नी ने निदेशक पद से इस्तीफा दे दिया। डागर का दावा है कि इस प्रक्रिया के जरिए ऋण की जिम्मेदारी नए निदेशकों वाली कंपनी पर डाल दी गई।
    डागर स्वयं पिसीज एक्सिम (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड के वित्त वर्ष 2011-12 के वैधानिक ऑडिटर थे। उनके खिलाफ गोवा में SPCC/10/2019 मामला दर्ज होने का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि उन पर सरस्वत को-ऑपरेटिव बैंक से लिए गए करीब 3 करोड़ रुपये के सुरक्षित ऋण को कंपनी की पुस्तकों में नहीं दिखाने का आरोप लगाया गया। डागर का कहना है कि उक्त ऋण वास्तव में पिसीज एक्सिम के प्रोपराइटर सौमित जेना की प्रोपराइटरी इकाई से संबंधित था और ऋण की राशि उसी खाते में दर्ज एवं बाद में चुकाई गई थी।
    डागर का कहना है कि इस तथ्य को स्पष्ट करने के लिए उन्होंने सरस्वत बैंक से संबंधित बैंक स्टेटमेंट हासिल करने का प्रयास किया, लेकिन बैंक ने उन्हें तीसरा पक्ष बताते हुए स्टेटमेंट उपलब्ध नहीं कराया। उनका आरोप है कि बैंक खाते और उसमें हुए लेन-देन की विस्तृत जांच होने पर 613 करोड़ रुपये के कथित वित्तीय लेन-देन और धन के हस्तांतरण की वास्तविक तस्वीर सामने आ सकती है।


    उन्होंने SPCC/11/2019 और SPCC/12/2019 का भी उल्लेख करते हुए दावा किया कि पिसीज एक्सिम इंडिया प्राइवेट लिमिटेड में बाद में बनाए गए कुछ निदेशकों को भी मामले में आरोपी बनाया गया, जबकि उनकी भूमिका और नियुक्ति की परिस्थितियों की स्वतंत्र जांच आवश्यक है। डागर ने एक पूर्व कानूनी प्रबंधक की मौत का भी उल्लेख किया है और इस संबंध में जांच की मांग की है।
    डागर ने आरोप लगाया कि कथित घोटाले में निर्यात से प्राप्त धन के स्थानांतरण, नकद निकासी, कथित फर्जी कारोबार तथा दुबई स्थित खातों में धन भेजे जाने जैसे कई पहलुओं की जांच की जरूरत है। हालांकि, इन गंभीर आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और संबंधित एजेंसियों अथवा न्यायालय के अंतिम निष्कर्ष का इंतजार है।


    उन्होंने यह भी दावा किया कि मामले में आरोपी बताए जा रहे सौमित जेना वर्ष 2018 में भारत से बाहर चला गया, उसकी इतनी पहुंच थी कि उसने अपने रसूख से दो दिन के अंदर अपना और अपनी पत्नी का पासपोर्ट रिन्यू कराकर नेपाल के रास्ते प्राईवेट जेट से दुबई चला गया. सीबीआई दावा करती है कि दुबई की पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है लेकिन खुलासा अभी तक नहीं हुआ है। इस कांड में मोहन भागवत का हाथ है और उनकी सह पर सौमित रंजन जेना वर्ष 2018 में सरकारी कंपनी पीईसी लिमिटेड द्वारा दिए गए ऋण को गटकने में सफल हो सका।


    डागर ने भारतीय सनदी लेखाकार संस्थान (ICAI) और नेशनल फाइनेंशियल रिपोर्टिंग अथॉरिटी (NFRA) से भी इस मामले के लेखांकन पक्ष पर विशेषज्ञ राय देने का आग्रह किया है। उनका कहना है कि यदि 3 करोड़ रुपये के बैंक ऋण की वास्तविक प्रकृति और उधारकर्ता की स्थिति स्पष्ट हो जाती है तो उनके खिलाफ चल रही कार्यवाही के महत्वपूर्ण पहलुओं का समाधान हो सकता है।
    उन्होंने प्रधानमंत्री कार्यालय, गृह मंत्रालय, कानून एवं न्याय मंत्रालय, केंद्रीय सतर्कता आयोग, सीबीआई और अन्य संस्थानों को शिकायतें भेजे जाने का भी दावा किया है। डागर का आरोप है कि वर्ष 2022 में उनसे मामला समाप्त कराने के लिए रिश्वत की मांग की गई थी। इस आरोप की भी स्वतंत्र जांच आवश्यक है।
    डागर का कहना है कि पिछले कई वर्षों से वह इस मामले में न्याय के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि उन्हें दो बार जान से मारने की धमकी भी मिली है। उनका कहना है कि इतने बड़े सरकारी वित्तीय मामले में केवल आरोपियों की पहचान करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि बैंकिंग लेन-देन, निर्यात प्राप्तियों और धन के अंतिम उपयोग का फॉरेंसिक ऑडिट कर वास्तविक लाभार्थियों और जिम्मेदार लोगों की पहचान की जानी चाहिए।
    उन्होंने केंद्र सरकार, सीबीआई, संबंधित न्यायिक संस्थाओं और वित्तीय नियामक एजेंसियों से पूरे मामले की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच कराने के लिए शिकायत की गई है तथा यदि सरकारी धन की हेराफेरी प्रमाणित होती है तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।

    पीईसी लिमिटेड 613 करोड़ रुपये का वित्तीय घोटाला

    • घोटाले का स्वरूप: वर्ष 2011-12 में ‘पिसीज एक्सिम’ के मुंबई यूनिट के प्रोपराइटर सौमित जेना द्वारा सरकारी कंपनी पीईसी लिमिटेड से चीन को लौह अयस्क निर्यात के नाम पर लगभग 613 करोड़ रुपये का ऋण लिया गया था।
    • कंपनी संरचना में बदलाव का आरोप: आरोप है कि बाद में कंपनी की संरचना बदलकर कुछ अन्य कर्मचारियों को ‘पिसीज एक्सिम (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड’ का निदेशक बना दिया गया, जबकि जेना और उनकी पत्नी ने निदेशक पद से इस्तीफा दे दिया। इस प्रक्रिया के जरिए ऋण की देयता नई कंपनी पर डाले जाने का दावा किया गया है।
    • फॉरेंसिक ऑडिट और निष्पक्ष जांच की मांग: मामले के वित्तीय लेन-देन, निर्यात प्राप्तियों, धन के अंतिम उपयोग, दुबई स्थित खातों में धन ट्रांसफर और नकद निकासी की गहराई से फॉरेंसिक जांच कराने की मांग की गई है।

    चार्टर्ड अकाउंटेंट विजय डागर के दावे और पक्ष

    • वैधानिक ऑडिटर की भूमिका: विजय डागर वर्ष 2011-12 के दौरान पिसीज एक्सिम (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड के वैधानिक ऑडिटर थे।
    • गोवा मामला (SPCC/10/2019): डागर पर सरस्वत को-ऑपरेटिव बैंक से लिए गए लगभग 3 करोड़ रुपये के सुरक्षित ऋण को कंपनी की पुस्तकों में नहीं दिखाने का आरोप है। डागर का स्पष्ट कहना है कि यह ऋण सौमित जेना की प्रोपराइटरी इकाई से संबंधित था और उसी खाते में दर्ज एवं चुकाया गया था।
    • अन्य मामले: डागर ने SPCC/11/2019 और SPCC/12/2019 का हवाला देते हुए बाद के निदेशकों की भूमिका और नियुक्ति की परिस्थितियों की स्वतंत्र जांच की मांग की है। साथ ही, उन्होंने एक पूर्व कानूनी प्रबंधक की संदिग्ध मौत की जांच की भी मांग उठाई है।
    • संस्थानों से अपील: डागर ने भारतीय सनदी लेखाकार संस्थान (ICAI) और नेशनल फाइनेंशियल रिपोर्टिंग अथॉरिटी (NFRA) से इस मामले के लेखांकन पक्ष पर विशेषज्ञ राय देने का आग्रह किया है।
    • सुरक्षा और धमकियां: डागर का दावा है कि वह लंबे समय से न्याय के लिए संघर्ष कर रहे हैं और इस दौरान उन्हें दो बार जान से मारने की धमकियां भी मिली हैं। साथ ही उन्होंने वर्ष 2022 में मामला समाप्त करने के एवज में रिश्वत मांगे जाने का भी गंभीर आरोप लगाया है।

    एजेंसियों और सरकार से मांग

    • प्रधानमंत्री कार्यालय, गृह मंत्रालय, कानून एवं न्याय मंत्रालय, केंद्रीय सतर्कता आयोग और सीबीआई जैसी प्रमुख संस्थाओं को शिकायतें भेजी गई हैं।
  • Dharmendra Pradhan Resigned:नीट विवाद के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा, छात्रों के आंदोलन के बाद लिया बड़ा फैसला

    Dharmendra Pradhan Resigned:नीट विवाद के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा, छात्रों के आंदोलन के बाद लिया बड़ा फैसला

    जंतर-मंतर पर छात्रों का प्रदर्शन जारी, इस्तीफे में युवाओं की भावनाओं का सम्मान करने की बात कही; राहुल गांधी ने पहले ही मंत्री बदलने की संभावना जताई थी।

    नई दिल्ली | नीट-यूजी 2026 परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर देशभर में चल रहे छात्र आंदोलन के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। जंतर-मंतर पर पिछले कई दिनों से हजारों छात्र प्रदर्शन कर रहे थे और उनकी प्रमुख मांग शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की थी।

    अपने इस्तीफे की जानकारी सोशल मीडिया पर साझा करते हुए धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि देश की युवाशक्ति ही भारत की सबसे बड़ी ताकत है और पिछले दस दिनों की घटनाओं ने उन्हें गहरा दुख पहुंचाया है। उन्होंने कहा कि वह चार दशकों से छात्र, शिक्षक और शिक्षा सुधार के लिए समर्पित रहे हैं तथा हमेशा एक मजबूत और समावेशी शिक्षा व्यवस्था के पक्षधर रहे हैं।

    प्रधान ने अपने संदेश में कहा कि 3 मई 2026 को आयोजित NEET-UG परीक्षा में अनियमितताओं के सामने आने के बाद केंद्र सरकार ने तत्काल जांच सीबीआई को सौंपी, परीक्षा रद्द की और पुनः परीक्षा आयोजित करने का निर्णय लिया। उन्होंने बताया कि अगले वर्ष से परीक्षा सीबीटी (Computer Based Test) मोड में कराने का भी फैसला लिया गया है।

    उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता 20 लाख से अधिक छात्रों की परीक्षा निष्पक्ष और सुचारू रूप से कराना थी। केंद्र और राज्य सरकारों के सहयोग से 21 जून 2026 को पुनः परीक्षा सफलतापूर्वक आयोजित की गई। उन्होंने यह भी कहा कि उनका प्रयास था कि किसी भी मेधावी छात्र का भविष्य परीक्षा माफिया के कारण प्रभावित न हो।

    धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि 16 जुलाई को घोषित परिणामों में गरीब और ग्रामीण पृष्ठभूमि के कई प्रतिभाशाली छात्रों ने सफलता हासिल की, लेकिन इसके बावजूद कुछ लोगों ने छात्रों को गुमराह करने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि उनके लिए यह व्यक्तिगत प्रतिष्ठा का विषय नहीं है, बल्कि देश के युवाओं का भविष्य सर्वोपरि है।

    उन्होंने अपने इस्तीफे में लिखा कि जंतर-मंतर और देशभर में बनी स्थिति का राष्ट्रविरोधी ताकतें लाभ न उठा सकें, देश की एकता बनी रहे और किसी भी छात्र का भविष्य कानूनी उलझनों में न फंसे, इसी उद्देश्य से उन्होंने प्रधानमंत्री को अपना त्यागपत्र सौंप दिया।

    प्रधान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें राष्ट्रसेवा का अवसर मिला, जिसके लिए वह सदैव कृतज्ञ रहेंगे। उन्होंने विश्वास जताया कि भविष्य में भी वह देश, ओडिशा और युवाओं की सेवा के लिए समर्पित रहेंगे।

    इस बीच, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में छात्रों की मांगों का समर्थन करते हुए कहा कि शिक्षा मंत्री को हटाया जाना चाहिए। राहुल गांधी ने दावा किया कि सरकार में धर्मेंद्र प्रधान का मंत्रालय बदले जाने पर चर्चा चल रही थी और छात्रों की तीन प्रमुख मांगों में पहली मांग शिक्षा मंत्री को हटाने की थी।

  • Delhi Parliament March Student Protests Farmers Support Government Opposition: दिल्ली संसद मार्च के बाद आंदोलन तेज, कई राज्यों में छात्र संगठनों और किसानों ने समर्थन का किया ऐलान

    Delhi Parliament March Student Protests Farmers Support Government Opposition: दिल्ली संसद मार्च के बाद आंदोलन तेज, कई राज्यों में छात्र संगठनों और किसानों ने समर्थन का किया ऐलान

    नई दिल्ली। संसद मार्च के दौरान दिल्ली में हुए प्रदर्शन के बाद आंदोलन ने नया मोड़ ले लिया है। जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में प्रदर्शनकारियों तथा पुलिस के बीच हुई झड़पों के बाद अब कई राज्यों के छात्र संगठनों और किसान संगठनों ने भी आंदोलन के समर्थन का ऐलान किया है।

    प्रदर्शन के दौरान कई स्थानों पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव देखने को मिला। हालात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे और लाठीचार्ज किया। वहीं कुछ स्थानों पर प्रदर्शनकारियों की ओर से पथराव की भी घटनाएं सामने आईं। दिल्ली पुलिस के अनुसार, इन घटनाओं में 50 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हुए हैं, जबकि कई प्रदर्शनकारियों के घायल होने की भी सूचना है।

    Delhi Parliament March Student Protests Farmers Support Government Opposition

    प्रदर्शन के बाद देर रात जंतर-मंतर और अन्य स्थानों पर बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी एकत्र हुए और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इसी दौरान पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के कुछ किसान समूहों ने भी आंदोलन को समर्थन देने की घोषणा की। सोशल मीडिया पर हथियारों के साथ कुछ लोगों के वीडियो और तस्वीरें भी सामने आई हैं। हालांकि, इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है और प्रशासन की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

    आंदोलन से जुड़े संगठनों का दावा है कि उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर सहित कई राज्यों के छात्र संगठन भी विरोध-प्रदर्शन की तैयारी कर रहे हैं। वाराणसी, प्रयागराज, लखनऊ, मुंबई और अन्य शहरों में प्रदर्शन की घोषणाएं की गई हैं।

    इस बीच आंदोलनकारी संगठनों ने कहा है कि उनकी मांगें पूरी होने तक विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। दूसरी ओर प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है और संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।

    फिलहाल केंद्र सरकार की ओर से आंदोलन के विस्तार और विभिन्न संगठनों के समर्थन के दावों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और कानून अपने हाथ में न लेने की अपील की है।

  • (DELHI PARLIAMENT MARCH VIOLENCE) दिल्ली संसद मार्च में बवाल: आंसू गैस, लाठीचार्ज और पथराव; 50 से अधिक पुलिसकर्मी घायल, CJP ने रखीं तीन मांगें

    (DELHI PARLIAMENT MARCH VIOLENCE) दिल्ली संसद मार्च में बवाल: आंसू गैस, लाठीचार्ज और पथराव; 50 से अधिक पुलिसकर्मी घायल, CJP ने रखीं तीन मांगें

    नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में संसद मार्च के दौरान जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में हालात उस समय तनावपूर्ण हो गए, जब प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच कई जगहों पर झड़पें हुईं। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे और लाठीचार्ज किया। वहीं, प्रदर्शनकारियों की ओर से कई स्थानों पर पथराव किए जाने की भी सूचना है, जिसमें 50 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हो गए।

    दिल्ली पुलिस के सूत्रों के अनुसार, घायल पुलिसकर्मियों में 10 से अधिक भारतीय पुलिस सेवा (IPS) तथा दिल्ली, अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह पुलिस सेवा (DANIPS) के अधिकारी भी शामिल हैं। सभी घायलों को विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। पुलिस का कहना है कि घायलों की संख्या बढ़ सकती है, क्योंकि कई कर्मियों का इलाज अभी जारी है। दूसरी ओर, झड़पों में कई प्रदर्शनकारी भी घायल हुए हैं।

    DELHI PARLIAMENT MARCH VIOLENCE

    शाम करीब चार बजे सुरक्षा बलों ने जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन को समाप्त कराने के लिए कार्रवाई की। प्रदर्शन स्थल पर लगाए गए टेंट हटाए गए और प्रदर्शनकारियों को वहां से हटाया गया। इसके बाद पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई।

    इस बीच CJP के एक प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात की। बैठक के बाद जेपी नड्डा ने प्रदर्शनकारियों से आंदोलन और अनशन समाप्त करने की अपील की। उन्होंने कहा कि आज सुबह पहली बार प्रदर्शनकारियों की ओर से सरकार से बातचीत का प्रस्ताव आया और सौहार्दपूर्ण वातावरण में चर्चा हुई। हालांकि CJP ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

    CJP की तीन प्रमुख मांगें

    • शिक्षा मंत्री का इस्तीफा।
    • सोनम वांगचुक को रिहा किया जाए तथा उनके आने-जाने पर किसी प्रकार की रोक न लगाई जाए।
    • नीट पेपर लीक से आहत होकर आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए।

    फिलहाल CJP की इन मांगों पर सरकार की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वहीं पुलिस ने हिंसा, पथराव और कानून-व्यवस्था भंग करने की घटनाओं की जांच शुरू कर दी है।

  • NEET पेपर लीक और बढ़ती बेरोजगारी के खिलाफ CJP का संसद मार्च, दिल्ली में भारी हंगामा; पुलिस से झड़प, कई प्रदर्शनकारी हिरासत में

    NEET पेपर लीक और बढ़ती बेरोजगारी के खिलाफ CJP का संसद मार्च, दिल्ली में भारी हंगामा; पुलिस से झड़प, कई प्रदर्शनकारी हिरासत में

    नई दिल्ली, 20 जुलाई। राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) पेपर लीक मामले और देश में बढ़ती बेरोजगारी के विरोध में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा सोमवार को आयोजित ‘चलो संसद’ मार्च के दौरान राजधानी दिल्ली में तनावपूर्ण स्थिति बन गई। संसद के मानसून सत्र के पहले दिन जंतर-मंतर से संसद की ओर कूच कर रहे प्रदर्शनकारियों को दिल्ली पुलिस ने रोक दिया, जिसके बाद पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प, धक्का-मुक्की तथा कथित लाठीचार्ज की घटनाएं सामने आईं। हालात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने कई स्थानों पर आंसू गैस के गोले भी छोड़े।

    CJP ने मशहूर सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को कथित रूप से दिल्ली पुलिस द्वारा भूख हड़ताल स्थल से जबरन अस्पताल ले जाने के विरोध में ‘चलो संसद’ मार्च का आह्वान किया था। पार्टी के समर्थन में देशभर से छात्र, प्रतियोगी परीक्षाओं के अभ्यर्थी तथा उनके अभिभावक बड़ी संख्या में जंतर-मंतर पर एकत्र हुए।

    जंतर-मंतर से संसद तक कड़ी सुरक्षा

    संसद के मानसून सत्र को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने राजधानी में व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की थी। संसद भवन और उसके आसपास के क्षेत्रों को हाई सिक्योरिटी जोन में तब्दील कर दिया गया। जंतर-मंतर से संसद मार्ग तक तथा दिल्ली के विभिन्न संवेदनशील इलाकों में 5,000 से अधिक पुलिसकर्मी, अर्धसैनिक बल और सीआरपीएफ के जवान तैनात किए गए।

    पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को जंतर-मंतर से आगे बढ़ने से रोकने की कोशिश की, लेकिन कई प्रदर्शनकारी बैरिकेडिंग पार कर रेल भवन और विजय चौक तक पहुंच गए। इसके बाद पुलिस ने उन्हें हटाने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े और भीड़ को तितर-बितर किया। कुछ समय के लिए संसद भवन के मुख्य प्रवेश द्वारों सहित साउथ गेट को भी बंद कर दिया गया।

    भूख हड़ताल को लेकर विवाद

    CJP के अनुसार, जंतर-मंतर पर 28 जून से भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक को दिल्ली पुलिस जबरन अस्पताल ले गई। इसके बाद पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने भूख हड़ताल शुरू की। पार्टी का कहना है कि कई अन्य कार्यकर्ता भी उनके साथ अनशन पर बैठे थे।

    बाद में पार्टी की ओर से जानकारी दी गई कि अभिजीत दीपके ने अपनी भूख हड़ताल समाप्त कर दी है। वहीं CJP के प्रवक्ता सौरव दास ने दावा किया कि पुलिस ने दीपके को हिरासत में ले लिया है। उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे लोगों के साथ पुलिस ने बल प्रयोग किया और कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया।

    शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग

    CJP लगातार NEET पेपर लीक मामले की निष्पक्ष जांच और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रही है। पार्टी का आरोप है कि परीक्षा प्रणाली में लगातार हो रही गड़बड़ियों से लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है।

    विपक्ष ने सरकार को घेरा

    कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार छात्रों के प्रति असंवेदनशील रवैया अपना रही है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार निष्पक्ष और व्यवस्थित तरीके से परीक्षाओं का संचालन नहीं करा सकती, तो इसकी जिम्मेदारी किसी सक्षम संस्था को सौंपनी चाहिए। उन्होंने छात्रों पर कथित लाठीचार्ज को लोकतंत्र पर हमला बताया।

    कांग्रेस सांसद गुरजीत सिंह औजला ने कहा कि पूरा विपक्ष संसद में पेपर लीक के मुद्दे पर चर्चा और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहा है। उनके अनुसार, सरकार की नीतियों से शिक्षा व्यवस्था को गंभीर नुकसान पहुंचा है और युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ हुआ है।

    कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने भी प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग पर चिंता जताते हुए कहा कि यदि प्रदर्शन शांतिपूर्ण था तो पुलिस कार्रवाई की आवश्यकता समझ से परे है।

    अन्य नेताओं की प्रतिक्रिया

    दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया पर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई की आलोचना करते हुए कहा कि छात्रों की मांगों पर ध्यान देने के बजाय उन पर लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया जा रहा है।

    तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा ने भी प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई की निंदा की। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन शुरू होने के बाद इंटरनेट सेवाएं बाधित की गईं और छात्रों के साथ कठोर व्यवहार किया गया।

    संसद की सुरक्षा और बढ़ाई गई

    प्रदर्शनकारियों के संसद परिसर के निकट पहुंचने के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने संसद भवन की सुरक्षा और कड़ी कर दी। विजय चौक, रायसीना रोड, रेल भवन और ट्रांसपोर्ट भवन के आसपास अतिरिक्त पुलिस बल, सीआरपीएफ और संसद सुरक्षा बल को तैनात किया गया। करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को पीछे हटाने में सफलता पाई।

    इस बीच सूत्रों के अनुसार केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने स्थिति को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भी मुलाकात की।

    फिलहाल दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी बनी हुई है और पुलिस पूरे घटनाक्रम पर नजर रखे हुए है।

  • Atul Londhe’s Ram Mandir Remark Sparks Row: भाजपा का भगवान राम से कोई सरोकार नहीं, उनके सिर्फ नाथूराम हैं : अतुल लोंढे पाटिल

    Atul Londhe’s Ram Mandir Remark Sparks Row: भाजपा का भगवान राम से कोई सरोकार नहीं, उनके सिर्फ नाथूराम हैं : अतुल लोंढे पाटिल

    ‘लाडली बहन’ योजना में 62 लाख महिलाओं को ई-केवाईसी के नाम पर रोका गया: कांग्रेस

    नई दिल्ली/मुंबई | महाराष्ट्र की ‘लाडली बहन’ योजना को लेकर कांग्रेस ने भाजपा नेतृत्व वाली महायुति सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कांग्रेस का दावा है कि सरकार ने विभिन्न कारणों का हवाला देकर करीब 38 प्रतिशत लाभार्थी महिलाओं को योजना से बाहर कर दिया, जिससे लाखों महिलाएं अपने अधिकार से वंचित हो गई हैं।

    नई दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में महाराष्ट्र कांग्रेस के प्रवक्ता अतुल लोंढे पाटिल ने आरोप लगाया कि सरकार ने 62 लाख महिलाओं को ई-केवाईसी पूरा न होने का कारण बताकर योजना के लाभ से वंचित कर दिया। वहीं, करीब 1.80 लाख महिलाओं को 65 वर्ष से अधिक आयु का हवाला देकर अपात्र घोषित किया गया।

    उन्होंने कहा कि आवेदन के समय महिलाओं ने आधार कार्ड जमा किए थे, जिनमें उनकी जन्मतिथि दर्ज थी। ऐसे में अब उम्र का आधार बनाकर लाभ रोकना उचित नहीं है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं के पास स्मार्टफोन नहीं होने के बावजूद उनसे ई-केवाईसी अनिवार्य किया गया, जिसके कारण बड़ी संख्या में पात्र महिलाएं योजना से बाहर हो गईं।

    कांग्रेस ने ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया में इस्तेमाल किए जा रहे जटिल कैप्चा सिस्टम पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि इससे अशिक्षित और ग्रामीण महिलाओं के लिए आवेदन प्रक्रिया पूरी करना कठिन हो गया।

    अतुल लोंढे पाटिल ने कैग (CAG) की रिपोर्ट का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि स्वीकृत राशि से अधिक खर्च को लेकर उठाए गए सवालों का सरकार के पास कोई संतोषजनक जवाब नहीं है। उन्होंने योजना के क्रियान्वयन, कथित अनियमितताओं और अपात्र लोगों को लाभ मिलने के मामलों की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।

    (Ram vs Nathuram Remark Fuels Political Clash)

    पत्रकार वार्ता के दौरान अतुल लोंढे पाटिल ने अयोध्या राम मंदिर दान चोरी प्रकरण का उल्लेख करते हुए भाजपा पर भी राजनीतिक हमला बोला। उन्होंने कहा, “भाजपा का भगवान राम से कोई सरोकार नहीं है, उनके सिर्फ नाथूराम हैं। इससे स्पष्ट होता है कि भाजपा के लिए हिंदुत्व केवल दिखावा है।”

  • Monsoon Alert (Heavy Rain in 13 States): 13 राज्यों में भारी बारिश, आंधी और बिजली गिरने का अलर्ट; अगले 12 घंटे कई इलाकों के लिए बेहद अहम

    Monsoon Alert (Heavy Rain in 13 States): 13 राज्यों में भारी बारिश, आंधी और बिजली गिरने का अलर्ट; अगले 12 घंटे कई इलाकों के लिए बेहद अहम

    नई दिल्ली: देशभर में मानसून अब पूरी तरह सक्रिय हो गया है। कई राज्यों में लगातार हो रही बारिश से जनजीवन प्रभावित होने लगा है। भारत मौसम विभाग (IMD) ने 8 जुलाई के लिए मौसम का नया अलर्ट जारी करते हुए उत्तर, पूर्व और मध्य भारत के कई राज्यों में भारी बारिश, तेज आंधी, गरज-चमक और बिजली गिरने की चेतावनी दी है।

    मौसम विभाग के अनुसार कुछ इलाकों में तेज हवाओं की रफ्तार 85 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जबकि कुछ स्थानों पर ओले गिरने की भी संभावना जताई गई है। विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।

    13 राज्यों में भारी बारिश और आंधी का अलर्ट(Heavy Rain in 13 States)

    IMD ने 8 जुलाई को उत्तर प्रदेश, दिल्ली, बिहार, हरियाणा, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और केरल में भारी बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है।

    इन राज्यों के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने का खतरा भी बना रहेगा। किसानों, मछुआरों और खुले इलाकों में काम करने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

    दिल्ली में तेज बारिश और 80 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा की संभावना

    राजधानी दिल्ली में बुधवार को तेज बारिश होने का अनुमान है। मौसम विभाग के मुताबिक बारिश के दौरान 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।

    दिल्ली में अधिकतम तापमान करीब 29 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। तेज बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव और ट्रैफिक जाम की स्थिति बन सकती है।

    उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

    उत्तर प्रदेश के कई जिलों में मौसम विभाग ने भारी बारिश और तेज आंधी की चेतावनी जारी की है।

    अलर्ट वाले प्रमुख जिलों में मथुरा, बुलंदशहर, फिरोजाबाद, झांसी, महोबा, हमीरपुर, ललितपुर, जालौन, अलीगढ़, कानपुर, अमरोहा, वाराणसी, प्रयागराज, अयोध्या और देवरिया शामिल हैं।

    इन क्षेत्रों में हवा की रफ्तार करीब 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। राजधानी लखनऊ में अधिकतम तापमान 31 डिग्री और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।

    बिहार में भी भारी बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी

    बिहार के कई जिलों में मौसम विभाग ने भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इनमें पटना, गया, सारण, सिवान, वैशाली, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, दरभंगा, मधुबनी, पूर्णिया, कटिहार, भागलपुर, मुंगेर, खगड़िया, अररिया, किशनगंज और बेगूसराय शामिल हैं।

    यहां तेज हवाओं की रफ्तार 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। पटना में अधिकतम तापमान 33 डिग्री और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।

    झारखंड और पश्चिम बंगाल में भी मौसम बिगड़ने के संकेत

    झारखंड के रांची, दुमका, देवघर, हजारीबाग, पलामू, गढ़वा, लातेहार और खूंटी समेत कई जिलों में भारी बारिश की संभावना है। यहां हवा की गति 60 से 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक रह सकती है।

    वहीं पश्चिम बंगाल के कोलकाता, हावड़ा, हुगली, मालदा, नादिया, दार्जिलिंग, उत्तर एवं दक्षिण 24 परगना, कूचबिहार और पूर्व मेदिनीपुर में भी बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया गया है।

    पहाड़ी राज्यों में भारी बारिश का खतरा

    उत्तराखंड में पिथौरागढ़, नैनीताल, अल्मोड़ा, पौड़ी, हरिद्वार, चमोली और ऋषिकेश समेत कई इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। यहां तेज हवाएं 65 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं।

    हिमाचल प्रदेश के शिमला, सोलन, कुल्लू, ऊना, कांगड़ा, चंबा और किन्नौर में भी बारिश और तेज हवाओं की संभावना है।

    जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़, कठुआ, उधमपुर, जम्मू, राजौरी, अनंतनाग, पुंछ और कुलगाम सहित कई क्षेत्रों में मौसम खराब रहने का अनुमान जताया गया है।

    राजस्थान और मध्य प्रदेश में भी बारिश का दौर जारी

    राजस्थान के जयपुर, अजमेर, कोटा, बीकानेर, उदयपुर, जैसलमेर, अलवर, जोधपुर और डूंगरपुर सहित कई जिलों में भारी बारिश और तेज हवाओं की संभावना है। यहां हवा की गति 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक रह सकती है।

    मध्य प्रदेश में भोपाल, ग्वालियर, इंदौर, उज्जैन, सतना, रीवा, विदिशा, बालाघाट, सिवनी, देवास और छिंदवाड़ा समेत कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

    प्रशासन ने जारी की सावधानी बरतने की अपील

    मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि बिजली चमकने और तेज हवाओं के दौरान खुले स्थानों से दूर रहें। पेड़ों, बिजली के खंभों और कमजोर निर्माण वाले स्थानों के पास खड़े होने से बचें। मानसून के इस सक्रिय दौर में अगले कुछ घंटे कई राज्यों के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हो सकते हैं।

  • Adhar Card Update:आधार कार्ड धारकों के लिए बड़ी राहत! अब 31 दिसंबर 2026 तक मुफ्त में अपडेट करें ई-मेल आईडी, नहीं लगेगी कोई फीस

    Adhar Card Update:आधार कार्ड धारकों के लिए बड़ी राहत! अब 31 दिसंबर 2026 तक मुफ्त में अपडेट करें ई-मेल आईडी, नहीं लगेगी कोई फीस

    नई दिल्ली: आधार कार्ड आज देश का सबसे महत्वपूर्ण पहचान दस्तावेज बन चुका है। बैंकिंग, सरकारी योजनाओं, सब्सिडी, पैन लिंकिंग और कई अन्य सेवाओं के लिए आधार अनिवार्य है। ऐसे में आधार में दर्ज जानकारी का सही और अपडेट होना बेहद जरूरी है। इसी को ध्यान में रखते हुए भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने आधार कार्ड धारकों को बड़ी राहत दी है।

    31 दिसंबर 2026 तक मुफ्त में बदल सकेंगे ई-मेल आईडी

    UIDAI के नए फैसले के तहत अब आधार कार्ड में ई-मेल आईडी को 31 दिसंबर 2026 तक बिना किसी शुल्क के अपडेट या बदल सकते हैं। पहले इस सुविधा के लिए 75 रुपये और जीएसटी का भुगतान करना पड़ता था, लेकिन अब यह सेवा पूरी तरह निःशुल्क कर दी गई है।

    सबसे खास बात यह है कि ई-मेल अपडेट कराने के लिए अब आधार सेवा केंद्र जाने की भी जरूरत नहीं होगी। यह प्रक्रिया घर बैठे मोबाइल फोन के जरिए पूरी की जा सकती है।

    क्यों जरूरी है ई-मेल अपडेट करना?

    आधार से जुड़ी कई ऑनलाइन सेवाओं में ई-मेल वेरिफिकेशन की आवश्यकता होती है। यदि आपके आधार में पुराना या गलत ई-मेल दर्ज है, तो ओटीपी और अन्य महत्वपूर्ण सूचनाएं प्राप्त करने में परेशानी हो सकती है। इसलिए समय रहते सही ई-मेल अपडेट करना फायदेमंद रहेगा।

    ऐसे करें आधार में ई-मेल अपडेट

    ई-मेल अपडेट करने के लिए अपने मोबाइल में UIDAI का आधिकारिक Aadhaar App डाउनलोड करें और इन आसान चरणों का पालन करें—

    1. Aadhaar App में लॉगिन करें।
    2. Update Email या Update Aadhaar Details विकल्प चुनें।
    3. नया ई-मेल आईडी दर्ज करें।
    4. आवश्यक सत्यापन (Verification) पूरा करें।
    5. प्रक्रिया पूरी होने के बाद आपका ई-मेल अपडेट हो जाएगा।

    UIDAI ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपने आधार में दर्ज सभी जानकारियों को समय-समय पर अपडेट रखें, ताकि सरकारी और डिजिटल सेवाओं का लाभ बिना किसी परेशानी के मिल सके।

  • MP High Court Reduces Life Term in Pregnant Wife Murder Case:पत्नी की टिप्पणी पर भड़का पति, गर्भवती पत्नी की हत्या मामले में हाईकोर्ट ने उम्रकैद घटाकर 7 साल की

    MP High Court Reduces Life Term in Pregnant Wife Murder Case:पत्नी की टिप्पणी पर भड़का पति, गर्भवती पत्नी की हत्या मामले में हाईकोर्ट ने उम्रकैद घटाकर 7 साल की

    भोपाल: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने सात माह की गर्भवती पत्नी की हत्या के मामले में एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए आरोपी पति की उम्रकैद की सजा को घटाकर 7 वर्ष के कठोर कारावास में बदल दिया है। अदालत ने माना कि यह हत्या पूर्व नियोजित (Pre-meditated) नहीं थी, बल्कि पत्नी की कथित टिप्पणी से उत्पन्न “अचानक और गंभीर उकसावे (Sudden and Grave Provocation)” का परिणाम थी।

    क्या है पूरा मामला?

    यह मामला मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के चौरई ब्लॉक का है। अभियोजन के अनुसार, 18 सितंबर 2021 को शिवा कहार ने अपनी सात महीने की गर्भवती पत्नी किरण की पत्थर से सिर पर वार कर हत्या कर दी थी।

    घटना के दिन पति-पत्नी के बीच विवाद हुआ था। आरोपी के अनुसार, झगड़े के दौरान पत्नी ने उससे कहा था, “मैं तुम्हारे जैसे हजार पति रख सकती हूं।” इस टिप्पणी से वह गुस्से में आ गया और पास में पड़ा पत्थर उठाकर पत्नी के सिर पर वार कर दिया, जिससे उसकी मौत हो गई।

    घटना के बाद आरोपी ने स्वयं अपने ससुर को घटना की जानकारी दी और पुलिस को भी इसकी सूचना दी।

    हाईकोर्ट ने क्या कहा?

    18 जून को दिए गए अपने फैसले में जस्टिस विवेक अग्रवाल और जस्टिस अवनींद्र कुमार सिंह की खंडपीठ ने कहा कि मामले के तथ्यों से स्पष्ट है कि यह अपराध पहले से योजनाबद्ध नहीं था।

    अदालत ने कहा कि यदि पत्नी अपने पति से यह कहती है कि “वह उसके जैसे हजार पति रख सकती है,” तो यह पति के सम्मान और उसके अस्तित्व को तुच्छ बताने वाला अप्रत्यक्ष संकेत माना जा सकता है। ऐसी परिस्थिति को भारतीय दंड कानून के तहत “अचानक और गंभीर उकसावे” की श्रेणी में रखा जा सकता है।

    ट्रायल कोर्ट ने दी थी उम्रकैद

    इस मामले में छिंदवाड़ा की ट्रायल कोर्ट ने आरोपी शिवा कहार को हत्या का दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास (उम्रकैद) की सजा सुनाई थी।

    हालांकि, हाईकोर्ट ने अपील पर सुनवाई करते हुए कहा कि उपलब्ध परिस्थितियों से यह साबित नहीं होता कि आरोपी ने पूर्व नियोजित तरीके से हत्या की थी। इसलिए अदालत ने दोषसिद्धि में संशोधन करते हुए सजा को 7 वर्ष के कठोर कारावास में बदल दिया।

  • Delhi BJP SIR Meeting: एसआईआर को लेकर दिल्ली भाजपा की बैठक, कार्य प्रगति की हुई समीक्षा!

    Delhi BJP SIR Meeting: एसआईआर को लेकर दिल्ली भाजपा की बैठक, कार्य प्रगति की हुई समीक्षा!

    Delhi BJP SIR Meeting: राजधानी में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश कार्यालय में शुक्रवार को एक अहम बैठक हुई, जिसमें एक जुलाई से शुरू हुई इस प्रक्रिया की प्रगति पर चर्चा की गयी।

    दिल्ली भाजपा के अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में पार्टी के राष्ट्रीय मंत्री ओमप्रकाश धनखड़, दिल्ली भाजपा के संगठन महामंत्री पवन राणा, पार्टी के एसआईआर कार्य प्रभारी एवं सांसद योगेन्द्र चांदोलिया और पूर्व सांसद रमेश बिधूड़ी सहित पार्टी की जिला एसआईआर टीम के सदस्य और हर जिले के बीएलए- दो प्रमुख शामिल हुए।

    चांदोलिया ने कहा कि दिल्ली में अन्य दलों की तरह ही भाजपा के भी बीएलए-दो चुनाव आयोग में पंजीकृत हैं। दिल्ली में कुल 13033 मतदान केंद्र हैं और इनमें से 12 हजार से अधिक पर भाजपा के बीएलए- 2 चुनाव आयोग में पंजीकृत हैं।

    चांदोलिया ने कहा, “हमारे बीएलए- 2 गत काफी समय से अपने मतदान केंद्र पर मतदाता सत्यापन और मैपिंग का काम कर रहे हैं और इसी के तहत हमारे बीएलए- 2 चुनाव आयोग द्वारा नियुक्त सभी बीएलओ को अपना सहयोग और समर्थन देने को तत्पर हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली भाजपा की ओर से श्री बिधूड़ी और अधिवक्चा संकेत गुप्ता चुनाव आयोग से समन्वय तथा बीएलए- 2 प्रशिक्षण का काम देख रहे हैं।